Monday, June 22, 2026
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ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रयास करो, जो होगा सबसे अच्छा होगा

कथावाचक इंद्रेश कुमार महाराज ने मोशन एजुकेशन के विद्यार्थियों को किया प्रेरित

कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में बुधवार को अध्यात्म, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध युवा कथावाचक इंद्रेश कुमार महाराज ने मोशन एजुकेशन के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रयास करना सबसे जरूरी है।

यदि इंसान अपना सौ प्रतिशत देता है तो उसे उसका फल जरूर मिलता है। अगर कभी मनचाहा परिणाम नहीं मिले तो यह समझ लेना चाहिए कि ईश्वर ने कुछ और बेहतर तय कर रखा है।

मोशन एजुकेशन की ओर से कॉमर्स कॉलेज परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दस हजार से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय, डायरेक्टर सुशीला विजय, फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय, डॉ. स्वाति विजय, ज्वाइंट डायरेक्टर रामरतन द्विवेदी और अमित वर्मा सहित संस्थान के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इंद्रेश कुमार महाराज का स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भजनों और आध्यात्मिक प्रस्तुति से हुई। इंद्रेश कुमार महाराज और उनकी मंडली ने अपने मधुर भजनों से ऐसा वातावरण बनाया कि पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

अपने संबोधन में इंद्रेश कुमार महाराज ने कहा कि आज का युवा जीवन में बहुत कुछ हासिल करना चाहता है। कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, कोई पायलट तो कोई प्रशासनिक अधिकारी। सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन उन सपनों को पाने के लिए पूरी निष्ठा से मेहनत करना सबसे जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि जब कुछ बन जाएंगे तब खुश रहेंगे, जबकि सच यह है कि खुश रहने के लिए किसी पद या सफलता जरूरी नहीं है। इंसान हर परिस्थिति में खुश रहना सीख सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता की दौड़ में अपनी आंतरिक शांति और खुशी को कभी नहीं खोना चाहिए।

विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय वे गायक बनना चाहते थे। इसके लिए वे मुंबई गए, संगीत सीखा और कई ऑडिशन भी दिए। लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि शायद ईश्वर ने उनके लिए कोई अलग रास्ता चुना है। इसके बाद उन्होंने भक्ति और कथा का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा कि आज वे लोगों को नहीं, बल्कि ईश्वर को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं और इसी में उन्हें सच्चा आनंद मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उनसे कई सवाल भी पूछे। एक छात्र ने पूछा कि मन को नियंत्रित कैसे किया जाए। इस पर इंद्रेश कुमार महाराज ने बेहद सरल शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मन को काबू में करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उसकी हर इच्छा तुरंत पूरी न की जाए।

यदि इंसान मन की हर बात मानता रहेगा तो मन उस पर हावी हो जाएगा। लेकिन यदि मन को अनुशासन में रखा जाए तो व्यक्ति खुद पर नियंत्रण हासिल कर सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को कंफर्ट जोन से बाहर निकलने की सलाह देते हुए कहा कि जीवन में कुछ नियम बनाना जरूरी है। नियमित प्राणायाम करें, भोजन की आदतों में सुधार लाएं और देर तक एक जगह बैठकर ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास करें। ये छोटी-छोटी आदतें भविष्य में बड़ी सफलता का आधार बनती हैं।

इंद्रेश कुमार महाराज ने कहा कि कोटा जैसे शहर में हजारों मेहनती और ऊर्जावान विद्यार्थियों के बीच आकर उन्हें बेहद खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच बनाए रखने और हर परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भजनों और प्रेरक विचारों का आनंद लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।

कोटा-नागदा खंड पर ब्लॉक के कारण 14 व 15 मई को कुछ ट्रेनें होंगी प्रभावित

कंवलपुरा-दरा सेक्शन में दो दिवसीय ब्लॉक

कोटा। कोटा मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा-नागदा मुख्य रेल खंड पर स्थित कंवलपुरा-दरा सेक्शन में आर्च ब्रिज संख्या 148 के समीप बॉक्स पुशिंग (कट एवं पुश) पद्धति से नए रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण हेतु आरएच गर्डर लॉन्चिंग का कार्य किया जाएगा।

इस निर्माण कार्य के लिए 14 मई एवं 15 मई को इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण उक्त खंड से गुजरने वाली कुछ यात्री गाड़ियाँ प्रभावित रहेंगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 14 मई को अप लाइन पर गाड़ी संख्या 19038 के पश्चात् दोपहर 13:10 बजे से 17:05 बजे तक (03 घंटे 55 मिनट) तथा डाउन लाइन पर गाड़ी संख्या 59837 के पश्चात् दोपहर 13:55 बजे से 16:20 बजे तक (02 घंटे 25 मिनट) इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया जाएगा।

15 मई को डाउन लाइन पर गाड़ी संख्या 59837 के पश्चात् दोपहर 12:25 बजे से 16:20 बजे तक (03 घंटे 55 मिनट) तथा अप लाइन पर गाड़ी संख्या 19820 के पश्चात् दोपहर 13:10 बजे से 15:35 बजे तक (02 घंटे 25 मिनट) इंजीनियरिंग ब्लॉक प्रस्तावित है।

14 मई को प्रभावित होने वाली यात्री गाड़ियाँ — अप दिशा में गाड़ी संख्या 19104 (कोटा-रतलाम मेमू) लगभग 02 घंटे 55 मिनट, गाड़ी संख्या 12466 (जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस) लगभग 02 घंटे तथा गाड़ी संख्या 59840 (कोटा-अकलेरा पैसेंजर) लगभग 02 घंटे 05 मिनट तक प्रभावित रहेंगी। डाउन दिशा में गाड़ी संख्या 22655 (एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस) लगभग 55 मिनट तथा गाड़ी संख्या 22997 (झालावाड़ सिटी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस) लगभग 10 मिनट तक प्रभावित रहेंगी।

15 मई को प्रभावित होने वाली यात्री गाड़ियाँ — डाउन दिशा में गाड़ी संख्या 20845 (बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस) लगभग 45 मिनट तक प्रभावित रहेगी। अप दिशा में गाड़ी संख्या 19038 (बरौनी-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस) लगभग 02 घंटे 30 मिनट, गाड़ी संख्या 19104 (कोटा-रतलाम मेमू) लगभग 01 घंटे 30 मिनट, गाड़ी संख्या 12466 (जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस) लगभग 30 मिनट तथा गाड़ी संख्या 59840 (कोटा-अकलेरा पैसेंजर) लगभग 35 मिनट तक प्रभावित रहेंगी।

ब्लॉक अवधि के दौरान अनिर्धारित एवं विलंब से चलने वाली गाड़ियाँ तथा विशेष गाड़ियाँ भी विनियमित की जा सकती हैं।

Result: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, लड़कियों ने फिर बाजी मारी

लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86 और लड़कों का 82.13 रहा

नई दिल्ली। CBSE 12th Result 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। छात्र छात्राएं सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in व cbseresults.nic.in के अलावा डिजीलॉकर (Digilocker) पोर्टल digilocker.gov.in और उमंग ऐप ( Umang App ) से भी अपना 12वीं का परिणाम चेक कर सकते हैं।

विद्यार्थी अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी डालकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इस वर्ष सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 85.20 फीसदी रहा। लड़कियों का रिजल्ट लड़कों से अच्छा रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जो लड़कों के 82.13% पास प्रतिशत की तुलना में 6.73% अधिक है।

ट्रांसजेंडर श्रेणी के छात्रों का पास प्रतिशत 100% रहा। बीते दो वर्षों से सीबीएसई 13 मई को 10वीं 12वीं के नतीजे घोषित करता आ रहा है। इस वर्ष भी बोर्ड ने 13 मई को परिणाम जारी कर दिया। सीबीएसई 10वीं की परीक्षाएं साल में दो बार होनी है इसलिए उसका रिजल्ट करीब एक माह पहले 15 अप्रैल को ही घोषित कर दिया गया था।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  • CBSE 12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
  • रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें
  • स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा
  • पिछले साल कब आया था रिजल्ट

डिजॉलॉकर ( Digilocker ) पर कैसे देखें

डिजीलॉकर एक सरकारी प्लेटफॉर्म है जहां आपकी मार्कशीट पूरी तरह से सुरक्षित और वैलिड रहती है। इसे एक्सेस करने का तरीका बेहद आसान है।

  • सबसे पहले डिजीलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाएं या इसका ऐप डाउनलोड करें।
  • अपने आधार कार्ड नंबर या मोबाइल नंबर के जरिए ‘लॉग इन’ करें। यदि आपका अकाउंट नहीं है, तो ‘Sign Up’ कर अपना रजिस्ट्रेशन करें।
  • होमपेज पर ‘Education’ कैटेगरी में जाकर ‘CBSE’ को चुनें।
  • अब ‘Class XII Marksheet’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर (Roll Number) और एडमिट कार्ड आईडी (Admit Card ID) दर्ज करें।
  • आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।

उमंग ( Umang App ) से कैसे चेक करें

  • उमंग ऐप डाउनलोड करें या web.umang.gov.in पर जाएं।
  • अपने मोबाइल नंबर और रोल नंबर से रजिस्टर करें
  • लॉग इन करें और एजुकेशन सेक्शन पर जाएं
  • ‘सीबीएसई’ > ‘सीबीएसई कक्षा 12’ पर क्लिक करें
  • क्रेडेंशियल दर्ज करें और सबमिट करें

Stock Market: सेंसेक्स मामूली सुधरकर बंद, निफ्टी 23400 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद हल्की बढ़त के साथ दिन का समापन किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को मेटल, ऑयल और गैस जैसे सेक्टरों से सपोर्ट मिला, जिससे गिरावट का दबाव कम हो गया।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 49.74 अंक या 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,608.98 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 33.05 अंक या 0.14 प्रतिशत चढ़कर 23,412.60 पर बंद हुआ।

आज के कारोबार में मेटल, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों में तेजी ने पूरे बाजार को सहारा दिया और गिरावट को सीमित रखा।

दूसरी ओर आईटी, ऑटो, बैंक और मीडिया सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। इन सेक्टरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा, जिससे बाजार की बढ़त सीमित रह गई। खासकर बैंकिंग और आईटी शेयरों में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

मिडकैप की बढ़त
आज बाजार में कुल मिलाकर सकारात्मक रुख देखने को मिला। बढ़ने वाले शेयरों की संख्या घटने वाले शेयरों से अधिक रही। लगभग 2,328 शेयरों में तेजी रही जबकि 1,690 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

मेटल सेक्टर आज बाजार का सबसे मजबूत हिस्सा रहा। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

144 विधायकों के समर्थन से विजय सरकार को मिला बहुमत, DMK वॉकआउट

चेन्नई। तमिलनाडु में हाल ही में हुए चुनावों में मिली जीत के बाद विजय फ्लोर टेस्ट में भी पास हो गए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत के लिए प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें TVK की गठबंधन वाली सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिल गया है।

गौरतलब है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय की सरकार को फ्लोर टेस्ट में पास होने के लिए 118 के आंकड़े की जरूरत थी। फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जहां DMK ने वोटिंग से इनकार करते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।

फ्लोर टेस्ट में विजय की सरकार को कांग्रेस, CPI, CPI (M), VCK और IUML ने सरकार को समर्थन दिया है। वहीं बीजेपी और अनबुमणि रामदोस के नेतृत्व वाली पीएमके ने वोटिंग से दूरी बनाई। हालांकि असली खेल तब हुआ AIADMK के बागी गुट ने विजय के समर्थन में वोटिंग का ऐलान कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले इस गुट को पार्टी के 47 में से करीब 30 विधायकों का समर्थन है और इनमें से कम से कम 25 विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय के पक्ष में वोट किया।

बता दें कि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से मिले समर्थन के बाद विजय के पास पहले से ही 120 विधायकों का समर्थन था। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK के एक विधायक के सदन में जाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद विजय की सरकार के बहुमत प्रस्ताव में पास होने को लेकर संशय की स्थिति बनी थी। हालांकि विजय ने अब इस परीक्षा को भी पास कर लिया है। हालिया चुनावों में विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और पार्टी ने 234 में से 107 सीटें अपने नाम की थी।

इससे पहले तमिलनाडु विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। सदन में उदयनिधि स्टालिन और विजय के बीच तीखी बहस हुई। वहीं विजय ने विपक्षी पार्टियों द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को सिरे खारिज कर दिया और कहा कि उनकी सरकार हॉर्स ट्रेडिंग नहीं कर रही बल्कि घोड़े के रफ्तार से चल रही है। उदयनिधि स्टालिन ने TVK पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनसे विजय को वोट दिया है वो भी अब पछता रहे हैं। स्टालिन ने कहा, “जिन लोगों ने आपको वोट दिया, अब उन्हें भी लगने लगा है कि उन्होंने बड़ी भूल कर दी है। DMK इस विश्वास मत का हिस्सा नहीं बनेगी।”

सामने आ गई AIADMK की दरार
फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK की दरार भी खुलकर सामने आ गई। वेलुमणि के नेतृत्व वाले AIADMK के गुट ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन दिया। इस दौरान वेलुमणि ने कहा है कि वे किसी मंत्री पद या लालच के लिए नहीं, बल्कि सरकार की स्थिरता के लिए समर्थन दे रहे हैं। वहीं इस बगावत से नाराज AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने मुख्यमंत्री विजय पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “खबरें हैं कि सरकार ने हमारे कुछ नेताओं को मंत्री पद का लालच दिया है। आप सुशासन’ की बात करते हैं, तो फिर इस तरह की जोड़-तोड़ क्यों?” पलानीस्वामी ने गुट के सभी विधायकों के TVK के खिलाफ वोटिंग करने का ऐलान भी किया।

NEET 2026 पेपर लीक केस में CBI ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया

जयपुर। 3 मई को आयोजित हुई NEET 2026 की परीक्षा का पेपर बड़े शातिराना अंदाज में लीक किया गया। पेपर को लीक करने का नया तरीका निकाला गया। अब तक जो भी पेपर लीक हुए, उससे अलग तरीका इजाद किया गया।

लीक हुए प्रश्नों को बेचने के लिए उसे गैस पेपर का रूप दिया गया। यानी संभावित प्रश्नों की पीडीएफ में लीक प्रश्नों को शामिल किया गया और फिर उसे अभ्यर्थियों, अभिभावकों और दलालों को बेचा गया। NEET 2026 पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने से पहले एसओजी ने गहन जांच की। इसमें जो तथ्य सामने आए, वे हैरान करने वाले थे।

एग्जाम 3 मई को हुआ लेकिन शिकायत के बाद 8 मई को एसओजी ने जांच शुरू की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के दखल के बाद एसओजी की टीम सीकर पहुंची। बाद में झुंझुनू, अलवर और जयपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी।

दो दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया जिनमें अभ्यर्थी, उनके परिजन और कुछ दलाल शामिल हैं। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गैस पेपर को ओरिजनल बताकर बेचने की कोशिश की गई थी। पहले लाखों रुपए में बेचा गया और फिर सोशल मीडिया के कई ग्रुप में भी शेयर कर दिया गया।

135 सवाल हूबहू मिले
एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि नीट के गैस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे। इन 410 प्रश्नों में से 135 प्रश्न हूबहू ओरिजनल पेपर में आए थे। केवल प्रश्न ही नहीं बल्कि सभी विकल्प भी हूबहू थे और उत्तर भी बताए गए थे। गैस पेपर में बायोलॉजी के कुल 300 प्रश्न शामिल किए गए जिनमें से 90 प्रश्न हूबरू ओरिजनल पेपर में आए थे। केमेस्ट्री के कुल 104 प्रश्न गैस पेपर में शामिल किए गए थे जिनमें से 45 प्रश्न ओरिजनल पेपर में हूबहू आए थे।

लीक की शुरुआत नासिक से
एसओजी के अधिकारियों का यह भी कहना है कि सीकर के एक पीजी हॉस्टल संचालक और कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर लीक की शिकायत एनटीए को भेजी लेकिन पेपर लीक की शुरुआत राजस्थान से नहीं हुई। राजस्थान से पहले यह पेपर नासिक से हरियाणा पहुंच गया था। हरियाणा से राजस्थान पहुंचा। इसके बाद कुछ दलालों की ओर से पेपर बेचा गया। प्रारंभिक जांच के दौरान एसओजी ने 150 से ज्यादा संदिग्धों को चिन्हित किया जिसमें 80 अभ्यर्थी हैं। अन्यों में अभिभावक और दलाल शामिल हैं जिनके पास यह गैस पेपर पहुंचा था। दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों, अभिभावकों और दलालों को हिरासत में लिया गया था जिन्हें सीबीआई के समक्ष पेश कर दिया गया है।

जानिए किन-किन को पकड़ा एसओजी ने
एसओजी ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। 9 संदिग्धों को जयपुर से और 5 संदिग्धों को सीकर से उठाया गया था। सीकर से राकेश मंडावरिया, विक्रम यादव, रजत कुमार, अमित मीणा और रोहित मावलिया शामिल है जबकि जयपुर से हिरासत में लिए गए संदिग्धों में योगेश प्रजापत, मनीष यादव, संदीप हरितवाल, नीतेश अजमेरा, मांगीलाल, विकास, दिनेश, यश और सत्य नारायण शामिल हैं। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि सभी संदिग्ध अब सीबीआई के हवाले है। हालांकि जांच सीबीआई के पास है लेकिन सीबीआई की ओर से अगर राजस्थान एसओजी से कोई भी मदद मांगी जाएगी तो हम मदद को तैयार हैं।

राजस्थान में सरसों का उत्पादन 63 लाख टन के शीर्ष पर पहुंचने का अनुमान

जयपुर। राजस्थान में कृषि विभाग ने 2025-26 सीजन के लिए विभिन्न फसलों के उत्पादन का तीसरा अग्रिम अनुमान जारी कर दिया है जिसमें खरीफ एवं रबी- दोनों सीजन का आंकड़ा शामिल है।

कृषि विभाग ने अपनी नई रिपोर्ट में 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में मूंगफली का उत्पादन करीब 47 प्रतिशत उछलकर 31.20 लाख टन तथा सरसों का उत्पादन 18 प्रतिशत बढ़कर 63 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है, जबकि सोयाबीन का उत्पादन 52 प्रतिशत लुढ़ककर 5.95 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना व्यक्त की है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान देश में सरसों का सबसे बड़ा तथा मूंगफली का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जबकि सोयाबीन के उत्पादन में वह तीसरे नंबर पर रहता है। पिछले साल जोरदार बारिश एवं भयंकर बाढ़ के कारण वहां सोयाबीन की फसल क्षतिग्रस्त हो गई।

कृषि विभाग की नवीनतम रिपोर्ट में 2025-26 सीजन के दौरान राजस्थान में खाद्यान्न का कुल उत्पादन 297.70 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है जो 2024-25 सीजन के सकल उत्पादन 298.20 लाख टन से 50 हजार टन कम है।

खाद्यान्न के संवर्ग में गेहूं, चावल, मोटे अनाज एवं दलहन शामिल हैं। समीक्षाधीन अवधि के दौरान राज्य में गेहूं का उत्पादन 6 प्रतिशत बढ़कर 158.90 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है

मगर अन्य अधिकांश अनाजों का उत्पादन थोड़ा-बहुत घटने का अनुमान लगाया गया है। इसके तहत मक्का का उत्पादन 14 प्रतिशत घटकर 23.50 लाख टन, बाजरा का उत्पादन 10 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 48.10 लाख टन तथा चावल का उत्पादन 16 प्रतिशत घटकर 8.34 लाख टन रह जाने का अनुमान है जबकि जौ का उत्पादन 11 लाख टन होने की संभावना है।

दलहन फसलों में चना का उत्पादन 24 प्रतिशत उछलकर 24.50 लाख टन तथा मूंग का उत्पादन 13.80 लाख टन से सुधरकर 13.90 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

दूसरी ओर उड़द का उत्पादन 27 प्रतिशत घटकर 92 हजार टन पर अटक जाने की संभावना है। वैसे दलहनों का कुल उत्पादन 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44.80 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद व्यक्त की गई है।

सरकार ने सोना-चांदी पर अचानक बढ़ाई 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी, जानिए क्या होगा असर

नई दिल्ली। ईरान युद्ध से बढ़ते आर्थिक दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को सोना और चांदी के आयात पर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने इन दोनों की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है, जो पहले 6 प्रतिशत थी।

सरकार ने सोना और चांदी पर 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी के साथ 5 प्रतिशत Agriculture Infrastructure and Development Cess (AIDC) लगाया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद आयात कम करना, व्यापार घाटा घटाना और रुपये को मजबूती देना है। हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.75 तक पहुंच गया था।

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि मौजूदा आर्थिक हालात में देश को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है। हालांकि, इस हफ्ते सरकार के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया था कि सोना-चांदी की ड्यूटी बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। लेकिन अब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ड्यूटी बढ़ा दी है।

भारत क्यों है ज्यादा प्रभावित
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है, जबकि चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में ड्यूटी बढ़ने से सोना और चांदी की मांग पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब दोनों धातुओं की कीमतें पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही हैं।

गोल्ड ETF में तेजी से बढ़ा निवेश
पिछले एक साल में शेयर बाजार से कमजोर रिटर्न और सोने की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों का रुझान गोल्ड निवेश की तरफ तेजी से बढ़ा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक मार्च तिमाही में भारत के गोल्ड ETF में निवेश 186 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 20 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।

Gold Price: एमसीएक्स पर 9231, हाजिर में 8042 रुपये महंगा हुआ सोना, चांदी भी तेज

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today 13 May: सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की खबर के बाद आज दोनों धातुओं के भाव में भारी तेजी दर्ज की जा रही है। सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने का असर आज सर्राफा मार्केट में देखने को मिल रहा है। एक झटके में 24 कैरेट सोना 8779 रुपये, 22 कैरेट गोल्ड 8042 रुपये और 18 कैरेट गोल्ड 6584 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया।

जबकि, चांदी एक झटके में 21983 रुपये महंगी हो गई। अब एक किलो चांदी की कीमत जीएसटी संग 295455 रुपये पर पहुंच गई। दूसरी ओर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.65 लाख रुपये का हो गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद 3 दिन में सोने के भाव में 9333 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया है। जबकि, चांदी इस अवधि में किलो पीछे 31250 रुपये उछली है।

मोदी की अपील से पहले सोना शुक्रवार को बिना जीएसटी 151078 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 255600 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। आईबीजेए शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं करता है।

एमसीएक्स पर आज 10 ग्राम सोना 6 प्रतिशत यानी 9231 रुपये उछलकर 162648 रुपये पर पहुंच गया। जबकि, चांदी 16675 रुपये प्रति किलो महंगी होकर 295805 रुपये पर खुली।

भारत का सोने का आयात 24% बढ़ा
भारत अपनी सोने की खपत की जरूरतें ज्यादातर आयात से पूरी करता है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 24% बढ़कर 71.98 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले एक साल में सोने की कीमतों में तेजी और शेयर बाजार के कमजोर रिटर्न के चलते निवेश वाली मांग बढ़ी है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से आयात पर क्या पड़ेगा असर
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, मार्च तिमाही में भारत के गोल्ड ईटीएफ में सालाना आधार पर 186% की बढ़ोतरी हुई और कुल निवेश 20 मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोने के आयात में करीब 10-12% की गिरावट आ सकती है। गौरतलब है कि भारत के आभूषणों की मांग का करीब 50% हिस्सा पुराने सोने के आदान-प्रदान और रिसाइक्लिंग से पूरा होता है। यह नए आयात से हटकर फिर से इस्तेमाल की ओर बदलाव दिखाता है।

सरकार ने रातोंरात बढ़ा दी इंपोर्ट ड्यूटी
दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें कम हो गईं। यहां सोने की हाजिर कीमत 0.4% गिरकर 4,695.99 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि जून डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 0.4% बढ़कर 4,705.30 डॉलर हो गया। हाजिर चांदी 0.2% बढ़कर 86.71 डॉलर प्रति औंस हो गई।