Monday, June 22, 2026
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Stock Market: सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,500 के पार

नई दिल्ली। Stock Market, May 14, 2026: ग्लोबल बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में मजबूत शुरुआत हुई। बाजार खुलते ही बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 50 ने 23,500 का लेवल पार कर लिया।

शुरुआती बाजार में आईटी को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में खरीदारी देखने को मिली। इस बीच, निवेशकों की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम बैठक पर बनी हुई है।

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स में 338 अंक की तेजी के साथ 74,947.12 पर कारोबार शुरू हुआ। वहीं, एनएसई के निफ्टी 118 अंक उछलकर 23,530 पर खुला। शुरुआती सेशन के दौरान आईटी को एनएसई के सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में अदाणी पोर्ट, ट्रेंट, एनटीपीसी, पावरग्रिड और ए​शियन पेंट्स रहे। वहीं टॉप लूजर्स में एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और टाइटन रहे।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक पर दुनिया की नजर
    डॉनल्ड ट्रंप चीन पहुंच चुके हैं, जहां उनकी शी जिनपिंग के साथ अहम बैठक होनी है। बाजार को उम्मीद है कि इस बैठक से अमेरिका और चीन के रिश्तों को लेकर आगे का संकेत मिल सकता है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच रिश्तों का असर ग्लोबल बाजारों पर पड़ता है, इसलिए निवेशक इस बैठक के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
  • एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
    गुरुवार सुबह एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 0.47 प्रतिशत चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 1 प्रतिशत मजबूत हुआ। हालांकि चीन का CSI 300 इंडेक्स करीब 0.52 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
  • अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों ने दिखाई ताकत
    अमेरिकी बाजारों में बुधवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 इंडेक्स करीब 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं डॉव जोंस इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

कम पैदावार के कारण बादामगिरी 900 रुपये किलो से ऊपर बिकने का अनुमान

नई दिल्ली। अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया में बादाम उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम होने के अनुमानों एवं डॉलर की मजबूती के चलते हाल ही में बादामगिरी के भावों में 40 से 50 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की जा चुकी है। अभी भी बाजार में धारणा तेजी की बनी हुई है। क्योंकि अप्रैल माह में बादाम का आयात भी कम हुआ है।

हाजिर में कमजोर मांग एवं कैलिफोर्निया में भाव बढ़ने के अलावा अप्रैल माह के दौरान आयातकों ने बादाम का आयात कम मात्रा में किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-2026 में बादाम का आयात 1000 कंटेनर का किया गया है जबकि गत वर्ष अप्रैल-2025 में आयात 1454 कंटेनर का किया गया था। उल्लेखनीय है कि जनवरी- 2026 में बादाम का आयात 1234 कंटेनर, फरवरी 1310 कंटेनर एवं मार्च- 2026 में 1241 कंटेनर का आयात व्यापार हुआ है।

चालू माह के दौरान बादामगिरी में अच्छी तेजी दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल माह के अंत में दिल्ली बाजार में बादामगिरी का भाव 790 से 800 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था जोकि वर्तमान में बढ़कर 850 से 860 रुपए प्रति किलो का हो गया है।

सूत्रों का मानना है कि वर्तमान निर्यात को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि जल्द ही भाव 900 रुपए के आसपास बन जाएगा। गत वर्ष इसी समयावधि में दिल्ली बाजार में बादामगिरी का भाव 810 से 820 रुपए का चल रहा था।

भागवत कथा का छठा दिन: गोपी-उद्धव संवाद से कॉमर्स कॉलेज ब्रजमय हो गया

शिक्षा का ढोंग नहीं, प्राचीन विदुषियों जैसा ज्ञान अपनाएं: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर

कोटा। विज्ञान नगर स्थित कॉमर्स कॉलेज के प्रांगण में श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा, दर्शन और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कथा व्यास प्रख्यात संत श्री कृष्णचंद्र ठाकुर ने अपनी अमृतमयी वाणी से हज़ारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। बुधवार को नर्मदेश्वर महादेव के विवाह महोत्सव और व्यासपीठ से मेवाड़ की वीरता के बखान ने एक नया अध्याय जोड़ दिया।

​कथा के छठे दिन श्री कृष्णचंद्र ठाकुर ने दर्शन और अध्यात्म की गहरी व्याख्या करते हुए कहा कि परमात्मा मूलतः एक ही है। जिसे विद्वान अपनी दृष्टि और भाव के अनुसार विभिन्न रूपों में भजते हैं।

उपनिषदों के ‘एक: विप्र बहुधा वदंति’ सूत्र की व्याख्या करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ईश्वर सर्वव्यापक है। कबीर दास जी के प्रसिद्ध पद ‘सब घट में मेरा साइयां’ का संदर्भ देते हुए महाराज श्री ने बताया कि ईश्वर निर्गुण भी है और भक्तों के प्रेम के वशीभूत होकर सगुण साकार रूप में अवतार भी धारण करता है।

उन्होंने सनातन धर्म के प्रतीकों पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक सनातनी को अपनी पहचान पर गर्व होना चाहिए और उनके माथे पर तिलक व सिर पर शिखा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

गोपी-उद्धव संवाद भक्ति का चरमोत्कर्ष

कथा के सबसे मार्मिक प्रसंगों में ‘गोपी-उद्धव संवाद’ का सजीव चित्रण किया गया। महाराज श्री ने बताया कि कृष्ण के वियोग में गोपियां ऐसी अवस्था में पहुँच गई थीं जहाँ जड़ और चेतन का भेद मिट गया था। इस दौरान जब पंडाल में ‘मेरी लगी श्याम से प्रीत दुनिया क्या जाने..’ और ‘गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है..’ जैसे भजनों की गूँज हु, तो श्रद्धालु स्वयं को रोक नहीं पाए और झूमने लगे। वातावरण पूरी तरह ब्रजमय हो गया और ऐसा प्रतीत होने लगा मानो कोटा का यह प्रांगण साक्षात गोकुल बन गया हो।

नारी शक्ति और आधुनिक शिक्षा पर प्रहार

शिक्षा के केंद्र कोटा में व्यास पीठ से महाराज श्री ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा पद्धति केवल ‘ढोंग’ बनकर रह गई है, जबकि प्राचीन भारत का ज्ञान तंत्र अत्यंत समृद्ध था। उन्होंने मैत्रेयी, मदालसा और अरुंधति जैसी विदुषी महिलाओं का उदाहरण देते हुए सिद्ध किया कि प्राचीन भारत में नारी आज की तुलना में कहीं अधिक शिक्षित और शास्त्रार्थ में निपुण थी। उन्होंने आह्वान किया कि हमें पुन: उन्हीं संस्कारों की ओर लौटने की आवश्यकता है जहाँ नारी को शक्ति और ज्ञान का सर्वोच्च स्थान प्राप्त था।

​शिव-पार्वती विवाह और रुक्मणी मंगल


​कथा के साथ-साथ ‘नर्मदेश्वर शिवलिंग प्रतिष्ठा समारोह’ के अंतर्गत बुधवार को गोधूलि बेला में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह महोत्सव अत्यंत भव्यता से संपन्न हुआ। ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के बीच वैदिक रीति-रिवाजों से कन्यादान और पाणिग्रहण संस्कार की रस्म निभाई गई। इसी क्रम में श्री कृष्ण और रुक्मणी विवाह की मनोरम झांकी सजाई गई। जहाँ वरमाला के दृश्य ने सभी का मन मोह लिया।

​मेवाड़ की वीरता और राजस्थान को नमन

श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर ने राजस्थान की धरा को वीरों और धर्मात्माओं की भूमि बताया। उन्होंने विशेष रूप से मेवाड़ और महाराणा प्रताप के शौर्य का स्मरण करते हुए कहा कि जिस भूमि पर मीरा ने भक्ति की पराकाष्ठा छुई और प्रताप ने राष्ट्र की अस्मिता के लिए घास की रोटियां खाना स्वीकार किया। उस भूमि को प्रणाम करना गौरव की बात है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे कथा के अंतिम दिन पूर्णाहुति में अवश्य शामिल हों, क्योंकि अंतिम दिन का श्रवण पूरे सात दिनों की कथा का फल प्रदान करता है।

ये रहे उपस्थित
​इस भक्तिमय आयोजन में मेवाड़ राजपरिवार से श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह, पूर्व मंत्री श्रीचंद्र कृपलानी सहित कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के महंत अशोक तिवारी ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि गुरुवार को कथा की पूर्णाहुति होगी।

प्रशासन ने स्टोन मण्डी रामनगर की डीएलसी दरें कम करने का दिलाया भरोसा

कोटा। न्यू हाड़ौती स्टोन मण्डी रामनगर की अत्यधिक डीएलसी दरों को कम कराने की मांग को लेकर स्टोन मर्चेंट विकास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्टर पियूष समारिया से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला से भी मुलाकात कर डीएलसी दरों में कमी किए जाने की मांग रखी। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि स्टोन मण्डी क्षेत्र में डीएलसी दरें बाजार मूल्य की तुलना में कई गुना अधिक होने के कारण पिछले कई वर्षों से क्षेत्र का विकास पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

स्टोन व्यवसाय पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में अत्यधिक डीएलसी दरों के कारण भूखण्डों का क्रय-विक्रय एवं रजिस्ट्रियां लगभग बंद हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जब इस क्षेत्र की कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) की रिजर्व दर लगभग 560 रुपये प्रति वर्ग फीट है, तब डीएलसी दर 2 से ढाई हजार रुपये प्रति वर्ग फीट निर्धारित किया जाना पूरी तरह अव्यावहारिक है। इस मामले को कई वर्षों से उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

स्टोन मर्चेंट विकास समिति के अध्यक्ष राकेश पाटोदी एवं महासचिव मनोज कुमार जैन ने बताया कि नगरीय विकास विभाग, राजस्थान सरकार की स्वीकृति से वर्ष 2002-03 में न्यू हाड़ौती स्टोन मण्डी रामनगर में कुल 389 भूखण्ड लगभग 34 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से आवंटित किए गए थे। वर्तमान में बाजार दर लगभग 350 रुपये प्रति वर्ग फीट है, जबकि डीएलसी अनुमानित बाहरी श्रेणी में 1961 रुपये एवं आंतरिक श्रेणी में 1796 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि डीएलसी दरें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक होने के कारण स्टाम्प ड्यूटी अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे पिछले लगभग 20 वर्षों से क्षेत्र में रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। इससे भूखण्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा राज्य सरकार भी स्टाम्प शुल्क के रूप में मिलने वाले राजस्व से वंचित हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से डीएलसी दरों की पुनः समीक्षा कर उन्हें बाजार दरों के अनुरूप करने हेतु संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया। जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में समिति के पूर्व अध्यक्ष पारस काला, उपाध्यक्ष शिवचरण गुप्ता, मंत्री जम्बू कुमार जैन, अभिषेक खण्डेलवाल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

बीजेपी सहकारिता मंथन बैठक में राठौड़ ने पारदर्शिता और किसान हितों पर दिया जोर

कोटा/उदयपुर। भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ द्वारा उदयपुर में प्रांतीय सहकारिता मंथन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठनात्मक संरचना, सदस्यता अभियान, सहकारिता चुनाव, तीन माह के सहकारिता जागरण अभियान, प्रशिक्षण शिविर, संस्थागत समस्याओं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की सहकारिता क्षेत्र में उपलब्धियों पर विचार विमर्श किया गया।

कोटा के वरिष्ठ सहकारिता नेता एवं कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ तथा सहकारी भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उन्नयन का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि सहकारिता स्वाभिमान, स्वदेश और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत व्यवस्था है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा दे रही है।

राठौड़ ने कहा कि सहकारिता संस्थाओं में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने के लिए समय पर चुनाव होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ईमानदारी, सुचिता और जवाबदेही के साथ ही सहकारिता आंदोलन मजबूत हो सकता है।

किसानों को समय पर भुगतान
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने बताया कि कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में दुग्ध उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार नहीं पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए दुग्ध दरों में वृद्धि नहीं की गई। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती दुग्ध उत्पाद बाजार में उतारे गए हैं तथा क्यूआर कोड प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी भी दी जा रही है।

किसानों को 9.60 करोड़ की राहत
सहकारी भूमि विकास बैंक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राठौड़ ने बताया कि बैंक में 69 प्रतिशत एनपीए रिकवरी दर्ज की गई तथा 383 किसानों को 9.60 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि 20 से 35 वर्ष पुराने एनपीए खातों का भी निस्तारण किया गया, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली।भाजपा

डबल इंजन सरकार ने सहकारिता को दी नई दिशा
सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा कि केंद्र में पृथक सहकारिता मंत्रालय के गठन और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सशक्तिकरण, नई सहकारी समितियों के गठन और तकनीकी नवाचारों से आमजन का विश्वास बढ़ा है।

प्रदेश अध्यक्ष सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि सहकारिता को हमने सत्ता संगठन के सेतु से अपराध मुक्त करते हुए पूर्ण ईमानदारी एवं सुचिता के साथ लक्ष्य एकात्म मानववाद एवं दृष्टि अंत्योदय को पूर्ण किया है।

प्रदेशभर के जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
भाजपा बलीचा कार्यालय में आयोजित बैठक का शुभारंभ भारत माता, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भंडारी जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में सांसद मन्नालाल रावत, विधायक फूल सिंह मीणा सहित प्रदेशभर के सहकारिता पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रसन्नता किसी बाहरी परिस्थिति पर निर्भर नहीं करती: इन्द्रेश उपाध्याय

भागवत मर्मज्ञ इन्द्रेश उपाध्याय ने एलन स्टूडेंट्स को दिया जीवन का सूत्र

कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के जवाहर नगर स्थित समुन्नत कैम्पस के समरस सभागार में भागवत मर्मज्ञ एवं प्रसिद्ध कथा वाचक इन्द्रेश उपाध्याय ने जेईई एवं नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में प्रसन्नता, संतुलन और सफलता का महत्व समझाया।

इस अवसर पर एलन परिवार की मातुश्री कृष्णा देवी माहेश्वरी तथा संस्थान के निदेशक डॉ. गोविंद माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी एवं डॉ.नवीन माहेश्वरी ने अभिनंदन किया। सभागार में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उनके प्रेरणादायी विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।

इस दौरान कई स्टूडेंट्स भावुक हो उठे। अपने मधुर स्वर में ‘वृंदावन प्यारो वृंदावन’, ‘बरसाने की छोरी’ एवं जगन्नाथ चकानैन जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तृति दी।

उनके भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने समरस सभागार को वृंदावनमय वातावरण में परिवर्तित कर दिया। भजनों की धुन पर एलन परिवार के सदस्य, विद्यार्थी एवं अभिभावक श्रद्धा एवं उत्साह के साथ झूम उठे।

हर परिस्थिति में सकारात्मक रहें
इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि प्रसन्नता किसी बाहरी परिस्थिति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह हमारी व्यक्तिगत प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा सुख बड़े अवसरों में नहीं, बल्कि जीवन के छोटे-छोटे क्षणों में आनंद खोजने से मिलता है। यदि विद्यार्थी हर परिस्थिति में सकारात्मक बने रहना सीख लें, तो वे न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन में भी संतुलन और संतोष का अनुभव कर सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को पांच प्रकार के यज्ञों के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया और बताया कि अध्ययन के साथ-साथ आत्मिक विकास, कृतज्ञता, सेवा और अनुशासन भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ जीवन को अधिक सकारात्मक और आनंदपूर्ण दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा दी।

Kota Mandi: क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन ऊपर में 7400 रुपये बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 200 रुपये और सरसों 50 रुपये तेज बिकी। कारोबारी सूत्रों के अनुसार सोयाबीन ऊपर में 7400 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 13000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350 से 2450 गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4450, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5800 से 7400, सोयाबीन बीज क्वालिटी 7400 से 7551, सरसों 6500 से 7251, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500, रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5300, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 14500, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

समर्पण बहुउद्देशीय विकास समिति की नई कार्यकारिणी का गठन

कोटा। समर्पण बहुउद्देशीय विकास समिति कोटा की वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है।

समिति के उपाध्यक्ष (जन सम्पर्क) विजय माहेश्वरी ने बताया कि समिति के संस्थापक अध्यक्ष आरएस कसेरा द्वारा कार्यकारी अध्यक्ष पंकज कुमार गोयल, उपाध्यक्ष (जनसंपर्क) विजय माहेश्वरी, उपाध्यक्ष (समन्वय) यज्ञदत्त हाडा, उपाध्यक्ष (बालिका शिक्षा) अनामिका राठौर, महासचिव डॉ. जगदीश शर्मा, सयुक्त सचिव प्रीति जासु एवं कोषाध्यक्ष महेश चतुर्वेदी को मनोनीत किया गया।

नहीं चलेगी किन्नरों की मनमानी, मांगलिक अवसरों के लिए बधाई की राशि निर्धारित

अगर कोई जबरदस्ती करे तो इस मोबाइल नंबर पर कर सकतें है शिकायत

​कोटा। शहर में मांगलिक अवसरों पर किन्नर समाज द्वारा मांगी जाने वाली बधाई राशि को लेकर लंबे समय से चल रहे गतिरोध और मनमानी की शिकायतों पर विराम लग गया है।

सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ और कोटा के सात प्रमुख किन्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के बीच हुई तीन घंटे की मैराथन बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बधाई राशि और घर आने का समय सर्वसम्मति से तय कर लिया गया है।

इस वार्ता की पृष्ठभूमि 10 मई को ‘मातृशक्ति दिवस’ पर आयोजित सर्व हिंदू समाज महिला मंडल महासंघ सम्मेलन में बनी थी, जहाँ 500 से अधिक महिलाओं ने महासंघ के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के समक्ष किन्नरों द्वारा की जाने वाली मनमानी और अत्यधिक धन की मांग का मुद्दा उठाया था।

महिलाओं की पीड़ा पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने व्यवस्था सुधार का भरोसा दिया था। जिसके बाद किन्नर प्रमुखों ने स्वयं पहल कर अपना पक्ष रखने की इच्छा जताई। इसी क्रम में, महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी के समन्वय से नदी पार क्षेत्र की किन्नर प्रमुख इंदु बाई के निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में महासंघ के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल, महामंत्री राजाराम जैन कर्म योगी रावण सरकार एडवोकेट नरेंद्र डाबी परमानंद गर्ग महेश पंचोली बसंत भरावासहित 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और किन्नर प्रमुखों में तारा देवी, रीना दीदी, मनीषा बाई, , ममता बाई, इंदु बाई एवं ज्योति बाई ने अपने शिष्यों एवं कोटा जिला कलेक्टर द्वारा अधिकृत कोटा जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन मंगलामुखी नैना देवी किन्नर सहित शिरकत की।

गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि अब से विवाह, जन्मोत्सव और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक अवसरों पर संपन्न वर्ग के लिए बधाई राशि 5,100 से अधिकतम 11,000 रुपये तथा सामान्य एवं मध्यम वर्ग के लिए 1,100 से अधिकतम 5,100 रुपये निर्धारित की गई है। यदि कोई जजमान स्वेच्छा से अधिक राशि देना चाहे तो वह स्वतंत्र है, किंतु किन्नर समाज द्वारा किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या दबाव नहीं बनाया जाएगा।

​पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए यह तय हुआ कि राशि यथासंभव ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी। सुविधा न होने पर ही नकद भुगतान होगा। इसके अतिरिक्त, किन्नरों के घर पहुंचने का समय प्रातः 9 से दोपहर 2 बजे तक निश्चित किया गया है। हालांकि परिवार के विशेष आमंत्रण पर वे किसी भी समय जा सकेंगे।

महिलाओं की गरिमा का ध्यान रखते हुए यह भी स्पष्ट किया गया कि घर पर पुरुषों की अनुपस्थिति में भी महिलाएं निर्धारित राशि देकर विदा कर सकेंगी और उसे सहर्ष स्वीकार किया जाएगा।

यदि किसी क्षेत्र में किन्नर समूह द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन या दुर्व्यवहार किया जाता है, तो पीड़ित पक्ष महासंघ द्वारा जारी मोबाइल नंबर 98293-28525 पर वीडियो या फोटो साक्ष्य भेज सकेगा। जिसके आधार पर क्षेत्रीय किन्नर प्रमुखों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे समझौते को एडवोकेट नरेंद्र डाबी के माध्यम से दस्तावेजी रूप दिया गया है। जिसे शीघ्र ही 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर विधिवत निष्पादित कर सभी पक्षों को सौंपा जाएगा। वार्ता के सफल समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने किन्नर प्रमुखों का माल्यार्पण कर मुंह मीठा कराया।

इस ऐतिहासिक पहल के सम्मान में आगामी 17 जून, गंगा दशहरा के अवसर पर आम नागरिकों द्वारा किन्नर प्रमुखों का भव्य अभिनंदन किया जाएगा। महासंघ के इस निर्णय से कोटा शहर में एक नई सामाजिक समरसता और पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत हुई है।

केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ाई, जानिए किस पर कितनी वृद्धि

नई दिल्ली। Kharif MSP 2026: केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के समर्थन मूल्य में प्रति ​क्विंटल 72 रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं, सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के एमएसपी में की है।

एमएसपी बढ़ाने का मकसद किसानों को उनकी उपज के लिए उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति (CCEA) ने 14 खरीफ फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 में एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।

सबसे अधिक सूरजमुखी का एमएसपी 622 रुपये बढ़ाया गया है और इस वृद्धि के साथ इसका एमएसपी 8,343 रुपये क्विंटल हो गया। इसके बाद कपास का 557 रुपये बढ़ाकर 8,267 (Medium Staple) और 8,667 (long Staple) रुपये क्विंटल कर दिया गया है। तिल का 500 रुपये क्विंटल बढ़ाया गया है।

खरीफ सीजन की सबसे बड़ी फसल सामान्य धान का एमएसपी 2,369 रुपये से बढ़ाकर 2,441 रुपये और ग्रेड ए का 2,389 रुपये से बढ़ाकर 2,461 रुपये क्विंटल किया गया है।

तिलहन फसलों में प्रमुख फसल सोयाबीन का एमएसपी 5,328 रुपये से बढ़ाकर 5,708 रुपये, जबकि दलहन फसलों में प्रमुख फसल अरहर का एमएसपी 8,000 रुपये से बढ़ाकर 8,450 रुपये क्विंटल कर दिया।

खरीफ फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 में एमएसपी में वृद्धि, 2018-19 के केंद्रीय बजट में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को देशभर की औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर निर्धारित करने का फैसला किया गया था।

किसानों को लागत पर सबसे अधिक लाभ मूंग (61%) में मिलेगा। इसके बाद बाजरा और मक्का (56%), अरहर (54%) पर मिलेगा। बाकी फसलों के लिए लाभ 50 फीसदी अनुमानित है।

केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक के दौरान धान की खूब खरीद की है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान की खरीद 8,418 लाख टन रही, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान धान की खरीद 4,590 लाख टन थी।

वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान उगाने वाले किसानों को एमएसपी के रूप में 16.08 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान किसानों को 4.44 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

वहीं वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 14 खरीफ फसलों की कुल खरीद 8,746 लाख टन रही, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 4,679 लाख टन थी।

इन फसलों के लिए किसानों को एमएसपी के रूप में 4.75 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 18.99 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

खरीफ फसलों के लिए (₹ प्रति क्विंटल)

फसलMSP 2025-26 (₹/क्विंटल)MSP वृद्धि 2026-27 (₹)MSP 2026-27 (₹/क्विंटल)
धान (सामान्य)2369722441
धान (ग्रेड A)2389722461
ज्वार (हाइब्रिड)3969544023
ज्वार (मालदांडी)4019544073
बाजरा2844562900
रागी5150555205
मक्का2354562410
तूर/अरहर8376748450
मूंग8720608780
उड़द8140608200
मूंगफली7457607517
सूरजमुखी8283608343
सोयाबीन (पीली)5648605708
तिल102746010334
नाइजरसीड99827010052
कपास (मध्यम रेशा)8211568267
कपास (लंबा रेशा)8754538807