हाड़ौती को पर्यटन सर्किट बनाने के लिए बूंदी के पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा

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भारतमाला एक्सप्रेस वे से केशोरायपाटन, बूंदी-कोटा तक फोरलेन मार्ग बनाया जाए

कोटा/बूंदी। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन द्वारा आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए हाड़ौती के पर्यटन सर्किट कोटा, बूंदी, बांरा एवं झालावाड़ को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के उद्देश्य से बूंदी स्थित एक रिसोर्ट में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बूंदी जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने की।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने कहा कि हाड़ौती में आने वाले पर्यटकों को बूंदी के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुंदरता देखने को मिले, इसके लिए प्रशासन पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

बूंदी जिला अपने आप में हाड़ौती का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां आज भी बड़ी संख्या में देशी एवं विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। शहर की स्वच्छता, अतिक्रमण मुक्त वातावरण एवं हेरिटेज स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रशासन जनसहभागिता से लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन से जुड़े सभी लोगों एवं यहां के आमजन को इसके लिए जनसहभागिता निभानी होगी, जिससे आने वाले पर्यटकों को अच्छा माहौल और संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध हो सके, जिससे कमियों को दूर कर सम्पूर्ण हाड़ौती को एक नई डेस्टीनेशन के रूप मे पर्यटन के रूप में पहचान मिल सके। उन्होंने होटल फेडरेशन द्वारा हाड़ौती के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार एवं विकास के लिए चलाए जा रहे अभियान की सराहना की।

जिला कलेक्टर ने बताया कि रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में वर्तमान में आठ बाघ हैं तथा सफारी के लिए पांच वाहन पंजीकृत हैं। बालचंद पाड़ा की प्राचीन कलाकृतियां, तारागढ़ दुर्ग, नवलसागर पर प्रस्तावित लेजर फाउंटेन शो का शीघ्र शुभारंभ किया जा रहा है।

जैतसागर में नौकायन एवं वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां भी शीघ्र शुरू होगी, जिससे बूंदी को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के स्वरूप में विकसित करेंगी। केशोरायपाटन में चंबल पर विकसित हो रहे कॉरिडोर से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि होटल फेडरेशन की मांगों को राज्य एवं केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा, जिनमें वंदे भारत ट्रेन के पुनः संचालन तथा भारतमाला एक्सप्रेस वे से केशोरायपाटन, बूंदी एवं कोटा तक फोरलेन मार्ग निर्माण की मांग प्रमुख है।

बैठक में फेडरेशन के संभागीय अध्यक्ष माहेश्वरी ने कहा कि वर्तमान पर्यटन सीजन को देखते हुए फेडरेशन के पदाधिकारी संपूर्ण हाड़ौती क्षेत्र के प्रमुख पयर्टन स्थलो का दौरा करके पर्यटन स्थलों की आवश्यकताओं एवं सुविधाओं का अध्ययन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोटा एवं बूंदी के पर्यटन को आने वाले समय में नई दिशा देने के लिए भारतमाला एक्सप्रेस वे जो लबान पर उतर रहा है, वहां से केशोरायपाटन, बूंदी एवं कोटा तक फोरलेन मार्ग से जोड़ने पर महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली एवं मध्यप्रदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यहां से आने वाले पर्यटक हाडोती में भी पहुंच पाएंगे।

उन्होंने बताया कि आगरा– कोटा– उदयपुर मार्ग पर संचालित वंदे भारत ट्रेन वर्तमान में बंद है। इसे दिल्ली से आगरा, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी होते हुए उदयपुर तक पुनः संचालित किया जाना चाहिए, जिससे देशी एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।

माहेश्वरी ने बताया कि हाड़ोती के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर वहां पर क्या-क्या सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है उसके लिए सम्बधित विभागों से संपर्क किया जाकर उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। हाड़ौती के कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जिनसे स्थानीय लोग भी परिचित नहीं हैं।

ऐसे स्थलों की विशेषताओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया एवं होटल फेडरेशन की वेबसाइट के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

बैठक मे कोटा व्यापार महासंघ के सलाहकार बोर्ड के निदेशक राजेश गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में हाड़ौती में पर्यटन विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। यह आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। इस अवसर पर

होटल फेडरेशन बूंदी इकाई के उपाध्यक्ष प्रदीप चांदवानी, सचिव लोकेश सुखवाल, उपाध्यक्ष मुकेश श्रृंगी एवं कोषाध्यक्ष भगवान मंडावरा ने बताया कि वर्तमान में बूंदी में बड़ी संख्या में देशी एवं विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं।

जुलाई से मार्च के बीच पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। मानसून सीजन में रामेश्वर महादेव, मैनाल, भीमलत एवं बरधा बांधों के झरने विशेष आकर्षण का केंद्र बनते हैं।