Tuesday, June 23, 2026
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Stock Market: सेंसेक्स 371 अंक गिरकर 74200 से नीचे और निफ्टी 23272 पर

नई दिल्ली। Stock Market, 13 May 2026 : शेयर मार्केट एक बार फिर गिरावट के ट्रैक पर है। सेंसेक्स 371 अंकों के नुकसान के साथ 74,187 पर आ गया है। जबकि, निफ्टी 106 अंक नीचे 23,272 पर है। एनएसई पर 1258 स्टॉक्स हरे और 1521 लाल निशान पर हैं।

शेयर मार्केट की ओपनिंग लगातार पांचवें दिन कमजोर रही। सेंसेक्स 119 अंकों के नुकसान के साथ 74,439 पर खुला और जल्द ही 127 अंकों की बढ़त के साथ 74687 पर पहुंच गया। जबकि, निफ्टी 17 अंक नीचे 23,362 पर खुलने के बाद अब 32 अंक ऊपर 23412 पर है।

शुरुआती कारोबार में एशियन पेंट्स सबसे बड़ा गेनर रहा और शेयर करीब 3.73 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स में 1.32 प्रतिशत, टाटा स्टील में 1.06 प्रतिशत और बीईएल में करीब 0.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

एलएंडटी, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयरों में खरीदारी का अच्छा माहौल देखने को मिला।

वहीं दूसरी तरफ कुछ बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में पावरग्रिड करीब 0.91 प्रतिशत टूटकर टॉप लूजर बना रहा। इसके अलावा टाइटन, इटरनल और बजाज फाइनेंस में भी कमजोरी देखने को मिली।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

गिफ्ट निफ्टी के संकेत
गिफ्ट निफ्टी लगभग 23,491 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो Nifty फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से 66 अंकों की बढ़त दिखा रहा है। यानी आज मार्केट हरे निशान पर खुल सकता है। एशियाई बाजारों में बुधवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला।

अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई बढ़ने के बाद निवेशकों का जोखिम लेने का मूड कमजोर पड़ा। ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 इंडेक्स 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा, जबकि चीन का CSI 300 इंडेक्स भी 0.17 प्रतिशत कमजोर रहा। हालांकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।

अमेरिकी बाजारों में दबाव
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। S&P 500 इंडेक्स 0.16 प्रतिशत और Nasdaq Composite 0.71 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। हालांकि Dow Jones इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई बढ़ने और पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर चिंता का असर बाजारों पर दिखाई दिया।

बूंदी इकाई भी हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करेगी

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की बूंदी में बैठक आयोजित

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन की एक महत्वपूर्ण बैठक बूंदी स्थित एक रिसोर्ट में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने की। बैठक में हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन विकास एवं प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर अशोक माहेश्वरी ने कहा कि विशेष कार्ययोजना के तहत हाड़ोती के सभी जिलों के माध्यम से क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

इसके अंतर्गत सभी जिला इकाइयों द्वारा पर्यटन प्रदर्शनियों के माध्यम से क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों, कला, संस्कृति एवं इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन स्थलों का प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं प्रमोशन हो सके।

साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी क्षेत्रीय आयोजनों और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाड़ोती के विभिन्न जिलों के पर्यटन स्थलों की जानकारी अन्य जिलों में आयोजित प्रदर्शनियों के माध्यम से भी दी जाएगी।

माहेश्वरी ने बताया कि बारां इकाई इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है तथा बूंदी इकाई द्वारा भी बाहर से आने वाले पर्यटकों को बूंदी के इतिहास एवं संपूर्ण हाड़ोती के पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बूंदी इकाई के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी एवं सचिव लोकेश सुखवाल ने बताया कि कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के दौरान बूंदी इकाई द्वारा अपने पांडाल में बूंदी के पर्यटन स्थलों का आकर्षक चित्रण एवं प्रदर्शन किया गया था, जिसे देशभर से आए टूर ऑपरेटर्स ने काफी सराहा। इसके बाद से बूंदी में देशी एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी देखने को मिली है।

बैठक में उपाध्यक्ष मुकेश श्रृंगी, कोषाध्यक्ष भगवान मंडावरा, मुख्य सलाहकार रोहित पाटौदी एवं नारायण मंडावरा ने बताया कि बूंदी आने वाले पर्यटकों को पूरे हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है तथा उन्हें कोटा, बारां एवं झालावाड़ भ्रमण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

इस अवसर पर कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट में बूंदी इकाई के पदाधिकारियों द्वारा उत्कृष्ट सहयोग प्रदान करने पर फेडरेशन की ओर से उन्हें दुपट्टा, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

साथ ही बूंदी के प्रसिद्ध फोटोग्राफर नारायण मंडावरा, जो बूंदी के पर्यटन स्थलों के फोटो सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार प्रचारित करते रहते हैं, उन्हें भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

माहेश्वरी ने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आगामी जुलाई-अगस्त माह में हाड़ोती के झालावाड़ अथवा बारां जिले में आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

बैठक के स्थान एवं तिथि की घोषणा शीघ्र की जाएगी। इस बैठक में प्रदेश की सभी जिला इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक का मुख्य उद्देश्य हाड़ोती संभाग के पर्यटन को प्रदेश के विकसित पर्यटन संभागों एवं जिला इकाइयों से जोड़ना तथा राज्य स्तर पर बनाई जाने वाली पर्यटन आइटनरी में हाड़ोती को भी शामिल करवाना है, ताकि आगामी पर्यटन सीजन में हाड़ोती क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

नर्मदेश्वर शिवलिंग प्रतिष्ठा महोत्सव: नंदी पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले भोलेनाथ

श्री मंगलमय चमत्कारी धाम में अघोरी दल, सप्तऋषि मंडल के साथ निकली शिव बारात

​कोटा। विज्ञान नगर स्थित ‘श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति’ द्वारा आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को समूचा क्षेत्र शिव भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था भगवान भोलेनाथ की भव्य ‘शिव बारात’ का, जिसमें नंदी पर सवार महादेव के दर्शनों के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।

देवताओं के साथ निकले अघोरी और सप्तऋषि के अलौकिक दर्शन कर लग रहा था, मानो देव-लोक शिव की बारात का साक्षी बनने के लिए धरातल पर साक्षात उतर आया हो। बारात में भगवान भोलेनाथ नंदी पर सवार होकर भक्तों को आशीष दे रहे थे, तो वहीं बग्घियों में भगवान विष्णु गरुड़ पर और माता लक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति व वीर हनुमान की मनमोहक झांकियां सजी हुई थीं। ​

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बारात में सप्त ऋषि के रुप में प्राचीन परंपराओं को जीवंत करते सप्त ऋषियों की टोली चल रही थी। वहीं भस्म आरती और विशेष नृत्यों के साथ शिव के गणों का प्रतिनिधित्व अघोरी दल मौजूद थे। ​ढोल-ताशा के गूंजते नगाड़ों और ढोल की थाप पर युवा झूमते नजर आए। प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने भी इस बारात में सम्मिलित होकर इसकी गरिमा बढ़ाई।

​प्रमुख मार्गों से पुष्प वर्षा के बीच निकली बारात
​बारात का शुभारंभ कॉमर्स कॉलेज से हुआ। जहाँ से हरमीत मेडिकल, दिनेश गैस और ब्रजवासी मिष्ठान भंडार जैसे प्रमुख व्यापारिक मार्गों से होते हुए यह जनता डेयरी स्थित ‘श्री मंगलमय चमत्कारी धाम मंदिर’ पहुँची। पूरे मार्ग में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों द्वारा शिव बारात का भव्य स्वागत किया गया और पुष्प वर्षा की गई।

​14 मई को होगी सवा पांच फीट के शिवलिंग की स्थापना
​महंत अशोक तिवारी ने बताया कि इस बारात का उद्देश्य 14 मई को मंदिर परिसर में स्थापित होने वाले सवा पांच फीट ऊंचे भव्य नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण देना था। वर्तमान में अग्नि अखाड़े के महंत श्री गोपालानंद महाराज के सानिध्य में ‘शिव शक्ति यज्ञ’ जारी है, जिसमें काशी, उज्जैन और वृंदावन के विद्वान पंडितों द्वारा प्रतिदिन 11 हजार आहुतियां दी जा रही हैं।

​आज होगा ‘शिव-पार्वती विवाह’
​उत्सव की अगली कड़ी में बुधवार को गोधूलि बेला (शाम 6:30 बजे) में पूर्ण वैदिक रीति के साथ शिव-पार्वती विवाह का दिव्य आयोजन होगा। इसके पश्चात 15 मई को ‘प्रभु इच्छा तक’ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

कॉमर्स कॉलेज मैदान बना गोकुल धाम, भक्तों ने पीताम्बरी वस्त्रों में मनाया नंदोत्सव

अटूट है सनातन शक्ति, गौ और गुरु सेवा ही धर्म का मूल: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज

​कोटा। कॉमर्स कॉलेज मैदान में ‘भगवत भास्कर’ श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को ‘कृष्ण जन्मोत्सव’ एवं ‘नंदोत्सव’ का आयोजन किया गया। जिसमें संपूर्ण पंडाल गोकुल के रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज ने भी कथा व्यासपीठ को नमन कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

​महंत अशोक तिवारी ने बताया कि महाराज श्री के आह्वान पर मंगलवार को कथा स्थल का दृश्य देखते ही बनता था। महाराज श्री के निर्देशानुसार माताएं-बहनें ‘गोपी’ भाव में और भाई ‘नंद बाबा’ के स्वरूप में पीले वस्त्र धारण कर कथा स्थल पहुंचे।

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स्वयं श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज भी पीले रंग की राजस्थानी पगड़ी पहने हुए आकर्षण का केंद्र रहे। भजनों, चौपाइयों और श्लोकों के बीच जैसे ही भगवान कृष्ण का प्राकट्य हुआ, पूरा पांडाल ‘राधे-राधे’ और ‘गोविंद’ के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान मुख्य यजमान राजीव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा और अनिल गुप्ता ने विधि-विधान से पूजन संपन्न किया।

कथा में महंत अशोक तिवारी, निर्मल जैन, राजीव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, अमित गुप्ता, तरुणकांत सोमानी, आशीष भार्गव, कपिल शर्मा, अजय चतुर्वेदी, विकास शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।

सनातन धर्म की प्राचीनता और वैभव का वर्णन किया
​कथाव्यास ने सनातन धर्म की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत दानियों का देश है। उन्होंने मंदिरों के वैभव का उल्लेख करते हुए बताया कि ​अयोध्या मंदिर में स्वर्ण द्वार और तिरुपति बालाजी में भगवान वेंकटेश के स्वर्ण हाथी-घोड़े हमारी संपन्नता के प्रतीक हैं। ​पद्मनाभ स्वामी मंदिर के 65 तहखानों में भरा टनों सोना इस बात का प्रमाण है कि प्राचीन काल में देवालयों से ही देश की व्यवस्थाएं और अर्थव्यवस्था संचालित होती थी। ​महाराज श्री ने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म 2 अरब वर्षों से अस्तित्व में है। उन्होंने दावा किया कि 3000 साल पहले दुनिया की पूरी जनसंख्या हिंदू थी और आज विश्व के विभिन्न मत-पंथ हिंदू धर्म के ही लक्षणों को लेकर पुष्पित-पल्लवित हुए हैं।

​गौ सेवा का बताया महत्व
​गौ माता की महत्ता बताते हुए महाराज ने कहा कि गौ के रोम-रोम में देवताओं का वास है। गोमूत्र में गंगा और गोबर में लक्ष्मी का निवास है। राजस्थान की प्रसिद्ध बाटी का स्वाद गौ माता के कंडों से ही आता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सनातन में चींटी मारना भी पाप है, लेकिन जब हिंदू जागता है, तो बड़े-बड़ों के तख्त हिला देता है। उन्होंने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सनातन को ‘डेंगू-मलेरिया’ कहने वाले नासमझ नेताओं को जनता ने करारा जवाब दिया है।

​विश्व पटल पर सनातन का डंका
​महाराज श्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज अमेरिका जैसे देशों में 25-25 एकड़ में भव्य हिंदू मंदिर बन रहे हैं। सनातन धर्म सिख, बौद्ध, जैन और आर्य जैसे मजबूत खंभों पर टिका है। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि धर्म के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका सर्वोपरि है। भागवत में वर्णित कृष्ण जन्म के श्लोकों का नित्य पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

Kota Mandi: क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन, सरसों के भाव तेज रहे

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 100 रुपये और सरसों 50 रुपये तेज बिकी। देसावरी मांग से लहसुन 300 गया। कारोबारी सूत्रों का कहना है कि डीओसी तेज रहने से भी सोयाबीन के भाव लगातार ऊंचे हो रहे हैं।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4450, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6950, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6900 से 7151, सरसों 6500 से 7151, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5300, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 14500, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

NEET UG 2026: कहां से आया वह गैस पेपर, जिसने कराई नीट रद्द

जयपुर। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है।

इस पूरे मामले में सीकर में अब तक 14 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये भी सवाल उठ रहा है कि राजस्थान एसओजी ने एफआईआर दर्ज करने में बहुत देर की जबकि सारे सबूत सामने थे।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में एसओजी की जांच के दौरान पता चला कि केरल से सीकर तक पेपर पहुंचा। 1 मई को केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे चूरू के एक छात्र ने सीकर के एक काउंसलर को कथित सैंपल पेपर भेजा था। इसके बाद यह पेपर कोचिंग संस्थानों, फोटोकॉपी दुकानों और छात्रों तक पहुंचा। हालांकि इस पूरे मामले में अभी जांच जारी है और अंतिम स्थिति आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच एजेंसियों के अनुसार परीक्षा से एक दिन पहले यानी 2 मई की रात कथित “गेस पेपर” व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया । बाद में इसकी फोटोकॉपी भी विभिन्न स्थानों पर बांटी गई। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने पुष्टि की कि यह गेस पेपर सोशल मीडिया और फोटोकॉपी दुकानों तक पहुंचा था तथा इसकी जांच की जा रही है।

सीकर से 14 हिरासत में
पूरे विवाद की जांच में राजस्थान का सीकर जिला सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) लगातार मामले की जांच कर रही थीं। अब तक 14 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। हालांकि अब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, इसलिए राजस्थान SOG की अब तक की जांच रिपोर्ट भी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

100 से ज्यादा सवाल मैच होने का दावा
जांच में सामने आया कि वायरल गेस पेपर के बड़ी संख्या में प्रश्न वास्तविक NEET परीक्षा से मेल खाते थे। सूत्रों के मुताबिक बायोलॉजी के करीब 90 और केमिस्ट्री के लगभग 35 सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 400 प्रश्नों के सेट में से करीब 125 प्रश्न असली पेपर से मेल खाते थे। इसी वजह से मामला सामान्य “गेस पेपर” से आगे बढ़कर संभावित पेपर लीक और संगठित नेटवर्क की जांच तक पहुंच गया।

लाखों रुपये में बेचा गया कथित पेपर
जांच एजेंसियों के अनुसार शुरुआत में यह कथित गेस पेपर 2 से 5 लाख रुपये तक में बेचा गया। बाद में परीक्षा से ठीक पहले यही सामग्री 30 हजार रुपये तक में उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही हैं।

परीक्षा वाले दिन ही छात्रों ने की थी शिकायत
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा वाले दिन कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दी थी कि कुछ अभ्यर्थियों के पास पहले से ऐसे सवाल मौजूद थे, जो परीक्षा में पूछे गए। बाद में 7 मई को NTA को भी कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें मिलीं, जिसके बाद एजेंसी ने 8 मई को मामले को केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के संकेत
SOG की जांच में सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर और देहरादून तक नेटवर्क फैलने के संकेत मिले हैं। सीकर के पीपराली रोड स्थित एक कंसल्टेंसी सेंटर को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसियों को संदिग्धों के मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेज भी मिले हैं। सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जिसे जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क का अहम सदस्य मान रही हैं।

खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 3.48% पर पहुंची

नई दिल्ली। Retail Inflation Rate: भारत में आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर हल्का झटका लगा है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह बढ़कर 3.48 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

इससे पिछले महीने यानी मार्च में यह आंकड़ा 3.4 प्रतिशत पर था। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों, विशेषकर रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की कीमतों में आया उछाल है। हालांकि, अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात यह है कि समग्र महंगाई दर अब भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के चार प्रतिशत के लक्ष्य के काफी नीचे है।

अर्थव्यवस्था के इन आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि लोगों के रसोई का बजट मुख्य रूप से बिगड़ा है। खाद्य महंगाई दर मार्च के 3.87 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 4.20 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसमें ग्रामीण इलाकों की खाद्य महंगाई दर शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी है।

सब्जियों की कीमत

  • टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 35.28 प्रतिशत का भारी उछाल आया है।
  • आलू और प्याज की कीमतों में बड़ी गिरावट (क्रमशः -23.69 प्रतिशत और -17.67 प्रतिशत) दर्ज की गई है।

पर्सनल केयर उत्पादों में भारी उछाल
महंगाई का असर केवल राशन तक सीमित नहीं है। अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा महंगाई पर्सनल केयर और विविध वस्तुओं की श्रेणी में देखी गई, जिसने 17.66 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की। इसके विपरीत, ईंधन से जुड़ी कीमतों में नरमी के कारण ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर -0.01 प्रतिशत पर लगभग सपाट रही, जिससे माल ढुलाई और यात्रा लागत में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई।

महंगाई दर में मामूली वृद्धि हुई है, फिर भी सरकार और आरबीआई के लिए स्थिति नियंत्रण में है। भारत ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के पांच वर्षों के लिए अपनी खुदरा महंगाई दर का लक्ष्य 4 प्रतिशत (2% से 6% के दायरे में) पर बरकरार रखा है।

एक सर्वे में खुदरा महंगाई के 3.8 प्रतिशत तक जाने का अनुमान जताया गया था, ऐसे में मौजूदा 3.48 प्रतिशत का आंकड़ा अनुमानों से काफी बेहतर है। हालांकि, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण भविष्य में ऊर्जा और खाद्य लागत बढ़ने का जो जोखिम पैदा हुआ है, उस पर आगामी मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक की पैनी नजर रहेगी।

NEET रद्द होने पर कोटा के छात्रों का छलका दर्द, बोले डॉक्टर बनने का सपना टूटा

कोटा। NEET 2026 रद्द होने के बाद कोचिंग सिटी कोटा के छात्रों का दर्द छलक आया है। लाखों की तादाद में यहां रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के चेहरों पर मायूसी और सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ देखी जा सकती है।

एनटीए ने NEET 2026 की परीक्षा को रद्द कर इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान क‍िया है। इससे एक बार फ‍िर कोटा में तैयारी में लगे छात्रों को झटका लगा है। बिहार के पटना से कोटा आकर तैयारी कर रहे यश यादव का दर्द भी कुछ ऐसा ही है।

यश का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र अपना घर-बार छोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दूसरे शहरों में संघर्ष करते हैं। यश कहते हैं कि अगर जांच में पेपर लीक साबित होता है, तो सरकार को री-नीट कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।

यह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, हमारे डॉक्टर बनने के सपने का रास्ता है। यश को इस बार सफलता की पूरी उम्मीद थी और पेपर भी सामान्य रहा था, लेकिन अब पेपर ही रद्द हो गए हैं।

मध्य प्रदेश से आकर कोटा के कोरल पार्क इलाके में रह रहे राहुल माथुर बताते हैं कि सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों ने छात्रों को ‘पैनिक’ कर दिया है। राहुल के अनुसार, एनटीए की जिम्मेदारी परीक्षा को सुरक्षित कराने की थी, लेकिन सीकर से आई खबरों ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। अब हर छात्र को दोबारा उसी तनाव और तैयारी के दौर से गुजरना होगा।

सुरक्षा के नाम पर सख्ती, पर गोपनीयता में सेंध
कोटा में रहकर तैयारी करने वाले छात्र कुलदीप गौतम ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। कुलदीप का कहना है कि प्रशासन सुरक्षा के नाम पर इतना सख्त हो जाता है कि केंद्रों पर महिलाओं के मंगलसूत्र तक खुलवा लिए जाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ परीक्षा की गोपनीयता ताश के पत्तों की तरह ढह जाती है। उनका मानना है कि पक्ष-विपक्ष की राजनीति के बीच असली नुकसान उस ईमानदार छात्र का हो रहा है जिसने दिन-रात एक कर दिया।

सिस्टम पर सवाल और न्याय की उम्मीद
कोटा के छात्रों का यह आक्रोश सीधे तौर पर सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है। छात्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, वे केवल इंतजार कर सकते हैं, लेकिन ‘गेस पेपर’ के सवालों का मिलान महज इत्तेफाक नहीं लग रहा। अब देश की नजरें एसओजी की जांच और एनटीए के रुख पर टिकी हैं। क्या लाखों छात्रों की मेहनत को इंसाफ मिलेगा या सिस्टम की कमियां एक बार फिर भविष्य पर भारी पड़ेंगी? कोटा की गलियों में फिलहाल यही सबसे बड़ा सवाल है।

दो साल की मेहनत पर लगा झटका
जयपुर में रहकर नीट की तैयारी करने वाले छात्र अमित मीणा ने बताया कि इस साल उन्होंने नीट की परीक्षा दी थी। वह एसटी कैटेगरी से आते हैं और उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनके 500 से ज्यादा नंबर आ सकते थे और उनका चयन हो जाता। अमित ने आगे कहा कि वह पिछले दो साल से तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता किसान हैं और खेती करके ही उन्होंने उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया है। परीक्षा रद्द होने से उन्हें बड़ा झटका लगा है।

हर साल पेपर लीक से भविष्य बर्बाद
जयपुर में रहने वाली एक छात्रा ने कहा कि पेपर लीक होने की वजह से मेहनती छात्रों का चयन प्रभावित हो रहा है। उसने बताया कि 2024 में पेपर लीक हुआ, 2025 में पेपर बहुत कठिन था और इस बार फिर से पेपर लीक का मामला सामने आ गया। छात्रा ने कहा कि उसके माता-पिता बहुत मेहनत करके पैसे जुटाते हैं और एक फैसले से पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

अच्छा पेपर गया था, अब उम्मीद टूट रही
कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्रा रिया ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार मेहनत कर रही थी और इस बार उनका पेपर भी काफी अच्छा गया था। उन्हें विश्वास था कि इस बार उनका चयन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने की वजह से उनकी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे अपने लिए बड़ा झटका बताया।

एनटीए की व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल
कोटा में पढ़ाई कर रही छात्रा ओजस्वनी विजय ने कहा कि यह बहुत बड़े स्तर की समस्या है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर एनटीए दोबारा परीक्षा कराता है तो उसे यह गारंटी देनी चाहिए कि इस बार किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी, तभी छात्र भरोसे के साथ परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

निर्यातकों की कमजोर मांग एवं स्टाकिस्टों की बिकवाली से जीरा का भाव नरम

राजकोट। Jeera Price: घरेलू उत्पादन में गिरावट आने तथा गुजरात की बेंचमार्क ऊंझा मंडी में आपूर्ति कम होने के बावजूद जीरा की कीमतों में तेजी का माहौल नहीं बन रहा है क्योंकि इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर है।

गुजरात एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में फसल की कटाई-तैयारी अभी ठीक से समाप्त भी नहीं हुई है मगर कमजोर मंडी भाव को देखते हुए उत्पादकों ने इसका स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि एक अग्रणी संस्था- फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टैक होल्डर्स (फिस्स) ने चालू सीजन के दौरान जीरा के घरेलू उत्पादन में 15 प्रतिशत तथा गुजरात के व्यापारियों ने 25 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान लगाया है। पिछला बकाया स्टॉक भी सीमित होने से जीरा के दाम में तेजी-मजबूती की उम्मीद की जा रही थी लेकिन बाजार कुछ सुस्त नजर आने लगा है।

चीन में बेहतर उत्पादन होने से उसके आयातक भारतीय जीरे की खरीद में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं जबकि पहले वह इसका सबसे बड़ा खरीदार हुआ करता था।

तुर्की, ईरान, सीरिया एवं अफगानिस्तान जैसे देशों में जीरा के नए माल की आवक अगले कुछ सप्ताहों में शुरू होने वाली है जिससे वैश्विक बाजार में भारत के लिए चुनौती और भी बढ़ सकती है। बांग्ला देश थोड़ी-बहुत मात्रा में जीरा खरीद रहा है मगर अरब देशों में निर्यात लगभग ठप्प पड़ गया है।

मडगाँव–शकूरबस्ती स्पेशल ट्रेन का संचालन 22 मई को होगा

कोटा। दिल्ली में 24 मई को होने वाले जनजातीय सांस्कृतिक सम्मेलन के दौरान अतिरिक्त यात्रीभार को नियंत्रित करने हेतु रेल प्रशासन द्वारा मडगाँव जंक्शन–शकूरबस्ती–मडगाँव जंक्शन के मध्य विशेष रेलगाड़ी का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 01108 (मडगाँव जंक्शन–शकूरबस्ती) 22 मई को 1 फेरे में शुक्रवार को मडगाँव जंक्शन से रात्रि 02.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शनिवार को कोटा जंक्शन 07.40 बजे होते हुए उसी दिन सायं 17.15 बजे शकूरबस्ती पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01107 (शकूरबस्ती–मडगाँव जंक्शन) 25 मई को 1 फेरे में सोमवार को शकूरबस्ती से रात्रि 01.00 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 08.30 बजे होते हुए अगले दिन मंगलवार को सायं 17.45 बजे मडगाँव जंक्शन पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में करमाली, थिविम, रत्नागिरी, चिपलून, रोहा, पनवेल, वसई रोड, उधना जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन तथा कोटा जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।