राजस्थान में सरसों का उत्पादन 63 लाख टन के शीर्ष पर पहुंचने का अनुमान

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जयपुर। राजस्थान में कृषि विभाग ने 2025-26 सीजन के लिए विभिन्न फसलों के उत्पादन का तीसरा अग्रिम अनुमान जारी कर दिया है जिसमें खरीफ एवं रबी- दोनों सीजन का आंकड़ा शामिल है।

कृषि विभाग ने अपनी नई रिपोर्ट में 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में मूंगफली का उत्पादन करीब 47 प्रतिशत उछलकर 31.20 लाख टन तथा सरसों का उत्पादन 18 प्रतिशत बढ़कर 63 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है, जबकि सोयाबीन का उत्पादन 52 प्रतिशत लुढ़ककर 5.95 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना व्यक्त की है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान देश में सरसों का सबसे बड़ा तथा मूंगफली का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जबकि सोयाबीन के उत्पादन में वह तीसरे नंबर पर रहता है। पिछले साल जोरदार बारिश एवं भयंकर बाढ़ के कारण वहां सोयाबीन की फसल क्षतिग्रस्त हो गई।

कृषि विभाग की नवीनतम रिपोर्ट में 2025-26 सीजन के दौरान राजस्थान में खाद्यान्न का कुल उत्पादन 297.70 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है जो 2024-25 सीजन के सकल उत्पादन 298.20 लाख टन से 50 हजार टन कम है।

खाद्यान्न के संवर्ग में गेहूं, चावल, मोटे अनाज एवं दलहन शामिल हैं। समीक्षाधीन अवधि के दौरान राज्य में गेहूं का उत्पादन 6 प्रतिशत बढ़कर 158.90 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है

मगर अन्य अधिकांश अनाजों का उत्पादन थोड़ा-बहुत घटने का अनुमान लगाया गया है। इसके तहत मक्का का उत्पादन 14 प्रतिशत घटकर 23.50 लाख टन, बाजरा का उत्पादन 10 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 48.10 लाख टन तथा चावल का उत्पादन 16 प्रतिशत घटकर 8.34 लाख टन रह जाने का अनुमान है जबकि जौ का उत्पादन 11 लाख टन होने की संभावना है।

दलहन फसलों में चना का उत्पादन 24 प्रतिशत उछलकर 24.50 लाख टन तथा मूंग का उत्पादन 13.80 लाख टन से सुधरकर 13.90 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

दूसरी ओर उड़द का उत्पादन 27 प्रतिशत घटकर 92 हजार टन पर अटक जाने की संभावना है। वैसे दलहनों का कुल उत्पादन 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44.80 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद व्यक्त की गई है।