फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी पंचतत्व में विलीन, श्रद्धांजलि देने उमड़ी सितारों की भीड़

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मुंबई। Pahlaj Nihalani passed away: बॉलीवुड के अनुभवी फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज हिंदू श्मशान घाट में किया गया, जहां उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि देने के लिए फिल्मी सितारों की भीड़ जुट गई थी। 90 के दशक में बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माताओं में से एक निहलानी का निधन गुरुवार को हुआ, वो 76 साल के थे।

कभी गोविंदा जैसे एक्टर को स्टार बनाने वाले पहलाज को आखिरी बार देखने और उन्हें हमेशा के लिए विदा करने गोविंदा भी पहुंचे। इस मौके पर फरहान अख्तर, शत्रुघ्न सिन्हा, नीलम, डेविड धवन, वरुण धवन, बोनी कपूर और सैफ अली खान समेट कई फिल्मी दिग्गज उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचे। मलाइका अरोड़ा अपने बेटे अरहान और बहन अमृता के साथ उन्हें आखिरी विदाई देने पहुंची थीं।

उन्होंने आखिरी विदाई देते हुए गोविंदा ने भावुक होते हुए उन्हें याद करते हुए कहा, ‘परम आदरणीय पहलाज निहलानी जी, हमारे नींव के पत्थर थे, मैं और मुझ जैसे कई ऐसे कलाकार जो गरीबी के दौर से ऊपर आए, उसमें आपका सहयोग रहा।

देश में कम से कम एक आधा दर्जन ऐसे कलाकार रहे होंगे, पहलाज निहलानी साहब ने जमीन से आसमान तक पहुंचाने का काम किया। सम्पूर्ण सिंधी समाज का और आदरणीय पहलाज निहलानी जी को, हम प्रणाम करते हैं, प्रार्थना करते हैं ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

वरुण धवन ने छूए गोविंदा के पैर
इस मौके पर वरुण धवन गोविंदा के पैर छूते हुए कैमरे में कैप्चर हुए। सोशल मीडिया पर इस मौके का वीडियो भी सामने आया है। वहीं वरुण धवन का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो अपने पापा डेविड धवन का हाथ थामकर उन्हें सीढ़ियों से उतारते नजर आ रहे हैं।

गोविंदा को पहला बड़ा मौका देने का श्रेय
वहीं पहलाज निलहानी का जन्म 10 जनवरी, 1950 को हुआ था। उन्होंने फिल्म निर्माता के तौर अपने करियर की शुरुआत 1982 में आई फ़िल्म ‘हथकड़ी’ से की थी। उन्हें 1986 में आई फिल्म ‘इल्ज़ाम’ के जरिए गोविंदा को पहला बड़ा मौका देने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने 1987 की फिल्म ‘आग ही आग’ के जरिए चंकी पांडे को भी फिल्मों में कदम रखने का मौका किया।

फिल्मकारों के साथ टकराव
निलहानी की फिल्मों में ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’, ‘दिल तेरा दीवाना’, ‘तलाश’ और ‘रंगीला राजा’ शामिल हैं। जनवरी 2015 में निहलानी को सीबीएफसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2017 तक रहा। इस दौरान फिल्मों में किसी दृश्य को हटाने, अस्वीकरण तथा प्रमाणन संबंधी फैसलों को लेकर फिल्मकारों के साथ उनकी बार-बार टकराव की स्थिति बनी रहती थी।