Jee Advanced 2026: फिजिक्स करेगी स्टूडेंट्स की रैंक निर्धारित

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कोटा। Jee Advanced 2026 Paper Analysis: देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड-2026 रविवार को आयोजित हुई। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के प्रेसिडेंट विनोद कुमावत ने बताया कि विद्यार्थियों से मिले फीडबैक के अनुसार पेपर मध्यम से कठिन स्तरीय रहा। पेपर 1 में कुल 16 प्रश्न प्रत्येक विषय में पूछे गए जिसमें चार मल्टीपल च्वाइस प्रश्न, चार सिंगल करेक्ट, चार न्यूमेरिकल प्रश्न एवं चार प्रश्न मैचिंग लिस्ट के थे।

पेपर 2 में 18 प्रश्न प्रत्येक विषय में पूछे गए थे। इसमें चार सिंगल करेक्ट, पांच मल्टीपल, पांच न्यूमेरिकल एवं दो पैराग्राफ थे। जिनके आंसर न्यूमेरिकल थे। पेपर का लेवल जिस तरह से कोटा में माॅक टेस्ट की तैयारी कराई गई थी, वैसे ही कई सारे प्रश्न विद्यार्थियों को पेपर में देखने को मिले। इस बार फिजिक्स के पेपर का लेवल देखकर उसे रैंक निर्धारण का आधार बताया जा रहा हैं। क्योंकि तीनों विषयों में सबसे अच्छा पेपर फिजिक्स का रहा है।

फिजिक्स
फिजिक्स के पेपर ओवरऑल लेन्दी रहा और पिछले सालों की तुलना में कठिन रहा। कैलकुलेशन ने बच्चों को उलझाए रखा एवं इनोवेटिव यानी नए तरीके से प्रश्नों को पूछा गया था। सिलेबस में जो नए टाॅपिक्स जोड़े गए थे, उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। पेपर में 12वीं कक्षा के सिलेबस का वेटेज ज्यादा रहा। पेपर 1 की तुलना में पेपर 2 ज्यादा कठिन और लेन्दी रहा। सारे प्रश्न जेईई एडवांस्ड के टाॅपिक से पूछे गए थे।

कैमिस्ट्री
कैमिस्ट्री के पेपर में ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के प्रश्नों का वेटेज ज्यादा रहा। ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री का पेपर 1 आसान रहा और पेपर 2 मोडरेट और लेन्दी रहा। अधिकतर सवाल स्टैंडर्ड रिएक्शन और मल्टीपल कंसेप्ट्स पर आधारित थे। इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री का पेपर 1 आसान से मध्यम स्तरीय रहा। पेपर 2 मध्यम से स्तरीय रहा। सारे प्रश्न सिलेबस से पूछे गए थे एवं सबसे ब्लाॅक कैमिस्ट्री का वेटेज अच्छा रहा। फिजीकल कैमिस्ट्री का पेपर 1 आसान रहा जबकि पेपर 2 आसान से मध्यम स्तरीय रहा। साॅलिड स्टेट और रीयल गैस से एक भी प्रश्न नहीं पूछा गया। सभी प्रश्न जेईई एडवांस्ड के सिलेबस से पूछे गए थे।

मैथ्स
मैथ्स का पेपर हमेशा की तरह लेन्दी एवं इनोवेटिव रहा। सिलेबस में जोडे गए नए टाॅपिक्स से दो-दो प्रश्न पूछे गए। काॅनिक सेक्शन व परम्यूटेशन एंड काॅम्बिनेशन के प्रश्नों की संख्या सामान्य से ज्यादा रही। पेपर में 11वीं एवं 12वीं कक्षा से पूछे गए प्रश्नों का वेटेज लगभग एक समान रहा। प्रोबेबिलिटी और डेफिनेट इंटीग्रेशन के प्रश्नों की संख्या पिछले सालों की तुलना में कम रही।

ये रही मार्किंग स्कीम
कुल प्रश्नपत्र = 360 अंक
पेपर-1

16 सवाल प्रति विषय

  • 4 सवाल – 16 अंक = मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन = प्लस 4, माइनस 1
  • 4 सवाल = 12 अंक = सिंगल च्वाइस क्वेश्चन = प्लस 3, माइनस 1
  • 4 सवाल = 16 अंक = इंटीजर टाइप = प्लस 4, माइनस 0
  • 4 सवाल = 16 अंक = मैच द लिस्ट – प्लस 4, माइनस 1
  • कुल = 60 अंक प्रति विषय
  • फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स तीनों विषय = 48 सवाल = 180 अंक
  • पेपर-2
  • 18 सवाल प्रति विषय
  • 4 सवाल = 8 अंक = दो पैराग्राफ = प्लस 2, माइनस 0
  • 4 सवाल = 12 अंक = सिंगल च्वाइस क्वेश्चन = प्लस 3, माइनस 1
  • 5 सवाल = 20 अंक = मल्टीपल करेक्ट प्लस = प्लस 4, माइनस 1
  • 5 सवाल = 20 अंक = इंटीजर टाइप = प्लस 4, माइनस 1
  • कुल = 60 अंक प्रति विषय

फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स तीनों विषय = 54 सवाल = 180 अंक