Thursday, June 11, 2026
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मथुराधीश कॉरिडोर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम: माहेश्वरी

अधिक मास में श्री मथुराधीश मंदिर में उमड़ रही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़

कोटा। पाटनपोल स्थित नंदग्राम में विराजित श्री मथुराधीशजी मंदिर में अधिक मास के अवसर पर हजारों श्रद्धालु दर्शन लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस पावन अवसर पर मथुरेश मित्र मंडल द्वारा भजन संध्या एवं महारास का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष भक्तों ने भाग लेकर भक्ति रस का आनंद लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री मथुराधीशजी मंदिर के गोस्वामी मिलन कुमार बाबा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह के विशिष्ट अतिथि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी थे।

नंदग्राम व्यापार समिति के अध्यक्ष उमाशंकर नामा ने कहा कि कोटा महोत्सव के दौरान मथुराधीश कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। उन्होंने कोटा व्यापार महासंघ से आग्रह किया कि कॉरिडोर निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ करवाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं, जिससे यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने बताया कि अधिक मास के कारण देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र का समुचित विकास आवश्यक है तथा कॉरिडोर बनने से धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर अशोक माहेश्वरी ने कहा कि श्री मथुराधीशजी मंदिर पुष्टिमार्ग की प्रथम पीठ होने के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र में प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं।

केशोराय पाटन कॉरिडोर, इंदरगढ़ माताजी रोप-वे तथा झालावाड़ एवं बारां जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि कोटा व्यापार महासंघ एवं होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान द्वारा देशभर में हाड़ौती के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आने वाले समय में हाड़ौती धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि उज्जैन, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले गुजरात एवं मध्यप्रदेश के लाखों यात्री कोटा होकर गुजरते हैं। यदि समुचित प्रचार-प्रसार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो ये यात्री हाड़ौती के धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकेंगे।

क्षेत्र के व्यापारी ललित जैन ने बताया कि अधिक मास के दौरान प्रतिदिन अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर दर्शन कर रहे हैं।

भगवान का मनोरथ अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जिससे पूरे नंदग्राम क्षेत्र में मथुरा-वृंदावन जैसा आध्यात्मिक वातावरण दिखाई दे रहा है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु इस माहौल से अभिभूत होकर मंदिर दर्शन के साथ-साथ कोटा के अन्य पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अधिक मास में क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा शीतल जल, शरबत, छाछ एवं आमरस की स्टॉल लगाकर हजारों श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है।

नंदग्राम व्यापार समिति के सचिव अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर गोस्वामी मिलन कुमार बाबा का 21 किलो की पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया।

साथ ही समारोह के विशिष्ट अतिथि अशोक माहेश्वरी, राजस्थान गौरव अवॉर्ड से सम्मानित प्रकल्प संयोजक पंडित अनिल औदिच्य, भजन गायिका हर्षिता सोनी तथा राजस्थान स्टेट बेंच प्रेस के गोल्ड मेडल विजेता गौरव सोनी (बाली) का दुपट्टा एवं भगवान श्रीनाथजी की तस्वीर भेंट कर सम्मान किया गया।

Kota Mandi: मिलर्स की लिवाली से कोटा मंडी में सरसों 50 रुपये तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को कमजोर ग्राहकी से गेहूं 20 रुपये और लहसुन 200 रुपये मंदा रहा। मिलर्स की लिवाली से सरसों 50 रुपये तेज बिकी। मंडी में सभी कृषि जिंसों की 60 हजार कट्टे और लहसुन की 13000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2400, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2400 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2520 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 3650, धान (1847) 3200 से 3601, धान (1718-1885) 3800 से 4200, धान (पूसा-1) 3000 से 3800, धान (1401-1886) 3600 से 3850, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6800, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6850 से 7451, सरसो 7200 से 7890, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 5000 से 7800, उड़द 4500 से 6800, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5600, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 4400 से 15000, ऊटी लहसुन 15000 से 16000, मैथी 5800 से 6600, धनिया बादामी 11000 से 11500, धनिया ईगल 11500 से 12200, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

Market: सेंसेक्स 64 अंक की मामूली तेजी के साथ 73983 पर बंद, निफ्टी 23350 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार के दौरान हरे निशान पर बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 700 अंक उछला जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स 23,350 के ऊपर पहुंचा। लेकिन अंतिम क्षणों में गेम पलट गया।

आखिरकार सेंसेक्स 64.42 अंक यानी 0.09% की मामूली तेजी के साथ 73,983.18 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 27.15 अंक यानी 0.12% की गिरावट के साथ 23,214.95 अंक पर बंद हुआ। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 0.1 फीसदी मजबूत होकर 95.2650 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यह 95.35 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इटरनल में सबसे ज्यादा 2.22 फीसदी गिरावट रही। इसके अलावा टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, टाइटन, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, एनटीपीसी में भी उल्लेखनीय गिरावट रही। दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी में गिरावट रही।

खास बात है कि आज एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। एचयूएल, नेस्ले, डाबर समेत कई शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं, 10 जून के कारोबारी सत्र में मेटल इंडेक्स 1.1% गिरा, जिसमें शामिल 15 में से 14 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए।

स्काउट गाइड के ग्रीष्मकालीन शिविरों में हुनर एवं आत्मविश्वास का संगम

कोटा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के तत्वावधान में संचालित ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविरों में बालक बालिकाओं के साथ मातृशक्ति विभिन्न उपयोगी विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य को संवारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

शिविरों का उद्देश्य ग्रीष्मावकाश के समय का सदुपयोग करते हुए प्रतिभागियों को आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। स्थानीय संघ के सचिव प्रकाश जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष तीन अलग-अलग स्थानों पर कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इनमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा में राम विलास रैगर, महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रोझड़ी में मुकेश जांगिड़ तथा अनंतपुरा अकैडमी, अनंतपुरा में असलम खान के निर्देशन एवं देखरेख में प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि इन तीनों शिविरों में प्रशिक्षणार्थी नियमित रूप से भाग लेकर विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षणार्थियों में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ महिला वर्ग भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभा रही है।

शिविरों में मेहंदी कला, नृत्य, ढोलक वादन, कंप्यूटर शिक्षा, इंग्लिश स्पोकन, ब्यूटीशियन, ड्राइंग एंड पेंटिंग तथा सिलाई सहित अनेक रोजगारोन्मुखी एवं रचनात्मक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रकाश जायसवाल ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी जीवन में सफलता के लिए आवश्यक हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए स्थानीय संघ द्वारा ऐसे प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

ताकि प्रशिक्षणार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप किसी न किसी कौशल में दक्षता प्राप्त कर सकें। इससे उनमें आत्मविश्वास का विकास होने के साथ-साथ भविष्य में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

शिविरों में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मेहंदी एवं ब्यूटीशियन प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आधुनिक डिजाइन और सौंदर्य सेवाओं की जानकारी दी जा रही है, जबकि कंप्यूटर एवं इंग्लिश स्पोकन कक्षाओं में विद्यार्थियों को तकनीकी और संचार कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

वहीं नृत्य, ढोलक तथा ड्राइंग एंड पेंटिंग जैसी विधाओं के माध्यम से उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारा जा रहा है। सिलाई प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न परिधानों की कटिंग एवं सिलाई का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है।

शिविर में भाग लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि अवकाश के दौरान इस प्रकार का प्रशिक्षण उन्हें नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। कई प्रतिभागियों ने भविष्य में इन कौशलों को स्वरोजगार के रूप में अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की।

स्थानीय संघ के पदाधिकारियों के अनुसार शिविरों का आयोजन 17 मई से 16 जून तक किया जा रहा है। इस अवधि में प्रशिक्षण के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक , प्रेरक एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

प्रकाश जायसवाल ने बताया कि शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए 13 जून से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षणार्थी अपनी सीखी हुई कला एवं कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

मेहंदी, नृत्य, चित्रकला, सिलाई, इंग्लिश स्पोकन सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

स्काउट गाइड द्वारा आयोजित ये कौशल विकास शिविर न केवल प्रशिक्षणार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।

स्थानीय संघ का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 13 जून से शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं को लेकर प्रशिक्षणार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और सभी प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हुए हैं।

आगरा कैंट-असारवा ग्रीष्मकालीन साप्ताहिक विशेष ट्रेन का संचालन

यह गाड़ी गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, केपाटन, बूंदी और मांडलगढ़ स्टेशनों से गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा आगरा कैंट – असारवा – आगरा कैंट के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष रेलगाड़ी का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 01910 (आगरा कैंट – असारवा) 8 जून से 27 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को 8 फेरों में आगरा कैंट से सायं 18.10 बजे प्रस्थान कर उसी दिन गंगापुर सिटी जंक्शन 21:08 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 21:48 बजे, केशोराय पाटन 23:18 बजे अगले दिन मंगलवार को बूंदी 00:08 बजे और मांडलगढ़ 01:38 बजे होते हुए उसी दिन 11:10 बजे असारवा पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01909 (असारवा – आगरा कैंट) 9 जून से 28 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार को 8 फेरों में असारवा से शाम 15:00 बजे प्रस्थान कर उसी दिन मांडलगढ़ 23:28 बजे अगले दिन बुधवार को बूंदी 00:23 बजे, केशोराय पाटन 01:13 बजे, सवाईमाधोपुर जंक्शन 02:30 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 03:23 बजे होते हुए उसी दिन प्रातः 07:45 बजे आगरा कैंट पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में आगरा कैंट, फतेहपुर सीकरी, रूपबास, गंगापुर सिटी जंक्शन, सवाईमाधोपुर जंक्शन, केशोराय पाटन, बूंदी, मांडलगढ़, मावली जंक्शन, राणा प्रताप नगर, उदयपुर सिटी, जावर, डूंगरपुर, शामलाजी रोड, हिम्मत नगर, असारवा स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

इस विशेष गाड़ी में 9 सामान्य श्रेणी, 10 शयनयान श्रेणी, 2 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी तथा 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी सहित कुल 24 डिब्बे होंगे।

Gold Price Today: सोना 4090 और चांदी 9658 रुपये सस्ती, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: सोने-चांदी के रेट आज आसमान से जमीन पर आ गए हैं। 24 कैरेट गोल्ड के भाव एक झटके में 4090 रुपये गिरकर 148429 रुपये पर आ गए हैं। जबकि, चांदी के भाव 9658 रुपये लुढ़ककर 236280 रुपये पर आ गए हैं। इसके अलावा 23 कैरेट से लेकर 14 कैरेट गोल्ड तक के रेट में भी भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

सबसे कम रेट वाला गोल्ड यानी 14 कैरेट सोने की बात करें तो यह भी 2394 रुपये का गोता लगाकर 86831 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। बता दें IBJA द्वारा जारी आज के इस गोल्ड-सिल्वर के रेट में जीएसटी नहीं जुड़ा है।

आज 23 कैरेट गोल्ड के रेट में 4073 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। अब यह सस्ता होकर 147835 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। दूसरी ओर गहनो में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट गोल्ड का भाव आज 3746 रुपये सस्ता होकर 135961 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट गोल्ड के दाम में 3067 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। अब 18 कैरेट सोने का भाव 111322 रुपये पर प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।

पीएम मोदी ने 4399 दिनों के कार्यकाल के साथ जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मोदी के कार्यकाल की सराहना का प्रस्ताव पारित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर 4,399 दिनों के कार्यकाल के साथ पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस तुलना के लिए नेहरू के 1952 के बाद के कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि देश में पहले आम चुनाव होने से पहले, 1947 से 1952 के बीच वे अंतरिम सरकार के प्रमुख थे।

वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगातार कार्यकाल के लिए सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी का खड़े होकर अभिवादन भी किया।

उन्होंने 2014 में अपने पहले शपथ ग्रहण समारोह से लेकर 2019 में लगातार जनादेश हासिल करने और 2024 में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल पाने तक सेवा की है।

वहीं, इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारत मंडपम में एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर पार्टी द्वारा आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 साल से ज़्यादा समय तक पद संभाला था, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। इस वजह से मोदी देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं।

उन्होंने 2014 में अपने पहले शपथ ग्रहण समारोह से लेकर 2019 में लगातार दूसरी बार और 2024 में ऐतिहासिक रूप से लगातार तीसरी बार जनादेश हासिल करने तक सेवा की है।

पीएम मोदी को देश-दुनिया से मिल रही बधाई
प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि पर देश और दुनिया से उन्हें बधाई संदेश मिल रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को स्वतंत्रता के बाद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण दौर बताया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बधाइयां मिली हैं।

अनवर इब्राहिम ने भारत की वैश्विक प्रगति में मोदी के योगदान की सराहना की। वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी की दशकों लंबी जनसेवा और नेतृत्व का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल भविष्य की कामना की।

ऊंचे बाजार भाव से सोयाबीन समेत अधिकांश तिलहन का क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद

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नई दिल्ली। खरीफ सीजन के दो प्रमुख तिलहन- सोयाबीन एवं मूंगफली का थोक मंडी भाव पिछले कुछ महीनों से सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है जिससे उत्पादकों को आकर्षक आमदनी प्राप्त हो रही है और वे इसका बिजाई क्षेत्र बढ़ाने का जोरदार प्रयास कर सकते हैं।

शीघ्र ही खरीफ कालीन तिलहन फसलों की बिजाई जोर पकड़ने की संभावना है। खरीफ सीजन में मूंगफली एवं सोयाबीन के साथ-साथ सूरजमुखी, तिल, अरंडी एवं नाइजर सीड जैसे तिलहनों की भी खेती होती है।

उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों का कहना है कि बिजाई का अभियान, आरंभ होने से पूर्व किसानों को विभिन्न तिलहन फसलों का ऊंचा एवं लाभप्रद मूल्य प्राप्त हो रहा है जिससे इसकी खेती के प्रति उसका उत्साह एवं आकर्षण बढ़ सकता है।

2026-27 सीजन के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5708 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि थोक मंडी भाव इससे भी ऊपर चल रहा है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के अनुसार मांग एवं आपूर्ति का समीकरण जटिल होने से सोयाबीन की कीमतों में भारी तेजी आई है। 5 जून 2026 को इंदौर में इसका एक्स मंडी भाव 68,000 रुपए प्रति टन दर्ज किया गया जो 5 जून 2025 को प्रचलित मूल्य 43,396 रुपए प्रति टन से काफी ऊंचा था।

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों की तमाम महत्वपूर्ण मंडियों में सोयाबीन का दाम एमएसपी से काफी ऊपर चल रहा है।

इसी तरह सौराष्ट्र संभाग की मंडियों में 5 जून को मूंगफली का औसत भाव 72,000 रुपए प्रति टन दर्ज किया गया जबकि गत वर्ष की इसी अवधि में इसका मूल्य 53,720 रुपए प्रति टन रहा था। 2026-27 सीजन के लिए मूंगफली का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 7517 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। सूरजमुखी की कीमत भी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।

संसार नश्वर है, समय निकालकर प्रभु चरणों में ध्यान लगाएं: बनेठ वाले महाराज

धरणीधर गार्डन में भागवत कथा का तीसरा दिन

कोटा। श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान एवं समस्त धाकड़ समाज, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विनोबाभावे नगर स्थित खड़े गणेश जी रोड पर श्री धरणीधर गार्डन में आयोजित भव्य ‘श्रीमद भागवत कथा एवं रासलीला महोत्सव’ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

कथा के तृतीय दिवस पर सुप्रसिद्ध प्रवचन सेवक ‘बनेठ वाले’ महाराज ने व्यासपीठ से ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की ऐसी त्रिवेणी बहाई कि पूरा पंडाल ‘हरे कृष्णा’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उन्होंने जीवन के परम सत्य को उजागर करते हुए भक्तों को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर की शरण में आने की प्रेरणा दी।

व्यासपीठ से कथा का अमृतपान कराते हुए बनेठ वाले गुरुदेव ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन का जितना अधिक समय हो सके, उतना भगवान के सुमिरन और सेवा में लगाना चाहिए। उन्होंने जीवन का मूल सूत्र समझाते हुए कहा कि यह अमूल्य जीवन हमें भगवान ने दिया है और केवल भगवान के लिए ही दिया है।

ईश्वर का जीव को यही संदेश है कि मृत्युलोक में जाकर मेरी भक्ति कर और अंततः मेरे ही परमधाम में वापस आ जा। महाराज श्री ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमसे सबसे बड़ी भूल यही हो रही है कि भगवान हमें निरंतर अपनी ओर बुला रहे हैं, और हम अज्ञानतावश इस नश्वर संसार की ओर भागे जा रहे हैं।

गुरुदेव ने चेतावनी भरे लहजे में भक्तों को सचेत किया कि हम जिस संसार और भौतिक सुखों के पीछे भाग रहे हैं, वह सब नाशवान है। यह सब एक न एक दिन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने मार्मिक पंक्तियों के माध्यम से कहा कि जब-जब मनुष्य को ईश्वर भक्ति का अवसर मिला, उसने उसे व्यर्थ ही गंवा दिया। और जब यह अनमोल अवसर बीत जाता है, तब मनुष्य अंत समय में फूट-फूट कर रोता है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जो सुंदर श्याम का नहीं हुआ, वह संसार में किसी काम का नहीं है। इसलिए हर जगह से अपना ध्यान और समय बचाकर भगवान के चरणों में लगाओ, क्योंकि हमारी हर एक श्वासा कम हो रही है और मौत निरंतर करीब आ रही है।

कथा के तीसरे दिन धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ दिव्य रासलीला का भी भव्य मंचन किया गया। इस दौरान वृंदावन के ख्यातिप्राप्त कलाकार हरिवल्लभ शर्मा ‘छोटे ठाकुर’ महाराज के कुशल निर्देशन में कलाकारों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और महारास के सुंदर, जीवंत प्रसंगों को मंच पर उतारा गया। जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

रासलीला महोत्सव के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण वृंदावन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई अलौकिक रासलीला रही। तीसरे दिन के विशेष प्रसंग में ‘भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाएं, माखन चोरी लीला और कालिया मर्दन प्रसंग’ का अत्यंत जीवंत और भव्य मंचन किया गया।

कलाकारों ने जब यमुना तट पर कालिया नाग के मान-मर्दन और भगवान द्वारा गेंद लाने के बहाने नदी में कूदने का दृश्य जीवंत किया, तो पूरा पंडाल ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। नन्हे बाल-गोपालों द्वारा गोपियों की मटकी फोड़कर माखन चुराने के प्रसंग ने हर श्रद्धालु का मन मोह लिया।

संस्थान के कोषाध्यक्ष महावीर नागर अंथेड़ा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 13 जून तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक भव्य श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

इसके साथ ही, प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे से दिव्य रासलीला का मंचन किया जा रहा है। जिसमें श्री कृष्ण की अलौकिक लीलाओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। महाआरती और छप्पन भोग के प्रसाद वितरण के साथ तीसरे दिन के सत्र का समापन हुआ।

‘उड़ान’ प्रदर्शनी में 150 से अधिक महिला उद्यमी निभाएंगी भागीदारी

कोटा। महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीतो लेडीज विंग, कोटा द्वारा आयोजित की जा रही राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी ‘उड़ान’ हर सपने को मिले अपना आसमान’ के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन रेडक्रॉस के स्टेट चैयरमेन राजेश कृष्ण बिरला ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने जीतो लेडीज विंग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर रितु जैन अजमेरा व उषा बाफना, ने बताया कि दो दिवसीय यह प्रदर्शनी 3 एवं 4 जुलाई 2026 को माहेश्वरी भवन, झालावाड़ रोड, कोटा में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से आयोजित होगी। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों से 150 से अधिक महिला उद्यमी भाग लेंगी और अपने नवाचारपूर्ण उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी।

उन्होंने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराना, व्यापारिक नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करना तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

मंजु लुंकड़ ने कहा, “‘उड़ान’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि हर उस महिला के सपनों को साकार करने का माध्यम है जो अपने हुनर को नई पहचान दिलाना चाहती है। हमारा प्रयास है कि कोटा की महिलाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करें और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।”

जीतो लेडीज विंग की चीफ सेक्रेटरी रेखा जैन ने बताया कि प्रदर्शनी में छह राज्यों की महिला उद्यमी भाग लेंगी। यहां हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, ज्वेलरी, होम डेकोर, ऑर्गेनिक उत्पाद, फूड एवं फैशन से जुड़े आकर्षक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से प्राप्त आय का उपयोग जरूरतमंद एवं नवोदित महिला उद्यमियों को सहयोग प्रदान करने के लिए किया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

पोस्टर विमोचन के अवसर पर जेके जैन,विकास जैन अजमेरा,आर के जैन, चीफ सेक्रेटरी रेखा जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर रितु जैन अजमेरा व उषा बाफना, उषा बागरेचा, वीना जैन, मीना जैन, रेणु जैन, नैना जैन सहित जीतो लेडीज विंग की कार्यकारिणी सदस्याएं उपस्थित रहीं।