Wednesday, July 1, 2026
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Kota Mandi: लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन और लहसुन मिडियम मंदा रहा

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन 50 रुपये और लहसुन मिडियम 300 रुपये मंदा रहा। मिलर्स की लिवाली से गेहूं का भाव 20 रुपये तेज रहा।

एनसीडीईएक्स पर अगस्त का धनिया वायदा 92 रुपये गिरकर 15620 रुपये और अक्टूबर वायदा इतनी ही नरमी पर 16398 रूपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में सभी जिंसों की मिलाकर करीब 40 हजार कट्टे और लहसुन की 7000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2400 से 2500, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2500 से 2575, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2700, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 6000, बाजरा 1800 से 2250, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 4475, धान (1847) 3200 से 4201, धान (1718-1885) 3800 से 4700, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 3600 से 4330, धान दागी 1500 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6750, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6800 से 6871, सरसो 7200 से 7650, अलसी 8000 से 8750, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 8150, उड़द 4500 से 7000, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5450, चना पेप्सी 5100 से 5601, चना डंकी पुराना 4000 से 4600m चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5500 से 18500, ऊटी लहसुन 16000 से 20000, मैथी नयी 5800 से 6600 धनिया बादामी 12500 से 14000, धनिया ईगल 14000 से 15000, धनिया रंगदार 15000 से 16500 रुपये प्रति क्विंटल।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी टिन्नू समेत 8 पर गैंगस्टर एक्ट

नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अब तक हुई जांच और कार्रवाई के आधार पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज करने तैयारी कर रही है। छापेमारी और पूछताछ में अब तक मिले साक्ष्य गैंगस्टर के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है।

श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह से ही चल रहा है। जानकारी होने पर मंदिर ट्रस्ट ने पहले अपने स्तर पर जांच की। पुलिस के साथ छापेमारी की और नगद बरामदगी की। जब मामला खुल गया और दबाव बना तो राज्य सरकार से एसआईटी जांच की सिफारिश कर दी। एसआईटी भी करीब एक सप्ताह तक डेरा डाले रहे। सभी तथ्यों की जांच में चोरी के साक्ष्य मिलने के बाद मामला और गर्मा गया। शासन ने तत्काल संज्ञान में लिया।

इधर ट्रस्ट पर भी एफआईआर का दबाव बढ़ गया। एसआईटी रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने 8 नामजद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने नामजद आरोपियों चंपत राय के सबसे करीबी व वाहन चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, उसके रिश्तेदार मनीष यादव, कैश गणना में लगे अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा तथा करुणेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।

गैंगस्टर लगाने के लिए पर्याप्त आधार
जेल में बंद इन सभी से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। इनके घरों मे छापेमारी कर आभूषण, लाखों की नगदी बरामद की। अब दोबारा भी इनके घरों की तलाशी ली जा रही है। रामजन्मभूमि पुलिस के अलावा क्षेत्रीय पुलिस भी जांच में लगा दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि गैंगस्टर लगाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। अब तक हुई जांच में एक साजिश के तहत आरोपियों के समूह ने चढ़ावा चोरी की घटना को अंजाम दिया। ऐसे में गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई का पर्याप्त आधार है। अब तक के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस विधिक राय भी ले रही है। मजबूत आधर और साक्ष्य के साथ पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी ताकि आरोपियों को बचने का मौका न मिले।

एसआईटी जांच की समयसीमा बढ़ी
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समयसीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहनता से छानबीन करने के लिए मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय प्रदान किए जाने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री ने एसआईटी को 15 जुलाई तक रिपोर्ट जांच सौंपने का निर्देश दिया है।

NEET PG 2026: नीट पीजी 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली। NEET PG 2026 Registration Started : पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पीजी के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (NEET PG 2026) के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके साथ ही आयोग ने इंफॉर्मेशन बुलेटिन और महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी कर दी है। सभी योग्य उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in पर जाकर कंप्यूटर आधारित माध्यम से होने वाली इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तारीखें
शेड्यूल के अनुसार, नीट पीजी 2026 की रजिस्ट्रेशन विंडो 1 जुलाई 2026 को शाम 5:00 बजे से लाइव हो चुकी है। उम्मीदवार 21 जुलाई 2026 को रात 11:55 बजे तक ही अपना फॉर्म जमा कर सकेंगे। इसके बाद, 11 अगस्त 2026 को छात्रों को उनके अलॉट किए गए परीक्षा शहर की जानकारी दी जाएगी। देश भर के विभिन्न केंद्रों पर यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी, जबकि इसके नतीजे 30 सितंबर 2026 तक घोषित किए जाएंगे।

नीट पीजी आवेदन फीस

  • जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस कैटेगरी- 3,500 रुपये।
  • एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी कैटेगरी- 2,500 रुपये ।

कैसे करें आवेदन

  • एनबीई की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in या nbe.edu.in पर जाएं।
  • होम पेज पर उपलब्ध NEET PG 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना पंजीकरण करें और अकाउंट में लॉग इन करें।
  • आवेदन पत्र भरें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें और कंफर्मेशन पृष्ठ डाउनलोड करें।
  • आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।

NEET PG 2026 Registration Direct Link

टेस्ट सिटी और राज्यों के चयन के लिए कड़े नियम
एनबीईएमएस ने छात्रों को आगाह किया है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना फॉर्म भरें, लेकिन जल्दबाजी में कोई गलती न करें। इस बार परीक्षा शहर आवंटन में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ का नियम लागू नहीं होगा। उम्मीदवारों को फॉर्म भरते समय तीन पसंदीदा राज्यों का चयन करना होगा। नियम के मुताबिक, पहला पसंदीदा राज्य वही होना चाहिए जो उम्मीदवार का वर्तमान पता है। बाकी के दो विकल्प पड़ोसी राज्यों के होने चाहिए। ध्यान रहे कि फॉर्म सबमिट होने के बाद ‘एडिट विंडो’ में भी छात्र के घर का पता और राज्यों के विकल्प बदले नहीं जा सकेंगे।

फोटो अपलोड करने में बरतें पूरी सावधानी
अक्सर छात्र फोटो अपलोड करने में लापरवाही करते हैं, जिससे उनका एडमिट कार्ड रुक जाता है। बोर्ड ने साफ निर्देश दिया है कि छात्रों को पिछले तीन महीनों के भीतर खिंचवाई गई नई पासपोर्ट साइज फोटो ही अपलोड करनी होगी, जिसमें उनका चेहरा साफ दिखाई दे। इसके साथ ही सिग्नेचर और अन्य डॉक्यूमेंट की तस्वीरें भी तय फॉर्मेट में होनी चाहिए।

धुंधली, एडिट की गई या गलत तस्वीरों वाले आवेदनों को तुरंत खारिज कर दिया जाएगा। बोर्ड उम्मीदवारों की पसंद के अनुसार ही शहर देने की कोशिश करेगा, लेकिन प्रशासनिक या सुरक्षा कारणों से वह भारत में कहीं भी परीक्षा केंद्र आवंटित कर सकता है।

आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य
मेडिकल के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन (MD/MS/Diploma) करने की इच्छा रखने वाले डॉक्टरों और उम्मीदवारों के लिए एक बेहद जरूरी अपडेट सामने आई है। इस बार नीट पीजी परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करने के लिए आवेदन फॉर्म में एक नया और महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किया है, जिसके तहत अब सभी उम्मीदवारों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है।

गांधीधाम–भागलपुर स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई

लखनऊ क्षेत्र में ब्लॉक के कारण कानपुर से आगे मार्ग रहेगा परिवर्तित

कोटा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने गाड़ी संख्या 09451/09452 गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह विशेष गाड़ी कोटा मंडल के भवानी मंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, बयाना जंक्शन एवं भरतपुर जंक्शन स्टेशनों से होकर संचालित होती है, जिससे मंडल के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09451 गांधीधाम–भागलपुर स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को संचालित होती है। इसकी अवधि बढ़ाकर 3 से 31 जुलाई तक कर दी गई है। इस अवधि में यह गाड़ी 03, 10, 17, 24 एवं 31 जुलाई 2026 को कुल 5 अतिरिक्त फेरे लगाएगी।

कोटा मंडल में यह गाड़ी भवानी मंडी (08:18/08:20 बजे), कोटा जंक्शन (09:35/09:45 बजे), सवाई माधोपुर (10:55/11:00 बजे), गंगापुर सिटी (11:55/12:00 बजे), हिंडौन सिटी (12:28/12:30 बजे), बयाना जंक्शन (12:58/13:00 बजे) तथा भरतपुर जंक्शन (14:15/14:20 बजे) पर ठहरेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09452 भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल की अवधि बढ़ाकर दिनांक 06.07.2026 से 03.08.2026 तक कर दी गई है। इस दौरान यह गाड़ी 06, 13, 20 एवं 27 जुलाई तथा 3 अगस्त 2026 को कुल 5 अतिरिक्त फेरे लगाएगी।

कोटा मंडल में यह गाड़ी भरतपुर जंक्शन (10:50/10:52 बजे), बयाना जंक्शन (11:25/11:27 बजे), हिंडौन सिटी (11:50/11:52 बजे), गंगापुर सिटी (12:30/12:35 बजे), सवाई माधोपुर (13:20/13:25 बजे), कोटा जंक्शन (14:50/15:00 बजे) तथा भवानी मंडी (16:13/16:15 बजे) पर ठहरेगी।

श्री जैन ने बताया कि उत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा किए जा रहे ब्लॉक कार्य के कारण यह गाड़ी कानपुर सेंट्रल से आगे अपने निर्धारित मार्ग की बजाय परिवर्तित मार्ग वाया कानपुर–फतेहपुर–प्रयागराज–ज्ञानपुर रोड–वाराणसी–औंरिहार–गाजीपुर सिटी–छपरा–हाजीपुर होकर संचालित की जाएगी।

जयपुर–पुणे एक्सप्रेस के संचालन में आंशिक बदलाव
सेंट्रल रेलवे के पुणे मंडल के पुणे–लोनावला रेलखंड में तकनीकी कार्य एवं पावर ब्लॉक के कारण रेल प्रशासन द्वारा कोटा मंडल से होकर संचालित होने वाली जयपुर–पुणे–जयपुर एक्सप्रेस के परिचालन में आंशिक परिवर्तन किया गया है। 4 जुलाई को जयपुर से प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 12940 जयपुर–पुणे एक्सप्रेस अपने निर्धारित गंतव्य पुणे स्टेशन के स्थान पर खड़की स्टेशन तक ही संचालित होगी तथा वहीं यात्रा समाप्त करेगी। इसी प्रकार 5 जुलाई को गाड़ी संख्या 12939 पुणे–जयपुर एक्सप्रेस पुणे स्टेशन के स्थान पर खड़की स्टेशन से सायं 17:35 बजे जयपुर के लिए प्रस्थान करेगी।

36 ग्राम पंचायतों में खेतों के रास्ते बनाने पर जनप्रतिनिधियों ने किया ऊर्जा मंत्री का सम्मान

कोटा। सांगोद ब्लॉक की 36 ग्राम पंचायतों में खेतों के रास्ते बनाने की बड़ी सौगात मिलने पर, सांगोद क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने जयपुर पहुंचकर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का अभिनंदन किया। जनप्रतिनिधियों ने खेतों के रास्तों के लिए मंत्री नागर का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों के लिए सबसे बड़ी सौगात बताया।

कार्यक्रम के दौरान सांगोद के प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं ने ऊर्जा मंत्री के प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मंत्री नागर के विजन और इच्छाशक्ति के कारण ही आज सांगोद क्षेत्र की लगभग 80 फीसदी सड़कों का काम या तो पूरी तरह से पूर्ण हो चुका है या फिर तीव्र गति से प्रगति पर है।

डामर और ग्रेवल सड़कों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ विधायक कोष से भी कई महत्वपूर्ण रास्ते स्वीकृत किए गए हैं। प्रधान जयवीर सिंह ने कहा कि खेतों के जो रास्ते बन रहे हैं, स्वीकृत हैं या प्रगतिरत हैं, वे आने वाले समय में क्षेत्र की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती प्रदान करेंगे।

​जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए इस आत्मीय स्वागत से अभिभूत होकर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंत्री नागर ने कहा कि सांगोद की जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस पर हमेशा खरे उतरेंगे।

खेतों के रास्ते दुरुस्त होने, कुछ के पूर्ण होने और कई के प्रगतिरत होने से किसानों को अपनी उपज मंडियों तक ले जाने में आ रही दिक्कतों का स्थायी समाधान होगा।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे स्वयं इन विकास कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करें ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंच सके।

​ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के जयपुर निवास पर आयोजित इस अभिनंदन कार्यक्रम में सांगोद और कनवास क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

इस अवसर पर प्रधान जयवीर सिंह अमृत कुआं, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, चंद्रप्रकाश सोनी सांगोद मंडल अध्यक्ष, सत्यवान नागर कनवास मंडल अध्यक्ष, योगेंद्र नागर, प्रेम गोचर, शिवराज नागर, रामस्वरूप करीरिया और महावीर नागर सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता व प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

लायंस क्लब कोटा साउथ ने सेवा कार्यों व सम्मान के साथ किया नए सत्र का शुभारंभ

डॉक्टर्स और सीए का हुआ सम्मान; गौ-सेवा, पौधारोपण तथा कच्ची बस्ती में बांटे फूड पैकेट

​कोटा। लायंस क्लब कोटा साउथ ने नए लायन वर्ष 2026-27 का शुभारंभ गणेश पूजन, समाज सेवा, सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण के विविध रचनात्मक कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक किया। कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब अध्यक्ष सुधा शर्मा ने सभी आगंतुक अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पीएमजेएफ पीडीजी लायन राजेंद्र अग्रवाल ने नई पीएसटी (अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष) टीम को बधाई देते हुए सेवा कार्यों के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन डॉक्टर ओपी बवेजा द्वारा किया गया।

​इनका हुआ सम्मान
‘राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे’ एवं ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) डे’ के विशेष अवसर पर क्लब द्वारा समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों और सीए का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। सम्मानित होने वालों में शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. केके पारीक, डॉ. मोती लाल बुनकर, डॉ. आरके सोनी, डॉ. नेहा वशिष्ठ, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. जीएस ढिल्लन तथा सीए दीपक सिंघल, सिद्धार्थ जैन, पल्लवी व्यास, अंकित गुप्ता और सीएमए सत्यनारायण मित्तल शामिल रहे।

इसके साथ ही क्लब के वरिष्ठ सदस्य डॉ. ओपी बावेजा, डॉ. पीएल अग्रवाल, डॉ. उमेश ठाकर, डॉ. अमित नंदवाना, डॉ. संजय मलिक और जगदीश शर्मा का भी बहुमान किया गया। इस गरिमामयी समारोह में लगभग 40 क्लब सदस्य उपस्थित रहे।

गौ-सेवा, पौधारोपण और अन्नदान का संकल्प
​समारोह के उपरांत क्लब सदस्यों ने गौशाला पहुंचकर गौमाताओं को चारा खिलाया और समाज में करुणा का संदेश दिया। पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संवर्धन के उद्देश्य से औषधीय प्रजातियों के 10 पौधों का रोपण किया गया और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। दिन के अंतिम चरण में सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए अहिंसा सर्किल के पास स्थित कच्ची बस्ती में 50 जरूरतमंद परिवारों को फूड पैकेट्स वितरित किए गए। ​

कार्यक्रम के समापन पर क्लब सचिव डॉ. अनामिका ने सभी का आभार व धन्यवाद प्रकट किया। क्लब अध्यक्ष सुधा शर्मा, सचिव डॉ. अनामिका और कोषाध्यक्ष लायन प्रतिभा गुप्ता सहित सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि “जहाँ सेवा, वहाँ लायंस” की भावना के साथ पूरे वर्ष मानव सेवा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों के कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

इस बार देश में सोयाबीन का रकबा पिछले वर्ष से अधिक रहने का सोपा का अनुमान

इंदौर। सोपा (SOPA) का अनुमान है कि इस वर्ष देश में सोयाबीन का कुल बुवाई क्षेत्र पिछले वर्ष से अधिक रहेगा। पिछले वर्ष मक्का की ओर रुख करने वाले कई किसानों ने इस बार बेहतर सोयाबीन कीमतों के कारण फिर से सोयाबीन की खेती अपनाई है। हालांकि, अंतिम उत्पादन अगले तीन महीनों में मानसून के वितरण और वर्षा की स्थिति पर निर्भर करेगा।

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन द्वारा 30 जून 2026 तक किए गए त्वरित सर्वेक्षण के अनुसार, खरीफ 2026 में बुवाई सरकारी आंकड़ों की तुलना में काफी आगे बढ़ चुकी है।

अनुमान है कि 30 जून तक देश में 28.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है, जबकि सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में यह रकबा 6.92 लाख हेक्टेयर बताया गया है। SOPA के अनुसार सरकारी आंकड़ों में सामान्यतः 7-10 दिनों की रिपोर्टिंग देरी रहती है, जिससे दोनों अनुमानों में अंतर दिखाई देता है। राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में सरकार ने 4.30 लाख हेक्टेयर बुवाई दर्ज की है, जबकि SOPA का अनुमान 15.56 लाख हेक्टेयर है।

महाराष्ट्र में सरकारी अनुमान 1.19 लाख हेक्टेयर के मुकाबले SOPA ने 8.45 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 0.63 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 3.50 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 0.15 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 0.247 लाख हेक्टेयर तथा गुजरात में 0.154 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 0.856 लाख हेक्टेयर बुवाई का अनुमान लगाया है। कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में दोनों अनुमानों के बीच अंतर अपेक्षाकृत कम है।

SOPA के अनुसार मानसून में देरी के कारण इस वर्ष सोयाबीन की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में देर से शुरू हुई। हालांकि, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होने से बुवाई ने तेजी पकड़ ली है और उम्मीद है कि 15 जुलाई तक पूरे राज्य में बुवाई पूरी हो जाएगी।

महाराष्ट्र में पर्याप्त मिट्टी की नमी नहीं होने के कारण बुवाई की रफ्तार अभी धीमी है। कई जिलों में 40-50% क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ जिलों में केवल 5-10% क्षेत्र में ही बुवाई हुई है। आगे की प्रगति पूरी तरह आगामी वर्षा पर निर्भर करेगी।

राजस्थान में अब तक लक्ष्य क्षेत्र का लगभग 35-40% हिस्सा सोयाबीन की बुवाई के दायरे में आ चुका है। वहीं अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में भी बुवाई संतोषजनक गति से आगे बढ़ रही है।

निशुल्क डायलिसिस और दिव्यांगों के लिए रोटरी क्लब लगाएगा महाशिविर

रोटरी क्लब कोटा ने की नए सत्र शुरुआत, वर्ष भर चलेंगे रक्त जागृति और जनसेवा अभियान

कोटा। समाज सेवा की 67 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रोटरी क्लब कोटा ने वर्ष 2026-27 के नए सत्र का विधिवत् पूजन के साथ भव्य शुभारंभ किया।

नवनियुक्त अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची एवं सचिव मुकेश चौधरी ने अपनी नई टीम के साथ गुरुवार को पौधारोपण कर आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। रोटरी टीम ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए इस गौरवमयी वर्ष को समाजहित में समर्पित करने की बात कही। साथ ही, आगामी वर्षभर की कई महत्वाकांक्षी सेवा योजनाओं की घोषणा भी की।

​अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची ने बताया कि क्लब हमेशा से ही कोटा की जनता के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए अग्रणी रहा है। इसी क्रम में जेके लोन अस्पताल के निकू-पीकू वार्ड, न्यू मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी सेंटर और देवनारायण रोटरी पब्लिक स्कूल जैसी स्थायी परियोजनाएं निरंतर संचालित रहेंगी। इसके साथ ही, गोबरिया बावड़ी स्थित मानव सेवा हॉस्पिटल में क्लब द्वारा स्थापित छह डायलिसिस मशीनों के जरिए जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क डायलिसिस सेवा दी जाती रहेगी।

निवर्तमान अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि ​शिक्षा के क्षेत्र में क्लब द्वारा संचालित प्रकल्प देवनारायण रोटरी पब्लिक स्कूल में न्यूनतम शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी जा रही है। स्कूल को कक्षा 10वीं तक क्रमोन्नत करने के लिए केडीए के सहयोग से एक और मंजिल बनवाने तथा बच्चों के लिए खेल मैदान तैयार करवाने का आग्रह किया गया है।

​’रक्त जागृति अभियान’ और स्कूलों में स्वास्थ्य चेतना: ​सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि इस वर्ष क्लब का सबसे प्रमुख संकल्प “रक्त जागृति अभियान” रहेगा। इसके तहत नियमित रक्तदान शिविरों के साथ-साथ युवाओं और आमजन को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

फास्ट फूड और जंक फूड से होने वाले नुकसान: क्लब के प्रवक्ता संजय गोयल ने जानकारी दी कि सरकारी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को फास्ट फूड और जंक फूड से होने वाले गंभीर नुकसानों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के लिए शुगर व नेत्र जांच शिविर, और नेत्रदान व अंगदान विषय पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, बालिकाओं की सुविधा के लिए विद्यालयों में सेनेटरी पैड, शौचालय निर्माण और वाटर कूलर की व्यवस्था की जाएगी।

महिला सशक्तिकरण और सस्टेनेबल पर्यावरण संरक्षण: ​कोषाध्यक्ष घनश्याम मूंदड़ा ने बताया कि इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण के तहत केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर, उनके पूर्ण रूप से विकसित होने तक नियमित देखभाल और ट्री-गार्ड द्वारा संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, क्लब द्वारा वर्तमान में संचालित सिलाई और कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता 100 महिलाओं से बढ़ाकर 150 महिलाओं तक की जाएगी। साथ ही प्रति माह विशेष कार्यक्रम जैसे कैंसर जागरूकता, स्त्री रोग परामर्श, गर्भ संस्कार शिविर और स्वास्थ्य सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।

​10 हजार दिव्यांगों को राहत : सार्जेंट अनुपम शर्मा ने ‘संबल 3’ अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि हाडौती क्षेत्र के गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर मेडिकल स्टोर्स और पंचायतों के माध्यम से एक विशाल शिविर का प्रचार किया जाएगा। इस महाशिविर का लक्ष्य 10,000 दिव्यांगों को उनकी आवश्यकतानुसार कृत्रिम हाथ-पैर (जयपुर फुट), कैलिपर्स, बैसाखी, व्हीलचेयर, ट्राई-साइकिल और सुनने की मशीनें पूरी तरह निशुल्क प्रदान करना है।

रोटरी इंटरनेशनल की 50 लाख की ग्रांट: इसके अलावा बड़े स्तर पर मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे। ​क्लब ट्रेनर मुकेश व्यास ने बताया कि सुरक्षित और विश्वस्तरीय रक्त उपलब्धता के लिए रोटरी क्लब कोटा इंटरनेशनल से 40 से 50 लाख रुपये की ग्रांट लाने का प्रयास कर रहा है।

इसके माध्यम से कोटा ब्लड बैंक सोसाइटी के सहयोग से अत्याधुनिक इलेक्ट्रोफेरिस उपकरण और स्वचालित एलिसा रीडर मशीन लगाई जाएगी, जिससे रक्त की आनुवंशिक बीमारियों की शुरुआती जांच त्वरित गति से हो सकेगी। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को सुरक्षित रक्त मुहैया कराने के लिए एक उच्च क्षमता का रक्त संग्रहण शीतयंत्र (कोल्ड स्टोरेज) भी दिया जाएगा।

कोटा मंडल से गुजरने वाली अवध एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तित

कोटा। रेल प्रशासन द्वारा पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत बेतिया–मझौलिया स्टेशनों के मध्य प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली गाड़ी संख्या 19038 बरौनी–मुंबई बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तित किया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह गाड़ी 3 जुलाई को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर निर्धारित मार्ग मुजफ्फरपुर–बापूधाम मोतिहारी–नरकटियागंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–रक्सौल–सिकटा–नरकटियागंज होकर संचालित की जाएगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पूर्व गाड़ी की अद्यतन स्थिति की जानकारी एनटीईएस ऐप अथवा www.enquiry.indianrail.gov.in से प्राप्त कर लें।

राजस्थान में हुई एक और जलसंधि, 20 साल पुराने पांचना बांध पर फैसला

करौली। राजस्थान हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। 32 साल बाद हुए समझौते को लेकर माना जा रहा है कि राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में किसानों और आम जनता को बड़ा फायदा होगा। इसी क्रम में भजनलाल सरकार और किसानों के बीच एक और मामले को लेकर 30 जून की देर रात फैसला हो गया।

मामला करौली जिले का करीब 20 साल पुराना ‘पांचना बांध विवाद’ से जुड़ा है। इस पर आखिरकार मंगलवार रात 12:00 बजे मैराथन बैठकों के दौर के बाद पूरी तरह सुलह हो गई। सरकार, स्थानीय प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बनी इस आम सहमति के बाद अब आगामी 7 दिनों के भीतर बांध से पानी छोड़ने की अंतिम तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

पांचना बांध से कमांड एरिया (बयाना, रूपवास और भरतपुर क्षेत्र) के गांवों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से सवाई माधोपुर के खंडीप गांव में किसान आंदोलन चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर और करौली में प्रशासनिक अधिकारियों और दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं।

लिखित समझौते पर हस्ताक्षर हुए
इसी क्रम में मंगलवार शाम से शुरू हुई अंतिम दौर की बैठक आधी रात तक चली। बताया जा रहा है कि कई दौर में चली इस बैठक में एक बार ऐसी स्थिति बनी कि मंत्री उठकर चले गए। लेकिन फिर दोबारा वार्ता शुरू हुई। रात ठीक 12:00 बजे दोनों पक्षों (कमांड और भराव क्षेत्र के किसानों) के बीच बीच का रास्ता निकालते हुए एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके बाद सालों पुराना यह गतिरोध हमेशा के लिए समाप्त हो गया।

20 साल से उलझा था यह विवाद
पांचना बांध से पानी छोड़ने को लेकर भराव क्षेत्र (अपस्ट्रीम) और कमांड एरिया (डाउनस्ट्रीम) के किसानों के बीच दो दशकों से विवाद चल रहा था। कमांड एरिया के किसान सिंचाई के लिए पानी की मांग कर रहे थे, जबकि भराव क्षेत्र के ग्रामीणों का तर्क था कि पानी छोड़ने से उनके कुओं का जलस्तर गिर जाएगा। साथ ही पेयजल का संकट खड़ा हो जाएगा। लेकिन इस मामले में हुए लिखित समझौते के अनुसार 50 करोड़ की पांचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना के तहत सिंचाई और पीने का पानी दिया जाएगा।

जानकारों की मानें तो पांचना बांध विवाद की मुख्य वजह राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी भी मानी जा रही थी। कहा जा रहा है कि सामाजिक सामंजस्य न बैठ पाने के कारण यह मामला 2006 से ही ठंडे बस्ते में था, लेकिन अब जिसे तकनीकी और व्यावहारिक स्तर पर सुलझा लिया गया है।

अब आगे क्या? जानें समझौते की शर्तें
बताया जा रहा है कि इस ऐतिहासिक जलसंधि के तहत दोनों पक्षों की चिंताओं का ध्यान रखा गया है। सरकार बांध से इस तरह पानी रेगुलेट करेगी जिससे कमांड एरिया के खेतों को सिंचाई का पानी भी मिल सके। साथ ही भराव क्षेत्र के गांवों में वॉटर टेबल (भूजल स्तर) भी प्रभावित न हो।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगले 7 दिनों के भीतर बांध के कैनाल सिस्टम (नहरों) की मरम्मत और पानी के बंटवारे का तकनीकी शेड्यूल तैयार कर लिया जाएगा। इसके तुरंत बाद पानी छोड़ने की वास्तविक तारीख की घोषणा कर दी जाएगी।