Tuesday, June 23, 2026
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सप्ताह में 4 दिन काम और 3 दिन आराम का रास्ता साफ, जानिए किन पर होगा लागू

नई दिल्ली। New Labour Code: सरकार ने चारों लेबर कोड के तहत नियमों को नोटिफाई कर दिया है। इन नए नियमों से कुछ चुनिंदा सेक्टरों में सप्ताह में चार दिन काम और 3 दिन की छुट्टी लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

नए केंद्रीय कोड ऑन वेज के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के लिए साप्ताहिक काम के घंटे 48 घंटे से अधिक नहीं होंगे। यानी अब कंपनी और कर्मचारी चाहें तो इन 48 घंटों को केवल 4 दिनों में बांट सकते हैं यानी प्रतिदिन 12 घंटे काम करके। बदले में उन्हें 3 दिन की छुट्टी यानी सप्ताह में तीन रेस्ट डे मिल सकती है।

हालांकि, यह सुविधा सभी के लिए समान नहीं है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए एक सामान्य कार्य दिवस 8 घंटे का ही रहेगा, इससे अधिक काम पर ओवरटाइम मिलेगा। साथ ही, ओवरटाइम की दर अब सामान्य दर की दोगुनी कर दी गई है।

नए श्रम कानून कर्मचारियों को अधिक लचीलापन और बेहतर सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। हालांकि यह चार-दिवसीय कार्य सप्ताह अभी शुरुआती चरण में है और केवल चुनिंदा सेक्टरों में ही संभव है, फिर भी यह भारत में कामकाज के भविष्य का एक नया मॉडल पेश करता है।

किन क्षेत्रों में 4 डे वर्क वीक की संभावना
जिन क्षेत्रों में शिफ्ट-बेस्ड या प्रोजेक्ट-ड्रिवन काम होता है, वहां इसे आसानी से लागू किया जा सकता है। जैसे, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, IT और शेयर्ड सर्विसेज। हालांकि, जिन सेक्टरों में ग्राहकों की तत्काल जरूरतें और रियल-टाइम डिलीवरी की उम्मीद होती है, जैसे कुछ बैंकिंग, रिटेल या कस्टमर सपोर्ट, उनके लिए यह व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अंतिम नियमों में बड़े बदलाव
गौरतलब है कि सरकार ने शुक्रवार (10 मई, 2026) को सभी चार लेबर कोड के अंतिम नियम जारी किए। इनमें शामिल हैं। इनमें इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020, कोड ऑन वेज 2019, सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 और ऑक्यूपेशन सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 शामिल हैं। संसद द्वारा ये कानून पारित किए लगभग 6 साल बाद, 30 से अधिक गजेट नोटिफिकेशन के जरिए इन नियमों को अंतिम रूप दिया गया। दिसंबर 2025 में जो ड्राफ्ट जारी किया गया था, उसमें न्यूनतम वेतन तय करने के लिए कैलोरी इनटेक, कपड़े, किराया, ईंधन खर्च आदि के मानदंड थे। लेकिन अंतिम नियमों में इन्हें हटा दिया गया है। अब सरकार बाद में अलग से आदेश जारी करेगी।

कर्मचारियों पर क्या क्या होगा असर?
कंपनी या संस्थान को अनिवार्य नियुक्ति पत्र हर कर्मचारी को देना होगा। ओवरटाइम भुगतान के स्पष्ट प्रावधान होगा। वर्कर रिस्किलिंग फंड में योगदान करना होगा। एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी देनी होगी। इस नए कोड में आश्रित माता-पिता के लिए मासिक आय सीमा ₹9,000 से बढ़ाकर ₹14,000 कर दी गई है।

कंपनियों के लिए क्या हैं चुनौतियां
कंपनियों को अब ओवरटाइम भुगतान और रिस्किलिंग योगदान के कारण लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन्हें एचआर प्रथाओं को औपचारिक रूप देना होगा, काम के घंटे ट्रैक करने होंगे और अनिवार्य स्वास्थ्य लाभ देने होंगे।

पीएम मोदी की अपील से लड़खड़ाया बाजार, निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली। Stock Market, May 11, 2026: कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे।

30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 1100 अंक या फिर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 76,165.57 अंक तक लुढ़क गया है। वहीं, निफ्टी में भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

बीएसई 150 मिडकैप और 250 स्मॉल कैप इंडेक्स में भी एक-एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इससे सेंसेक्स की कंपनियों का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये घट गया। जिसके बाद यह घटकर 468 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इससे पहले बीएसई सेंसेक्स 1065.60 अंक यानी 1.38% फीसदी गिरकर 76,254.41 पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 307.60 अंक यानी 1.27% फीसदी टूटकर 23,868.55 के स्तर पर पहुंच गया था।

निफ्टी50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर बाजार धारणा का असर इन शेयरों पर साफ दिखाई दिया।

बाजार की कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.84 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी तक फिसल गया।

वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना पसंद करते हैं, जिसका असर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर ज्यादा देखने को मिलता है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो शेयरों में बिकवाली
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मीडिया, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी रही। हालांकि आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और गिरते बाजार में कुछ सहारा देने की कोशिश की।

गिरावट की वजह

ईरान-अमेरिका बातचीत बेनतीजा रहने की संभावना
युद्ध की वजह से इस समय दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल है। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने के बाद दुनिया को लगा की स्थितियों में जल्द ही सुधार हो जाएगा। लेकिन लग रहा है कि इसमें अभी समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पीस ऑफर को रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है।

पीएम मोदी की अपील
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पीएम मोदी की अपील ने भी बाजार में संशय का माहौल बना दिया है। रविवार को पीएम ने लोगों से पेट्रोल, डीजल, गैस और सोना को कम के कम खरीदने की सलाह दी है। उन्होंने अगले एक साल तक के लिए यह बात कही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की बातें अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के लिए अच्छा नहीं होता है। इससे कॉरपोरेट की कमाई भी प्रभावित होती है।

कच्चे तेल का झटका
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आज 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली है। जिसके बाद एक बार फिर से रेट 105 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका-ईरान बातचीत के असफल होने की स्थिति में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बुरा असर पर पड़ेगा। जिसका नकारात्मक असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने जा रहा है।

रुपये की कीमत में गिरावट
सप्ताह के पहले दिन ही रुपये की कीमत में 40 पैसे की गिरावट देखने को मिली है। यूएस डॉलर की तुलना में रुपये का रेट घटकर 94.88 के स्तर पर आ गया है। रुपये में गिरावट का भी बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ा है।

श्रद्धा और विश्वास का संगम है शिव-पार्वती का स्वरूप: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज

श्री मंगलमय चमत्कारी धाम पर श्री नर्मदेश्वर स्थापना समारोह एवं पंच कुंडीय महायज्ञ

​कोटा। श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति, विज्ञान नगर के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय विराट धार्मिक महोत्सव के अंतर्गत भगवान नर्मदेश्वर की स्थापना, शिव-पार्वती विवाह महोत्सव, भव्य पंच कुण्डीय महायज्ञ तथा श्रीमद् भागवत के मूल पाठ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान कॉमर्स कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य कथा के तीसरे दिन कथाव्यास ‘भगवत भास्कर’ श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने व्यासपीठ से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि जो भगवान का हो जाए, वही भागवत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमात्मा के नाभि कमल से ब्रह्मा जी का प्राकट्य हुआ है।

हम सभी मनु की संतानें होने के कारण ही ‘मानव’ कहलाते हैं। ऋषियों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जो निरंतर शोध (रिसर्च) करे, वही ऋषि है; वास्तव में ऋषि ही प्राचीन काल के वैज्ञानिक थे।

समिति के महंत पं. अशोक तिवारी ने बताया कि 10 दिवसीय अनुष्ठान 15 मई तक निरंतर जारी रहेगा। कथा का समय 11 से 14 मई तक दोपहर 2 से सायं 6:30 बजे तक रहेगा। कार्यक्रम के दौरान पंडित पुरुषोत्तम लाल शर्मा, पंडित अशोक शर्मा, मनीष अग्रवाल, गणेश बना, दीनदयाल, उत्तम शर्मा, राजानंद शास्त्री, देवकीनंदन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

शिव परिवार: समता और संतुलन का संदेश
महाराज ने शिव-पार्वती के स्वरूप की दार्शनिक व्याख्या करते हुए कहा कि माँ पार्वती ‘श्रद्धा’ का प्रतीक हैं और भगवान शिव ‘विश्वास’ का स्वरूप हैं। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि बिना श्रद्धा के विश्वास को जलना पड़ता है और बिना विश्वास के श्रद्धा को भटकना पड़ता है। जब ये दोनों मिलते हैं, तभी जीवन पूर्ण होता है। ​

शिव दरबार की विलक्षणता का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जहाँ कार्तिकेय ‘पुरुषार्थ’ के प्रतीक हैं, वहीं भगवान गणपति ‘विवेक’ का स्वरूप हैं। जिस घर में श्रद्धा, विश्वास, पुरुषार्थ और विवेक का वास होता है, वहाँ कभी विषमता नहीं आती, अपितु समता बनी रहती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि शिव परिवार के सभी वाहनों (सांप, मोर, चूहा, नंदी और शेर) में परस्पर नैसर्गिक बैर है, फिर भी वे एक साथ सामंजस्य से रहते हैं। यह हमें सिखाता है कि वैचारिक भिन्नता के बावजूद परिवार में प्रेम और एकता कैसे बनी रह सकती है।

​साध्य हमेशा साधन से ऊँचा होता है
भक्तों को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि भगवान की पूजा, संध्या आरती और गंगा स्नान जैसे कर्म ‘साधन’ हैं, जबकि परमात्मा की प्राप्ति ‘साध्य’ है। साध्य हमेशा साधन से ऊँचा होता है और सही साधन के मार्ग पर चलकर ही साध्य (ईश्वर) को प्राप्त किया जा सकता है।

मातृ दिवस पर 79 किटी समूह आत्मनिर्भर मातृशक्ति गौरव से सम्मानित

कोटा। अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर सर्व हिंदू समाज महिला मंडल महासंघ द्वारा स्थानीय गीता भवन में ‘आत्मनिर्भर मातृशक्ति गौरव सम्मान’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जहाँ एक ओर नारी शक्ति का सम्मान हुआ, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ‘कोटा किटी क्लब’ की स्थापना की गई।

​कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य महिलाओं द्वारा संचालित छोटे-छोटे किटी समूहों को एक संगठित और सशक्त सामाजिक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में किटी पार्टी केवल मनोरंजन या जलपान का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं की अभिव्यक्ति, सामूहिकता और आर्थिक स्वावलंबन का केंद्र बन चुकी है।

​संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ (रावण सरकार) ने कहा कि देश की आजादी के 79वें वर्ष के प्रतीक स्वरूप, प्रथम चरण में कोटा के विभिन्न क्षेत्रों से 79 किटी समूहों को आमंत्रित किया गया था। सम्मान समारोह के दौरान प्रत्येक ग्रुप की पाँच प्रमुख महिलाओं को मोतियों की माला और दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, उन्हें ‘आत्मनिर्भर मातृशक्ति गौरव सम्मान’ प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी सामाजिक सक्रियता को सराहा गया।

कार्यक्रम में आशीर्वाद देने पहुंचे महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती महाराज महामंडलेश्वर कुलम शक्तिपीठ नीति अंबा माताजी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी संजय गोयल, अध्यक्षता चार्टर्ड अकाउंटेंट भूतपूर्व अध्यक्ष रामलाल विजय विशिष्ट अतिथि थर्मल के पूर्व अधिकारी दिनेश कुमार बंसल, महेश पंचोली महावीर जैन परमानंद गर्ग, अनिल कुमार शर्मा और योगेश शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन नरेश कारा द्वारा किया गया

किन्नर समाज को नेग की राशि होगी सर्वसम्मति से तय
​समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने घोषणा की कि ‘कोटा किटी क्लब’ के माध्यम से अब मंगलमुखी समाज द्वारा परंपरागत रुप से लिए जाने वाली ‘बधाई’ की राशि को सर्वसम्मत तरीके से तय किया जाएगा। आगामी 17 मई, (गंगा दशहरा) के अवसर पर कोटा के विभिन्न समाजों के वरिष्ठ नागरिकों की एक निर्णायक समिति गठित की जाएगी।

यह समिति मांगलिक अवसरों पर किन्नर समाज को दी जाने वाली ‘बधाई’ की एक सम्मानजनक और न्यायसंगत राशि निर्धारित करेगी। ​इस समिति में महिला मंडल की वरिष्ठ सदस्य संतोष शर्मा, रमा शर्मा, सरोज मिश्रा, ज्योति यादव, प्रमिला गुप्ता, किरण वेद एवं नवयुवक मंडल के अश्वत्थामा दाधीच, परमानंद गर्ग, बृजनंदन गौतम, हेमंत सिंह, लक्ष्मी नारायण गर्ग, अनिल कुमार शर्मा और महावीर जैन शामिल रहेंगे।

महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने स्पष्ट किया कि समाज की मांग पर किन्नरों के घरों पर आने का समय भी निश्चित किया जाएगा। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि किन्नर भी हमारे ही समाज का हिस्सा हैं, इसलिए उनके सम्मानजनक जीवन-यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी समाज का ही दायित्व है। समाज एकमत होकर ऐसी व्यवस्था बनाएगा जिससे किन्नरों का सम्मान भी बना रहे और आम नागरिक को प्रताड़ना का सामना भी न करना पड़े।

निशुल्क सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

भारत विकास परिषद माधव शाखा का आयोजन

कोटा। भारत विकास परिषद, माधव शाखा द्वारा सेवा और संस्कार के संकल्प को दोहराते हुए रविवार को ‘पंचम निशुल्क सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। धर्मपुरा रोड स्थित परिहार मैरिज गार्डन में आयोजित इस सम्मेलन में सर्वसमाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के 11 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दौरान पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और मांगलिक गीतों से गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। मंत्री दिलावर ने कहा कि “सामूहिक विवाह सम्मेलन से फिजूलखर्ची पर रोक लगती हैं। वहीं समाज में समरसता और एकजुटता का भाव भी पैदा होता है। भारत विकास परिषद सेवा, सहयोग और समर्पण के भाव से समाज सेवा में संलग्न होकर निर्धन परिवारों की सहायता कर रहा है, वह अनुकरणीय है।

​विशिष्ट अतिथि के रूप में गोयल प्रोटीन्स लिमिटेड के सीएमडी ताराचंद गोयल, किशन पाठक, संदीप चांदीवाला, हिमांशु चतुर्वेदी, क्षेत्रीय सचिव संस्कार रवि प्रकाश विजय, कार्यकारिणी सदस्य, रवि शंकर मूंदड़ा प्रांतीय संरक्षण विभाग विकास परिषद मंदसौर उपस्थित रहे।

​धूमधाम से निकली बारात
शाखा अध्यक्ष चंद्रप्रकाश नागर ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत विनायक स्थापना के साथ हुई। शाम को बैंड-बाजे के साथ भव्य बारात निकाली गई। जिसके बाद वरमाला की परंपरा निभाई गई। आचार्य पं. मुकेश शास्त्री (शिवपुरा) के सान्निध्य में पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराया गया। शाखा सचिव सतीश गुप्ता ने बताया कि परिषद के सदस्यों के उदार आर्थिक सहयोग से प्रत्येक जोड़े को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक सामग्री चांदी की पायल, चांदी की बिछिया, अलमारी, बर्तन, पलंग, फर्नीचर, मिक्सी, बिस्तर और ट्रॉली बैग उपहार स्वरूप दिए गए।

उधना–मधुबनी–उधना ग्रीष्मकालीन विशेष अनारक्षित एक्सप्रेस का संचालन

यह गाड़ी कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी एवं बयाना स्टेशनों से होकर गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा उधना–मधुबनी–उधना के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष अनारक्षित रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09045 (उधना–मधुबनी) दिनांक 10.05.2026 एवं 17.05.2026 को प्रत्येक रविवार को 2 फेरों में उधना से रात्रि 01.30 बजे प्रस्थान कर कोटा जंक्शन 11.20 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 12.45 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 13.32 बजे, बयाना जंक्शन 14.37 बजे होते हुए अगले दिन 16.00 बजे मधुबनी पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09046 (मधुबनी–उधना) दिनांक 11.05.2026 एवं 18.05.2026 को प्रत्येक सोमवार को 2 फेरों में मधुबनी से 18.00 बजे प्रस्थान कर बयाना जंक्शन 22.04 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 23.09 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 23.59 बजे, अगले दिन कोटा जंक्शन 01.16 बजे होते हुए 11.30 बजे उधना पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में उधना जंक्शन, सायन, भरूच जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, दाहोद, रतलाम जंक्शन, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, बयाना जंक्शन, ईदगाह आगरा जंक्शन, टूंडला जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर, लखनऊ जंक्शन, गोंडा जंक्शन, बस्ती, गोरखपुर जंक्शन, नरकटियागंज जंक्शन, रक्सौल जंक्शन, सीतामढ़ी जंक्शन, शीशो जंक्शन, सकरी जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी। इस विशेष गाड़ी में 8 शयनयान श्रेणी तथा 11 सामान्य श्रेणी सहित कुल 22 डिब्बे होंगे।

उधना–जयनगर ग्रीष्मकालीन विशेष अनारक्षित ट्रैन

गाड़ी संख्या 09041 (उधना–जयनगर) दिनांक 09.05.2026 एवं 16.05.2026 शनिवार को 2 फेरों में उधना से रात्रि 23.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन कोटा जंक्शन 09.20 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 10.45 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 11.32 बजे, बयाना जंक्शन 12.37 बजे होते हुए तीसरे दिन सोमवार को 13.30 बजे जयनगर पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09042 (जयनगर–उधना) दिनांक 11.05.2026 एवं 18.05.2026 को प्रत्येक सोमवार को 2 फेरों में जयनगर से 15.00 प्रस्थान कर अगले दिन बयाना जंक्शन 18.19 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 19.24 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 20.14 बजे, कोटा जंक्शन 21.31 बजे होते हुए तीसरे दिन बुधवार को 07.45 बजे उधना पहुँचेगी।

उधना–झंझारपुर ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रैन

गाड़ी संख्या 09047 (उधना–झंझारपुर) दिनांक 17.05.2026 को प्रत्येक रविवार को उधना से प्रातः 05.00 बजे प्रस्थान कर कोटा जंक्शन 14.50 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 16.15 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 17.02 बजे, बयाना जंक्शन 18.07 बजे होते हुए अगले दिन 19.00 बजे झंझारपुर पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09048 (झंझारपुर–उधना) दिनांक 18.05.2026 सोमवार को झंझारपुर से 21.00 बजे प्रस्थान कर अगले दिन बयाना जंक्शन 23.34 बजे, तीसरे दिन बुधवार को गंगापुर सिटी जंक्शन 00.39 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 01.29 बजे, कोटा जंक्शन 02.46 बजे होते हुए 12.55 बजे उधना पहुँचेगी।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने किया टैलेंटेक्स की प्रतिभाओं का सम्मान,

कक्षा 5 से 10 तक की प्रतिभाओं को मिले ढाई करोड़ रुपए के कैश प्राइज

कोटा। TALLENTEX_Success Power Session: एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित देश की बड़ी प्रतिभा खोज परीक्षाओं में से एक टैलेंटेक्स का पुरस्कार वितरण समारोह व सक्सेस पॉवर सेशन रविवार को हुआ। जवाहर नगर स्थित एलन समुन्नत कैम्पस के समरस सभागार में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से मेधावी विद्यार्थी व उनके अभिभावक शामिल होने कोटा पहुंचे।

कार्यक्रम में कक्षा 5 से 10वीं तक के टॉपर्स को ढ़ाई करोड़ रुपए के कैश प्राइज दिए गए। कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी एवं व डॉ बृजेश माहेश्वरी मौजूद रहे। अतिथियों ने टाॅपर्स का सम्मान किया।

कार्यक्रम में प्री नर्चर कॅरियर फाउंडेशन (पीएनसीएफ) के विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। मदर्स डे के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों मां के त्याग और महिला सशक्तिकरण पर आधारित नाट्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही अनरियल डांस गु्रप ने शानदार प्रस्तुतियां दी।

इस अवसर पर एलन के निदेशक डॉ गोविन्द माहेश्वरी ने कहा कि एलन प्रतिभाओं को आगे लाने में कभी पीछे नहीं रहा। हर कदम पर हमारा उद्देश्य स्टूडेंट फस्र्ट होता है। एलन विद्यार्थियों के सपने पूरे करने के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। शिक्षा के साथ संस्कार एलन का उद्देश्य है ताकि हम देश को अच्छे डाॅक्टर व इंजीनियर के साथ जिम्मेदार नागरिक दे सकें।

टैलेंटेक्स के चैम्पियन
कक्षा 5 में अनुष्री सुजॉय डे प्रथम, आराश पान द्वितीय तथा सोमरिक दप्तारी ने तृतीय रही। कक्षा 6 में कुशाग्र मिश्रा प्रथम, रिडित पात्रा द्वितीय और आर्येश गोराई तृतीय स्थान पर रहे। इसी तरह कक्षा 7 में कार्तिकेय भागवत ने प्रथम, धृतिमान सेनगुप्ता ने द्वितीय तथा शुभी यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 8 में अनय सिंह ने प्रथम स्थान, रिधान गोयल द्वितीय और अभिनीत सरकार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 9 में ऋथव दास ने प्रथम, मनन मिश्रा ने द्वितीय तथा प्रदीप्त हाजरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 10 में सप्तदीपा हाजरा ने प्रथम, प्राजक्ता कुंडू ने द्वितीय एवं और वरुण प्रभाकरन के.एस.ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विजेताओं को पुरस्कार
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा स्टूडेंट्स को सक्सेस पॉवर सेशन में नेशनल व स्टेट रैंक के साथ ही कैश प्राइज दिए गए। प्रतिभाओं को मेडल, प्रमाण पत्र, पुरस्कार का चेक व अवार्ड शीट देकर पुरस्कृत किया। कक्षा 5 से 7 तक के प्रथम स्थान को 50 हजार, द्वितीय व तृतीय को 35-35 हजार, कक्षा 8 में प्रथम स्थान को 1 लाख, द्वितीय व तृतीय को 40-40 हजार, कक्षा 9 में प्रथम स्थान को 1 लाख तथा द्वितीय व तृतीय को 50-50 हजार एवं कक्षा 10 में प्रथम स्थान पर रहने वालों को 1 लाख तथा द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 75-75 हजार रूपए के पुरस्कार दिए गए।

ट्रैन के स्लीपर एवं एसी कोच में रात 10 बजे से पहले नहीं खोल सकेंगे मिडिल बर्थ

मिडिल बर्थ उपयोग को लेकर कोटा रेल मंडल ने जारी की यात्री एडवाइजरी

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल द्वारा आरक्षित श्रेणी के कोचों में मिडिल बर्थ के उपयोग को लेकर यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे रेलवे बोर्ड के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सहयात्रियों के साथ शांतिपूर्ण और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करें।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे बोर्ड के कमर्शियल सर्कुलर संख्या 60/2017 के अनुसार आरक्षित कोचों में मिडिल बर्थ केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही खोली जा सकती है। सुबह 6 बजे के पश्चात मिडिल बर्थ को बंद रखना अनिवार्य है, जिससे लोअर बर्थ पर आरक्षित यात्री आराम से बैठ सकें। विवाद की स्थिति में यात्रा टिकट परीक्षक को यह अधिकार प्राप्त है कि वह रेलवे के आधिकारिक नियम लागू करे।

श्री जैन ने यह भी बताया कि ट्रेनों में विभिन्न बर्थों के उपयोग संबंधी नियम स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। लोअर बर्थ धारक यात्री को दिन के समय अपनी सीट अन्य सहयात्रियों के साथ साझा करनी होती है, जबकि अपर बर्थ धारक यात्री पूरे दिन अपनी बर्थ का उपयोग आराम के लिए कर सकता है। साइड लोअर बर्थ पर आरएसी यात्री के साथ सीट साझा करने की व्यवस्था लागू हो सकती है, जबकि साइड अपर बर्थ धारक यात्री रात के समय अपनी बर्थ पर जाने के लिए बाध्य रहेगा।

उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, बीमार यात्रियों एवं गर्भवती महिलाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखें तथा आपसी सहयोग एवं सौहार्द बनाए रखें।

जानकारी के अभाव में होने वाले अनावश्यक विवादों से बचने के लिए यात्री रेलवे के इन नियमों से भली-भाँति परिचित हों। ट्रेनों से संबंधित अद्यतन जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

27337 करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी की कंपनियों पर CBI के छापे

मुंबई। देश के बैंकिंग सेक्टर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने वाले कथित घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई की है।

शनिवार को अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ मुंबई में 17 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बैंक फंड की हेराफेरी के बड़े मामलों पर जांच एजेंसियों के कड़े रुख को दर्शाती है।

  • सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के तहत किया गया है।
  • जांच एजेंसी ने इन कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों पर छापे मारे।
  • इसके साथ ही उन बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों को भी खंगाला गया, जिनके खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक फंड को डायवर्ट (हेराफेरी) करने के लिए किया गया था।
  • शुक्रवार को मुंबई की एक विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

27,337 करोड़ का वित्तीय नुकसान और फर्जीवाड़ा
इस पूरे कथित घोटाले का वित्तीय प्रभाव बेहद व्यापक है। अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में सरकारी बैंकों और LIC को कुल मिलाकर लगभग 27,337 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि फंड डायवर्ट करने के लिए इस्तेमाल की गईं कई बिचौलिया कंपनियां एक ही पते से संचालित हो रही थीं।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और अब तक की कार्रवाई
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी की शिकायतों के आधार पर संघीय एजेंसी ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के खिलाफ हजारों करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के कुल सात मामले दर्ज किए हैं।

  1. इन मामलों के दर्ज होने के तुरंत बाद, बीते कुछ महीनों में सीबीआई 14 अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चला चुकी है।
  2. 24 अप्रैल को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के दो वरिष्ठ अधिकारियों- ज्वाइंट प्रेसिडेंट डी विश्वनाथ (जो ग्रुप के बैंकिंग ऑपरेशंस के समग्र प्रभारी थे) और वाइस-प्रेसिडेंट अनिल कालया (जिन्होंने बैंकिंग ऑपरेशंस और फंड के उपयोग में सक्रिय मदद की थी)- को गिरफ्तार किया गया था।
  3. ये दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ सीबीआई की यह कार्रवाई भारत में कॉर्पोरेट और वित्तीय प्रणाली की खामियों का फायदा उठाने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी है। इस पूरे मामले की सीधी निगरानी देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के दखल और सीबीआई की तेज होती कार्रवाई के चलते आने वाले दिनों में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन और निदेशकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, साथ ही बैंकिंग सेक्टर के नियमों में और सख्ती देखने को मिल सकती है।

तेल संकट से ऐसे निपटेगी सरकार, पेट्रोल में मिलाएगी 25% इथेनॉल

नई दिल्ली। Ethanol Blending: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता को देखते हुए भारत सरकार अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में भारत घरेलू ऊर्जा सोर्स और नवीकरणीय ऊर्जा पर तेजी से फोकस बढ़ा रहा है।

क्या है मेगा प्लान

  • इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम ने पहले ही भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है।
  • सरकारी अनुमानों के अनुसार 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग से सालाना लगभग 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात की बचत हुई है।
  • साथ ही इससे देश के खजाने से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बाहर जाने से रुकी है।
  • अब अधिकारी इस सीमा को 25% तक ले जाने की संभावना तलाश रहे हैं, हालांकि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

उपभोक्ताओं पर क्या असर

  • सरकार 25% ब्लेंडिंग की दिशा में सावधानी से आगे बढ़ रही है क्योंकि इसके कुछ तकनीकी पहलू भी हैं। ये इस प्रकार हैं:
  • उच्च इथेनॉल मिश्रण के लिए वाहनों के इंजन में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव की जांच की जा रही है।
  • इथेनॉल की मात्रा बढ़ने से गाड़ी के माइलेज पर पड़ने वाले असर का मूल्यांकन किया जा रहा है।
  • गाड़ी के इंजन के पुर्जों पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर अधिकारी सतर्क हैं।