भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कोटा। भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री रुपनारायण यादव ने बताया कि खरीफ बुवाई सीजन के दौरान किसानों के समक्ष उत्पन्न हो रही विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ, चित्तौड़ प्रान्त जिला कोटा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर वीरेन्द्र यादव के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा, प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता के नेतृत्व में सोमवार को दिए गए इस ज्ञापन में फसल बीमा, खाद-बीज उपलब्धता, डीजल वितरण व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा वन्य जीवों से होने वाले फसल नुकसान सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की गई।
संघ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष 2023 से लागू उस प्रावधान पर आपत्ति जताई है, जिसके तहत खड़ी फसल में हुए नुकसान को व्यक्तिगत क्लेम की श्रेणी से बाहर रखा गया है। किसान संघ का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से प्रभावित किसानों को उचित राहत नहीं मिल पा रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि आगामी खरीफ सीजन के लिए बीमा कंपनियों के साथ होने वाले नए अनुबंध में इस प्रावधान में संशोधन कर खड़ी फसल के नुकसान को व्यक्तिगत क्लेम के दायरे में शामिल किया जाए।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हित में यह बदलाव नहीं किया गया तो भारतीय किसान संघ प्रदेशभर में फसल बीमा योजना का सामूहिक बहिष्कार करते हुए आंदोलन करने को बाध्य होगा।
डीजल उपलब्धता के मुद्दे को भी संघ ने गंभीरता से उठाया। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान गजट प्रावधानों के अनुसार किसानों को केवल ट्रैक्टर के टैंक में ही डीजल दिया जा रहा है, जबकि प्लास्टिक ड्रम अथवा अन्य सुरक्षित पात्रों में डीजल देने पर रोक है।
इससे किसानों को खेती के व्यस्त मौसम में दिन में कई बार 10 से 20 किलोमीटर दूर स्थित पेट्रोल पंपों तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय और लागत दोनों में वृद्धि हो रही है। संघ ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक ड्रम में भी डीजल उपलब्ध कराने की अनुमति देने की मांग की।
खरीफ बुवाई के मद्देनजर खाद और बीज की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने कृषि विभाग से मांग की कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए ताकि बुवाई कार्य प्रभावित न हो।
साथ ही अनुदानित खाद बेचने वाली कंपनियों द्वारा किसानों पर अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में राजस्व शिविरों के दौरान कब्जे और बहुमत के आधार पर खेतों की तरमीम कराने संबंधी स्पष्ट निर्देश जारी करने, राज्य बजट में घोषित 500 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठन योजना को शीघ्र नीति स्वीकृति देकर लागू करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने के लिए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर ऑटोमेटिक पावर कैपेसिटर लगाने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा वन्य जीवों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई।
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री रूप नारायण यादव ने कहा कि फसल बीमा कंपनियों के साथ नया अनुबंध होने जा रहा है, ऐसे में किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक संशोधन किए जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाने पर विचार करेगा।
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा सहित संबंधित विभागों के अन्य मंत्रियों और अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जा सके।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा, जिला मंत्री रूपनारायण यादव, महानगर सह मंत्री रामसहाय उपाध्याय, देवीशंकर गोचर सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

