नई दिल्ली। Stock Market, May 11, 2026: कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे।
30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 1100 अंक या फिर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 76,165.57 अंक तक लुढ़क गया है। वहीं, निफ्टी में भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
बीएसई 150 मिडकैप और 250 स्मॉल कैप इंडेक्स में भी एक-एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इससे सेंसेक्स की कंपनियों का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये घट गया। जिसके बाद यह घटकर 468 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इससे पहले बीएसई सेंसेक्स 1065.60 अंक यानी 1.38% फीसदी गिरकर 76,254.41 पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 307.60 अंक यानी 1.27% फीसदी टूटकर 23,868.55 के स्तर पर पहुंच गया था।
निफ्टी50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर बाजार धारणा का असर इन शेयरों पर साफ दिखाई दिया।
बाजार की कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.84 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी तक फिसल गया।
वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना पसंद करते हैं, जिसका असर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर ज्यादा देखने को मिलता है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो शेयरों में बिकवाली
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मीडिया, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी रही। हालांकि आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और गिरते बाजार में कुछ सहारा देने की कोशिश की।
गिरावट की वजह
ईरान-अमेरिका बातचीत बेनतीजा रहने की संभावना
युद्ध की वजह से इस समय दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल है। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने के बाद दुनिया को लगा की स्थितियों में जल्द ही सुधार हो जाएगा। लेकिन लग रहा है कि इसमें अभी समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पीस ऑफर को रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है।
पीएम मोदी की अपील
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पीएम मोदी की अपील ने भी बाजार में संशय का माहौल बना दिया है। रविवार को पीएम ने लोगों से पेट्रोल, डीजल, गैस और सोना को कम के कम खरीदने की सलाह दी है। उन्होंने अगले एक साल तक के लिए यह बात कही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की बातें अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के लिए अच्छा नहीं होता है। इससे कॉरपोरेट की कमाई भी प्रभावित होती है।
कच्चे तेल का झटका
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आज 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली है। जिसके बाद एक बार फिर से रेट 105 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका-ईरान बातचीत के असफल होने की स्थिति में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बुरा असर पर पड़ेगा। जिसका नकारात्मक असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने जा रहा है।
रुपये की कीमत में गिरावट
सप्ताह के पहले दिन ही रुपये की कीमत में 40 पैसे की गिरावट देखने को मिली है। यूएस डॉलर की तुलना में रुपये का रेट घटकर 94.88 के स्तर पर आ गया है। रुपये में गिरावट का भी बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ा है।

