Tuesday, June 23, 2026
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कोटा एवं नाथद्वारा में फिल्माए ‘मुरली वाले तेरी जय हो’ भजन यूट्यूब पर रिलीज

कोटा। कोटा एवं नाथद्वारा में फिल्माए मुरली वाले तेरी जय हो– भजन यूट्यूब पर रिलीज पर रिलीज हो गया है। कोटा शहर की ऐतिहासिक और सुंदर लोकेशन्स पर हाल ही में श्रीनाथजी के एक नए भजन का शूट किया गया। मुरली वाले तेरी जय…भजन है, जो एमएस प्रोडक्शन के बैनर तले तैयार हुआ है।

भजन प्रोड्यूसर सुभाष सोरल ने सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि कोटा की विभिन्न लोकेशन्स को चुना, जहां भक्ति, प्रकृति और सांस्कृतिक सुंदरता का अनोखा मेल देखने को मिला।

उन्होंने बताया कि नाथद्वारा से शुरू हुई भक्ति की यह लहर अब कोटा तक पहुंची है और दर्शकों के दिलों को छू रही है। भजन हाल ही में रिलीज भी हो चुका है। सोरल ने बताया कि एक भक्तिमय माहौल में स्टेशन क्षेत्र स्थित विजय भारत भवन में इसे लोगो को दिखाया गया जो बेहद ही पसंद आया।

सुभाष सोरल ने बताया कि मुरली वाले तेरी जय …, भजन को कोटा के गणेश उद्यान, कराई के बालाजी एवं स्टेशन क्षेत्र स्थित श्रीनाथ अपाटमेंट के श्रीनाथ जी मंदिर पर शूट किया गया है। इसके अतिरिक्त कुछ शॉट श्रीनाथ जी नाथद्वारा के बाजारों के भी लिए गए हैं।

इस भजन को चित्रा सोनी ने लिखा और उन्हीं ने गाया है। वहीं निषेध सोनी का म्यूजिक व वीडियों डायरेक्शन है। तन्वी व चित्रा ने इसमें शूटिंग की है। सबसे बडी बात यह है कि इस भजन को एक ही दिन में शूट किया है।

आने वाले समय में कोटा की लोकेशन, कोटा की फिल्मे, कोटा के कलाकारों द्वारा किए जा रहे कार्य को यूट्यूब के माध्यम से प्रमोट किया जाएगा, यहां के कलाकारों को आगे बढाने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रथम पीठ मथुराधीश जी के विनय कुमार महाराज थे। अध्यक्षता होटल फेडरेशन राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, विशिष्ट अतिथि डिप्टी डायरेक्टर पयर्टन विभाग कोटा विकास पांडया रहे।

विनय महाराज ने कहा कि कोटा के मंदिर, मठ के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों को भी प्रमोट किया जाना चाहिए। अशोक माहेश्वरी ने कहा कि होटल फेडरेशन के कार्यक्रम या पर्यटन को लेकर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अब हाडौती के मंदिरों पर भी शूट हो, लोग यहां पहुंचे ऐसा प्रयास किया जाएगा।

इस भजन ने कोटा के स्थानीय उभरते कलाकारों को मौका दिया गया है। पूरी तरह श्रीनाथजी और भगवान कृष्ण की लीला, मुरली की मधुर धुन और भक्तों की असीम श्रद्धा पर आधारित भजन लोगों को बेहद पसंद आ रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित कई लोगों ने इसे कोटा की मिट्टी में बसी नाथद्वारा की भक्ति बताया। एमएस प्रोडक्शन की टीम ने बताया कि भजन को खासतौर पर सरल, भावपूर्ण और पारंपरिक शैली में तैयार किया गया है, ताकि हर उम्र के भक्त इससे जुड़ सकें।

सह निर्माता सलोनी सोरल ने कहा कि श्रीनाथजी की कृपा से यह भजन बना। कोटा की सुंदरता और यहां के कलाकारों ने इसे और खास बना दिया। हम चाहते हैं कि यह भजन भक्तों के घर-घर तक पहुंचे और मुरली वाले की जयकार गूंजे।

भीमगंजमंडी थानाधिकारी गोदारा ने बताया कि यह भजन न केवल धार्मिक भाव जगाने वाला है बल्कि कोटा को सांस्कृतिक और भक्ति नगरी के रूप में भी प्रमोट कर रहा है।

इस अवसर पर संजय संगर, सतीश त्यागी, मुम्बई से आए डायरेक्टर सुमन अधिकारी, टीपीएस सेठी, वीके शर्मा, ओपी मिश्रा, भुवनेश महावर, रितेश शर्मा, अजय सोरल, नरेन्द्र गगरानी आदि उपस्थित रहे।

चम्बल परियोजना समिति की आज होने वाली बैठक स्थगित, जानिए क्यों

कोटा। कार्यालय क्षेत्रीय विकास आयुक्त (सिंचाई प्रकोष्ठ), सीएडी चम्बल, कोटा द्वारा एक आवश्यक सूचना जारी करते हुए सूचित किया गया है कि आगामी 12 मई को आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक को स्थगित कर दिया गया है। यह बैठक सभापति चम्बल परियोजना समिति, कोटा की अध्यक्षता में प्रातः 11 बजे सीएडी सभागार में होनी तय थी।

अधीक्षण अभियन्ता (सिंचाई वृत्त) संजय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अपरिहार्य कारणों के चलते इस बैठक को फिलहाल टालने का निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व, इस बैठक के आयोजन हेतु 28 अप्रैल 2026 को सूचना क्रमांक 236-252 एवं 306-10 के माध्यम से आदेश जारी किए गए थे।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैठक की आगामी तिथि के बारे में संबंधित सदस्यों और अधिकारियों को अलग से सूचित किया जाएगा। इस स्थगन की सूचना क्षेत्रीय विकास आयुक्त के निजी सचिव, अतिरिक्त क्षेत्रीय विकास आयुक्त, सभी संबंधित अधीक्षण एवं अधिशाषी अभियंताओं सहित जल वितरण समितियों के अध्यक्षों को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है।

सुख-दुख, मान-अपमान सब बुद्धि और मन की प्रक्रियाएं हैं: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर

कॉमर्स कॉलेज मैदान में श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन

​कोटा। कॉमर्स कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन ‘भगवत भास्कर’ श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने व्यासपीठ से ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की अमृत वर्षा की। सोमवार की इस विशेष सभा में महाराज ने जीवन की नश्वरता और आत्मबोध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को भावविभोर कर दिया।

​कथाव्यास ने जीवन यात्रा की तुलना एक सफर से करते हुए बहुत ही मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा, “संसार की इस यात्रा में हमारे पास जितना कम सामान (मोह-माया और वस्तुएं) रहेगा, हमारा सफर उतना ही आसान और सुखद होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य अपनी पहचान बाहरी वस्तुओं में खोजता है, जबकि सत्य उसके भीतर है।

​श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर ने दर्शन शास्त्र की गहराइयों को छूते हुए कहा कि जब तक मनुष्य स्वयं को शरीर मानता रहेगा, वह दुखों से घिरा रहेगा। उन्होंने कहा, “मुक्त चिंतन करोगे तो पाओगे कि तुम अविनाशी आत्मा हो। सुख-दुख, मान-अपमान सब बुद्धि और मन की प्रक्रियाएं हैं।” उन्होंने एक अद्भुत उदाहरण देते हुए समझाया कि जब मन आत्मा में केंद्रित हो जाता है, तो व्यक्ति को न तो हजार गालियों का असर होता है और न ही हजार मालाएं पहनने का अहंकार।

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​महाराज ने आत्मबोध के मार्ग पर चर्चा करते हुए कहा कि केवल वन में जाने, जल में तपस्या करने या शास्त्रों के रटने मात्र से ज्ञान नहीं मिलता। आत्मबोध तो केवल किसी महापुरुष के चरणों में बैठकर सत्संग करने से भी प्राप्त हो जाता है। इसी संदर्भ में उन्होंने तुलसीदास जी की चौपाई का गायन किया, ​”बिनु सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।”

​कथा के दौरान महाराज श्री ने भक्ति और ज्ञान के अंतर्संबंध को स्पष्ट करते हुए एक तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस ज्ञान में भक्ति नहीं है, वह कुपुत्र के समान है और जिस भक्ति में ज्ञान का आधार नहीं है, वह बांझ के समान है। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि सगुण साकार परब्रह्म परमात्मा, जो हमारे कल्याण के लिए अवतार लेते हैं, उनके स्वरूप का निरंतर चिंतन करें।

भजनों की सरिता में डूबे श्रद्धालु
​कथा के दौरान महाराज श्री ने अपनी मधुर वाणी से कई भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पाण्डाल तालियों की गड़गड़ाहट और ‘बांके बिहारी’ के जयकारों से गूंज उठा। भजन के माध्यम से वैराग्य का संदेश देते हुए उन्होंने गाया, “चल रे हंसा उस लोक को, जहां कोई नहीं तेरा…, जग वालों को हुआ अंधेरा, अपना हुआ सवेरा।” तो हर कोई भाव विभोर हो गया। उन्होंने ‘बांके बिहारी’, ‘श्री रामचंद्र कृपालु भजमन’ और ‘मन रे कृष्ण नाम कह लीजिए’ जैसे भजनों से भक्तों को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। विशेष रूप से “मेरा गोपाल गिरधारी जमाने से निराला है…” भजन पर भक्त भाव-विभोर हो गए।

आज मनेगा भव्य ‘नंदोत्सव’
महंत अशोक तिवारी ने बताया कि मंगलवार को ‘कृष्ण जन्मोत्सव’ एवं ‘नंदोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। महंत अशोक तिवारी ने बताया कि कथा के पांचवे दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश ठाकुर महाराज भी कथा की शोभा बढ़ाएंगे। कथाव्यास श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने श्रद्धालुओं को इस आनंदमयी उत्सव के लिए आमंत्रित करते हुए विशेष निर्देश दिए हैं।

महाराज श्री ने कहा कि मंगलवार को पूरा पाण्डाल गोकुल में परिवर्तित हो जाएगा।माताएं-बहनें ‘गोपी’ के भाव में और भाई ‘नंद बाबा’ के स्वरूप में कथा स्थल पहुंचेंगे। उन्होंने सभी भक्तों से पीत वस्त्र पहनकर आने का आह्वान किया है। रंगों की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा पीत वस्त्र भक्ति और प्रेम का प्रतीक है। भगवा वस्त्र वैराग्य और ज्ञान का प्रतीक है। शुभ्र वस्त्र परमहंस अवस्था और पवित्रता का प्रतीक है।

मंगलवार को कांट्रेक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी यजमान के रूप में मौजूद रहे। जिनमें अध्यक्ष योगेश शर्मा, महासचिव कन्हैयालाल शारदा, सचिव महेश कुमार विजय, उपाध्यक्ष मुकेश नंदवाना और आनंद जाजोरिया शामिल थे। इस दौरान डॉ. हेमा सरस्वती, गोपाल आनंद महाराज और महंत अशोक तिवारी ने भी व्यासपीठ की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा में यह भी मौजूद रहे
एडीशनल एसपी कोटा तरुण कान्त सोमानी, ममता तिवारी, महंत अशोक तिवारी, शिवकान्त नन्दवाना, अनिल तिवारी, नरेन्द्र खण्डेलवाल (लाभी), कपिल शर्मा, राजीव अग्रवाल (पूर्व महापौर) एवं जगदीश जिंदल आदि

शिव बारात आज, नंदी पर सवार भगवान शिव देंगे भक्तों को दर्शन

भागवत मूल पाठ काआयोजन, 139 विद्वानों के मंत्रोच्चारण से गूंज रहा ‘मंगलमय धाम’

​कोटा। विज्ञान नगर स्थित ‘श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति’ के तत्वावधान में 14 मई को मंदिर परिसर में सवा पांच फीट ऊंचे भव्य नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस पावन प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपलक्ष्य में ‘शिवशक्ति यज्ञ’ और आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे।

समिति के महंत पंडित अशोक तिवारी ने बताया कि मगंलवार को शाम 6 बजे ‘भव्य शिव बारात’ निकाली जाएगी। इस अलौकिक बारात में भगवान भोलेनाथ स्वयं नंदी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। उनके साथ ही भगवान विष्णु गरुड़ पर और माता लक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति व हनुमान जी की मनमोहक झांकियां बग्घियों में सजेंगी। बारात के मुख्य आकर्षणों में सप्त ऋषि मंडल, अघोरी दल और ढोल-ताशा दल शामिल रहेंगे।

कथावाचक इंद्रेश ठाकुर होंगे शामिल

उन्होंने बताया कि बारात कॉमर्स कॉलेज से प्रमुख मार्गों से होते हुए जनता डेयरी के सामने स्थित ‘श्री मंगलमय चमत्कारी धाम मंदिर’ पर संपन्न होगी। इस दौरान प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश ठाकुर भी शिव बारात में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

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​शिवशक्ति यज्ञ और वैदिक अनुष्ठान

समिति के महंत पंडित अशोक तिवारी ने बताया कि प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत पंच कुंडीय महायज्ञ और 108 श्रीमद् भागवत मूल पाठ का आयोजन किया जा रहा है। अग्नि अखाड़े के महंत गोपालानंद महाराज के पावन सानिध्य में ‘शिव शक्ति यज्ञ’ संपन्न हो रहा है। ​यज्ञ की पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए वृंदावन, उज्जैन, काशी और स्थानीय ब्राह्मणों सहित कुल 139 विद्वान पंडित मंत्रोच्चार कर रहे हैं। इस दौरान चारों वेदों का सस्वर पाठ और भागवत जी का ज्ञान गान किया जा रहा है। अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन 11 हजार आहुतियां दी जा रही हैं। यज्ञ का समय प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है।

कोटा ब्लड बैंक सोसायटी ने 125 रक्तदाता संस्थाओं का किया सम्मान

कोटा। कोटा ब्लड बैंक सोसायटी (KBBS) के 29वें स्थापना दिवस पर रविवार को आयोजित स्वैच्छिक रक्तदाता सम्मान समारोह में 125 से अधिक रक्तदाता संस्थाओं को ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया गया ।

सोसायटी के सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि संस्था पिछले 25 वर्षों से सप्ताह में दो बार निःशुल्क रक्त चढ़ाने की सेवा निरंतर संचालित कर रही है, जिसमें जांच, दवाइयों एवं सेवा शुल्क के रूप में कोई राशि नहीं ली जाती।

स्वागत भाषण में अध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि संस्था विगत 29 वर्षों से निःस्वार्थ भाव से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कर अनगिनत जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में डीसीएम श्रीराम इंटरनेशनल रेयन्स के पूर्णकालिक निदेशक पी.डी. बागला तथा ,श्री सीमेन्ट, ब्यावर के जोइंट प्रेसीडेंट अरविन्द खिंचा ने लोगों से अधिकाधिक रक्तदान कर थैलेसीमिया के विरुद्ध चल रही मुहिम में सहभागी बनने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रों में रक्तदान को महादान की श्रेणी में रखा गया है। इस अवसर पर नवीनतम ल्युको ब्लड मशीन एवं “निरामय केबीबीएस फीजियों सेंटर” का उद्घाटन अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पी.एस. झा एवं नीता डांगी ने किया।

समारोह में सोसायटी उपाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मंजू कासलीवाल, एम.एल. पटौदी, डॉ. के. कंजोलिया, गिरीश भार्गव, डॉ. जे.के. सिंघवी, प्रेम बाठला, वरिष्ठ संस्थापक सदस्य वेद प्रकाश गुप्ता, अनिमेष जैन, डा.अविनाश बंसल, संजय सोनी, सुनील जैन, सहित बड़ी संख्या में रक्तदाता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Kota Mandi: प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 200 रुपये उछल कर 6850 रुपये बिकी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 200 रुपये उछल कर 6850 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। लिवाली कमजोर रहने से लहसुन बेस्ट 500 रुपये, चना 25 रुपये, गेहूं 20 रुपये और मैथी का भाव 50 रुपये मंदा रहा। मंदा रहा। सभी कृषि जिंसों की मिलाकर डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 12000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपए प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350 से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपए प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4450, धान (पूसा-1) 3000, से 4000 धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन 5600 से 6850, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6800 से 6951, सरसों 6500 से 7151, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपए प्रति क्विंटल।

मूंग 6000से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5280, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपए प्रति क्विंटल। ।

लहसुन 3500 से 13000, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपए प्रति क्विंटल।

CTET 2026 : सीटीईटी लिए आवेदन आज से, जानिए परीक्षा की तिथियां

नई दिल्ली। CTET September 2026: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीइटी) ने सितंबर 2026 को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीटीईटी सितंबर 2026 के लिए आज 11 मई 2026 से ctet.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। इस बार सीटीईटी अभ्यर्थी अपना परीक्षा शहर नहीं चुन सकेंगे। उनके परीक्षा शहर रेंडम बेसिस पर अलॉट किया जाएगा।

आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून 2026 है। परीक्षा 6 सितंबर 2026 को होगी। यह परीक्षा देशभर के 132 शहरों में 27 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को केवल CTET वेबसाइट https://ctet.nic.in तथा CBSE वेबसाइट https://www.cbse.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

सेवारत टीचरों के लिए सीटीईटी पास अनिवार्य
टीचरों को नौकरी में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश भर के हजारों प्राइमरी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। यूपी, झारखंड, एमपी व राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे लाखों शिक्षक हैं जो बगैर टीईटी पास किए वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। अब इन टीचरों को 2 साल में टीईटी पास करना ही होगा वरना या तो इन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर इन्हें जबरन रिटायर कर दिया जाएगा। इस कड़े फैसले से सिर्फ उन्हें छूट मिलेगी जिनकी नौकरी 5 साल की बची है। लेकिन इन्हें भी अगर प्रमोशन चाहिए तो टीईटी पास करना ही पड़ेगा।

क्या है सीटीईटी परीक्षा
सीबीएसई हर साल दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करता है। पहली परीक्षा जुलाई और दूसरी दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। इस परीक्षा को पास करने वाले परीक्षार्थी देशभर के केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और आर्मी स्कूलों में शिक्षकों के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सप्ताह में 4 दिन काम और 3 दिन आराम का रास्ता साफ, जानिए किन पर होगा लागू

नई दिल्ली। New Labour Code: सरकार ने चारों लेबर कोड के तहत नियमों को नोटिफाई कर दिया है। इन नए नियमों से कुछ चुनिंदा सेक्टरों में सप्ताह में चार दिन काम और 3 दिन की छुट्टी लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

नए केंद्रीय कोड ऑन वेज के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के लिए साप्ताहिक काम के घंटे 48 घंटे से अधिक नहीं होंगे। यानी अब कंपनी और कर्मचारी चाहें तो इन 48 घंटों को केवल 4 दिनों में बांट सकते हैं यानी प्रतिदिन 12 घंटे काम करके। बदले में उन्हें 3 दिन की छुट्टी यानी सप्ताह में तीन रेस्ट डे मिल सकती है।

हालांकि, यह सुविधा सभी के लिए समान नहीं है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए एक सामान्य कार्य दिवस 8 घंटे का ही रहेगा, इससे अधिक काम पर ओवरटाइम मिलेगा। साथ ही, ओवरटाइम की दर अब सामान्य दर की दोगुनी कर दी गई है।

नए श्रम कानून कर्मचारियों को अधिक लचीलापन और बेहतर सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। हालांकि यह चार-दिवसीय कार्य सप्ताह अभी शुरुआती चरण में है और केवल चुनिंदा सेक्टरों में ही संभव है, फिर भी यह भारत में कामकाज के भविष्य का एक नया मॉडल पेश करता है।

किन क्षेत्रों में 4 डे वर्क वीक की संभावना
जिन क्षेत्रों में शिफ्ट-बेस्ड या प्रोजेक्ट-ड्रिवन काम होता है, वहां इसे आसानी से लागू किया जा सकता है। जैसे, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, IT और शेयर्ड सर्विसेज। हालांकि, जिन सेक्टरों में ग्राहकों की तत्काल जरूरतें और रियल-टाइम डिलीवरी की उम्मीद होती है, जैसे कुछ बैंकिंग, रिटेल या कस्टमर सपोर्ट, उनके लिए यह व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अंतिम नियमों में बड़े बदलाव
गौरतलब है कि सरकार ने शुक्रवार (10 मई, 2026) को सभी चार लेबर कोड के अंतिम नियम जारी किए। इनमें शामिल हैं। इनमें इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020, कोड ऑन वेज 2019, सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 और ऑक्यूपेशन सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 शामिल हैं। संसद द्वारा ये कानून पारित किए लगभग 6 साल बाद, 30 से अधिक गजेट नोटिफिकेशन के जरिए इन नियमों को अंतिम रूप दिया गया। दिसंबर 2025 में जो ड्राफ्ट जारी किया गया था, उसमें न्यूनतम वेतन तय करने के लिए कैलोरी इनटेक, कपड़े, किराया, ईंधन खर्च आदि के मानदंड थे। लेकिन अंतिम नियमों में इन्हें हटा दिया गया है। अब सरकार बाद में अलग से आदेश जारी करेगी।

कर्मचारियों पर क्या क्या होगा असर?
कंपनी या संस्थान को अनिवार्य नियुक्ति पत्र हर कर्मचारी को देना होगा। ओवरटाइम भुगतान के स्पष्ट प्रावधान होगा। वर्कर रिस्किलिंग फंड में योगदान करना होगा। एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी देनी होगी। इस नए कोड में आश्रित माता-पिता के लिए मासिक आय सीमा ₹9,000 से बढ़ाकर ₹14,000 कर दी गई है।

कंपनियों के लिए क्या हैं चुनौतियां
कंपनियों को अब ओवरटाइम भुगतान और रिस्किलिंग योगदान के कारण लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन्हें एचआर प्रथाओं को औपचारिक रूप देना होगा, काम के घंटे ट्रैक करने होंगे और अनिवार्य स्वास्थ्य लाभ देने होंगे।

पीएम मोदी की अपील से लड़खड़ाया बाजार, निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली। Stock Market, May 11, 2026: कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे।

30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 1100 अंक या फिर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 76,165.57 अंक तक लुढ़क गया है। वहीं, निफ्टी में भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

बीएसई 150 मिडकैप और 250 स्मॉल कैप इंडेक्स में भी एक-एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इससे सेंसेक्स की कंपनियों का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये घट गया। जिसके बाद यह घटकर 468 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इससे पहले बीएसई सेंसेक्स 1065.60 अंक यानी 1.38% फीसदी गिरकर 76,254.41 पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 307.60 अंक यानी 1.27% फीसदी टूटकर 23,868.55 के स्तर पर पहुंच गया था।

निफ्टी50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर बाजार धारणा का असर इन शेयरों पर साफ दिखाई दिया।

बाजार की कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.84 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी तक फिसल गया।

वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना पसंद करते हैं, जिसका असर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर ज्यादा देखने को मिलता है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो शेयरों में बिकवाली
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मीडिया, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी रही। हालांकि आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और गिरते बाजार में कुछ सहारा देने की कोशिश की।

गिरावट की वजह

ईरान-अमेरिका बातचीत बेनतीजा रहने की संभावना
युद्ध की वजह से इस समय दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल है। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने के बाद दुनिया को लगा की स्थितियों में जल्द ही सुधार हो जाएगा। लेकिन लग रहा है कि इसमें अभी समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पीस ऑफर को रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है।

पीएम मोदी की अपील
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पीएम मोदी की अपील ने भी बाजार में संशय का माहौल बना दिया है। रविवार को पीएम ने लोगों से पेट्रोल, डीजल, गैस और सोना को कम के कम खरीदने की सलाह दी है। उन्होंने अगले एक साल तक के लिए यह बात कही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की बातें अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के लिए अच्छा नहीं होता है। इससे कॉरपोरेट की कमाई भी प्रभावित होती है।

कच्चे तेल का झटका
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आज 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली है। जिसके बाद एक बार फिर से रेट 105 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका-ईरान बातचीत के असफल होने की स्थिति में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बुरा असर पर पड़ेगा। जिसका नकारात्मक असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने जा रहा है।

रुपये की कीमत में गिरावट
सप्ताह के पहले दिन ही रुपये की कीमत में 40 पैसे की गिरावट देखने को मिली है। यूएस डॉलर की तुलना में रुपये का रेट घटकर 94.88 के स्तर पर आ गया है। रुपये में गिरावट का भी बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ा है।

श्रद्धा और विश्वास का संगम है शिव-पार्वती का स्वरूप: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज

श्री मंगलमय चमत्कारी धाम पर श्री नर्मदेश्वर स्थापना समारोह एवं पंच कुंडीय महायज्ञ

​कोटा। श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति, विज्ञान नगर के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय विराट धार्मिक महोत्सव के अंतर्गत भगवान नर्मदेश्वर की स्थापना, शिव-पार्वती विवाह महोत्सव, भव्य पंच कुण्डीय महायज्ञ तथा श्रीमद् भागवत के मूल पाठ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान कॉमर्स कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य कथा के तीसरे दिन कथाव्यास ‘भगवत भास्कर’ श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने व्यासपीठ से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि जो भगवान का हो जाए, वही भागवत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमात्मा के नाभि कमल से ब्रह्मा जी का प्राकट्य हुआ है।

हम सभी मनु की संतानें होने के कारण ही ‘मानव’ कहलाते हैं। ऋषियों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जो निरंतर शोध (रिसर्च) करे, वही ऋषि है; वास्तव में ऋषि ही प्राचीन काल के वैज्ञानिक थे।

समिति के महंत पं. अशोक तिवारी ने बताया कि 10 दिवसीय अनुष्ठान 15 मई तक निरंतर जारी रहेगा। कथा का समय 11 से 14 मई तक दोपहर 2 से सायं 6:30 बजे तक रहेगा। कार्यक्रम के दौरान पंडित पुरुषोत्तम लाल शर्मा, पंडित अशोक शर्मा, मनीष अग्रवाल, गणेश बना, दीनदयाल, उत्तम शर्मा, राजानंद शास्त्री, देवकीनंदन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

शिव परिवार: समता और संतुलन का संदेश
महाराज ने शिव-पार्वती के स्वरूप की दार्शनिक व्याख्या करते हुए कहा कि माँ पार्वती ‘श्रद्धा’ का प्रतीक हैं और भगवान शिव ‘विश्वास’ का स्वरूप हैं। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि बिना श्रद्धा के विश्वास को जलना पड़ता है और बिना विश्वास के श्रद्धा को भटकना पड़ता है। जब ये दोनों मिलते हैं, तभी जीवन पूर्ण होता है। ​

शिव दरबार की विलक्षणता का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जहाँ कार्तिकेय ‘पुरुषार्थ’ के प्रतीक हैं, वहीं भगवान गणपति ‘विवेक’ का स्वरूप हैं। जिस घर में श्रद्धा, विश्वास, पुरुषार्थ और विवेक का वास होता है, वहाँ कभी विषमता नहीं आती, अपितु समता बनी रहती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि शिव परिवार के सभी वाहनों (सांप, मोर, चूहा, नंदी और शेर) में परस्पर नैसर्गिक बैर है, फिर भी वे एक साथ सामंजस्य से रहते हैं। यह हमें सिखाता है कि वैचारिक भिन्नता के बावजूद परिवार में प्रेम और एकता कैसे बनी रह सकती है।

​साध्य हमेशा साधन से ऊँचा होता है
भक्तों को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि भगवान की पूजा, संध्या आरती और गंगा स्नान जैसे कर्म ‘साधन’ हैं, जबकि परमात्मा की प्राप्ति ‘साध्य’ है। साध्य हमेशा साधन से ऊँचा होता है और सही साधन के मार्ग पर चलकर ही साध्य (ईश्वर) को प्राप्त किया जा सकता है।