NEET रद्द होने पर कोटा के छात्रों का छलका दर्द, बोले डॉक्टर बनने का सपना टूटा

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कोटा। NEET 2026 रद्द होने के बाद कोचिंग सिटी कोटा के छात्रों का दर्द छलक आया है। लाखों की तादाद में यहां रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के चेहरों पर मायूसी और सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ देखी जा सकती है।

एनटीए ने NEET 2026 की परीक्षा को रद्द कर इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान क‍िया है। इससे एक बार फ‍िर कोटा में तैयारी में लगे छात्रों को झटका लगा है। बिहार के पटना से कोटा आकर तैयारी कर रहे यश यादव का दर्द भी कुछ ऐसा ही है।

यश का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र अपना घर-बार छोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दूसरे शहरों में संघर्ष करते हैं। यश कहते हैं कि अगर जांच में पेपर लीक साबित होता है, तो सरकार को री-नीट कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।

यह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, हमारे डॉक्टर बनने के सपने का रास्ता है। यश को इस बार सफलता की पूरी उम्मीद थी और पेपर भी सामान्य रहा था, लेकिन अब पेपर ही रद्द हो गए हैं।

मध्य प्रदेश से आकर कोटा के कोरल पार्क इलाके में रह रहे राहुल माथुर बताते हैं कि सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों ने छात्रों को ‘पैनिक’ कर दिया है। राहुल के अनुसार, एनटीए की जिम्मेदारी परीक्षा को सुरक्षित कराने की थी, लेकिन सीकर से आई खबरों ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। अब हर छात्र को दोबारा उसी तनाव और तैयारी के दौर से गुजरना होगा।

सुरक्षा के नाम पर सख्ती, पर गोपनीयता में सेंध
कोटा में रहकर तैयारी करने वाले छात्र कुलदीप गौतम ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। कुलदीप का कहना है कि प्रशासन सुरक्षा के नाम पर इतना सख्त हो जाता है कि केंद्रों पर महिलाओं के मंगलसूत्र तक खुलवा लिए जाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ परीक्षा की गोपनीयता ताश के पत्तों की तरह ढह जाती है। उनका मानना है कि पक्ष-विपक्ष की राजनीति के बीच असली नुकसान उस ईमानदार छात्र का हो रहा है जिसने दिन-रात एक कर दिया।

सिस्टम पर सवाल और न्याय की उम्मीद
कोटा के छात्रों का यह आक्रोश सीधे तौर पर सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है। छात्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, वे केवल इंतजार कर सकते हैं, लेकिन ‘गेस पेपर’ के सवालों का मिलान महज इत्तेफाक नहीं लग रहा। अब देश की नजरें एसओजी की जांच और एनटीए के रुख पर टिकी हैं। क्या लाखों छात्रों की मेहनत को इंसाफ मिलेगा या सिस्टम की कमियां एक बार फिर भविष्य पर भारी पड़ेंगी? कोटा की गलियों में फिलहाल यही सबसे बड़ा सवाल है।

दो साल की मेहनत पर लगा झटका
जयपुर में रहकर नीट की तैयारी करने वाले छात्र अमित मीणा ने बताया कि इस साल उन्होंने नीट की परीक्षा दी थी। वह एसटी कैटेगरी से आते हैं और उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनके 500 से ज्यादा नंबर आ सकते थे और उनका चयन हो जाता। अमित ने आगे कहा कि वह पिछले दो साल से तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता किसान हैं और खेती करके ही उन्होंने उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया है। परीक्षा रद्द होने से उन्हें बड़ा झटका लगा है।

हर साल पेपर लीक से भविष्य बर्बाद
जयपुर में रहने वाली एक छात्रा ने कहा कि पेपर लीक होने की वजह से मेहनती छात्रों का चयन प्रभावित हो रहा है। उसने बताया कि 2024 में पेपर लीक हुआ, 2025 में पेपर बहुत कठिन था और इस बार फिर से पेपर लीक का मामला सामने आ गया। छात्रा ने कहा कि उसके माता-पिता बहुत मेहनत करके पैसे जुटाते हैं और एक फैसले से पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

अच्छा पेपर गया था, अब उम्मीद टूट रही
कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्रा रिया ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार मेहनत कर रही थी और इस बार उनका पेपर भी काफी अच्छा गया था। उन्हें विश्वास था कि इस बार उनका चयन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने की वजह से उनकी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे अपने लिए बड़ा झटका बताया।

एनटीए की व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल
कोटा में पढ़ाई कर रही छात्रा ओजस्वनी विजय ने कहा कि यह बहुत बड़े स्तर की समस्या है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर एनटीए दोबारा परीक्षा कराता है तो उसे यह गारंटी देनी चाहिए कि इस बार किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी, तभी छात्र भरोसे के साथ परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।