Tuesday, June 23, 2026
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OnePlus का 7000mAh बैटरी वाला यह 5G फ़ोन 20 हजार से कम में

नई दिल्ली। OnePlus Nord CE 6 Lite में 6.72-इंच का फुल एचडी डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144 हर्ट्ज है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस डिस्प्ले का पीक रिफ्रेश रेट कुछ खास ऐप्स में गेम खेलने के लिए ही रिजर्व है।

रोजाना के इस्तेमाल के लिए, यह पैनल ज्यादा से ज्यादा 120 हर्ट्ज पर काम करता है, जो इस सेगमेंट के ज्यादातर स्मार्टफोन के जैसा ही है। गेमर्स के लिए, इस डिवाइस में एक ऐसा पैनल है जो शूटर गेम्स में 90 FPS तक और रनर गेम्स में 144 FPS तक की स्पीड बनाए रख सकता है।

प्रोसेसर: लेटेस्ट OnePlus Nord CE 6 Lite में MediaTek Dimensity 7400 Apex चिपसेट लगा है, जिसे 4nm प्रोसेस पर बनाया गया है और इसके साथ UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है। वनप्लस का दावा है कि AnTuTu टेस्ट में 1,030,000 स्कोर के साथ यह सेगमेंट का सबसे तेज फोन है। हैवी यूज के दौरान तापमान को कंट्रोल में रखने के लिए, डिवाइस में 5,300sqmm का वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम लगाया गया है। फोन मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आता है और एंड्रॉयड पर बेस्ड ऑक्सीजनओएस 16 पर चलता है।

बैटरी: इसमें 7000mAh की बैटरी है, और कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर दो दिनों तक चल सकता है। इस बैटरी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि छह साल इस्तेमाल करने के बाद भी यह अपनी असली क्षमता का 80 प्रतिशत तक बनाए रखती है। जब इसे रिचार्ज करने की जरूरत होती है, तो 45W सुपरवूक वायर्ड चार्जिंग इसे तेजी से फिर से चार्ज कर देती है।

कैमरा: इसके कैमरा सेटअप में 50MP का प्राइमरी सेंसर है, जो 4K वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है; इसके साथ ही पोर्ट्रेट शॉट्स के लिए 2MP का डेप्थ सेंसर भी दिया गया है। सामने की तरफ, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का कैमरा है। इसमें ढेर सारे AI फोटोग्राफी टूल्स हैं, जिसमें एआई परफेक्ट शॉट, एआई रिफ्लेक्शन इरेज़र, एआई डिटेल बूस्ट, एआई पोर्ट्रेट ग्लो, एआई इरेज़र और एआई रिफ्रेम शामिल हैं। साथ ही 4K सपोर्ट वाली Motion Photos भी हैं। इसमें गूगल का Gemini AI भी मौजूद है, जिसमें Gemini Live के साथ-साथ कैमरा और स्क्रीन-शेयरिंग फंक्शनैलिटी भी मिलती है।

कीमत: OnePlus Nord CE 6 Lite तीन कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध है। इसके बेस 6GB+128GB वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये, 8GB+128GB वेरिएंट की कीमत 22,999 रुपये और टॉप-एंड 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 25,999 रुपये है। ग्राहक HDFC बैंक कार्ड पर 2,000 रुपये की छूट पा सकते हैं, जिससे इन तीनों वेरिएंट की प्रभावी कीमतें घटकर क्रमशः 18,999 रुपये, 20,999 रुपये और 23,999 रुपये हो जाएंगी। फोन दो कलर ऑप्शन – Vivid Mint और Hyper Black – में उपलब्ध है। इसे Amazon, OnePlus.in, OnePlus Store ऐप और OnePlus Experience Stores से खरीदा जा सकता है।

पीएम की अपील के बाद तेल मंत्री ने दिया बयान, क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष और युद्ध के हालातों के बीच भारत में ईंधन संकट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और कोविड काल जैसे उपाय अपनाने की अपील के बाद सोशल मीडिया पर ‘लॉकडाउन’ को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे। इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट की है। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं।

CII वार्षिक बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने साफ तौर पर कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने युद्ध के हालातों को देखते हुए सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं और रसोई गैस (LPG) का उत्पादन 35,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की किल्लत न हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ‘स्वदेशी’ अपनाने और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) बचाने के लिए एक विशेष आह्वान किया था। उनके सुझावों में ईंधन की बचत करना भी शामिल है। पीएम ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो, कारपूलिंग और ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

कंपनियों और कर्मचारियों को सलाह दी गई कि जहां संभव हो, घर से काम करें, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और तेल की खपत कम हो सके। PM ने लोगों से अपील की है कि वे कम से कम एक साल के लिए सोना (Gold) खरीदने और विदेशी यात्रा को टाल दें। भारत भारी मात्रा में सोना और तेल आयात करता है, जिसे कम करना देश की आर्थिक सेहत के लिए बेहद जरूरी है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
सरकार केवल तेल ही नहीं, बल्कि खाने के तेल (Edible Oil) और रसायनिक उर्वरकों (Fertilisers) के उपयोग को भी कम करने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल की बात कही है। पेट्रोलियम मंत्री पुरी के अनुसार, PM मोदी की यह किफायत की अपील असल में एक ‘वेक-अप कॉल’ है, ताकि पश्चिम एशिया के युद्ध से भारत के राजकोषीय खजाने पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके।

मंत्री के बयान से स्थिति साफ हो गई है कि भारत में कोई लॉकडाउन (Lockdown) नहीं होने वाला है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक युद्ध के कारण बढ़ने वाली तेल की कीमतों और डॉलर की कमी से देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए। मंत्री का कहना है कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक के तौर पर अपनी खपत कम कर देश की ‘आत्मनिर्भरता’ में योगदान देने का है।

Stock Market: सेंसेक्स 1458 अंक गिरकर बंद, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे

दो दिन में सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसला

नई दिल्ली। Stock Market, May 12, 2026 : अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद पश्चिम एशिया में हालात को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। इससे सेंसेक्स मंगलवार को 1,456.04 अंक गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ तो निफ्टी 436.30 अंक गिरकर 23,379.55 पर आ गया।

दोपहर 3 बजे करीब शेयर बाजार में आज जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1,515 अंक या 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,499.91 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 399.55 अंक यानी 1.68 प्रतिशत गिरकर 23,416.90 पर आ गया। दो दिन में सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसला है।

आज की गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये गिरकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.62 के ऑल टाइम लो लेवल पर बंद हुआ। सेंसेक्स से 30 शेयरों में से 27 गिरावट के साथ बंद हुए।

टेक महिंद्रा में सबसे ज्यादा 4.40 फीसदी गिरावट रही। अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, टीसीएस, टाइटन, इन्फोसिस, बीईएल, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी 2 से 4 फीसदी तक गिरावट आई। दूसरी ओर एनटीपीसी, एसबीआई और भारती एयरटेल के शेयर मामूली तेजी के साथ बंद हुए।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली
ब्रोडर मार्केट्स में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1.50 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.07 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

सेक्टोरल दबाव
आज के सत्र में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इस सेक्टर के इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसमें प्रमुख कंपनियों पर दबाव देखने को मिला।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स की गिरावट में टाइटन कंपनी और डिक्सन टेक्नोलॉजीज जैसे बड़े शेयरों का अहम योगदान रहा। इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के चलते पूरा सेक्टर दबाव में आ गया और बाजार की गिरावट और गहरी हो गई।

पेपर लीक की चर्चा के बीच NEET UG 2026 रद्द, 3 मई को खत्म हुई थी परीक्षा

नई दिल्ली। NEET UG 2026 Exam Cancelled : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 रद्द कर दी गई है। 3 मई को जब परीक्षा खत्म हुई, तब लाखों छात्र राहत महसूस कर रहे थे। लेकिन कुछ ही दिनों बाद सोशल मीडिया पर गेस पेपर और पेपर लीक की चर्चाएं तेज होने लगीं।

शुरुआत में इसे अफवाह माना गया लेकिन फिर राजस्थान से गिरफ्तारियों और हिरासत की खबरें आने लगीं। मामला इतना बढ़ा कि अब पूरी परीक्षा ही रद्द करनी पड़ी। करीब 22 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। ऐसे में परीक्षा रद्द होने छात्रों में मायूसी जरूर है। आइए इस प्रकरण को विस्तार से समझते हैं।

विवाद बढ़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA सामने आई और उसने दावा किया कि NEET UG 2026 को फुल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत कराया गया था। एजेंसी ने कहा कि इस बार सुरक्षा के लिए हाई-टेक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक रोका जा सके।

NTA के मुताबिक प्रश्न पत्र GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से भेजे गए थे। हर पेपर पर यूनिक वॉटरमार्क आइडेंटिफायर लगाया गया था ताकि लीक होने पर तुरंत स्रोत पकड़ा जा सके।

परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 5G जैमर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी का दावा था कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी तरह की इलेक्ट्रॉनिक चीटिंग की संभावना नहीं थी।

NTA के मुताबिक 7 मई की देर शाम उसे कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। अगले ही दिन यानी 8 मई को ये इनपुट दूसरी केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिए गए। इसके बाद राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी SOG ने जांच शुरू की और कई लोगों को हिरासत में लिया।

धीरे-धीरे सामने आया कि परीक्षा से पहले कथित गेस पेपर कुछ लोगों तक पहुंचा था। जांच एजेंसियों को शक है कि यह सिर्फ अनुमान वाला पेपर नहीं था, बल्कि असली प्रश्न पत्र से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हो सकती थी। यहीं से पूरा मामला साधारण अफवाह से निकलकर बड़े पेपर लीक कांड में बदल गया।

जांच एजेंसियां फिलहाल दो संभावित रास्तों की जांच कर रही हैं। पहला शक यह है कि पेपर प्रिंटिंग के दौरान लीक हुआ। दूसरा शक पेपर सेटिंग से जुड़े लोगों पर है। सूत्रों के मुताबिक कुछ जगहों पर हाथ से लिखा हुआ प्रश्न पत्र जैसा मटेरियल मिला है।

इससे जांच एजेंसियों को शक हुआ कि पेपर प्रिंटिंग स्टेज पर ही बाहर निकाला गया हो सकता है। अगर ऐसा साबित होता है तो यह परीक्षा सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक मानी जाएगी। राजस्थान में अब तक 45 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसी के बाद केंद्र सरकार ने मामले को CBI को सौंपने का फैसला किया।

NTA ने अपने नए बयान में साफ कहा कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद यह महसूस हुआ कि परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने माना कि अगर संदिग्ध परीक्षा को जारी रहने दिया जाता, तो इससे पूरे सिस्टम पर भरोसा कमजोर पड़ जाता।

यही वजह रही कि NEET UG 2026 को रद्द करने का फैसला लिया गया। एजेंसी ने कहा कि यह फैसला छात्रों के लिए कठिन जरूर है, लेकिन निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।

NTA ने साफ कर दिया है कि छात्रों को फिर से आवेदन नहीं करना होगा। पुराना रजिस्ट्रेशन डेटा ही इस्तेमाल किया जाएगा। जिन परीक्षा केंद्रों का चयन पहले हुआ था, वे ही मान्य रहेंगे।

एजेंसी ने यह भी कहा है कि दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पहले जमा फीस वापस की जाएगी। नए एडमिट कार्ड बाद में जारी किए जाएंगे। फिलहाल नई परीक्षा तारीख का इंतजार किया जा रहा है।

परीक्षा रद्द होने के बाद सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ा है जो महीनों से तैयारी कर रहे थे। कई छात्र अब मानसिक दबाव और अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार बहस चल रही है कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में बार-बार सुरक्षा को लेकर सवाल क्यों उठते हैं।

अभिभावकों की चिंता यह है कि अगर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह पा रही, तो मेहनती छात्रों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

अब पूरा फोकस CBI जांच और री-एग्जाम पर
फिलहाल देशभर की नजर अब CBI जांच पर टिकी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित गेस पेपर आखिर कहां से निकला और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। दूसरी तरफ लाखों छात्र अब नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आखिर और कितनी मजबूत व्यवस्था की जरूरत है।

मूडीज ने घटाया भारत का ग्रोथ अनुमान, छह महीने में दिखेगा बड़ा असर

नई दिल्ली। Iran War Impact on India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध को कोरोना महामारी के बाद सबसे बड़ा संकट बताते हुए लोगों से फ्यूल बचाने, विदेश यात्रा और सोने की खरीद से परहेज करने की अपील की है। इससे देश की इकॉनमी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी है।

इस बीच मूडीज रेटिंग्स ने 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान मंगलवार को 0.8 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया। यह कटौती निजी खपत और औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती के साथ-साथ ऊंची ऊर्जा लागत के कारण की गई है।

क्रेडिट निर्धारण एजेंसी ने अपनी ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ के मई संस्करण में कहा कि अगले छह महीनों में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी तथा ईंधन एवं उर्वरक की कमी का असर विभिन्न देशों में अलग-अलग होगा जो उनकी निर्भरता तथा लचीलेपन पर निर्भर करेगा।

एजेंसी ने कहा, ‘वैश्विक परिदृश्य अत्यधिक अनिश्चित बना हुआ है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति नाजुक है। हम भारत के लिए वृद्धि दर में करीब 0.8 प्रतिशत अंक तक की गिरावट का अनुमान लगाते हैं।

कच्चे तेल का आयात
इसके अलावा, 2027 (कैलेंडर वर्ष) के लिए भी मूडीज रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर का अनुमान 0.5 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, ऊर्जा आपूर्ति में सुधार और शिपिंग प्रवाह के सामान्य होने के साथ ये दबाव धीरे-धीरे कम होंगे एवं आर्थिक गतिविधियां सुधरेंगी। मूडीज ने साथ ही कहा कि भारत ऊंची तेल कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे में दूसरी बार की ईंधन बचाने की अपील

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को कोरोना महामारी के बाद इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताया है। 24 घंटे में दूसरी बार उन्होंने नागरिकों से अपील की।

ईंधन की खपत कम करें, अनावश्यक विदेशी मुद्रा खर्च से बचें, ज्‍यादा टिकाऊ तरीके अपनाएं और वर्क फ्रॉम होम ( Work From Home ) अपनाने को प्राथमिकता दें।

इस बीच IT इंडस्ट्री की संस्था NITES ने श्रम और रोजगार मंत्रालय को पत्र लिखकर IT और ITES सेक्टर के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को जरूरी बनाने की सलाह देने की मांग की। वहीं, जोहो (Zoho) के संस्‍थापक श्रीधर वेम्‍बु ने बताया कि वह पहले ही इस दिशा में काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी तो पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियां इस दशक के बड़े संकटों में से एक हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब हमने मिलकर कोविड की चुनौती का सामना किया था तो हम निश्चित रूप से इस संकट से भी पार पा लेंगे।’

पीएम बोले, ‘जब भी देश को युद्ध या किसी बड़े संकट का सामना करना पड़ा है तो हर नागरिक ने सरकार की अपील पर अपनी जिम्‍मेदारी निभाई है। आज भी हम सभी को एक साथ आने और अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।’

IT इंडस्ट्री ने की डिमांड

  • आईटी इंडस्ट्री की संस्था NITES ने श्रम और रोजगार मंत्रालय को इस बीच पत्र लिखा।
  • पत्र लिखकर IT और ITES सेक्टर के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को अनिवार्य बनाने की सलाह देने की मांग की।
  • NITES ने ऐसा करके पीएम मोदी की ईंधन बचाने और अनावश्यक यात्रा कम करने की अपील का समर्थन किया है।

रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो पर पहुंची, जानिए क्यों

नई दिल्ली। Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 35 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव एवं समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.57 पर खुला और फिर टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 95.63 पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

रुपया सोमवार को 79 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 95.28 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.14 पर रहा।

घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 525.44 अंक टूटकर 75,489.84 अंक पर जबकि निफ्टी 164.5 अंक फिसलकर 23,651.35 अंक पर रहा।

कच्चे तेल में उछाल
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 105.10 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि दुनिया में तेल का भंडार बहुत कम रह गया है। अप्रैल में ओपेक देशों का रोजाना उत्पादन साल 2000 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण कुवैत और इराक जैसे देश एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही उनके पास तेल रखने के लिए सुविधा नहीं है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 8,437 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 20 अरब डॉलर से अधिक निकाल चुके हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है। इस साल रुपये की कीमत में 6.5 फीसदी गिरावट आई है और यह एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसीज में शामिल है।

JEE Advanced 2026 का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड

नई दिल्ली। JEE Advanced Admit Card 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने नई जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, वे अब आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। यह परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में दाखिले के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

दो शिफ्ट में होगी परीक्षा :आईआईटी रुड़की द्वारा जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा का आयोजन दो अनिवार्य शिफ्टों में किया जाएगा:

पेपरसमय
पेपर 1सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
पेपर 2दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक

उम्मीदवारों के लिए दोनों पेपर में शामिल होना जरूरी होगा। किसी एक पेपर में अनुपस्थित रहने पर उम्मीदवार को मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।

जेईई मेन परीक्षा में निर्धारित कटऑफ हासिल करने वाले उम्मीदवार ही जेईई एडवांस्ड में शामिल हो सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड अनिवार्य दस्तावेज होगा। इसके बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

उम्मीदवारों के लिए दोनों पेपर में शामिल होना जरूरी होगा। किसी एक पेपर में अनुपस्थित रहने पर उम्मीदवार को मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।

जेईई मेन परीक्षा में निर्धारित कटऑफ हासिल करने वाले उम्मीदवार ही जेईई एडवांस्ड में शामिल हो सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड अनिवार्य दस्तावेज होगा। इसके बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

एडमिट कार्ड में जानकारियां
एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा केंद्र का पता, परीक्षा समय और अन्य जरूरी निर्देश दिए गए होंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के तुरंत बाद उसमें दर्ज सभी जानकारियों की जांच कर लें। किसी भी प्रकार की गलती मिलने पर तुरंत परीक्षा प्राधिकरण से संपर्क करें।

परीक्षा केंद्र पर ले जानी होगी फोटो आईडी
उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र भी लेकर जाना होगा। बिना फोटो आईडी और एडमिट कार्ड के प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर “JEE Advanced 2026 Admit Card” लिंक पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी दर्ज करें।
  4. लॉगिन डिटेल सबमिट करें।
  5. एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  6. इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें।

उम्मीदवारों को परीक्षा से जुड़े सभी लेटेस्ट अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहने की सलाह दी गई है। परीक्षा के दिन समय से पहले केंद्र पहुंचना और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखना जरूरी होगा।
 

Gold Price: पीएम मोदी की अपील के बाद सोना-चांदी की कीमतों में उछाल

नई दिल्ली। Gold Silver Price 12 May, 2026: पीएम नरेंद्र मोदी की देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बावजूद आज कमोडिटी मार्केट में गोल्ड के रेट में उछाल नजर आ रहा है।

मंगलवार, 12 मई को चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत करीब 1.5% बढ़कर ₹2,82,463 प्रति किलो पहुंच गई। वहीं सोना 0.3% मजबूत होकर ₹1,54,150 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर 0.2% बढ़कर 86.27 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी में 7% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी, जो एक महीने की सबसे बड़ी उछाल मानी जा रही है।

सोने की बात करें तो स्पॉट गोल्ड 0.5% चढ़कर 4,757.59 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.8% बढ़कर 4,768.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए।

निवेशकों की चिंता का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ता तनाव है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल ट्रांसपोर्ट रूट में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह का संकट कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

तेल की कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा भी गहरा गया है। इसी वजह से निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

डॉलर कमजोर होने से सोने को मिला सपोर्ट
ब्लूमबर्ग के मुताबिक अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी सोने-चांदी की कीमतों को सपोर्ट दिया। डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है। इसके अलावा कम बॉन्ड यील्ड के माहौल में निवेशक बिना ब्याज वाले सुरक्षित निवेश जैसे गोल्ड की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।

Market: सेंसेक्स दो दिन में 2000 अंक लुढ़का, निवेशको को पांच लाख की चपत

नई दिल्ली। Stock Market Update, 12 May 2026 :शेयर मार्केट में मंगलवार के कारोबार की शुरुआत एक बार फिर गिरावट के साथ हुई है। सुबह 11 बजे सेंसेक्स 860.48 अंक यानी 1.13% गिरावट के साथ 75,154.80 अंक पर आ गया। निफ्टी 226.75 अंक यानी 0.95% गिरावट के साथ 23,589.10 अंक पर ट्रेड कर रहा था।

पिछले सत्र में सेंसेक्स में 1312.91 अंक की गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 360.30 अंक गिरा था। इस तरह सेंसेक्स दो दिन में करीब 2,000 अंक गिर गया। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में गिरावट रही। इन्फोसिस में सबसे ज्यादा 2.57 फीसदी गिरावट आई।

इसके अलावा टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और टाइटन में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। दूसरी ओर रिलायंस, एसबीआई, ट्रेंट, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में तेजी रही। इस गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये गिरकर 462 लाख करोड़ रुपये रह गया।

इससे पहले बीएसई के 30 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक सेंसेक्स ने मंगलवार के कारोबार की शुरुआत 326 अंक नीचे 75688 के लेवल से की। दूसरी ओर एनएसई के 50 शेयरों वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी की भी ओपनिंग रेड रही। यह 93 अंक टूटकर 23723 के लेवल पर खुला। डॉलर के मुकाबले रुपया आज ऑल टाइम लो 95.50 पर खुला।

मिडकैप और स्मॉलकैप में सीमित हलचल
ब्रॉडर मार्केट में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.02 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा। इससे साफ है कि बाजार में फिलहाल दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

बाजार पर सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ट्रंप के बयान का पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ एक महीने पुराना संघर्षविराम अब ‘गंभीर खतरे’ में है। उन्होंने ईरान द्वारा दिए गए प्रस्ताव को ‘अस्वीकार्य’ बताया, जिसके बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भूराजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड का मई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर 0.75 प्रतिशत बढ़कर 104.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आपूर्ति बाधित होने की आशंका अभी बनी हुई है, जिससे कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

एशियाई बाजार: एशियाई बाजारों में मंगलवार को तेजी है। जापान का निक्केई 1.22% चढ़ा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.58% मजबूत हुआ। हांगकांग के फ्यूचर्स भी ऊपर का संकेत दे रहे हैं।

गिफ्ट निफ्टी टूडे: गिफ्ट निफ्टी 23,679 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो निफ्टी फ्यूचर्स से लगभग 190 अंक कम है। इसका मतलब है कि भारतीय बाजार आज बड़े गैप डाउन के साथ खुल सकता है।

अमेरिकी बाजार: सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार हल्की तेजी के साथ बंद हुए। एआई से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखी गई। डॉऊ जोंस 0.19%, एसएंडपी 500 भी 0.19% और नैस्डैक 0.10% चढ़कर बंद हुआ।