कोटा। न्यू हाड़ौती स्टोन मण्डी रामनगर की अत्यधिक डीएलसी दरों को कम कराने की मांग को लेकर स्टोन मर्चेंट विकास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्टर पियूष समारिया से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला से भी मुलाकात कर डीएलसी दरों में कमी किए जाने की मांग रखी। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि स्टोन मण्डी क्षेत्र में डीएलसी दरें बाजार मूल्य की तुलना में कई गुना अधिक होने के कारण पिछले कई वर्षों से क्षेत्र का विकास पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्टोन व्यवसाय पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में अत्यधिक डीएलसी दरों के कारण भूखण्डों का क्रय-विक्रय एवं रजिस्ट्रियां लगभग बंद हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जब इस क्षेत्र की कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) की रिजर्व दर लगभग 560 रुपये प्रति वर्ग फीट है, तब डीएलसी दर 2 से ढाई हजार रुपये प्रति वर्ग फीट निर्धारित किया जाना पूरी तरह अव्यावहारिक है। इस मामले को कई वर्षों से उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्टोन मर्चेंट विकास समिति के अध्यक्ष राकेश पाटोदी एवं महासचिव मनोज कुमार जैन ने बताया कि नगरीय विकास विभाग, राजस्थान सरकार की स्वीकृति से वर्ष 2002-03 में न्यू हाड़ौती स्टोन मण्डी रामनगर में कुल 389 भूखण्ड लगभग 34 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से आवंटित किए गए थे। वर्तमान में बाजार दर लगभग 350 रुपये प्रति वर्ग फीट है, जबकि डीएलसी अनुमानित बाहरी श्रेणी में 1961 रुपये एवं आंतरिक श्रेणी में 1796 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि डीएलसी दरें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक होने के कारण स्टाम्प ड्यूटी अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे पिछले लगभग 20 वर्षों से क्षेत्र में रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। इससे भूखण्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा राज्य सरकार भी स्टाम्प शुल्क के रूप में मिलने वाले राजस्व से वंचित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से डीएलसी दरों की पुनः समीक्षा कर उन्हें बाजार दरों के अनुरूप करने हेतु संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया। जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के पूर्व अध्यक्ष पारस काला, उपाध्यक्ष शिवचरण गुप्ता, मंत्री जम्बू कुमार जैन, अभिषेक खण्डेलवाल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

