Thursday, July 9, 2026
Home Blog Page 111

मेहंदी-संगीत की रौनक के बीच शुरू हुआ सनाढ्य आदिगौड़ सामूहिक विवाह

कोटा। सामाजिक सरोकारों की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए आध्या सेवार्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रथम सनाढ्य आदिगौड़ सामूहिक निःशुल्क कन्या विवाह महोत्सव का शुभारंभ 30 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सभी वैवाहिक रस्में संपन्न की जा रही हैं।

संस्था के मुख्य संयोजक लोकेश शर्मा ने बताया कि गुरुवार को आयोजित हल्दी-मेहंदी एवं संगीत कार्यक्रम में उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। दुल्हनों के हाथों में सजी मेहंदी की गहरी रंगत और उसमें रचा अपने जीवनसाथी का नाम, उनके चेहरे की मुस्कान को और भी खास बना रहा था।

कोषाध्यक्ष प्रियांशु शर्मा ने बताया कि परिजनों और सखियों ने पारंपरिक गीतों पर झूमकर माहौल को उल्लासमय बना दिया। ढोलक की थाप पर गूंजते मंगल गीतों के बीच दुल्हनें और परिजन खुशी से सराबोर नजर आए। संगीत संध्या में रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवक-युवतियों ने नृत्य प्रस्तुत कर आयोजन में चार चांद लगा दिए।

अध्यक्ष शालू शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में 8 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न होगा। 1 मई को प्रातः 8 बजे निकासी, 10 बजे तोरण, 11 बजे आशीर्वाद समारोह, दोपहर 1 बजे पाणिग्रहण संस्कार तथा 3 बजे विदाई समारोह आयोजित होंगे।

इस अवसर पर ओमप्रकाश टंकारिया, रामस्वरूप शर्मा, प्रेम शास्त्री, मनीष तिवारी, भीष्म कुमार शर्मा, गजेन्द्र जोशी, प्रमोद शर्मा, महावीर पंचोली, विजय भारद्वाज, रघुवर दयाल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सतीश शर्मा, प्रियांशु शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कोटा महिला नागरिक सहकारी बैंक ने 10% लाभांश वितरण शुरू किया

कोटा। Kota Mahaila Nagarik Sahakari Bank Ltd: कोटा महिला नागरिक सहकारी बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित 10 प्रतिशत लाभांश का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेश्वर न्याती ने जानकारी देते हुए बताया कि आमसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार अंशधारकों को लाभांश वितरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बैंक के सभी अंशधारक अपने डिविडेंड वारंट बैंक के प्रधान कार्यालय, कोटड़ी गुमानपुरा से बैंक समय के दौरान प्राप्त कर सकते हैं। लाभांश वितरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है, जिससे अंशधारकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

न्याती ने अंशधारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय में कार्यालय पहुंचकर अपने लाभांश का लाभ उठाएं। बैंक प्रबंधन द्वारा पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था के साथ यह प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है, जिससे सभी हितधारकों को समय पर लाभ मिल सके।

16 देशों से आए टूर ऑपरेटर्स ने कोटा-बूंदी को बताया आकर्षक पर्यटन स्थल

कोटा। 16 countries Tour operators Kota-Bundi Visit: जयपुर में आयोजित द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार के फेम टूर के तहत 16 देशों से आए टूर कंपनियों के संचालकों ने गुरुवार को कोटा- बूंदी का भ्रमण किया। इस दौरान होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।

फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि दो दिवसीय प्रवास के दौरान होटल फेडरेशन की टीम ने टूर ऑपरेटर्स के पयर्टन भ्रमण के साथ साथ आवास, भोजन एवं आतिथ्य सत्कार की समुचित व्यवस्था की। साथ ही उन्हें कोटा-बूंदी के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई।

कोटा भ्रमण के दौरान में सिटी पार्क, चंबल रिवर फ्रंट, सेवन वंडर्स पार्क तथा कोटा गढ़ पैलेस सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करवाया गया। गढ़ पैलेस स्थित पुरातत्व संग्रहालय को देखकर टूर ऑपरेटर्स को कोटा के समृद्ध इतिहास और संस्कृति की जानकारी दी गयी। सभी स्थानों पर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया।

टूर ऑपरेटर्स ने कोटा-बूंदी को ऐतिहासिक, पुरातात्विक, स्थापत्य कला एवं आधुनिक पर्यटन स्थलों का अद्भुत संगम बताते हुए इसे अत्यंत सुंदर एवं आकर्षक पर्यटन गंतव्य बताया। उन्होंने कहा कि अब तक वे जयपुर, चित्तौड़ और उदयपुर को प्रमुखता से अपने टूर प्लान में शामिल करते रहे हैं, लेकिन आगामी पर्यटन सीजन से कोटा-बूंदी को भी इन शहरों के साथ जोड़कर नई संयुक्त आइटनरी तैयार करेंगे।

माहेश्वरी ने बताया कि इन टूर कंपनियों का संचालन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होता है और ये अपने देशों से बड़ी संख्या में पर्यटकों को भारत भ्रमण के लिए भेजती हैं। इनमें रूस, स्पेन, साउथ अफ्रीका, अमेरिका, जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया सहित कई देशों की कंपनियां शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कोटा-बूंदी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में यह भ्रमण अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इससे आने वाले समय में जयपुर और उदयपुर आने वाले विदेशी पर्यटक हाड़ौती क्षेत्र की ओर भी आकर्षित होंगे।

इस अवसर पर माहेश्वरी ने होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान, सचिव रणविजय सिंह, RATO के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, ट्रैवल बाजार संयोजक दिलीप सिंह चौहान एवं पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से कोटा-बूंदी को इस फेम टूर में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि भविष्य में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स के साथ मिलकर कोटा-बूंदी को प्रमुख पर्यटन आइटनरी में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

कैसे होंगे बेटी के हाथ पीले, कैसे होगा बच्चों का स्कूल में एडमिशन, बैंकों में कैश नहीं

बैंकों में नकदी संकट दूर करने के लिए भारतीय किसान संघ ने स्पीकर बिरला को लिखा पत्र

कोटा। cash crisis in banks: भारतीय किसान संघ ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र लिखकर क्षेत्र के किसानों को बैंकों में आ रही नकदी की भारी किल्लत से अवगत कराया और इसके त्वरित समाधान की मांग की है।

भारतीय किसान संघ के सम्भाग अध्यक्ष गिरीराज चौधरी और जिलाध्यक्ष जगदीश कलमंडा ने पत्र के माध्यम से सर्वप्रथम माननीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिरला के विशेष प्रयासों से क्षेत्र के हजारों किसानों के बैंक खातों में कृषि बीमा, फसल खराबे की मुआवजा राशि और गेहूं खरीद का भुगतान सीधे जमा हो गया है। इस समय पर मिली आर्थिक सहायता से किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिसके लिए अन्नदाता उनका हृदय से धन्यवाद करता है।

प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों का सीजन अपने चरम पर है। साथ ही, शिक्षण संस्थानों में बच्चों के नए सत्र के लिए प्रवेश (एडमिशन) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसानों को अपनी पिछली उधारी चुकाने और खेती के आगामी कार्यों के लिए नकद राशि की तत्काल आवश्यकता है। खाते में पैसे होने के बावजूद किसान अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

जिला मंत्री रूपनारायण यादव ने क्षेत्र की जमीनी स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विशेषकर छोटे और सहकारी बैंकों में नकदी का भारी अभाव हो गया है। बैंकों में सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।

कई घंटों तक इंतजार करने के बाद बैंक अधिकारी ‘कैश खत्म’ होने की बात कहकर किसानों को खाली हाथ लौटा रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर बैंक पहुंचने वाले किसानों को बिना पैसे लिए लौटना पड़ रहा है, जिससे उनमें गहरा रोष व्याप्त है।

भारतीय किसान संघ ने लोकसभा अध्यक्ष से निवेदन किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और संबंधित बैंकिंग अधिकारियों एवं भारतीय रिजर्व बैंक को निर्देशित करें कि ग्रामीण व शहरी बैंक शाखाओं में पर्याप्त नकदी का प्रवाह सुनिश्चित किया जाए।

संघ का कहना है कि यदि समय रहते नकदी की उपलब्धता नहीं बढ़ाई गई, तो किसानों के सामाजिक और पारिवारिक कार्यों में बाधा आएगी। संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि बिरला जी हमेशा की तरह किसानों की इस व्यावहारिक समस्या का प्राथमिकता से समाधान करवाएंगे।

Kota Mandi: एनसीडीईएक्स पर वायदा मंदा रहने से कोटा मंडी में धनिया 100 रुपये गिरा

कोटा। Kota Mandi: भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 50 रुपये तेज रही। एनसीडीईएक्स पर वायदा मंदा रहने से धनिया 100 रुपये और टूट गया। लिवाली निकलने से लहसुन एवरेज 500 रुपये ऊँचा बिका। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 11000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2440से 2475, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2475 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2700, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1850, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 3800, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 4000 से 4400, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 6220, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6000 से 6300, सरसों 6400 से 6801, अलसी 7200 से 7800, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5220, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल ।

लहसुन 2500 से 15500, मैथी नयी 5800 से 6600, धनिया बादामी 11000 से 11400, धनिया ईगल 11500 से 12300, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

श्री नृसिंह प्राकट्य उत्सव: हिरण्यकश्यपु के 25 फीट के पुतले का हुआ वध

कोटा। अग्रवाल वैष्णव मोमियां पंचायत के तत्वावधान में गुरुवार को नरसिंह जयंती पर स्थानीय गांधी चौक में भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार, भगवान नरसिंह का प्राकट्य उत्सव मनाया गया। इस दौरान भगवान नरसिंह के स्वरूप द्वारा अधर्म के प्रतीक हिरण्यकश्यपु के 25 फीट ऊंचे पुतले का वध किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सूर्यास्त के समय ठीक सायं 6:45 बजे भगवान नरसिंह के उग्र प्राकट्य के साथ हुई। जैसे ही भगवान ने पुतले का संहार किया, पूरा क्षेत्र “जय श्री नरसिंह” और “जय श्री हरि” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात, भक्त प्रह्लाद के अनुनय-विनय और हाथ जोड़ने पर भगवान नरसिंह का क्रोध शांत हुआ, जो उपस्थित जनसमूह के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा कोटा के महामंत्री जगदीश जिन्दल, भाजपा नेता पंकज मेहता, भाजपा महामंत्री जगदीश जिंदल, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष हेमराज जिन्दल, जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंघल, महामंत्री रमेश गोयल, ट्रस्टी सोहनलाल गुप्ता, कैलाश गुप्ता, चेतन प्रकाश मित्तल, सुरेंद्र गोयल विचित्र थे।

पंकज मेहता ने भगवान नरसिंह की महत्ता बताते हुए कहा कि वे शक्ति व पराक्रम के अधिष्ठाता देव हैं। जगदीश जिंदल ने भगवान से देश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और आरोग्य की मंगल कामना की। प्रवक्ता संजय गोयल और सुनीता गोयल ने बताया कि हिरण्यकश्यप को मिले विशेष वरदान के कारण भगवान ने खंभे से प्रकट होकर यह विशिष्ट अवतार लिया था। जो यह संदेश देता है कि ईश्वर अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं।

इस अवसर पर गिर्राज मित्तल, रमा रमण मित्तल, गोपाल मित्तल, नरेंद्र नरेंद्र मित्तल, शिव बंसल, महिला मंडल की संरक्षिका सावित्री गुप्ता, अध्यक्ष शिखा मित्तल, सचिव सुनीता गोयल उपस्थित थे।

पुतले के अवशेष घर ले गए
संस्था के अध्यक्ष चेतन मित्तल गोंद वाले व महामंत्री महेंद्र मित्तल मठ वाले ने बताया कि ​समारोह के दौरान धार्मिक मान्यताओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। हिरण्यकश्यप वध के उपरांत श्रद्धालुओं में पुतले के अवशेष, जैसे कागज और लकड़ियां, अपने घर ले जाने की होड़ मच गई।

स्थानीय मान्यता के अनुसार, इन लकड़ियों को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से साल भर नकारात्मक ऊर्जा और परेशानियां दूर रहती हैं। वहीं, बड़ी संख्या में माताएं अपने छोटे बच्चों को भगवान नरसिंह के स्वरूप की गोद में बिठाकर आशीर्वाद दिलाती नजर आईं। जनश्रुति है कि भगवान नरसिंह की गोद में बैठने से बच्चों का मानसिक भय दूर होता है और वे मौसमी बीमारियों व व्याधियों से सुरक्षित रहते हैं।

सजी आकर्षक झांकियां, किया मंचन
महिला अध्यक्ष शिखा मित्तल व सचिव सुनीता गोयल ने बताया कि ​आयोजन में भव्य झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान नरसिंह के साथ-साथ राम दरबार, शिवजी, हनुमान और भक्त प्रह्लाद की सजीव झांकियां सजाई गईं। कार्यक्रम के अंत में विशाल महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों दीपकों की रोशनी से गांधी चौक जगमगा उठा। इसके पश्चात उपस्थित जनसमूह को शीतल ठंडाई और विशेष प्रसाद का वितरण किया गया।

128 साल पुरानी है वध की परम्परा
प्रवक्ता संजय गोयल ने इस आयोजन की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह परंपरा पिछले 128 वर्षों से अनवरत चली आ रही है। प्राचीन काल में यह आयोजन रामपुरा चौक में आयोजित होता था, लेकिन सन 1905 में तत्कालीन रियासत के दरबार द्वारा नरसिंह धर्मशाला के सम्मुख (वर्तमान गांधी चौक) स्थान उपलब्ध कराए जाने के बाद से यह उत्सव यहीं मनाया जा रहा है।

सांसद था तो क्षेत्र के विकास के लिए मंत्री ने लगवाए चक्कर, स्पीकर बिरला की आपबीती

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष और कोटा-बूंदी सांसद ओम बिड़ला का एक बयान सोशल मीडिया पर खासी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने सांसद रहते हुए अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए मंत्री के चक्कर लगाने का अनुभव साझा किया। रामगंज मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिड़ला ने मंच से कहा कि पहले उन्हें छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि जब वे सांसद थे, तब अपने क्षेत्र में एस्ट्रो टर्फ और स्टेडियम जैसी सुविधाओं के लिए उन्होंने करीब 6 करोड़ रुपए के स्टेडियम का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उन्हें कई वर्षों तक संबंधित खेल मंत्री के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता रहा और काम आगे नहीं बढ़ा।

बिड़ला ने कहा कि उस समय नियमों का हवाला देकर उनके प्रस्ताव को टाल दिया जाता था और उन्हें बार-बार इंतजार कराया जाता था। उन्होंने मंच से यह भी कहा कि अब समय बदल गया है और उनके क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र में और अधिक काम होंगे और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

बिड़ला के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि यह बयान उनके सांसद कार्यकाल के दौरान सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।

ईरान की अमेरिका को दो टूक, परमाणु हथियारों व मिसाइलों पर समझौते से इंकार

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में नई शुरुआत हो रही है और इसका भविष्य अमेरिका के बिना तय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामी गणराज्य अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में संरक्षित करेगा।

ईरान की सरकारी मीडिया में जारी उनके संदेश में कहा गया कि खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी तरह से समझौते से इनकार किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों का एकमात्र स्थान इसके पानी की गहराई में है और इस क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।

यह संदेश इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने ‘नेशनल पर्शियन गल्फ डे’ के मौके पर जारी किया है। यह दिन 1622 में पुर्तगाली सैनिकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकाले जाने की याद में मनाया जाता है।

खामेनेई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सदियों से बाहरी ताकतों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है और कई देशों ने यहां प्रभाव जमाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की ओर से शुरू की गई जंग के दौरान ईरानी लोगों ने अपने बलों की दृढ़ता, सतर्कता और साहस को करीब से देखा है।

उन्होंने दावा किया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त होगा और यह अपने लोगों की प्रगति, सुविधा और समृद्धि के लिए काम करेगा। उनके अनुसार, यह बदलाव क्षेत्रीय देशों के हित में होगा और स्थानीय ताकतों की भूमिका को मजबूत करेगा। गौरतलब है कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। इस क्षेत्र में लंबे समय से अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक मौजूदगी रही है, जबकि ईरान लगातार इसका विरोध करता आया है।

खामेनेई ने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करेगा और विदेशी “लालच और द्वेष” को समाप्त करेगा। उनके अनुसार, खाड़ी क्षेत्र के देशों का भविष्य एक साझा भाग्य से जुड़ा है, जिसमें बाहरी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है। मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश के सर्वोच्च नेता का पद संभाला है। वे अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उनके सभी संदेश सरकारी टीवी पर एंकर द्वारा पढ़कर सुनाए जाते हैं।

अमेरिका-ईरान में तनाव बरकरार: हालिया बयान ऐसे समय में आया है जब अस्थायी संघर्ष विराम के बीच भी शांति वार्ता को लेकर असमंजस बरकरार है और ओपेक से यूएई ने खुद को अलग कर लिया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान के होर्मुज न खोलने के दावे ने दुनिया में उथल-पुथल मचा रखी है। क्रूड ऑयल के दाम में इजाफा हो रहा है, जिससे कई देश अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं।

Stock market: सेंसेक्स 582 अंक लुढ़ककर 76913 पर, निफ्टी 24 हजार के नीचे बंद

नई दिल्ली। Stock market Closed : घरेलू शेयर बाजार में आज यानी गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति अच्छी नहीं रही। 30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 0.75 प्रतिशत या फिर 582.86 अंक की गिरावट के साथ 76913.50 अंक पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 0.74 प्रतिशत या फिर 180.10 अंक की गिरावट के साथ 23997.55 अंक पर बंद हुआ है।

आज गिरावट के माहौल में भी सनफार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। वहीं, दूसरी तरफ इटरनल, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, एलटी के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,014 पर खुला। बुधवार को यह 77,496 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 1,200 अंक से भी ज्यादा गिर गया था। अंत में कुछ रिकवरी दिखाते हुए 582.86 अंक या 0.75 फीसदी की गिरावट लेकर 76,913.50 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 23,996 पर खुला और इसी के साथ फिर 24 हजार के लेवल के नीचे चला गया। जबकि इंट्रा-डे ट्रेड में यह 23,796 तक फिसल गया था। अंत में 180.10 अंक या 0.74 फीसदी गिरकर 23,997 पर बंद हुआ।

Stock Market: BSE और NSE में कल 1 मई को नहीं होगा कोई कारोबार, जानिए क्यों

नई दिल्ली। Stock Market holidays: घरेलू शेयर बाजार में आज गुरुवार को ही कारोबारी हफ्ता समाप्त हो रहा है। कल यानी 1 मई को बीएसई और एनएसई में कारोबार नहीं होगा। जिसकी वजह से स्टॉक मार्केट लगातार तीन दिन तक बंद रहेगा।

1 मई 2026 को महाराष्ट्र दिवस (maharashtra day) की वजह से बीएसई और एनएसई में कल यानी शुक्रवार को छुट्टी रहेगी। बता दें, इससे पहले 14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती की वजह से शेयर बाजार में आखिरी बार छुट्टी हुई थी।

2026 में कितने दिन शेयर बाजार रहेगा बंद (share bazar holidays 2026)
इस साल कुल 16 दिन स्टॉक मार्केट में छुट्टी है। जिसमें से 7 छुट्टियां पहले ही बीत गई हैं। यानी आने वाले समय में 9 छुट्टी और रहेगी। जिसमें कल 1 मई की छुट्टी भी शामिल है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज भी कल यानी शुक्रवार को छुट्टी रहेगी। जिसकी वजह से कोई कारोबार नहीं होगा। एमसीएक्स के कैलेंडर के अनुसार 2026 में कुल 16 कारोबारी दिन MCX बंद रहेगा। बता दें, नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड भी दोनों सेशन में बंद रहेगा।