कैसे होंगे बेटी के हाथ पीले, कैसे होगा बच्चों का स्कूल में एडमिशन, बैंकों में कैश नहीं

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बैंकों में नकदी संकट दूर करने के लिए भारतीय किसान संघ ने स्पीकर बिरला को लिखा पत्र

कोटा। cash crisis in banks: भारतीय किसान संघ ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र लिखकर क्षेत्र के किसानों को बैंकों में आ रही नकदी की भारी किल्लत से अवगत कराया और इसके त्वरित समाधान की मांग की है।

भारतीय किसान संघ के सम्भाग अध्यक्ष गिरीराज चौधरी और जिलाध्यक्ष जगदीश कलमंडा ने पत्र के माध्यम से सर्वप्रथम माननीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिरला के विशेष प्रयासों से क्षेत्र के हजारों किसानों के बैंक खातों में कृषि बीमा, फसल खराबे की मुआवजा राशि और गेहूं खरीद का भुगतान सीधे जमा हो गया है। इस समय पर मिली आर्थिक सहायता से किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिसके लिए अन्नदाता उनका हृदय से धन्यवाद करता है।

प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों का सीजन अपने चरम पर है। साथ ही, शिक्षण संस्थानों में बच्चों के नए सत्र के लिए प्रवेश (एडमिशन) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसानों को अपनी पिछली उधारी चुकाने और खेती के आगामी कार्यों के लिए नकद राशि की तत्काल आवश्यकता है। खाते में पैसे होने के बावजूद किसान अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

जिला मंत्री रूपनारायण यादव ने क्षेत्र की जमीनी स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विशेषकर छोटे और सहकारी बैंकों में नकदी का भारी अभाव हो गया है। बैंकों में सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।

कई घंटों तक इंतजार करने के बाद बैंक अधिकारी ‘कैश खत्म’ होने की बात कहकर किसानों को खाली हाथ लौटा रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर बैंक पहुंचने वाले किसानों को बिना पैसे लिए लौटना पड़ रहा है, जिससे उनमें गहरा रोष व्याप्त है।

भारतीय किसान संघ ने लोकसभा अध्यक्ष से निवेदन किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और संबंधित बैंकिंग अधिकारियों एवं भारतीय रिजर्व बैंक को निर्देशित करें कि ग्रामीण व शहरी बैंक शाखाओं में पर्याप्त नकदी का प्रवाह सुनिश्चित किया जाए।

संघ का कहना है कि यदि समय रहते नकदी की उपलब्धता नहीं बढ़ाई गई, तो किसानों के सामाजिक और पारिवारिक कार्यों में बाधा आएगी। संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि बिरला जी हमेशा की तरह किसानों की इस व्यावहारिक समस्या का प्राथमिकता से समाधान करवाएंगे।