कोटा। कोटा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड की संचालक मण्डल एवं ऋण समिति की बैठक सोमवार को रावतभाटा रोड स्थित प्रधान कार्यालय में बैंक अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि एकमुश्त ऋण समाधान योजना–2025 (संशोधित) के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। योजना के तहत पिछले तीन माह में पांच सदस्यों को 8.75 लाख रुपये की ऋण ब्याज राशि की राहत प्रदान की गई।
साथ ही 21 नए सदस्यों को सदस्यता दी गई तथा 16 सदस्यों को 1.33 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। जनहित को ध्यान में रखते हुए ओटीएस योजना की अवधि अगले तीन माह 30 सितम्बर के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिक से अधिक ऋणधारक इसका लाभ उठा सकें।
वित्तीय स्थिति में सुधार, एनपीए घटा
बैठक में मार्च 2026 तक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि बैंक का अंकेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। बैंक की कुल जमाएं 845.36 करोड़ रुपये रही, जबकि ऋण वितरण 381.66 करोड़ रुपये से अधिक रहा। बैंक ने 3.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। अध्यक्ष बिरला ने बताया कि बैंक का नेट एनपीए घटकर 1.98 प्रतिशत रह गया है, जो बैंक की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति और प्रभावी ऋण प्रबंधन का संकेत है।
प्रबंध संचालक बीना बैरवा ने बताया कि बैठक में सीआरआर एवं एसएलआर की अनुपालना, ओटीएस योजना,वित्तिय विवरण एलएफएआर रिपोर्ट के अनुमोदन चर्चा, जमाओं की समीक्षा, एनपीए वसूली, बैंक ग्राहक सेवा, बैंक के तलपट व आय-व्यय की समीक्षा, एनपीए ऋण, ओटीएस योजना, सुरक्षा व्यवस्था, इंटर-ब्रांच एवं बैंक रीकन्सिलिएशन, प्रतिभूति निवेश सहित कुल 22 बिंदुओं के एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श पश्चात अनुमोदित किया गया।
बैठक में उपाध्यक्ष हेमराज सिंह हाडा, बोर्ड संचालक महेन्द्र कुमार शर्मा, सुरेश चंद्र काबरा, शैलेन्द्र ऋषि, महावीर सुवालका, अशोक मीणा एवं नंदलाल प्रजापति, तनिशा बादल, सहवर्तित संचालक नवनीत जाजू, प्रेम भाटिया, बोम अध्यक्ष ओम माहेश्वरी,जगदीश जिंदल, महेश अजमेरा, सदस्य सुरेन्द्र गोयल विचित्र एवं राजेन्द्र कुमार जैन उपस्थित रहे।

