29 वर्ष पुराने कृषि ऋण प्रकरण का निस्तारण, किसान को 17.90 लाख की ब्याज राहत

0
8

कोटा। मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना-2025-26 के तहत कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड ने 29 वर्ष पुराने कृषि ऋण प्रकरण का सफल निस्तारण कर एक किसान को बड़ी राहत प्रदान की है।

वर्ष 1997 से लंबित इस मामले में किसान द्वारा 3.48 लाख रुपये जमा कराने पर राज्य सरकार की ओर से 17.90 लाख रुपये की ब्याज राहत स्वीकृत की गई, जिससे कुल 21.38 लाख रुपये की वसूली सुनिश्चित हुई।

ऋण के पूर्ण निस्तारण के साथ ही किसान को मौके पर नो-ड्यूज प्रमाण पत्र सौंपा गया तथा बैंक में गिरवी रखी गई 10 खसरा नंबरों में दर्ज 17 बीघा कृषि भूमि को रहनमुक्त कर दिया गया।

कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देशों तथा सहकारिता मंत्री गौतम दक के मार्गदर्शन एवं प्रयासों के अनुरूप शाखा रामगंजमंडी से जुड़े इस 29 वर्ष पुराने अवधिपार ऋण प्रकरण का समाधान किया गया।

ग्राम चौसला, तहसील चेचट निवासी राधेश्याम पुत्र धन्नालाल मीणा ने मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत 3.48 लाख रुपये जमा कराए, जिसके बदले राज्य सरकार ने 17.90 लाख रुपये की राहत प्रदान की। इससे वर्षों से लंबित ऋण का निस्तारण संभव हो सका और किसान को आर्थिक संबल मिला।

राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से संकटग्रस्त किसानों को राहत देने के साथ उन्हें पुनः बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के माध्यम से किसानों की सिबिल (CIBIL) प्रोफाइल में सुधार हो रहा है, जिससे भविष्य में उन्हें संस्थागत ऋण प्राप्त करने का मार्ग भी सुगम होगा।

नो-ड्यूज प्रमाण पत्र सौंपते समय बैंक सचिव एवं उप पंजीयक ऋतु सपरा, वरिष्ठ अधिकारी धर्मवीर सिंह, खलीलउद्दीन तथा बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना-2025-26 के अंतर्गत अब तक कोटा जिले के 410 किसानों को 10.43 करोड़ रुपये की ब्याज राहत प्रदान की जा चुकी है।

किसानों से 4.81 करोड़ रुपये की नकद वसूली प्राप्त होने के साथ कुल 15.24 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई है, जो योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है।