Thursday, July 9, 2026
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Motorola के 3 नए Flip फोन 50MP के तीन कैमरे एवं AI फीचर्स के साथ लॉन्च

नई दिल्ली। Motorola Razr Flip Phones: Motorola ने अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन लाइनअप को और मजबूत करते हुए नई Razr 70 सीरीज पेश कर दी है। इस सीरीज में तीन मॉडल शामिल हैं Razr 70, Razr 70 Plus और Razr 70 Ultra।

ये तीनों फोन अलग-अलग बजट और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, लेकिन सभी में प्रीमियम डिजाइन और फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर मिलता है। ये फोन 165Hz रिफ्रेश रेट और 3000 nits की अधिकतम ब्राइटनेस के साथ आते हैं।

इन स्क्रीन की मदद से यूजर्स डिवाइस को खोले बिना ही ऐप्स, नोटिफिकेशन और AI असिस्टेंट के साथ इंटरैक्ट कर सकते हैं। इन फोन में 5000mAh तक की सबसे बड़ी बैटरी है, जो 36+ घंटे का उपयोग प्रदान करती है।

कीमत और उपलब्धता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Razr 70 सीरीज की कीमत $799 (लगभग ₹74,000) से शुरू होकर $1499 (लगभग ₹1.3 लाख) तक जा सकती है। इन फोन्स की सेल 21 मई से शुरू हो सकती है और ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।

मोटोरोला ने अभी इन फोन्स को अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित चुनिंदा ग्लोबल बाजारों में फोन पेश किए हैं। उम्मीद है कि मोटोरोला भारत में भी रेज़र 70 सीरीज लॉन्च करेगी।

Motorola Razr 70 Ultra के फीचर्स
Motorola Razr 70 Ultra इस सीरीज का सबसे प्रीमियम मॉडल है और इसमें कंपनी ने फ्लैगशिप लेवल के फीचर्स दिए हैं। इस फोन में 7.0-इंच का बड़ा फोल्डेबल LTPO pOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 165Hz रिफ्रेश रेट और हाई ब्राइटनेस के साथ आता है। बाहर की तरफ 4.0-इंच का बड़ा कवर डिस्प्ले दिया गया है, जिससे बिना फोन खोले भी कई काम आसानी से किए जा सकते हैं। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8s Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है। कैमरा की बात करें तो इसमें ट्रिपल 50MP प्रो-ग्रेड कैमरा सिस्टम मिलता है, जो AI फीचर्स के साथ आता है और शानदार फोटो और वीडियो कैप्चर करता है। फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो 68W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। मजबूती के लिए इसमें Gorilla Glass 3 का इस्तेमाल किया गया है।

Motorola Razr 70 Plus के फीचर्स
इसमें 6.9-इंच का pOLED फोल्डेबल डिस्प्ले दिया गया है, जो 165Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। इसके साथ ही 4.0-इंच का कवर डिस्प्ले भी मिलता है। इस फोन में Snapdragon 8s Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है। कैमरा में 50MP का डुअल रियर सेटअप दिया गया है। इसमें 4500mAh की बैटरी दी गई है और 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Motorola Razr 70 के स्पेसिफिकेशन
Motorola Razr 70 इस सीरीज का सबसे किफायती मॉडल है। इसमें 6.9-इंच का फोल्डेबल AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 7300X प्रोसेसर दिया गया है। कैमरा में 50MP का डुअल रियर सेटअप मिलता है। 4800mAh की बैटरी दी गई है, जो सामान्य इस्तेमाल में पूरे दिन चल सकती है।

iQOO Neo 10 अब भारत में दो नए कलर ऑप्शन में लॉन्च, जानिए फीचर्स और कीमत

नई दिल्ली। iQOO Neo 10 अब भारत में दो नए कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। ये नए कलर ऑप्शन, Inferno Red और Titanium Chrome फिनिश में फोन के लॉन्च होने के लगभग एक साल बाद आए हैं। ये नए कलर वेरिएंट देश में अगले हफ्ते से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

iQOO Neo 10 में Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट लगा है, जिसके साथ 16GB तक RAM और 512GB तक की ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलती है। इसमें 7,000mAh की बैटरी है और 50-मेगापिक्सेल का डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसकी बॉडी IP65 रेटेड है, जो इसे धूल और पानी की छींटों से सुरक्षित रखती है।

कीमत और ऑफर
भारत में iQOO Neo 10 को अब दो नए कलर – Alpine White और Asphalt Black में लॉन्च किया है। इस नए वेरिएंट की कीमत 8GB+256GB वेरिएंट के लिए 37,999 रुपये और 16GB+256GB वेरिएंट के लिए 42,999 रुपये है। लॉन्च ऑफर्स के तहत, 8GB रैम वेरिएंट 34,999 रुपये और 16GB रैम वेरिएंट 40,999 रुपये के डिस्काउंट प्राइस पर उपलब्ध होंगे। कंपनी का कहना है कि ये नए कलर्स रेसिंग कारों से इंस्पायर्ड हैं।

iQOO Neo 10 के Alpine White और Asphalt Black कलर वेरिएंट की सेल 5 मई को दोपहर 12 बजे से Amazon और आईकू इंडिया की वेबसाइट पर शुरू होगी। नए कलर्स, लाइनअप में पहले से मौजूद Inferno Red और Titanium Chrome कलर वेरिएंट के साथ उपलब्ध होंगे, जिन्हें मई 2025 में लॉन्च किया गया था।

QOO Neo 10 के फीचर्स
iQOO Neo 10 लेटेस्ट OriginOS 6 पर चलता है, जो Android 16 पर बेस्ड है। इसमें 6.78 इंच की एमोलेड स्क्रीन है, जो 1.5K (1,260×2,800 पिक्सेल) रिजॉल्यूशन, 144 हर्ट्ज तक रिफ्रेश रेट और 5500 निट्स तक की लोकल पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट मिलता है। इसमें Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट है, जिसे 16GB तक LPDDR5X अल्ट्रा रैम और 512GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है। फोन में आईकू की सुपरकंप्यूटिंग टिप Q1 भी है। दावा है कि इस चिप ने AnTuTu टेस्ट में 2.5 मिलियन से ज्यादा का स्कोर हासिल किया है।

डुअल रियर कैमरा यूनिट: फोटोग्राफी के लिए, फोन में डुअल रियर कैमरा यूनिट है, जिसमें 50-मेगापिक्सेल का सोनी IMX882 प्राइमरी कैमरा और 8-मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है। इसमें सेल्फी और वीडियो कॉल करने के लिए 32-मेगापिक्सेल का फ्रंट कैमरा है। फोन में थर्मल मैनेजमेंट के लिए एक डेडिकेटेड Q1 गेमिंग चिपसेट और 7,000 sqmm का वेपर कूलिंग चैंबर है।

बैटरी पैक: धूल- पानी से सुरक्षित रहने के लिए इसमें IP65 रेटेड बिल्ड मिलती है। फोन 120W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट के साथ 7000mAh बैटरी पैक करता है। फोन की बॉडी भी दमदार है और मिलिट्री-ग्रेड ड्रॉप रेजिस्टेंस बिल्ड के साथ आती है।

Gold Price Today: सोना हुआ 2843 रुपये सस्ता, चांदी भी धड़ाम, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: एक बार फिर से सोने का रेट 1.50 लाख रुपये के नीचे आ गया है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड का रेट आज गुरुवार को 148652 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। महज 4 दिन में ही सोने का भाव 2843 रुपये लुढ़क गया है। बता दें, 27 अप्रैल को 24 कैरेट गोल्ड का रेट सुबह के समय पर 151495 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।

इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार आज 24 कैरेट गोल्ड का रेट 148652 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 23 कैरेट गोल्ड का रेट 148057 रुपये के स्तर पर है। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का रेट आज 136165 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 18 कैरेट गोल्ड का रेट 111489 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट 86961 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

ibjrates के अनुसार 1 किलो चांदी का रेट आज 236882 रुपये है। 27 अप्रैल को चांदी का रेट 244103 रुपये प्रति किलोग्राम था। यानी तब से अबतक कीमतों में 7221 रुपये लुढ़क गया है।

29 जनवरी 2026 को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 175430 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। आल टाइम हाई से सोने का रेट 26778 रुपये लुढ़क चुका है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 1 किलोग्राम चांदी का रेट 29 जनवरी 2026 को 379988 रुपये के स्तर पर था। उच्चतम स्तर पर चांदी का रेट 143106 रुपये गिर चुका है।

सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह मौजूदा परिस्थितियां हैं। डॉलर लगातार रुपये के मुकाबले मजबूत हो रहा है। जिसकी वजह से निवेशक इन्वेस्टमेंट गोल्ड की जगह डॉलर में कर रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी की वजह भी गोल्ड के रेट पर बुरा असर पड़ा है। शेयर बाजार में भी नकारात्मकता का असर गोल्ड पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा आल टाइम पर गोल्ड जाने के बाद निवेशकों ने सोने से दूरी बना ली।

फॉक्सवैगन ID Polo का इलेक्ट्रिक अवतार लॉन्च; देगी 454 km तक की रेंज

नई दिल्ली। फॉक्सवैगन (VW) ने ID Polo को अनवील किया है। यह पॉप्युलर पोलो हैचबैक का पहला ऑल-इलेक्ट्रिक वर्जन है। आईडी पोलो फॉक्सवैगन ग्रुप के MEB+ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है। आईडी पोलो की कीमत €25,000 (27.76 लाख रुपये) से कम होगी।

इस नई पोलो की रेंज 454 किलोमीटर तक की है। खास बात है कि इसका बड़ी बैटरी पैक वाला वेरिएंट मात्र 24 मिनट में 10 से 80 पर्सेंट तक चार्ज हो जाता है। इसमें कंपनी हार्मन कार्डन का 10 स्पीकर म्यूजिक सिस्टम भी ऑफर कर रही है। आइए जानते हैं डीटेल।

लुक
4,053 मिमी लंबाई, 1,816 मिमी चौड़ाई, 1,530 मिमी ऊंचाई और 2,600 मिमी वीलबेस वाली आईडी पोलो, फॉक्सवैगन की नई प्योर पॉजिटिव डिजाइन लैंग्वेज को अपनाने वाला पहला मॉडल है। इस हैचबैक के फ्रंट में आईलिड-जैसे डीआरएल के साथ कनेक्टेड एलईडी हेडलाइट्स और बीच में एक इल्यूमिनेटेड फॉक्सवैगन लोगो दिया गया है। साइड से देखने पर ID Polo में उभरी हुई क्रीज और फ्लेयर्ड फेंडर्स इसे स्पोर्टी लुक देते हैं। फॉक्सवैगन का कहना है कि C-पिलर का डिजाइन ओरिजिनल गोल्फ से इंस्पायर्ड है। ID Polo 19 इंच तक के अलॉय वील्स के साथ उपलब्ध है। इसके रियर में फॉक्सवैगन लोगो वाली रैपअराउंड LED लाइट बार, एक बड़ा रूफ स्पॉयलर, छोटे वर्टिकल एयर एग्जिट्स और बम्पर के लिए डिफ्यूजर जैसा डिजाइन दिया गया है।

इंटीरियर
इंटीरियर की बात करें, तो आईडी पोलो का डिजाइन मिनिमलिस्टिक, लेकिन फीचर्स से लैस है। डैशबोर्ड के सेंटर में 13 इंच का स्टैंडअलोन इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन है, जो वायरलेस ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो को सपोर्ट करता है। इसके नीचे एसी वेंट और हैजर्ड लाइट्स, बेसिक क्लाइमेट कंट्रोल और डिफॉगर के लिए कई फिजिकल कंट्रोल दिए गए हैं। इनके नीचे एक फ्लोटिंग सेंटर कंसोल है जिसमें वायरलेस चार्जिंग पैड, मीडिया कंट्रोल के लिए एक रोटरी नॉब, दो कप होल्डर, चार्जिंग पोर्ट और ढेर सारी स्टोरेज स्पेस हैं। इसमें 10 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले है।

कंपनी इसमें 10-स्पीकर वाला हरमन कार्डन साउंड सिस्टम, फिक्स्ड पैनोरमिक ग्लास रूफ और मसाज और मेमोरी फंक्शन के साथ 12 तरह से एडजस्ट होने वाली पावर फ्रंट सीट्स भी दे रही है। आईडी पोलो में 441 लीटर का बूट स्पेस है, जिसे पीछे की सीट्स को फोल्ड करके 1,243 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है।

पावरट्रेन
आईडी पोलो 37kWh और 52kWh NMC (निकल मैंगनीज कोबाल्ट) बैटरी पैक के साथ उपलब्ध है, दोनों ही बैटरी 290Nm के फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर्स (FWD) से कनेक्ट हैं। 37kWh बैटरी वाले आईडी पोलो के लोअर वेरिएंट 116hp और हाई वेरिएंट 135hp की पावर देते हैं। 37kWh बैटरी की क्लेम्ड रेंज 329km है। इसकी मैक्सिमम DC चार्जिंग स्पीड 90kW है। इस वॉट कैपेसिटी पर बैटरी करीब 23 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो सकती है।

वहीं, आईडी पोलो के 52 kWh वेरिएंट 211 हॉर्सपावर की दमदार ताकत ऑफर करते हैं। फॉक्सवैगन का कहना है कि एक स्पोर्टी 226 हॉर्सपावर वाला जीटीआई वर्जन भी तैयार किया जा रहा है। नई पोलो का 52 किलोवॉट बैटरी पैक 454 किलोमीटर की रेंज देने का दावा करता है, और इसे 105 किलोवॉट डीसी चार्जर से लगभग 24 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है।

राजस्थान में कल से डिजिटल तरीके से जनगणना, खुद कर सकेंगे अपनी एंट्री

जयपुर। राजस्थान में जनगणना प्रक्रिया का आगाज़ 1 मई 2026 से होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इस बार जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पहले चरण में ‘स्व-गणना’ की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके तहत नागरिक स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य शुरू करेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को यह जानकारी दी। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक स्व-गणना कर सकते हैं, जबकि 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना कर्मी फील्ड में उतरकर मकानों की गणना करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है, ऐसे में जनगणना कर्मियों को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि जब कर्मी घर-घर पहुंचें, तो उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। यह जानकारी भविष्य में राज्य और देश के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि आज नागरिकों द्वारा दी गई सही जानकारी ही कल ‘विकसित राजस्थान’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में सहायक बनेगी। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में स्व-गणना से संबंधित लिंक भी साझा किया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में जनगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि राष्ट्र के भविष्य की नींव है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और उनकी गणना का कार्य किया जाएगा।

यह प्रक्रिया 16 मई से शुरू होकर 14 जून 2026 तक चलेगी, जिसमें जनगणना कर्मी प्रत्येक घर तक पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान मकानों की स्थिति, उपयोग और अन्य बुनियादी जानकारी भी दर्ज की जाएगी, जिससे विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी जनगणना को लेकर प्रदेशवासियों से सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 15 मई के बीच नागरिक स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की सही जानकारी दर्ज करें।

राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल लोगों की गिनती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया है। इसमें शिक्षा, रोजगार, लिंग अनुपात और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी शामिल होती है।

उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर ही सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं, विकास कार्यक्रम और नीतियां तैयार करती है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा सके।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्मी का नया प्लान तैयार, जानें क्या है योजना

वॉशिंगटन। US Iran War: अमेरिका सेना ने कथित तौर पर ईरान पर नए सिरे से हमलों का प्लान तैयार किया है। सेना की ओर से यह प्लान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने रखा जाएगा। एक्सियोस ने बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप को यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के हेड ब्रैड कूपर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की नई योजनाओं के बारे में ब्रीफ करेंगे।

दावा किया गया है कि गुरुवार को आर्मी बताएगी कि वह किस तरह से ईरान में हमले करना चाहती है। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप इस पर आगे बढ़ने या नहीं बढ़ने का फैसला लेंगे। ट्रंप की सहमति मिलने पर अमेरिकी आर्मी नए सिरे से हमले शुरू कर सकती है।

एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में अज्ञात सूत्रों का हवाले से कहा है कि CENTCOM ने ईरान पर ‘छोटे लेकिन शक्तिशाले’ हमलों की एक नई लहर के लिए योजना तैयार की है। इसमें खासतौर से ईरान के बुनियादी ढांचे के लक्ष्य बनाया जा सकता है। हालांकि वाइट हाउस या यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के साथ साझा की जाने वाली एक योजना होर्मुज जलडमरूमध्य के एक हिस्से पर कब्जा करने पर केंद्रित है। ऐसा करते हुए इस समुद्री गलियारे को वाणिज्यिक जहाजरानी के लिए फिर से खोला जा सकेगा। इस ऑपरेशन में अमेरिका की आर्मी (थल सेना) भी शामिल हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रीफिंग में एक और विकल्प पर चर्चा होगी। यह ईरान के यूरेनियम के भंडार को कब्जे में लेने के लिए विशेष बलों के ऑपरेशन का प्लान है। विशेष कमांडो दस्ता ईरान से यूरेनियम लाने की कोशिश कर सकता है। ट्रंप और ब्रैड कूपर के अलावा जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन गुरुवार की ब्रीफिंग में शामिल हो सकते हैं।

ईरान में युद्ध का खतरा बरकरार
अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के बाद 28 फरवरी को ईरान में युद्ध शुरू हुआ था। भीषण तबाही के बाद 8 अप्रैल को दोनों पक्षों में लड़ाई रुकी है सीजफायर के टूटने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में समझौते के लिए हुई वार्ता असफल रहने के बाद दोनों पक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से सीजफायर अनिश्तिकाल के लिए बढ़ा दिया है लेकिन वह लगातार धमकियां भी दे रहे हैं। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उनके पास ईरान में तबाही मचाने का विकल्प है। ईरान भी कड़ा रुख अपनाए हुए है और जंग के लिए तैयार होने की बात कही है। ऐसे में फिर से युद्ध शुरू होने का खतरा बना हुआ है।

6 एयरबैग, 8 इंच टचस्क्रीन व वन-टच फोल्ड फंक्शन के साथ नई 7 सीटर ट्राइबर लॉन्च

नई दिल्ली। रेनो इंडिया ने भारतीय बाजार में अपनी अपडेटेड ट्राइबर लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी एक्स-शोरूम कीमतें 5.80 लाख से 8.47 लाख रुपए तक तय की हैं। अब कंपनी ने इस 7-सीटर MPV कई नए फीचर्स के साथ ऑटोमैटिक एयर कंडीशनर को भी जोड़ा है।

इसे कुल 4 वैरिएंट और 5 ट्रिम में खरीद पाएंगे। इसमें 4 मैनुअल और एक ऑटोमैटिक शामिल है। इस प्राइस सेगमेंट के साथ ये देश की सबसे सस्ती 7-सीटर MPV भी है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला मारुति अर्टिगा, किआ कैरेंस और निशान ग्रेवाइट से होगा।

रेनो ट्राइबर 2026 चार वैरिएंट में उपलब्ध है। इसमें ऑथेंटिक, इवोल्यूशन, टेक्नो और इमोशन शामिल हैं। मैनुअल वैरिएंट की एक्स-शोरूम कीमतें 5.80 लाख रुपए से लेकर 8.00 लाख रुपए तक हैं। Easy-R AMT का ऑप्शन सिर्फ टॉप इमोशन वैरिएंट में उपलब्ध है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 8.47 लाख रुपए है। इमोशन वैरिएंट पर डुअल-टोन एक्सटीरियर कलर का सिलेक्ट करने पर 21,000 रुपए का एक्स्ट्रा खर्च आएगा।

रेनो ट्राइबर की देशभर में एक्स-शोरूम कीमतें
वैरिएंटकीमत
Authentic MT5,80,875
Evolution MT6,69,605
Techno MT7,39,120
Emotion MT8,00,350
Emotion Easy-R AMT8,47,950
डुअल टोन बॉडी कलर के एक्स्ट्रा ₹21,000

2026 ट्राइबर वैरिएंट के फीचर्स
2026 ट्राइबर में अपडेट के साथ, रेनो ने कम्फर्ट और फीचर्स को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया है। टॉप-स्पेक इमोशन वैरिएंट में अब ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल मिलता है, जो इस सेगमेंट में पहली बार जोड़ा गया है। एक और खास अपडेट दूसरी लाइन की सीटों का ‘वन-टच फोल्ड एंड टम्बल’ फंक्शन है, जिससे तीसरी लाइन में बैठना आसान हो जाता है।

इसके अलावा, दूसरी लाइन की सीटें अब पूरी तरह से फ्लैट हो सकती हैं, जिससे बूट की कैपेसिटी बढ़कर 1,065 लीटर तक हो जाती है। यह इसे अपने सेगमेंट की सबसे प्रैक्टिकल कारों में से एक बनाती है। अंदर की तरफ, केबिन में अब डुअल-टोन डैशबोर्ड है, जिसमें 20.32 cm (8-इंच) की फ्लोटिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम लगा है, जो वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले को सपोर्ट करती है।

रेनो ने कार की वैल्यू बढ़ाने के लिए अलग-अलग वैरिएंट में सुविधाओं को फिर से बांटा है। इवोल्यूशन वैरिएंट में अब स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स, डे/नाइट IRVM और पीछे की तरफ रूम लैंप मिलते हैं। टेक्नो वैरिएंट में ड्राइवर सीट की ऊंचाई एडजस्ट करने की सुविधा, आर्मरेस्ट, पीछे का डिफॉगर, इलेक्ट्रिक फोल्डिंग ORVMs, आगे के ट्विटर्स और तीसरी लाइन के पैसेंजर्स के लिए 12V सॉकेट जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

2026 ट्राइबर का इंजन और सेफ्टी
कार के मैकेनिकल हिस्से में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्राइबर में पहले वाला ही 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन लगा है, जो 72 PS की पावर और 96 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह सभी वैरिएंट में 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है। टॉप ट्रिम में AMT का विकल्प भी मिलता है। ट्राइबर में 21 स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं, जिनमें 6 एयरबैग, EBD के साथ ABS, ESC और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं। कार के साथ 3 साल की स्टैंडर्ड वारंटी मिलती है, जिसे रेनो सिक्योर प्रोग्राम के तहत 7 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकाबंदी से कच्चा तेल रिकॉर्ड हाई पर, दाम 120 डॉलर के पार

नई दिल्ली। Crude Oil Price: होर्मुज स्ट्रेट में जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का जून कॉन्ट्रैक्ट 120.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से 1.74 प्रतिशत अधिक है।

अमेरिका के ईरान के खिलाफ सख्त रुख और होर्मुज स्ट्रेट में जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को कीमतों में और इजाफा देखने को मिला, जबकि एक दिन पहले ही इनमें करीब 7 प्रतिशत की उछाल आई थी।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का जून कॉन्ट्रैक्ट 120.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से 1.74 प्रतिशत अधिक है। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (Nymex) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का जून कॉन्ट्रैक्ट 0.55 प्रतिशत चढ़कर 107.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ किया कि जब तक ईरान के साथ परमाणु समझौता नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी नहीं हटाई जाएगी। उन्होंने कहा, “यह नाकाबंदी बमबारी से कहीं ज्यादा कारगर है। वे (ईरान) सूअर की तरह घुट रहे हैं। उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।”

ईरान का प्रस्ताव भी खारिज
इससे पहले ईरान ने परमाणु वार्ता को टालते हुए होर्मुज को फिर से खोलने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन ट्रंप इससे खुश नहीं थे क्योंकि इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा नहीं उठाया गया था। शांति वार्ता ठप होने और नाकाबंदी जारी रहने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चरमरा गई है। ध्यान रहे कि होर्मुज स्ट्रेट से होकर दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस व्यापार की आवाजाही होती है।

भारत पर असर
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में इस नाकाबंदी ने देश के लिए एलपीजी, एलएनजी और क्रूड ऑयल की सप्लाई बुरी तरह बाधित की है। महंगे कच्चे तेल का सीधा असर आम नागरिक की जेब पर भी पड़ने के आसार प्रबल होते जा रहे हैं, हालांकि पेट्रोल-डीजल के रिटेल दाम अभी स्थिर हैं।

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने बुधवार को अनुमान जताया कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में कच्चे माल की कीमतों में दबाव और सप्लाई कमी के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs, फर्टीलाइजर सेक्टर, केमिकल इंडस्ट्री, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र के मुनाफे पर असर पड़ेगा।

मुनाफा क्यों घट रहा है
इक्रा के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत वशिष्ठ ने बताया कि क्रूड की ऊंची कीमतों के बावजूद पंप पर पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं, जिससे तेल कंपनियों की लाभप्रदता प्रभावित हुई है। हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद भी यह स्थिति बनी हुई है।

कंपनियों को हो रहा नुकसान
उनके अनुसार, अगर क्रूड 120-125 डॉलर प्रति बैरल पर रहता है और लॉन्ग-टर्म औसत क्रैक स्प्रेड बना रहता है, तो पेट्रोल पर मार्केटिंग मार्जिन लगभग माइनस 14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर माइनस 18 रुपये प्रति लीटर रहने का अनुमान है।

क्या आगे और बढ़ेंगे दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रहेगी और अमेरिका-ईरान वार्ता में सफलता नहीं मिलती, तब तक तेल की कीमतों में गिरावट की संभावना कम है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है।

Stock Market: सेंसेक्स 951 अंक से ज्यादा लुढ़का, निवेशकों के तीन लाख करोड़ स्वाहा

नई दिल्ली। Stock Market, April 30, 2026: एशियाई बाजारों में कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (30 अप्रैल) को गिरावट में खुले। शेयर बाजार खुलते ही बुरी तरह लुढ़क गया। बाजार खुलने के कुछ ही देर में सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिर गया। वहीं निफ्टी 50 में 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई। बाजार की इस गिरावट से निवेशकों को सुबह-सुबह बड़ा नुकसान हो गया।

सुबह 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 951.32 अंकों की गिरावट के साथ 76,545.04 पर था। वहीं निफ्टी 50 में भी बड़ी गिरावट आई। यह 307.20 अंक गिरकर 23,870.45 पर कारोबार कर रहा था। शेयर बाजार में गिरावट के कारण बीएसई पर लिस्ट कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिरकर 465 लाख करोड़ रुपये रह गया।

एक दिन पहले बढ़त के बाद दोनों इंडेक्स में मुनावसूली देखी जा रही है। सरकारी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ा है। साथ ही ऑटो स्टॉक्स में गिरावट ने भी बाजार की चाल पर नेगेटिव असर डाला है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,014 पर खुला। बुधवार को यह 77,496 पर बंद हुआ था। सुबह 9:20 बजे यह 727.04 अंक या 0.94 फीसदी की गिरावट लेकर 76,769.32 पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 23,996 पर खुला और इसी के साथ फिर 24 हजार के लेवल के नीचे चला गया। सुबह 9:20 बजे यह 249.50 अंक या 1.03 फीसदी की गिरावट के साथ 23,926 पर ट्रेड कर रहा था।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

एशियाई बाजारों में गिरावट
एशियाई बाजारों में गुरुवार को गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई और टॉपिक्स दोनों दबाव में रहे, जबकि कोस्पी में मामूली बढ़त और कोस्डैक में गिरावट रही। जापान का निक्केई 225 1.10% और टॉपिक्स 1.48% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.06% बढ़ा, जबकि कोस्डैक 0.25% गिर गया। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी
गिफ्ट निफ्टी करीब 67 अंकों की छूट पर कारोबार कर रहा है, जो घरेलू बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी बाजारों में फेड नीति और टेक कंपनियों के नतीजों के बाद मिला-जुला रुख रहा। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 280.12 अंक या 0.57% गिरकर 48,861.81 पर आ गया, जबकि एसएंडपी 500 2.82 अंक या 0.04% गिरकर 7,135.98 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 9.44 अंक या 0.04% बढ़कर 24,673.24 पर बंद हुआ।

होर्मुज बना बड़ा फैक्टर
भू-राजनीतिक मोर्चे पर तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान पर दबाव तब तक जारी रहेगा, जब तक परमाणु समझौता नहीं होता। होर्मुज में जारी गतिरोध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर दिया है।

Wheat: सरकारी खरीद एवं निर्यात कोटा में वृद्धि से गेहूं के भाव में तेजी का अनुमान

नई दिल्ली। Wheat Price: केन्द्र सरकार ने गेहूं की खरीद का लक्ष्य 303 लाख टन से 42 लाख टन बढ़ाकर 345 लाख टन नियत किया है और गेहूं के निर्यात कोटे को भी 25 लाख टन से दोगुना बढ़ाकर 50 लाख टन निर्धारित कर दिया है। उद्योग- व्यापार समीक्षकों का कहना है कि इन दोनों निर्णयों का मुख्य उद्देश्य गेहूं की कीमतों पर दबाव को घटाना और बाजार पर सकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालना है।

सरकार ने 2025-26 के रबी सीजन हेतु गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जो 2024-25 सीजन के समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए ज्यादा है। लेकिन गेहूं का थोक मंडी भाव इससे नीचे चल रहा है।

दरअसल फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स एवं व्यापारी-स्टॉकिस्ट किसानों से ऊंचे दाम पर गेहूं खरीदने के इच्छुक तो हैं मगर सरकार की क्षण-क्षण बदलती नीतियों से उन्हें डर लगता है। सरकार अक्सर गेहूं पर भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) लगा देती है जिससे स्टॉकिस्टों को नीचे दाम पर अपना माल बेचने के लिए विवश होना पड़ता है। इस बार भी दहशत का माहौल है क्योंकि मिलर्स एवं स्टॉकिस्टों को पहले ही भारी आर्थिक नुकसान हो चुका है।

भारतीय गेहूं का निर्यात ऑफर मूल्य अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फिलहाल प्रतिस्पर्धी स्तर पर नहीं है इसलिए निर्यातकों को आर्डर भी नहीं मिल रहे हैं। हो सकता है कि आगामी समय में बांग्ला देश, वियतनाम, नेपाल एवं म्यांमार सहित अन्य निकटवर्ती देश भारत से गेहूं की खरीद का प्रयास करे।

इसके अलावा दक्षिण कोरिया, ताईवान, इंडोनेशिया एवं मलेशिया तथा थाईलैंड जैसे देश पशु आहार निर्माण में उपयोग के लिए भारत से हल्की क्वालिटी के गेहूं की खरीद कर सकते हैं बशर्तें इसका भाव अन्य आपूर्तिकर्ता देशों की तुलना में आकर्षक हो।

जहां तक सरकारी खरीद का सवाल है तो यह नियत लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल है। गेहूं की सरकारी खरीद में हल्की क्वालिटी के माल की भागीदारी 30-35 प्रतिशत तक देखी जा रही है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में खरीद की गति बहुत धीमी है। राजस्थान में तो गेहूं की खरीद पर भारी-भरकम बोनस भी देने की घोषणा हो चुकी है।