गडकरी ने किया दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण, अधूरी है कनेक्टिविटी

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कोटा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। इस दौरान वे अलवर जिले के पिनान रेस्ट एरिया पर रुके। यहां उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों और स्थानीय पुलिस–प्रशासन के साथ बैठक के बाद वे सीएम भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही टनल तक पहुंचे

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे 1350 किमी का है। राजस्थान में इसका 373 किमी हिस्सा है। यहां 10 किमी एरिया में काम अधूरा है। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे को पहली बार साल 2023 में खोला गया था। इसके निर्माण की नई साल 2019 में रखी गई थी।

इसके निर्माण का दावा साल 2024 तक पूरा करने का था, लेकिन लगातार समय सीमा बढ़ती रही। हालांकि अब तक दिल्ली से मुंबई का सीधा जुड़ाव नहीं हो पाया है। राजस्थान में सवाई माधोपुर और बूंदी में पैकेज नंबर 10 का काम शेष है। इसी तरह से पैकेज नंबर 15 में बन रही मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व भी अधूरी है। मध्य प्रदेश में काम पूरा हो गया है। लेकिन गुजरात और महाराष्ट्र में काम बाकी है।

वहीं, कोटा, दिल्ली से सीधा जुड़ गया है, लेकिन दिल्ली से कोटा आने वाला मार्ग चालू नहीं है। इसमें पैकेज नंबर 10 का काम अधूरा है। जिससे काफी वाहन चालकों को दूसरे छोटे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है और वहां भी जाम जैसी परेशानी से जूझ रहे हैं। साथ ही वहां सड़कें भारी वाहनों के निकलने से टूट रही हैं। दूसरी तरफ अभी तक कोटा से मुंबई का सीधा जुड़ाव नहीं हुआ है।

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही टनल का काम अधूरा है। दूसरी तरफ गुजरात और महाराष्ट्र में भी अभी काम पूरे नहीं हुए हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के राजस्थान के जनरल मैनेजर संजय कदम का कहना है कि पैकेज नंबर 10 का काम जल्द करवाया जा रहा है। इसके लिए अगस्त तक की टाइमलाइन दी गई है।

टनल का काम भी जल्द पूरा होना है, यह भी अंतिम चरण में है। दौसा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गजेंद्र सिंह का कहना है कि प्रसारण निगम की हाईटेंशन लाइन जा रही है। इसे हटाने का काम करना है, इसलिए भी देरी हुई है। इसका शटडाउन प्रस्तावित है, जैसे ही नजदीक निर्माण पहुंचेगी, शटडाउन लेकर पोल को हटाया जाएगा।

राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में काम पीछे: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे 6 राज्यों में होकर गुजर रहा है,जिनमें हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल है। इनमें दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश में काम पूरा हो गया है। जबकि गुजरात और महाराष्ट्र में काम काफी ज्यादा शेष है. वहीं राजस्थान के 373 किमी लंबाई के एक्सप्रेसवे में 34 किमी का काम बाकी है।

इसमें पैकेज नंबर 10 26 किमी लंबा है। इसका 5 फीसदी यानी 3 से 4 किमी का काम शेष है. इस पैकेज के निर्माण में लगी धया माजू इंफ्रास्ट्रक्चर (एशिया) (DMIA) को पहले ही निलंबित कर दिया है। अब पैकेज नम्बर 4 का निर्माण करने वाली कंपनी एचजी इन्फ्रा को यह काम दिया गया है। पैकेज नंबर 15 में दिलीप बिल्डकॉन 8 किमी टनल का निर्माण कर रही है। इसमें महज 5 किमी एरिया का काम बाकी है।

घटिया निर्माण की शिकायत: एक्सप्रेसवे पर कई जगह पर सड़क पर गड्ढे होने की बात सामने आ रही है। दुर्घटनाओं के लिए खराब सड़क को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है. इस मामले को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियों हमला भाजपा और नितिन गडकरी पर बोल रही है। दौसा, अलवर, सवाई माधोपुर के साथ कोटा जिले में भी कई जगह पर सड़क खराब होने के लगातार समाचार आते रहे हैं।

निर्माण भी काफी लेट हो गया है। लंबे समय से एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी का दावा शहरों का किया जाता रहा है, लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ाई जाती रही है। दिल्ली, हरियाणा सेक्शन में 3 पैकेज में 59 किमी के हैं. जबकि सोहन वडोदरा सेक्शन में 31 पैकेज 844 किमी के हैं. इस तरह वडोदरा विरार में 13 पैकेज 354 किमी के हैं। जबकि विरार से जेएनपीटी में पांच सेक्शन हैं और 92 किलोमीटर लंबा है।

राजस्थान में जहां एक्सप्रेसवे चालू नहीं: नितिन गडकरी ने दोपहर में अलवर पहुंचे। उन्होंने पिनान रेस्ट एरिया में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधिकारियों और एक्सप्रेसवे निर्माण कंपनियां का प्रजेंटेशन देखा। इसके बाद में दीया कुमारी के साथ ही गडकरी आगे के लिए रवाना हो गए। हालांकि गडकरी को दौसा में जहां पर बस दुर्घटना हुई थी, वहां नहीं रूके। बड़ी संख्या में लोग वहां पर मौजूद थे, लेकिन गडकरी का काफिला वहां नहीं रुका। करीब 70 गाड़िया गडकरी के काफिले में शामिल थी।