कोटा। लोकसभा अध्यक्ष और कोटा-बूंदी सांसद ओम बिड़ला का एक बयान सोशल मीडिया पर खासी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने सांसद रहते हुए अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए मंत्री के चक्कर लगाने का अनुभव साझा किया। रामगंज मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिड़ला ने मंच से कहा कि पहले उन्हें छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि जब वे सांसद थे, तब अपने क्षेत्र में एस्ट्रो टर्फ और स्टेडियम जैसी सुविधाओं के लिए उन्होंने करीब 6 करोड़ रुपए के स्टेडियम का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उन्हें कई वर्षों तक संबंधित खेल मंत्री के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता रहा और काम आगे नहीं बढ़ा।
बिड़ला ने कहा कि उस समय नियमों का हवाला देकर उनके प्रस्ताव को टाल दिया जाता था और उन्हें बार-बार इंतजार कराया जाता था। उन्होंने मंच से यह भी कहा कि अब समय बदल गया है और उनके क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र में और अधिक काम होंगे और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
बिड़ला के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि यह बयान उनके सांसद कार्यकाल के दौरान सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।

