जल्द ही नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी का गठन किया जाएगा: अमित शाह

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नई दिल्ली। Co-operative Life Insurance Company: देश के सहकारिता आंदोलन को नया जीवन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक नीतिगत पहल की है।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में घोषणा की कि देश में सहकारी समितियों के विकास को तेज करने के लिए जल्द ही एक नई सहकारी लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) कंपनी का गठन किया जाएगा।

उन्होंने साफ किया कि सहकारिता आंदोलन, जो कांग्रेस शासन के दौरान एक उपेक्षित आंदोलन बन चुका था, उसे इस मंत्रालय के गठन से एक महत्वपूर्ण ‘लाइफलाइन’ मिली है। देश के लगभग 8.5 लाख सहकारिता संगठनों और 30 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए यह पहल एक दूरगामी गेम-चेंजर साबित होने वाली है।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि देश में सहकारी मॉडल पर आधारित भारत टैक्सी का कामकाज बेहद शानदार रहा है और आगामी दो वर्षों में इसका विस्तार 500 शहरों में करने की ठोस तैयारी है। इसी मॉडल की तर्ज पर, बीमा क्षेत्र में सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक स्वतंत्र सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी।

उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि उर्वरक क्षेत्र की दिग्गज सहकारी संस्था इफको (आईएफएफसीओ) पहले से ही एक जापानी फर्म के साथ संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) के जरिए बीमा व्यवसाय में सक्रिय है। यह नई कंपनी सीधे तौर पर सहकारिता क्षेत्र को वित्तीय सुरक्षा के दायरे में लाकर उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करेगी।

50,000 ई-पैक्स (ई-पीएसीएस) का शुभारंभ: ग्रामीण स्तर की वित्तीय रीढ़ कही जाने वाली 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) को डिजिटल तकनीक से लैस कर ई-पैक्स (ई-पीएसीएस) में परिवर्तित कर दिया गया है। यह जमीनी स्तर के संस्थानों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

अनाज भंडारण क्षमता का विस्तार: कार्यक्रम के दौरान 75,000 टन की कुल क्षमता वाले 135 गोदामों का हस्तांतरण किया गया, 85 नए गोदामों का उद्घाटन हुआ, तथा 47 अनाज भंडारण गोदामों का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया गया।