ईरान की अमेरिका को दो टूक, परमाणु हथियारों व मिसाइलों पर समझौते से इंकार

0
12

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में नई शुरुआत हो रही है और इसका भविष्य अमेरिका के बिना तय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामी गणराज्य अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में संरक्षित करेगा।

ईरान की सरकारी मीडिया में जारी उनके संदेश में कहा गया कि खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी तरह से समझौते से इनकार किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों का एकमात्र स्थान इसके पानी की गहराई में है और इस क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।

यह संदेश इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने ‘नेशनल पर्शियन गल्फ डे’ के मौके पर जारी किया है। यह दिन 1622 में पुर्तगाली सैनिकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकाले जाने की याद में मनाया जाता है।

खामेनेई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सदियों से बाहरी ताकतों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है और कई देशों ने यहां प्रभाव जमाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की ओर से शुरू की गई जंग के दौरान ईरानी लोगों ने अपने बलों की दृढ़ता, सतर्कता और साहस को करीब से देखा है।

उन्होंने दावा किया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त होगा और यह अपने लोगों की प्रगति, सुविधा और समृद्धि के लिए काम करेगा। उनके अनुसार, यह बदलाव क्षेत्रीय देशों के हित में होगा और स्थानीय ताकतों की भूमिका को मजबूत करेगा। गौरतलब है कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। इस क्षेत्र में लंबे समय से अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक मौजूदगी रही है, जबकि ईरान लगातार इसका विरोध करता आया है।

खामेनेई ने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करेगा और विदेशी “लालच और द्वेष” को समाप्त करेगा। उनके अनुसार, खाड़ी क्षेत्र के देशों का भविष्य एक साझा भाग्य से जुड़ा है, जिसमें बाहरी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है। मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश के सर्वोच्च नेता का पद संभाला है। वे अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उनके सभी संदेश सरकारी टीवी पर एंकर द्वारा पढ़कर सुनाए जाते हैं।

अमेरिका-ईरान में तनाव बरकरार: हालिया बयान ऐसे समय में आया है जब अस्थायी संघर्ष विराम के बीच भी शांति वार्ता को लेकर असमंजस बरकरार है और ओपेक से यूएई ने खुद को अलग कर लिया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान के होर्मुज न खोलने के दावे ने दुनिया में उथल-पुथल मचा रखी है। क्रूड ऑयल के दाम में इजाफा हो रहा है, जिससे कई देश अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं।