Thursday, July 9, 2026
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एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए NEET UG कल, जानिए गाइड लाइन

नई दिल्ली। NEET UG Guidelines : देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए रविवार 3 मई को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक नीट यूजी प्रवेश परीक्षा होगी। एग्जाम में अभ्यर्थी डिजाइनर, अधिक लेयर वाले, बड़े बटन वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने नहीं जाएं। साधारण कपड़े पहनने की सलाह दी है।

हाई हील के जूते पहनने से बचने की सलाह दी गई है। इससे उन्हें चेकिंग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। केंद्रों में 11 बजे से परीक्षार्थियों की एंट्री शुरू हो जाएगी। 1:30 बजे के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों को बॉयोमैट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। विद्यार्थियों को पेन लेकर नहीं जाना है। उन्हें सेंटर पर ही पेन दिया जायेगा। परीक्षार्थी को ओरिजिनल आइडी जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर कार्ड अथवा सरकार द्वारा जारी कोई अन्य आईडी जिसमें कैंडिडेट की फोटो आ रही हो, इनमें से कोई भी एक आइडी साथ लाना है।

नीट के जरिए ही देश के तमाम मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमस, बीएचएमस, बीयूएमस ( MBBS, BDS, BSMS, BAMS, BHMS, BUMS ) और अन्य विभिन्न अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिला होता है।

क्या है नियम और गाइडलाइंस

नीट ड्रेस कोड ( NEET Dress Code )

  • नीट देने जा रहे लड़के आधी बाजू की शर्ट या फिर टीशर्ट पहनकर आएं। लंबी बाजू वाले कपड़े और ऊनी कपड़े पहनकर आने की अनुमति तो है पर उसके लिए पहले रिपोर्ट करना होगा। फ्रिस्किंग में लंबा समय लग सकता है इसलिए पूरी बाजू वाले कपड़े पहनने से बचें।
  • ट्राउजर या सिंपल पैंट पहनकर आएं। पैंट में जेब हो सकती है। कई चेनों वाले और बड़े बड़े बटनों वाले कपड़े न पहनें। मैटेलिक आइटम लाने की अनुमति नहीं है इसलिए मेटल बटन वाली जींस पहनकर आने से बचें। किसी भी ड्रेस में मेटल के बटन नहीं होने चाहिए।
  • महिलाएं आधी बाजू की कुर्ती या टॉप पहन सकती हैं। महिलाओं को भी लंबी बाजू वाले कपड़े और ऊनी कपड़े पहनकर आने की अनुमति तो है पर उसके लिए पहले रिपोर्ट करना होगा। फ्रिस्किंग में लंबा समय लग सकता है इसलिए पूरी बाजू वाले कपड़े पहनने से बचें।
  • स्टूडेंट्स को जूते पहनने की अनुमति नहीं है। उन्हें चप्पल या कम हील वाली सैंडल पहनने की ही अनुमति है। महिलाएं कम हील वाली सैंडल पहनकर आ सकती हैं।
  • जूलरी पहनकर आना भी मना है। सन ग्लासेस, हाथ वाली घड़ी, टोपी पहनकर एग्जाम देने की अनुमति नहीं है।
  • हेयर बैंड, कड़ा, ताबीज, बेल्ट, स्कार्फ, अंगूठी, कड़ा, कान के बूंदे, नाक की लौंग, गले का हार, बिल्ला, कलाई घड़ी, ब्रेसलेट, कमैरी, मेटेलिक आइटम अपने साथ न लाएं।
  • किसी भी परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड, सेल्फ डिक्लेयरेशन, फोटो आईडी प्रूफ, फ्रिस्किंग के बिना एग्जाम हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी।
  • अगर उम्मीदवार सांस्कृतिक, पारंपरिक ड्रेस, आस्था या धर्म से जुड़ी चीजें पहन रहे हैं, तो उन्हें रिपोर्टिंग समय से कम से कम डेढ़ घंटे पहले यानी दोपहर 12.30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर तलाशी के लिए रिपोर्ट करना होगा।

इन चीजों को ले जाने की अनुमति

  • उम्मीदवार अपने नीट एडमिट कार्ड के अलावा ऑरिजनल आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या अन्य सरकार द्वारा जारी कोई फोटो आईडी प्रूफ भी लाएं। एडमिट कार्ड पर पासपोर्ट साइज फोटो लगाकर आएं।
  • अटेडेंस शीट पर चिपकाने के लिए एक पासपोर्ट साइज का फोटो जरूर लाएं। फोटो का बैकग्राउंड सफेद हो। आवेदन पत्र में अपलोड
  • एडमिट कार्ड के साथ डाउनलोड किए गए परफॉर्मा में पोस्ट कार्ड साइज 4*6 का फोटो लगाएं। इसे एग्जाम हॉल में इनविजिलेटर को देना होगा।
  • जो उम्मीदवार एडमिट कार्ड के साथ डाउनलोड किए गए प्रोफार्मा पर पोस्टकार्ड आकार (4X6) का फोटो चिपकाया हुआ और एक अन्य पासपोर्ट आकार का फोटो साथ नहीं लाएंगे, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। फोटो का बैकग्राउंड व्हाइट होना चाहिए।
  • उम्मीदवार अपनी एक ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल ले जा सकते हैं।
  • नीट एडमिट कार्ड के साथ सेल्फ डिकलेयरेशन फॉर्म व अंडरटेकिंग फॉर्म भी लाना होगा। यह भरा हुआ होना चाहिए।

1.30 बजे के बाद एंट्री नहीं
परीक्षा 2 बजे शुरू हो जाएगी। एंट्री आधा घंटा पहले तक यानी 1.30 बजे तक ही दी जाएगी। 1.30 बजे के बाद जो अभर्थी आएंगे, उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इन चीजों की है सख्त मनाही

  • किसी भी तरह की इलेक्ट्रानिक डिवाइस को लाने की अनुमति नहीं होगी। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, माइक्रोफोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ज्योमेट्री या पेंसिल बॉक्स, घड़ी लाने की अनुमति नहीं है।
  • कोई खाने की चीज भी परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं है।
  • एग्जाम हॉल में जूलरी पहनकर आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
  • रफ कार्य उत्तर पुस्तिका में ही करना है। ऐसा न करने पर वो चेक नहीं होगी।

नीट OMR शीट को लेकर नियम
नीट यूजी परीक्षा की OMR शीट पर छात्रों को अपना रोल नंबर, पेपर कोड, क्वेश्चन पेपर बुकलेट नंबर तथा व्यक्तिगत विवरण को सबसे ज्यादा ध्यानपूर्वक भरना होगा। शीट के गोले को भरते समय पेन की इंक दूसरे ओवल को ओवरलेप नहीं करे। कटिंग व ओवरराइटिंग, इरेजिंग से भी बचें।

नीट ओएमआर शीट को लेकर क्या नियम हैं

NTA ने OMR भरने के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ की एक लिस्ट भी जारी की है, और छात्रों को याद दिलाया है कि यह पक्का करना ज़रूरी है कि उनकी OMR शीट सही तरीके से भरी गई हो।

क्या करें

  • सेंटर पर दिए गए सिर्फ काले बॉल पॉइंट पेन का ही इस्तेमाल करें
  • गोले को पूरी तरह और गहरा भरें
  • हर सवाल के लिए सिर्फ़ एक ही ऑप्शन चुनें
  • निशान लगाने से पहले सवाल नंबर को ध्यान से मिला लें
  • अपनी OMR शीट को साफ-सुथरा और बिना किसी नुकसान के रखें

क्या न करें

  • टिक (✓) या क्रॉस (✗) के निशान न लगाएं
  • आधे-अधूरे भरे हुए गोले न छोड़ें
  • एक से ज़्यादा जवाबों पर निशान न लगाएं
  • शीट पर कुछ दोबारा न लिखें या उसे गंदा न करें

टॉयलेट ब्रेक

  • टॉयलेट ब्रेक लेने पर फिर से फ्रिस्किंग की जाएगी। परीक्षा के पहले 30 मिनट और अंतिम 30 मिनट में टॉयलेट ब्रेक नहीं मिलेगा।
  • एनटीए ने यह भी कहा है कि देश के कई हिस्सों में बारिश और तूफान की संभावना को देखते हुए, कृपया अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएं।

वार्ता से हल नहीं निकला तो अमेरिका फिर करेगा ईरान पर हमला, जानिए क्या है प्लान

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे टकराव को खत्म करने के लिए साफ दो विकल्पों की बात की और कहा कि या तो बातचीत से इस मसले का हल निकाला जाए या फिर पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान की तरफ से पेश किए गए बातचीत के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ट्रंप का बयान शुक्रवार को तब आया जब एक दिन पहले ही सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने उन्हें ईरान के बारे में ब्रीफ किया था।

ट्रंप से जब इस ब्रीफिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हमारे पास विकल्प हैं। क्या हमें उन पर जोरदार हमला करके हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए या हमें कोई समझौता करना चाहिए? यही विकल्प हैं।” ट्रंप से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह ईरान पर जबरदस्त हमले करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “मानवीय आधार पर मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा, लेकिन विकल्प यही हैं।”

ट्रंप के बयानों से यह संकेत मिलता है कि दो महीने से चल रहे इस गतिरोध के जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। ट्रंप ने ईरान को ताजा प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वे (ईरान) एक समझौता करना चाहते हैं, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं कि आगे क्या होता है।” हालांकि, उन्होंने प्रस्ताव की कमियों के बारे में नहीं बताया लेकिन कहा कि वे ऐसी चीजें मांग रहे हैं, जिससे मैं सहमत नहीं हो सकता।

ट्रंप ने पुष्टि की कि बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और फोन के जरिए चर्चा जारी है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के प्रति निराशा व्यक्त की। ट्रंप ने कहा, “वहां एक बेहद बिखरा हुआ नेतृत्व है। वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उनमें आपस में ही मतभेद है।

ईरान ने भी अपने नए प्रस्ताव में झुकने का संकेत दिया है और कई मुद्दों पर अपनी पिछले रुख से पीछे हटा है। इसके पहले विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान कूटनीति के लिए तैयार रहेगा, अगर वॉशिंगटन अपने अत्यधिक कठोर रवैये, धमकी भरी बयानबाजी और भड़काई कार्रवाई को रोक दे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सेना देश पर होने वाले किसी भी हमले से बचाव के लिए तैयार है।

शादियों में होने वाला अपव्यय बच्चों की शिक्षा व उनके कौशल विकास पर खर्च करें: नागर

पोलाई कलां में 18वां मेघवाल समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न

सिमलिया/​पोलाई कलां/कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को मेघवाल समाज सेवा समिति, पोलाई कलां के तत्वावधान में आयोजित 18वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लिया और वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया।

मेघवाल समाज सेवा समिति के अध्यक्ष गंगाबिशन राठल और भाजपा एससी मोर्चा के भवानीशंकर ने बताया कि सम्मेलन में समाज के दर्जनों जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामकर दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया।

​समारोह को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन आज के समय की महती आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है, बल्कि समाज के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को एक बड़ा संबल मिलता है।

मंत्री नागर ने जोर देकर कहा कि शादियों में होने वाला अपव्यय यदि बच्चों की शिक्षा और उनके कौशल विकास पर खर्च किया जाए, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।

मंत्री नागर ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की भजनलाल सरकार दलित और वंचित तबके के साथ ही समाज के हर वर्ग उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के घर तक निर्बाध बिजली पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने मेघवाल समाज की एकता और सेवा समिति के 18 वर्षों के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोलाई कलां ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक समरसता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

कोटा यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिलेगा फ्रेंच-जापानी समेत 6 विदेशी भाषा का प्रशिक्षण

युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार करेगा यह एमओयू : मुख्यमंत्री

कोटा। राजस्थान के युवाओं को वैश्विक मंच पर सशक्त और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोटा विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान ने बताया कि इस अवसर पर विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान सरकार और इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी (EFLU), हैदराबाद के मध्य हुए ऐतिहासिक समझौता (MoU) पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में 22 विभागों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य में कौशल आधारित शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम इसी संकल्प की ठोस अभिव्यक्ति है। उन्होंने बताया कि एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र एवं प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर दक्ष बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने बताया कि EFLU हैदराबाद के साथ हुए इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन, फ्रेंच, कोरियाई, स्पेनिश एवं अंग्रेजी सहित अनेक विदेशी भाषाओं का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे न केवल उनके संवाद कौशल में निखार आएगा, बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने के मार्ग भी प्रशस्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल शहरी विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य सरकार इसे गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के होनहार छात्र भी इस योजना का भरपूर लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा, “आज के युग में भाषा कौशल कोई अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।”

कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है; आज बहुभाषीय दक्षता और वैश्विक दृष्टिकोण अत्यावश्यक है। उन्होंने इस MoU को विद्यार्थियों के लिए “अवसरों का द्वार” बताते हुए कहा कि इससे उनके करियर में नई एवं असीमित संभावनाएं उत्पन्न होंगी।

उन्होंने विश्वविद्यालय के समस्त संकाय सदस्यों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में पहले से कौशल विकास केंद्र संचालित है, जो इस कार्यक्रम की नींव को और सुदृढ़ करेगा।

दूरदर्शिता का परिणाम है यह कार्यक्रम
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति का सुफल है, जो राजस्थान के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए सक्षम बनाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई भी उपस्थित रहे।

छात्रों ने पूछे सवाल, मुख्यमंत्री ने दिए जवाब
संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विदेशी भाषा प्रशिक्षण, पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जुड़े अनेक प्रश्न सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत एवं संतोषजनक उत्तर देते हुए आश्वस्त किया कि यह कार्यक्रम पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित किया जाएगा।

इन गणमान्यों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान, स्नातकोत्तर अधिष्ठाता प्रोफेसर घनश्याम शर्मा, फार्मेसी विभाग से डॉ. के. के. शर्मा, डॉ. सरिता सोलंकी तथा विधि विभाग समन्वयक डॉ. प्रियंका सैनी सहित 22 विभागों के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

सनाढ्य आदिगौड़ सामूहिक विवाह में 8 जोड़े बने हमसफर, उपहारों से सजाई गृहस्थी

कोटा। जब सुसज्जित बग्गियों पर सवार दूल्हे-दुल्हन भगवान परशुराम की भव्य झांकी के साथ नगर की गलियों से गुजरे, तो राहगीर ठिठककर देखते रह गए। यह दृश्य था आध्या सेवार्थ फाउण्डेशन के तत्वावधान में आयोजित प्रथम सनाढ्य आदिगौड़ सामूहिक निःशुल्क कन्या विवाह महोत्सव का, जो दो दिवसीय आयोजन के बाद हर्षोल्लास एवं घर जैसे पारिवारिक वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

मुख्य संयोजक लोकेश शर्मा ने बताया कि वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार 8 जोड़ों का विधिवत पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ और नवदंपतियों ने जीवन भर साथ निभाने का पवित्र वचन लिया। मुख्यअतिथि खाटू श्याम बाबा रहे उनका विशाल दरबार सजा। महंत सत्यप्रकाश बनखण्डी ने नव वरवधुओं आशीर्वाद दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौत्तम ने नव जोडो को अपनी शुभकामनाएं दी।

नगर भ्रमण बना आकर्षण का केंद्र
मुख्य संयोजक शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम की भव्य झांकी के साथ निकली इस बारात ने नगर के मार्गों पर एक अलग ही उत्सव का माहौल रच दिया। नगरवासी इस अनूठे दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। शोभायात्रा के पश्चात दूल्हों ने तोरण मारकर मंगल प्रवेश किया और वरमाला की पावन रस्म के साथ अपने जीवनसाथी का चयन किया।

खाटू श्याम के दरबार में लिए सात फेरे
फाउण्डेशन के कोषाध्यक्ष प्रियांशु शर्मा ने बताया कि आयोजन स्थल पर खाटू श्याम का भव्य दरबार सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्ण धार्मिक विधि-विधान के साथ 8 जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ। अग्नि के सात फेरों के साथ प्रत्येक जोड़े ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन पर्यंत साथ चलने की शपथ ली। वातावरण में गूंजते मंगलाष्टक और आशीर्वाद के बीच यह क्षण अत्यंत भावुक और पवित्र रहा।

गृहस्थी का सामान दिया फाउण्डेशन ने
फाउण्डेशन की अध्यक्ष शालू शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वधू को सोने की लौंग, चांदी की पाजेब, बिछिया, अंगूठी और टॉप्स सहित आभूषण भेंट किए गए। इसके अतिरिक्त प्रत्येक नवदंपती को अलमारी, पंखा, टीवी, ड्रेसिंग टेबल, गद्दा, तकिया, बेडशीट, सूटकेस, दीवार घड़ी, सेंटर टेबल, कुर्सी, डिनर सेट, गैस चूल्हा एवं संपूर्ण रसोई सामग्री सहित 120 से अधिक उपयोगी उपहार प्रदान किए गए। दूल्हे के लिए कोट-पैंट और दुल्हन के लिए बेस व चूड़ा भी समिति की ओर से उपलब्ध कराया गया। आयोजन समिति ने यातायात सुरक्षा का संदेश देते हुए नवदंपतियों को हेलमेट भेंट कर यातायात नियमों के पालन का संकल्प भी दिलाया।

नई उम्मीदों के साथ रुखसत हुईं बेटियां
ओमप्रकाश टंकारिया ने बताया कि महोत्सव का सबसे भावपूर्ण क्षण था विदाई का। जब नवविवाहिताएं अपने माता-पिता और परिजनों से गले मिलकर अश्रुपूरित नेत्रों से रुखसत हुईं, तो उपस्थित जनसमूह की आंखें भी नम हो गईं।

Kota Mandi: आवक की कमी से कोटा मंडी में सोयाबीन 50 रुपये तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को आवक की कमी से सोयाबीन 50 रुपये और लहसुन एवरेज 500 रुपये ऊंचा बिका । मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 11000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2470 से 2500, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2500 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2670, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1850, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 3800, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 4000 से 4400, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 6250, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6000 से 6300, सरसों 6400 से 6801, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5250, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल ।

लहसुन 2500 से 15500, मैथी नयी 5800 से 6750, धनिया बादामी 11000 से 11400, धनिया ईगल 11500 से 12300, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ 50 जोड़े बने हमसफर

सर्व समाज सामूहिक विवाह, ऊर्जा मंत्री नागर ने नव-दंपतियों को दिया आशीर्वाद

कोटा। अखिल हाड़ौती सर्व समाज समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को विज्ञान नगर स्थित बीएसएनएल कॉलोनी के मैदान में 17वें सर्व समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समारोह में हाड़ौती सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए सर्व समाज के 50 जोड़े एक ही पांडाल के नीचे वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह के अटूट बंधन में बंधे।

कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर नव-दंपतियों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर राकेश जैन, विवेक राजवंशी, जगदीश जिंदल, राकेश बोयत, रेखा लखेरा, गजाला खान और चैन सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सम्मेलन सामाजिक समरसता और एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह की यह परंपरा हमारी उस सोच को दर्शाती है जहाँ हम ‘स्व’ से ऊपर उठकर ‘सर्व’ की चिंता करते हैं। फिजूलखर्ची त्याग कर सादगी से समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही असली मानवता है।

उन्होंने समिति के अध्यक्ष अशोक पचेरवाल और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि 17 वर्षों से निरंतर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की चिंता करना और उनके बच्चों के हाथ पीले करना ईश्वर की सच्ची सेवा है। नागर ने सरकार के “सबका साथ, सबका विकास” के ध्येय को दोहराते हुए प्रदेश की प्रगति और ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे सुधारों का भी जिक्र किया।

इस दौरान विवाह की रस्में पूरी भव्यता और शुद्धता के साथ संपन्न की गईं। समिति के अध्यक्ष अशोक पचेरवाल ने बताया कि गणेश स्थापना से लेकर तोरण, वरमाला और पाणिग्रहण संस्कार तक की समस्त रस्में विधि-विधान से पूरी हुईं। सम्मेलन स्थल पर हजारों लोगों के लिए प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से भी नव-विवाहित जोड़ों के सुखद भविष्य के लिए विशेष उपहार भेजे गए, जो आकर्षण का केंद्र रहे।

समिति द्वारा नव-दंपतियों के नए जीवन की शुरुआत के लिए उपहारों की झड़ी लगा दी गई। प्रत्येक जोड़े को भेंट स्वरूप सोने का मंगलसूत्र, सोने के कान के टॉप्स, नाक की लौंग, चांदी की पायल, और चांदी की बिछिया प्रदान की गई।

इसके साथ ही घरेलू उपयोग के लिए अलमारी, पलंग, बिस्तर, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, बर्तन, गैस सिलेंडर, टेबल और कुर्सी समेत विभिन्न आवश्यक सामग्री उपहार में दी गई। अंत में अशोक पचेरवाल ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन में संयोजक रामप्रसाद पचेरवाल व सूरजमल, उप-संयोजक राजेश खोड़ा, रामप्रसाद कलौंसिया, प्रेम प्रकाश ढंढोरिया, जमना देवी, गीता यादव, सरोज, संगीता दास, कोटा जिला अध्यक्ष नितिन सक्सेना, कोटा शहर अध्यक्ष राजेश चाँवरिया, बूंदी जिला अध्यक्ष अर्जुन डाबोडिया, बारां जिला अध्यक्ष लेखराज डागर और झालावाड़ जिला अध्यक्ष भगवान दास गहलोत, देवेंद्र पचेरवाल, सिकंदर पवार, लोकेश मेघवाल, देवेंद्र मेघवाल, यश पचेरवाल, चिराग खरारिया, कबीर धूलिया, अंकित चौहान, अर्जुन नरवाल, अजय टॉक, अजय पचेरवाल, रामप्रसाद कलोसिया, राजेश खांड़ा, महेश घेंघट उपस्थित रहे।

घर में शादी है तो निमंत्रण कार्ड लेकर डीलर से सम्पर्क करें, मिलेंगे आठ सिलेण्डर

नई दिल्ली। देश में शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गैस सिलेंडर की है। मौजूदा परिस्थितियों में एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करना काफी कठिन हो गया है।

सरकार एलपीजी सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर नियमों को काफी सख्त कर दिया है। 1 मई से बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा। नियमों में हुई सख्ती की वजह से जिनके घर में शादियां हैं वो काफी परेशान हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आप आसानी से 7-8 गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार शादी वाले घरों में 8 एलपीजी सिलेंडर मिल सकते हैं। इसके लिए आपको शादी के कार्ड के जरिए आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच होगी। सबकुछ सही होने पर आपको सिलेंडर जारी किए जाएंगे। एक व्यक्ति को अधिकतम 8 सिलेंडर मिल सकते हैं।

क्या है सिलेंडर प्राप्त करने का प्रोसेस
अगर आप दिल्ली में रह रहे हैं तो इसके लिए आपको डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां जाना होगा। वहां पहुंचकर आपको शादी का कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद आपको 2 से 3 कॉमर्शियल सिलेंडर मिल सकते हैं। बता दें, इन सिलेंडर की रिफिलिंग अमाउंट और सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करवाना होगा।

बान्द्रा टर्मिनस–गोरखपुर–बोरीवली विशेष अनारक्षित एक्सप्रेस 3 मई को

यह गाड़ी कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर, बयाना एवं भरतपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा बान्द्रा टर्मिनस–गोरखपुर–बोरीवली के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष अनारक्षित रेलगाड़ी का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09157 (बान्द्रा टर्मिनस–गोरखपुर) 3 मई रविवार को 1 फेरे में बान्द्रा टर्मिनस से रात्रि 00.30 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 14.17 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 16.27 बजे, बयाना जंक्शन 18.37 बजे, भरतपुर जंक्शन 19.27 बजे होते हुए अगले दिन सोमवार को 17.30 बजे गोरखपुर जंक्शन पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09158 (गोरखपुर–बोरीवली) 4 मई सोमवार को 1 फेरे में गोरखपुर जंक्शन से 20.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन मंगलवार को भरतपुर जंक्शन 15.47 बजे, बयाना जंक्शन 16.37 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 18.42 बजे, कोटा जंक्शन रात्रि 20.52 बजे होते हुए तीसरे दिन बुधवार को 11.30 बजे बोरीवली पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में बान्द्रा टर्मिनस, बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, हिंडौन सिटी, बयाना जंक्शन, भरतपुर जंक्शन, मथुरा जंक्शन, हाथरस सिटी, कासगंज, बरेली सिटी, इज्जतनगर जंक्शन, पीलीभीत जंक्शन, मैलानी, सीतापुर जंक्शन, बुढ़वल जंक्शन, गोंडा जंक्शन, बस्ती, खलीलाबाद तथा गोरखपुर जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव लेगी।
इस विशेष गाड़ी में 18 सामान्य श्रेणी सहित कुल 20 डिब्बे होंगे।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि गाड़ी की स्थिति एवं ठहराव की जानकारी के लिए www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग करें।

60 दिन की समयसीमा से पहले खत्म हुआ ईरान युद्ध, ट्रंप प्रशासन का बड़ा दावा

वाशिंगटन। US-Iran War: ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान में युद्ध पहले ही समाप्त हो चुका है, क्योंकि अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए युद्धविराम (सीजफायर) ने संघर्ष को रोक दिया है। इस तर्क के जरिए व्हाइट हाउस कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी लेने की आवश्यकता से बचना चाहता है।

यह बयान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के उस तर्क को आगे बढ़ाता है, जो उन्होंने गुरुवार को सीनेट में बयान के दौरान रखा था। उन्होंने कहा था कि युद्धविराम ने प्रभावी रूप से युद्ध को रोक दिया है। इस तर्क के आधार पर प्रशासन ने अभी तक 1973 के कानून के तहत अनिवार्य कांग्रेस की मंजूरी नहीं ली है, जो 60 दिनों से अधिक समय तक सैन्य कार्रवाई जारी रखने पर अनिवार्य होती है।

नाम न बताने की शर्त पर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कानून के संदर्भ में “28 फरवरी शनिवार को शुरू हुई शत्रुता अब समाप्त हो चुकी है।” अधिकारी ने बताया कि 7 अप्रैल से शुरू हुए दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कोई गोलीबारी नहीं हुई है। हालांकि युद्धविराम को बढ़ा दिया गया है, लेकिन ईरान अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है और अमेरिकी नौसेना ईरान के तेल टैंकरों को समुद्र में जाने से रोकने के लिए नाकेबंदी जारी रखे हुए है।

वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के अंतर्गत राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पास शुक्रवार तक का समय था कि वे कांग्रेस से अनुमति लें या सैन्य कार्रवाई रोक दें। यह कानून 30 दिन की अतिरिक्त समयसीमा बढ़ाने की अनुमति भी देता है।

डेमोक्रेटिक नेताओं ने प्रशासन पर ईरान युद्ध के लिए औपचारिक मंजूरी लेने का दबाव डाला है। 60 दिन की समयसीमा कई रिपब्लिकन सांसदों के लिए भी एक अहम मोड़ बन सकती थी, जिन्होंने अस्थायी कार्रवाई का समर्थन किया था, लेकिन लंबे समय के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी बताई थी।

सीनेटर सुसान कॉलिन्स (मेन) ने कहा, “यह समयसीमा कोई सुझाव नहीं, बल्कि अनिवार्य शर्त है।” उन्होंने गुरुवार को उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिसमें कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की बात कही गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि “ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए स्पष्ट मिशन, प्राप्त करने योग्य लक्ष्य और संघर्ष समाप्त करने की रणनीति होनी चाहिए।”

ट्रंप के पहले कार्यकाल में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में ईरानी हथियारों से निपटने के निदेशक रह चुके रिचर्ड गोल्डबर्ग ने सुझाव दिया कि प्रशासन को एक नए ऑपरेशन की शुरुआत करनी चाहिए, जिसे उन्होंने “एपिक पैसेज” नाम देने की बात कही। यह “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” का अगला चरण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह नया मिशन आत्मरक्षा पर आधारित होगा, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा और जरूरत पड़ने पर आक्रामक कार्रवाई का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा, ताकि समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बहाल की जा सके।

सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने बयान देते हुए हेगसेथ ने कहा कि प्रशासन की “समझ” यह है कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम के दौरान 60 दिन की समयसीमा रुकी हुई है। हालांकि ब्रेनन सेंटर की विशेषज्ञ कैथरीन योन एब्राइट ने इस व्याख्या को “कानूनी प्रावधानों का बड़ा विस्तार” बताया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से, वॉर पावर्स रेजोल्यूशन में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि 60 दिन की समयसीमा को रोका या समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राष्ट्रपतियों ने पहले यह तर्क दिया है कि उनकी सैन्य कार्रवाई इतनी तेज या निरंतर नहीं थी कि वह इस कानून के तहत आए। लेकिन ट्रंप का ईरान युद्ध ऐसा मामला नहीं है और लॉमेकर्स को इस तरह के तर्कों का विरोध करना चाहिए।