Thursday, July 9, 2026
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तीन सप्ताह की बढ़त के बाद विदेशी मुद्रा भंडार फिर फिसला

मुंबई। पश्चिम एशिया का संकट (Middle-east crisis) अभी खत्म नहीं हुआ है। इस बीच बीते सप्ताह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $4.8 billion से भी ज्यादा की गिरावट की खबर है।

इससे पहले, अप्रैल के तीन सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $14 billion से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। इससे एक महीना पहले यानी मार्च 2026 के 4 सप्ताह के दौरान तो भंडार से $40 billion से भी ज्यादा निकल गए थे।

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $4.820 billion की कमी हुई है।

इससे एक सप्ताह पहले इसमें $2.362 billion की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपना विदेशी मुद्रा भंडार घट कर $698.487 billion तक गिर गया है। इससे पहले 27 फरवरी 2026 को अपना भंडार बढ़ कर $728.494 billion के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था।

विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमी
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में $2.841 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले भी इसमें $1.481 billion की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपना एफसीए भंडार घट कर $554.622 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।

गोल्ड रिजर्व भी घटा
आलोच्य सप्ताह के दौरान रिजर्व बैंक के सोने के भंडार की वैल्यू में $1.897 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $790 million की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपने सोने के भंडार का वैल्यू घट कर $120.236 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 के अंत में आरबीआई के पास सोने का भंडार 880.52 टन का हो गया था। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का करीब 16.7% बैठता है। इसके मूल्य में कमी होती है यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित करता है।

भारत ने लंदन की तिजोरी से वापस मंगाया अपना 104 टन सोना, जानें असली वजह

नई दिल्ली। भारत तेजी से अपना सोना विदेशों से वापस ला रहा है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट (अक्टूबर 2025-मार्च 2026) के अनुसार भारत के 880.52 टन सोने में से करीब 77% यानी लगभग 680 टन अब अपने देश में रखा गया है, जबकि 197.67 टन अभी भी बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है। सिर्फ 6 महीने में 104.23 टन सोना वापस लाया गया है।

इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक, यह बदलाव रूस-यूक्रेन युद्ध और अफगानिस्तान के विदेशी भंडार फ्रीज होने जैसे मामलों के बाद बढ़ते वैश्विक जोखिम से जुड़ा माना जा रहा है। अब सेंट्रल बैंक सोने को सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि रणनीतिक सुरक्षा के रूप में देख रहे हैं। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 16.7% हो गई है। पहले लंदन और न्यूयॉर्क जैसे केंद्रों में सोना रखना आसान और सुरक्षित माना जाता था।

विदेश में सोना क्यों?

विदेश में क्यों रखा जाता था सोना?अब रणनीति क्यों बदल रही है?
1. वहां सोने की खरीद-फरोख्त आसान और तेज होती है।1. बदलते वैश्विक माहौल में जोखिम बढ़ गया है।
2. अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में सुविधा मिलती है।2. विदेश में रखा सोना या संपत्ति राजनीतिक कारणों से फ्रीज हो सकती है।
3. वहां की संस्थाओं पर भरोसा ज्यादा था।3. संकट के समय तुरंत उपयोग में लाना मुश्किल हो सकता है।

सोने के भंडार की स्थिति
रिजर्व बैंक की छमाही रिपोर्ट के अनुसार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की स्थिति इस प्रकार बदली है:

  • घरेलू भंडार में वृद्धि हुई है। भारत के भीतर रखा सोना 575.8 मीट्रिक टन (सितंबर 2025) से बढ़कर 680 मीट्रिक टन (मार्च 2026) हो गया है।
  • विदेशों से सोना वापस लाया जा रहा है। पिछले 6 महीनों में RBI ने 104.2 मीट्रिक टन सोना भारत मंगाया है।
  • बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के पास सुरक्षित सोने की मात्रा 290.4 टन से घटकर अब 197.7 टन रह गई है।

विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी
सोने की कीमतों में भारी उछाल और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में गिरावट के कारण, कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की वैल्यू काफी बढ़ गई है:
सितंबर 2025 में सोने की वैल्यू 97.4 अरब डॉलर थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 115.4 अरब डॉलर हो गई।
कुल मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा 13.9% से उछलकर 16.7% पर पहुंच गया है।

भारत ने लॉन्‍च किया सेल ब्रॉडकास्ट मैसेजिंग सिस्टम, जानिए क्या होगा फायदा

नई दिल्ली। Cell Broadcast System Launched: भारत ने शनिवार को स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए ‘सेल ब्रॉडकास्ट मैसेजिंग सिस्टम’ (Cell Broadcast messaging system) को लॉन्‍च किया। इसका मकसद आपदा के समय देश के नागरिकों को तुरंत अलर्ट भेजना है।

शनिवार सुबह लगभग 11:41 बजे केंद्र सरकार ने इस सिस्टम का परीक्षण करने के लिए देश के लगभग सभी नागरिकों को एक अलर्ट भेजा। लोगों के मोबाइल फोन में बीप की तेज आवाज आई, जो करीब 10 सेकंड तक बजती रही। इसके साथ ही एक मैसेज ब्रॉडकास्‍ट किया गया था।

बीप की आवाज के साथ लोगों के फोन में एक मैसेज प्रसारित हुआ- भारत ने स्‍वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्‍ट सर्विस शुरू की है, जिससे नागरिकों को आपदा की तत्‍काल सूचना मिल सकेगी। सतर्क नागरिक, सुरक्ष‍ित राष्‍ट्र। इस संदेश को प्राप्‍त करने पर जनता को कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। यह एक परीक्षण संदेश है।

लोगों के फोन में बीप के साथ मैसेज बजने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। सरकार की ओर से बताया गया था कि 2 मई को इस सिस्‍टम को टेस्‍ट किया जाएगा। यह तेज आवाज के साथ आने वाला एक इमरजेंसी अलर्ट था, जिसे दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मिलकर किए जा रहे सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की टेस्टिंग के तौर पर भेजा गया।

सभी को नहीं मिला अलर्ट
जिस वक्‍त यह अलर्ट आया। मैं नोएडा न्‍यूजरूम में था। एक साथ कई फोन्‍स में बीप बजने लगी। हालांकि कुछ फोन्‍स में अलर्ट नहीं आया। इसकी वजह यह थी कि इमरजेंसी अलर्ट उन्हीं लोगों के फोन पर आ सकता था, जिनमें इसके लिए सेटिंग्स ऑन हैं। बहुत से लोग सेटिंग्‍स ऑफ करके रखते हैं, उनके फोन में यह बीप नहीं सुनाई दी। बता दें कि इस तरह के अलर्ट मैसेजेस को OK बटन दबाकर बंद किया जा सकता है।

सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम और SMS में अंतर

  1. कुछ समय पहले तक सरकार आपदाओं से जुड़ी जानकारी SMS के द्वारा भेजती थी।
  2. ऐसे खतरे जिसमें बहुत कम समय बाकी है जैसे- बिजली गिरना, सुनामी आदि को देखते हुए सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी को लाया गया है।
  3. आपदा के हालात में SMS, नेटवर्क बाध‍ित होने की वजह से अटक सकते हैं।
  4. लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट एकसाथ एक खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर तुरंत पहुंचता है।
  5. इसे C-DOT ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है।
  6. टेक्नोलॉजी की खासियत है कि इसके लिए मोबाइल में नेटवर्क का सिग्नल मजबूत होना भी जरूरी नहीं है, यह सीधे टॉवर से फोन तक पहुंच सकती है।

क्‍या होगा फायदा
भारत का स्‍वदेशी सिस्‍टम लोगों को आपदा के समय अलर्ट करेगा। आजकल हर कोई स्‍मार्टफोन या मोबाइल फोन इस्‍तेमाल करता है। मुसीबत के समय लोगों के फोन में अलर्ट भेजकर उन्‍हें सुरक्ष‍ित स्‍थान पर रहने के लिए अलर्ट किया जा सकेगा।

Wheat: एमएसपी पर गेहूं की खरीद अभी तक पिछले साल से 9 फीसदी कम

नई दिल्ली। Wheat MSP: इस वर्ष 30 अप्रैल तक केन्द्रीय पूल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 232.50 लाख टन गेहूं खरीदा गया जो पिछले साल की इसी अवधि की खरीद 256.30 लाख टन से करीब 9 प्रतिशत कम है।

एक तरफ पंजाब और हरियाणा में गेहूं की जोरदार खरीद हो रही है तो दूसरी ओर मध्य प्रदेश में खरीद की स्थिति निराशाजनक तथा राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में कमजोर देखी जा रही है। दिलचस्पी तथ्य यह है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीद का लक्ष्य बढ़ाया गया है, जबकि हरियाणा में वास्तविक खरीद नियत लक्ष्य से काफी आगे निकल चुकी है।

फिर भी वहां लक्ष्य में वृद्धि की अभी तक घोषणा नहीं हुई है। पंजाब में खरीद की स्थिति गत वर्ष से काफी बेहतर है और इसका आंकड़ा 100 लाख टन के पार पहुंच चुका है। वहां 15 मई तक गेहूं की खरीद होनी है।

उम्मीद की जा रही है कि इस तिथि तक गेहूं की कुल सरकारी खरीद 122 लाख टन के नियत लक्ष्य तक या उससे ऊपर पहुंच जाएगी। हरियाणा में 72 लाख टन के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 76.60 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जो गत वर्ष की समान अवधि की मात्रा 65.70 लाख टन से 17 प्रतिशत अधिक है।

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद का परिदृश्य संतोषजनक नहीं है। वहां खरीद का लक्ष्य 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन निर्धारित किया गया है जबकि 30 अप्रैल 2026 तक वहां केवल 27.50 लाख टन की खरीद संभव हो सकी जो गत वर्ष की समान अवधि की खरीद 67.68 लाख टन से 59 प्रतिशत कम है।

राजस्थान में भी गेहूं की खरीद गत वर्ष से काफी पीछे चल रही है जबकि उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे पिछले साल के करीब पहुंच रही है। सरकारी गोदामों में पहले से ही गेहूं का विशाल स्टॉक मौजूद है। इसलिए मौजूदा रबी मार्केटिंग सीजन में यदि खरीद 5-10 प्रतिशत कम होती है, तब भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए कोई संकट पैदा नहीं होगा।

सरकार 50 लाख टन साबुत गेहूं एवं 10 लाख टन मूल्य संवर्धित गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दे चुकी है मगर निर्यात के मोर्चे पर प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद कम है।

बेहतर मांग एवं कोटा कम होने से चीनी का भाव मजबूत रहने के आसार

नई दिल्ली। चालू माह (मई) के लिए केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने घरेलू प्रभाग में बिक्री के वास्ते 22.50 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है जो अप्रैल 2026 एवं मई 2025 के कोटे से काफी कम है। इस बीच यह खबर भी आई है कि मंत्रालय ने 16 चीनी मिलों का कोटा रोक दिया है।

क्योंकि इसने कथित तौर पर मार्च में नियत कोटे से अधिक चीनी की बिक्री की थी। इन 16 चीनी मिलों को संयुक्त रूप से करीब 70 हजार टन का कोटा दिया जा सकता था। यदि उसको स्थगित रखा गया तो मई 2026 के लिए केवल 21.80 लाख टन का ही कोटा उपलब्ध हो सकेगा बशर्तें सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था न करे।

वैसे भी मई माह की संभावित मांग एवं खपत को देखते हुए 22.50 लाख टन चीनी के कोटे को ज्यादा बड़ा या भारस्वरूप नहीं माना जा रहा है। मई में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान काफी ऊंचा रहता है इसलिए चीनी की औद्योगिक मांग काफी बढ़ जाती है।

आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स आदि के निर्माण में विशाल मात्रा में चीनी की खपत होती है। इससे मांग एवं आपूर्ति के बीच समीकरण जटिल रहने की संभावना है जो बाजार को मजबूती प्रदान कर सकता है। मिलर्स को इस माह औने-पौने दाम पर जल्दबाजी में अपना स्टॉक बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा।

चीनी के घरेलू उत्पादन में उम्मीद के अनुरूप बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी। सीजन की शुरुआत के समय उत्पादन में 18-20 प्रतिशत का भारी इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन अप्रैल 2026 के अंत तक उत्पादन में केवल 7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकी और इसका आंकड़ा 275 लाख टन तक ही पहुंच सका, जबकि पहले 300 लाख टन से ज्यादा चीनी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई थी।

मिलर्स के पास चीनी का इतना लम्बा-चौड़ा स्टॉक नहीं बचेगा कि उसे हड़बड़ाहट में उसकी बिक्री के लिए बाध्य होना पड़े। कुल मिलाकर चीनी का भाव आगामी सप्ताहों के दौरान मजबूत रहने की संभावना है और मौजूदा मूल्य स्तर के मुकाबले इसमें औसतन 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी आ सकती है।

एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए NEET UG कल, जानिए गाइड लाइन

नई दिल्ली। NEET UG Guidelines : देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए रविवार 3 मई को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक नीट यूजी प्रवेश परीक्षा होगी। एग्जाम में अभ्यर्थी डिजाइनर, अधिक लेयर वाले, बड़े बटन वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने नहीं जाएं। साधारण कपड़े पहनने की सलाह दी है।

हाई हील के जूते पहनने से बचने की सलाह दी गई है। इससे उन्हें चेकिंग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। केंद्रों में 11 बजे से परीक्षार्थियों की एंट्री शुरू हो जाएगी। 1:30 बजे के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों को बॉयोमैट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। विद्यार्थियों को पेन लेकर नहीं जाना है। उन्हें सेंटर पर ही पेन दिया जायेगा। परीक्षार्थी को ओरिजिनल आइडी जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर कार्ड अथवा सरकार द्वारा जारी कोई अन्य आईडी जिसमें कैंडिडेट की फोटो आ रही हो, इनमें से कोई भी एक आइडी साथ लाना है।

नीट के जरिए ही देश के तमाम मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमस, बीएचएमस, बीयूएमस ( MBBS, BDS, BSMS, BAMS, BHMS, BUMS ) और अन्य विभिन्न अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिला होता है।

क्या है नियम और गाइडलाइंस

नीट ड्रेस कोड ( NEET Dress Code )

  • नीट देने जा रहे लड़के आधी बाजू की शर्ट या फिर टीशर्ट पहनकर आएं। लंबी बाजू वाले कपड़े और ऊनी कपड़े पहनकर आने की अनुमति तो है पर उसके लिए पहले रिपोर्ट करना होगा। फ्रिस्किंग में लंबा समय लग सकता है इसलिए पूरी बाजू वाले कपड़े पहनने से बचें।
  • ट्राउजर या सिंपल पैंट पहनकर आएं। पैंट में जेब हो सकती है। कई चेनों वाले और बड़े बड़े बटनों वाले कपड़े न पहनें। मैटेलिक आइटम लाने की अनुमति नहीं है इसलिए मेटल बटन वाली जींस पहनकर आने से बचें। किसी भी ड्रेस में मेटल के बटन नहीं होने चाहिए।
  • महिलाएं आधी बाजू की कुर्ती या टॉप पहन सकती हैं। महिलाओं को भी लंबी बाजू वाले कपड़े और ऊनी कपड़े पहनकर आने की अनुमति तो है पर उसके लिए पहले रिपोर्ट करना होगा। फ्रिस्किंग में लंबा समय लग सकता है इसलिए पूरी बाजू वाले कपड़े पहनने से बचें।
  • स्टूडेंट्स को जूते पहनने की अनुमति नहीं है। उन्हें चप्पल या कम हील वाली सैंडल पहनने की ही अनुमति है। महिलाएं कम हील वाली सैंडल पहनकर आ सकती हैं।
  • जूलरी पहनकर आना भी मना है। सन ग्लासेस, हाथ वाली घड़ी, टोपी पहनकर एग्जाम देने की अनुमति नहीं है।
  • हेयर बैंड, कड़ा, ताबीज, बेल्ट, स्कार्फ, अंगूठी, कड़ा, कान के बूंदे, नाक की लौंग, गले का हार, बिल्ला, कलाई घड़ी, ब्रेसलेट, कमैरी, मेटेलिक आइटम अपने साथ न लाएं।
  • किसी भी परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड, सेल्फ डिक्लेयरेशन, फोटो आईडी प्रूफ, फ्रिस्किंग के बिना एग्जाम हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी।
  • अगर उम्मीदवार सांस्कृतिक, पारंपरिक ड्रेस, आस्था या धर्म से जुड़ी चीजें पहन रहे हैं, तो उन्हें रिपोर्टिंग समय से कम से कम डेढ़ घंटे पहले यानी दोपहर 12.30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर तलाशी के लिए रिपोर्ट करना होगा।

इन चीजों को ले जाने की अनुमति

  • उम्मीदवार अपने नीट एडमिट कार्ड के अलावा ऑरिजनल आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या अन्य सरकार द्वारा जारी कोई फोटो आईडी प्रूफ भी लाएं। एडमिट कार्ड पर पासपोर्ट साइज फोटो लगाकर आएं।
  • अटेडेंस शीट पर चिपकाने के लिए एक पासपोर्ट साइज का फोटो जरूर लाएं। फोटो का बैकग्राउंड सफेद हो। आवेदन पत्र में अपलोड
  • एडमिट कार्ड के साथ डाउनलोड किए गए परफॉर्मा में पोस्ट कार्ड साइज 4*6 का फोटो लगाएं। इसे एग्जाम हॉल में इनविजिलेटर को देना होगा।
  • जो उम्मीदवार एडमिट कार्ड के साथ डाउनलोड किए गए प्रोफार्मा पर पोस्टकार्ड आकार (4X6) का फोटो चिपकाया हुआ और एक अन्य पासपोर्ट आकार का फोटो साथ नहीं लाएंगे, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। फोटो का बैकग्राउंड व्हाइट होना चाहिए।
  • उम्मीदवार अपनी एक ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल ले जा सकते हैं।
  • नीट एडमिट कार्ड के साथ सेल्फ डिकलेयरेशन फॉर्म व अंडरटेकिंग फॉर्म भी लाना होगा। यह भरा हुआ होना चाहिए।

1.30 बजे के बाद एंट्री नहीं
परीक्षा 2 बजे शुरू हो जाएगी। एंट्री आधा घंटा पहले तक यानी 1.30 बजे तक ही दी जाएगी। 1.30 बजे के बाद जो अभर्थी आएंगे, उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इन चीजों की है सख्त मनाही

  • किसी भी तरह की इलेक्ट्रानिक डिवाइस को लाने की अनुमति नहीं होगी। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, माइक्रोफोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ज्योमेट्री या पेंसिल बॉक्स, घड़ी लाने की अनुमति नहीं है।
  • कोई खाने की चीज भी परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं है।
  • एग्जाम हॉल में जूलरी पहनकर आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
  • रफ कार्य उत्तर पुस्तिका में ही करना है। ऐसा न करने पर वो चेक नहीं होगी।

नीट OMR शीट को लेकर नियम
नीट यूजी परीक्षा की OMR शीट पर छात्रों को अपना रोल नंबर, पेपर कोड, क्वेश्चन पेपर बुकलेट नंबर तथा व्यक्तिगत विवरण को सबसे ज्यादा ध्यानपूर्वक भरना होगा। शीट के गोले को भरते समय पेन की इंक दूसरे ओवल को ओवरलेप नहीं करे। कटिंग व ओवरराइटिंग, इरेजिंग से भी बचें।

नीट ओएमआर शीट को लेकर क्या नियम हैं

NTA ने OMR भरने के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ की एक लिस्ट भी जारी की है, और छात्रों को याद दिलाया है कि यह पक्का करना ज़रूरी है कि उनकी OMR शीट सही तरीके से भरी गई हो।

क्या करें

  • सेंटर पर दिए गए सिर्फ काले बॉल पॉइंट पेन का ही इस्तेमाल करें
  • गोले को पूरी तरह और गहरा भरें
  • हर सवाल के लिए सिर्फ़ एक ही ऑप्शन चुनें
  • निशान लगाने से पहले सवाल नंबर को ध्यान से मिला लें
  • अपनी OMR शीट को साफ-सुथरा और बिना किसी नुकसान के रखें

क्या न करें

  • टिक (✓) या क्रॉस (✗) के निशान न लगाएं
  • आधे-अधूरे भरे हुए गोले न छोड़ें
  • एक से ज़्यादा जवाबों पर निशान न लगाएं
  • शीट पर कुछ दोबारा न लिखें या उसे गंदा न करें

टॉयलेट ब्रेक

  • टॉयलेट ब्रेक लेने पर फिर से फ्रिस्किंग की जाएगी। परीक्षा के पहले 30 मिनट और अंतिम 30 मिनट में टॉयलेट ब्रेक नहीं मिलेगा।
  • एनटीए ने यह भी कहा है कि देश के कई हिस्सों में बारिश और तूफान की संभावना को देखते हुए, कृपया अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएं।

वार्ता से हल नहीं निकला तो अमेरिका फिर करेगा ईरान पर हमला, जानिए क्या है प्लान

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे टकराव को खत्म करने के लिए साफ दो विकल्पों की बात की और कहा कि या तो बातचीत से इस मसले का हल निकाला जाए या फिर पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान की तरफ से पेश किए गए बातचीत के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ट्रंप का बयान शुक्रवार को तब आया जब एक दिन पहले ही सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने उन्हें ईरान के बारे में ब्रीफ किया था।

ट्रंप से जब इस ब्रीफिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हमारे पास विकल्प हैं। क्या हमें उन पर जोरदार हमला करके हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए या हमें कोई समझौता करना चाहिए? यही विकल्प हैं।” ट्रंप से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह ईरान पर जबरदस्त हमले करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “मानवीय आधार पर मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा, लेकिन विकल्प यही हैं।”

ट्रंप के बयानों से यह संकेत मिलता है कि दो महीने से चल रहे इस गतिरोध के जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। ट्रंप ने ईरान को ताजा प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वे (ईरान) एक समझौता करना चाहते हैं, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं कि आगे क्या होता है।” हालांकि, उन्होंने प्रस्ताव की कमियों के बारे में नहीं बताया लेकिन कहा कि वे ऐसी चीजें मांग रहे हैं, जिससे मैं सहमत नहीं हो सकता।

ट्रंप ने पुष्टि की कि बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और फोन के जरिए चर्चा जारी है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के प्रति निराशा व्यक्त की। ट्रंप ने कहा, “वहां एक बेहद बिखरा हुआ नेतृत्व है। वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उनमें आपस में ही मतभेद है।

ईरान ने भी अपने नए प्रस्ताव में झुकने का संकेत दिया है और कई मुद्दों पर अपनी पिछले रुख से पीछे हटा है। इसके पहले विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान कूटनीति के लिए तैयार रहेगा, अगर वॉशिंगटन अपने अत्यधिक कठोर रवैये, धमकी भरी बयानबाजी और भड़काई कार्रवाई को रोक दे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सेना देश पर होने वाले किसी भी हमले से बचाव के लिए तैयार है।

शादियों में होने वाला अपव्यय बच्चों की शिक्षा व उनके कौशल विकास पर खर्च करें: नागर

पोलाई कलां में 18वां मेघवाल समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न

सिमलिया/​पोलाई कलां/कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को मेघवाल समाज सेवा समिति, पोलाई कलां के तत्वावधान में आयोजित 18वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लिया और वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया।

मेघवाल समाज सेवा समिति के अध्यक्ष गंगाबिशन राठल और भाजपा एससी मोर्चा के भवानीशंकर ने बताया कि सम्मेलन में समाज के दर्जनों जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामकर दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया।

​समारोह को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन आज के समय की महती आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है, बल्कि समाज के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को एक बड़ा संबल मिलता है।

मंत्री नागर ने जोर देकर कहा कि शादियों में होने वाला अपव्यय यदि बच्चों की शिक्षा और उनके कौशल विकास पर खर्च किया जाए, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।

मंत्री नागर ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की भजनलाल सरकार दलित और वंचित तबके के साथ ही समाज के हर वर्ग उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के घर तक निर्बाध बिजली पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने मेघवाल समाज की एकता और सेवा समिति के 18 वर्षों के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोलाई कलां ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक समरसता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

कोटा यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिलेगा फ्रेंच-जापानी समेत 6 विदेशी भाषा का प्रशिक्षण

युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार करेगा यह एमओयू : मुख्यमंत्री

कोटा। राजस्थान के युवाओं को वैश्विक मंच पर सशक्त और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोटा विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान ने बताया कि इस अवसर पर विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान सरकार और इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी (EFLU), हैदराबाद के मध्य हुए ऐतिहासिक समझौता (MoU) पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में 22 विभागों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य में कौशल आधारित शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम इसी संकल्प की ठोस अभिव्यक्ति है। उन्होंने बताया कि एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र एवं प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर दक्ष बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने बताया कि EFLU हैदराबाद के साथ हुए इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन, फ्रेंच, कोरियाई, स्पेनिश एवं अंग्रेजी सहित अनेक विदेशी भाषाओं का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे न केवल उनके संवाद कौशल में निखार आएगा, बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने के मार्ग भी प्रशस्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल शहरी विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य सरकार इसे गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के होनहार छात्र भी इस योजना का भरपूर लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा, “आज के युग में भाषा कौशल कोई अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।”

कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है; आज बहुभाषीय दक्षता और वैश्विक दृष्टिकोण अत्यावश्यक है। उन्होंने इस MoU को विद्यार्थियों के लिए “अवसरों का द्वार” बताते हुए कहा कि इससे उनके करियर में नई एवं असीमित संभावनाएं उत्पन्न होंगी।

उन्होंने विश्वविद्यालय के समस्त संकाय सदस्यों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में पहले से कौशल विकास केंद्र संचालित है, जो इस कार्यक्रम की नींव को और सुदृढ़ करेगा।

दूरदर्शिता का परिणाम है यह कार्यक्रम
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति का सुफल है, जो राजस्थान के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए सक्षम बनाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई भी उपस्थित रहे।

छात्रों ने पूछे सवाल, मुख्यमंत्री ने दिए जवाब
संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विदेशी भाषा प्रशिक्षण, पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जुड़े अनेक प्रश्न सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत एवं संतोषजनक उत्तर देते हुए आश्वस्त किया कि यह कार्यक्रम पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित किया जाएगा।

इन गणमान्यों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान, स्नातकोत्तर अधिष्ठाता प्रोफेसर घनश्याम शर्मा, फार्मेसी विभाग से डॉ. के. के. शर्मा, डॉ. सरिता सोलंकी तथा विधि विभाग समन्वयक डॉ. प्रियंका सैनी सहित 22 विभागों के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

सनाढ्य आदिगौड़ सामूहिक विवाह में 8 जोड़े बने हमसफर, उपहारों से सजाई गृहस्थी

कोटा। जब सुसज्जित बग्गियों पर सवार दूल्हे-दुल्हन भगवान परशुराम की भव्य झांकी के साथ नगर की गलियों से गुजरे, तो राहगीर ठिठककर देखते रह गए। यह दृश्य था आध्या सेवार्थ फाउण्डेशन के तत्वावधान में आयोजित प्रथम सनाढ्य आदिगौड़ सामूहिक निःशुल्क कन्या विवाह महोत्सव का, जो दो दिवसीय आयोजन के बाद हर्षोल्लास एवं घर जैसे पारिवारिक वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

मुख्य संयोजक लोकेश शर्मा ने बताया कि वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार 8 जोड़ों का विधिवत पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ और नवदंपतियों ने जीवन भर साथ निभाने का पवित्र वचन लिया। मुख्यअतिथि खाटू श्याम बाबा रहे उनका विशाल दरबार सजा। महंत सत्यप्रकाश बनखण्डी ने नव वरवधुओं आशीर्वाद दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौत्तम ने नव जोडो को अपनी शुभकामनाएं दी।

नगर भ्रमण बना आकर्षण का केंद्र
मुख्य संयोजक शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम की भव्य झांकी के साथ निकली इस बारात ने नगर के मार्गों पर एक अलग ही उत्सव का माहौल रच दिया। नगरवासी इस अनूठे दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। शोभायात्रा के पश्चात दूल्हों ने तोरण मारकर मंगल प्रवेश किया और वरमाला की पावन रस्म के साथ अपने जीवनसाथी का चयन किया।

खाटू श्याम के दरबार में लिए सात फेरे
फाउण्डेशन के कोषाध्यक्ष प्रियांशु शर्मा ने बताया कि आयोजन स्थल पर खाटू श्याम का भव्य दरबार सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्ण धार्मिक विधि-विधान के साथ 8 जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ। अग्नि के सात फेरों के साथ प्रत्येक जोड़े ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन पर्यंत साथ चलने की शपथ ली। वातावरण में गूंजते मंगलाष्टक और आशीर्वाद के बीच यह क्षण अत्यंत भावुक और पवित्र रहा।

गृहस्थी का सामान दिया फाउण्डेशन ने
फाउण्डेशन की अध्यक्ष शालू शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वधू को सोने की लौंग, चांदी की पाजेब, बिछिया, अंगूठी और टॉप्स सहित आभूषण भेंट किए गए। इसके अतिरिक्त प्रत्येक नवदंपती को अलमारी, पंखा, टीवी, ड्रेसिंग टेबल, गद्दा, तकिया, बेडशीट, सूटकेस, दीवार घड़ी, सेंटर टेबल, कुर्सी, डिनर सेट, गैस चूल्हा एवं संपूर्ण रसोई सामग्री सहित 120 से अधिक उपयोगी उपहार प्रदान किए गए। दूल्हे के लिए कोट-पैंट और दुल्हन के लिए बेस व चूड़ा भी समिति की ओर से उपलब्ध कराया गया। आयोजन समिति ने यातायात सुरक्षा का संदेश देते हुए नवदंपतियों को हेलमेट भेंट कर यातायात नियमों के पालन का संकल्प भी दिलाया।

नई उम्मीदों के साथ रुखसत हुईं बेटियां
ओमप्रकाश टंकारिया ने बताया कि महोत्सव का सबसे भावपूर्ण क्षण था विदाई का। जब नवविवाहिताएं अपने माता-पिता और परिजनों से गले मिलकर अश्रुपूरित नेत्रों से रुखसत हुईं, तो उपस्थित जनसमूह की आंखें भी नम हो गईं।