नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को कोरोना महामारी के बाद इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताया है। 24 घंटे में दूसरी बार उन्होंने नागरिकों से अपील की।
ईंधन की खपत कम करें, अनावश्यक विदेशी मुद्रा खर्च से बचें, ज्यादा टिकाऊ तरीके अपनाएं और वर्क फ्रॉम होम ( Work From Home ) अपनाने को प्राथमिकता दें।
इस बीच IT इंडस्ट्री की संस्था NITES ने श्रम और रोजगार मंत्रालय को पत्र लिखकर IT और ITES सेक्टर के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को जरूरी बनाने की सलाह देने की मांग की। वहीं, जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने बताया कि वह पहले ही इस दिशा में काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी तो पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियां इस दशक के बड़े संकटों में से एक हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब हमने मिलकर कोविड की चुनौती का सामना किया था तो हम निश्चित रूप से इस संकट से भी पार पा लेंगे।’
पीएम बोले, ‘जब भी देश को युद्ध या किसी बड़े संकट का सामना करना पड़ा है तो हर नागरिक ने सरकार की अपील पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आज भी हम सभी को एक साथ आने और अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।’
IT इंडस्ट्री ने की डिमांड
- आईटी इंडस्ट्री की संस्था NITES ने श्रम और रोजगार मंत्रालय को इस बीच पत्र लिखा।
- पत्र लिखकर IT और ITES सेक्टर के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को अनिवार्य बनाने की सलाह देने की मांग की।
- NITES ने ऐसा करके पीएम मोदी की ईंधन बचाने और अनावश्यक यात्रा कम करने की अपील का समर्थन किया है।

