Tuesday, June 23, 2026
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बच्चों ने शूटिंग रैंज व तीरंदाजी में दिखाया उत्साह

कोटा। एसआर पब्लिक सी. सै. स्कूल में गुरूवार को आयोजित समर कैम्प 2017 के आठवें दिन बच्चों ने शूटिंग रैंज, तैराकी व तीरंदाजी में बडे़ जोश के साथ भाग लिया। एसआर शूटिंग, तीरंदाजी व तैराकी अकादमी, संभाग की एक मात्र अकादमी है, जो हर वर्ग के बच्चों को प्रशिक्षित कर रही है ।

 एसआर अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चे राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपना कमाल दिखा चुके हैं । इस अकादमी का एक मात्र उद्देश्य है कि वह बच्चों में छिपी प्रतिभा को बाहर निकालकर, उनकी प्रतिभा को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है । इस अकादमी में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक प्रशिक्षण दे रहे हैं ।

कैम्प में भाग लेने वाले बच्चों से पूछा गया तो बच्चों ने बताया कि एसआर पब्लिक स्कूल में हर सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है, जो हमें चाहिए । कोटा के अन्य किसी भी स्कूल में यह सुविधा नहीं है, जो हमें इस विद्यालय में चल रहे समर कैम्प में मिली है ।विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने बताया कि इन गतिविधियों को सीखकर बच्चों में कुछ नया करने की प्रेरणा इस कैम्प में आकर मिली है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 223 अंक फिसला

मुंबई। गुरुवार को शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 223 अंक लुढ़क कर 30434 के स्तर पर और निफ्टी 97 अंक की कमजोरी के साथ 9429 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 2.27 फीसद और स्मॉलकैप 2.35 फीसद की कमजोरी के साथ बंद हुए हैं।

रियल्टी सेक्टर में 3 फीसद से ज्यादा की कमजोरी

सेक्टोरियल इंजेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। तीन फीसद से ज्यादा की कमजोरी के साथ सबसे ज्यादा बिकवाली रियल्टी सेक्टर में हुई है। वहीं मेटल सेक्टर में तीन चौथाई फीसद की गिरावट है। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में दो फीसद से ज्यादा की गिरावट आई है। वहीं फाइनेंशियल सर्विस (0.91 फीसद), एफएमसीजी (1.66 फीसद) और फार्मा सेक्टर में 0.61 फीसद की कमजोरी के साथ बंद हुए हैं।

निफ्टी के 45 शेयर्स लाल निशान में

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 6 हरे निशान में और 45 लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए है। सबसे ज्यादा तेजी विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस, सनफार्मा और ल्यूपिन के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट येस बैंक, ग्रासिम, बॉश लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईशर मोटर्स के शेयर्स में हुई है। सबसे ज्यादा तेजी बैंक ऑफ बड़ौदा, भारती एयरटेल, विप्रो, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट हिंडाल्को, येस बैंक, इंफ्राटेल, अंबूजा सीमेंट और एशियन पेंट के शेयर्स में है। 

 

इंडिया दुनिया का 9वां सबसे बड़ा शेयर बाजार बना

शेयर मार्केट कैप पहुंचा 2 लाख करोड़ डॉलर के पार, बनी रहेगी तेजी

मुंबई। लोकल और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी के चलते मार्केट कैप 2 लाख करोड़ डॉलर के पार चला गया है। इससे भारत दुनिया का 9वां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। वहीं, इमर्जिंग मार्केट्स में चीन के बाद भारत का मार्केट कैप सबसे अधिक है।

जनवरी के बाद से डॉलर टर्म में भारतीय बाजार में 28 पर्सेंट की तेजी आई है, जो मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया के 20 सबसे बड़े मार्केट्स में सबसे अधिक रिटर्न है। इस रैली से भारत का मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो 10 साल के एवरेज 0.78 पर्सेंट से अधिक हो गया है।इमर्जिंग मार्केट्स के लिए यह रेशियो 0.2 से 0.8 के बीच रहती है, जबकि विकसित देशों के शेयर बाजार के लिए 0.5-2.2 के बीच।

ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी के चीफ इकॉनमिस्ट और ईडी सुजान हाजरा ने कहा, ‘भारत में लिस्टेड कंपनियों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा हैएक्टिवली ट्रेडेड कंपनियों में से करीब 50 पर्सेंट का मार्केट कैप 500 करोड़ रुपये से कम है। इससे पता चलता है कि दूसरे देशों की तुलना में भारत में कंपनियां शेयर बाजार से जल्द फंड जुटाती हैं। भारत में मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो इसलिए अधिक है क्योंकि यहां के उद्यमी पब्लिक से फंड जुटाने में दिलचस्पी रखते हैं ।’

भारत में मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो 2007 में 1.48 के पीक लेवल पर पहुंची थी। ग्लोबल मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो 0.98 थी। इस रेशियो से इक्विटी मार्केट के ग्लोबल एक्सपर्ट्स कई बार शेयर बाजार के रिलेटिव वैल्यूएशन का अंदाजा लगाते हैं। जब यह 1 से अधिक होती है, तब बाजार को महंगा माना जाता है। अगर इस थ्योरी पर यकीन करें तो भारत में मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो को 1 से अधिक होने के लिए और 10 पर्सेंट की तेजी जरूरी है।

बिड़ला सनलाइफ म्यूचुअल फंड के सीईओ ए बालसुब्रमण्यन ने बताया, ‘भारत में प्राइवेट और गवर्नमेंट कैपेक्स के शुरू होने पर मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो में और बढ़ोतरी हो सकती है। इस साल के अंत तक देश की रेटिंग भी अपग्रेड होने की संभावना है। ऐसा होता है तो मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो में और बढ़ोतरी होगी।’

भारत का ग्लोबल मार्केट कैप में कंट्रीब्यूशन  2.7 पर्सेंट

ब्राजील और मेक्सिको की मार्केट कैप टु जीडीपी रेशियो क्रमश: 0.18 और 0.27 के साथ सबसे कम है। उसकी वजह यह है कि दोनों इकॉनमी कमोडिटीज पर आश्रित हैं, जिनकी कीमतों में गिरावट जारी है। वहीं, फ्रांस के लिए यह 0.67 और जर्मनी के लिए 0.49 है। हालांकि, दोनों देशों के बेंचमार्क इंडेक्स नए पीक लेवल पर हैं। भारत का ग्लोबल मार्केट कैप में कंट्रीब्यूशन भी 2.7 पर्सेंट के साथ 6 साल में सबसे ज्यादा हो गया है, जबकि इसका 6 साल का एवरेज 2.2 पर्सेंट है। यह पिछले तीन साल में दोगुना हो गया है।

 

रीमा लागू का दिल का दौरा पड़ने से निधन

मुंबई। आशिकी, साजन, कुछ कुछ होता से लेकर हम साथ साथ हैं जैसी फिल्मों में मां का किरदार निभाने वाली बॉलीवुड की ऑनस्क्रीन मां रीमा लागू का गुरुवार को  निधन हो गया है। वो 59 साल की थीं।

 गुरुवार सुबह 3.15 बजे मुंबई स्थित कोकिलाबेन अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। कई फिल्मों और टीवी पर मां के किरदार निभा चुकी रीमा को देर रात तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

सलमान की ऑनस्क्रीन मां के रूप मे थी मशहूर

रीमा लागू ने सलमान और शाहरुख खान की ऑनस्क्रीन मां के रूप में कई हिट फिल्मों में काम किया था। इनमें मैंने प्यार किया, हम साथ साथ हैं, साजन, कुछ कुछ होता है शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने टीवी पर तूतू मैंमैं और श्रीमान-श्रीमती जैसे कॉमेडी सीरियल्स से भी खूब वाहवाही बटोरी।

जीएसटी : जीवन-यापन से जुड़ी चीजें नहीं होंगी महंगी – अरुण जेटली

नई दिल्ली। सरकार ने संकेत दिया है कि जीएसटी लागू होने पर जीवन यापन से जुड़ी वस्तु एवं सेवाएं महंगी नहीं होंगी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं पर कर की क्या दर हो, इस पर फैसला करने के लिए जीएसटी परिषद की 14वीं बैठक बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को श्रीनगर में होने वाली है।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के वित्त मंत्री बैठ कर तय करेंगे कि किस वस्तु या सेवा को जीएसटी के दायरे में रखा जाए और किसको छूट दी जाए। यही नहीं, किस वस्तु या सेवा पर कर की क्या दर हो या उसे किस स्लैब में डाला जाए, इसका भी निर्धारण होगा।

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि किस वस्तु एवं सेवा पर कर की क्या दर हो, इस बारे में केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया की अगुवाई में सभी राज्यों के प्रधान सचिव (वित्त) की बैठक हो चुकी है। श्रीनगर में 18 एवं 19 मई को होने वाली परिषद की बैठक में सिर्फ औपचारिकता भर शेष है, इसलिए इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

स्लैब की घोषणा पर संशय

एक अधिकारी का कहना है कि वस्तु एवं सेवाओं पर कर की दर के स्लैब तो श्रीनगर की बैठक में तय हो जाएंगे, लेकिन इसकी घोषणा वहां नहीं भी हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो फिर जीएसटी लागू होने से कुछ दिन पहले स्लैब को घोषित किया जाएगा।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि जीएसटी के तहत तय की जाने वाली टैक्स की दरें वस्तुओं और सेवाओं पर कर की मौजूदा दरों से बहुत अलग नहीं होंगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी पिछले दिनों कहा था कि नई जीएसटी व्यवस्था में कर की दरें किसी को नहीं चौंकाएंगी। उन्होंने कहा था कि दरें तय करते समय किसी तरह का हैरान करने वाला फैसला नहीं लिया जाएगा।

जीएसटी लागू होने पर सरकारी महकमों के चक्कर लगाने से मिलेगी निजात

कोटा। जीएसटी लागू होने के बाद ट्रेडर्स को अलग -अलग सरकारी महकमों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी।  हर व्यापारी एवं ट्रेडर्स का एक ही महकमें से सबंध रहेगा। चाहे वह सर्विस टैक्स का हो या एक्ससाइज का हो या सेल्स टैक्स का हो।  

सेमिनार को सम्बोधित करते कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी

 यह जानकारी बुधवार को भामाशाह भवन में वाणिज्यिक कर विभाग की और से  जीएसटी  पर आयोजित सेमिनार में उपायुक्त नरेंद्र गुप्ता ने दी। उन्होंने  बताया कि जीएसटी का पूरा स्ट्रक्चर आईटी बेस होगा। श्रीनगर में होने वाली जीएसटी काउन्सिल की बैठक में किस कमोडिटी में क्या रेट रहेगी इसका निर्णय होगा। इस बैठक के बाद व्यापारियों की अनेक शंकाओं का समाधान हो जायेगा। 

इससे पहले कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने कहा कि कृषि जिंसों को जीएसटी से मुक्त रखना चाहिए।  क्योंकि कृषि जिंसों पर जीएसटी लगा तो इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा वरिष्ठ कर सलाहकार एमएल पाटोदी ने कहा की जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वेट में पंजीकृत व्यापारियों को भी जीएसटी में माइग्रेशन कराना जरुरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि उत्पादों पर जीएसटी लागू नहीं होगा। सेमिनार में सहायक कर अधिकारी अनुपम शर्मा, सीटीओ शिवेंद्र सक्सेना ने  भी जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

क्लीन मनी पोर्टल लगाएगा टैक्स चोरी पर लगाम

नई दिल्ली।  सरकार ने काले धन और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए एक क्लीन मनी पोर्टल लांच किया है, जिससे की उन लोगों के बारे में आसानी से पता चल जाएगा कि जो कि बिना बताए काले धन को छुपा रहे हैं या फिर उससे कोई बड़ी खरीददारी कर रहे हैं।  

इस पोर्टल को लांच करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार की उन लोगों पर नजर हैं जिनको अभी भी लगता है कि वो टैक्स की चोरी कर लेंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के द्वारा लांच की गई इस वेबसाइट के जरिए सरकार को उन लोगों के बारे में भी पता चल जाएगा जो कि अभी तक टैक्स चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं और अपने काले धन को बड़ी खरीददारी या फिर उसको जमा कर रहे हैं। अभी तक सरकार ने 18 लाख लोगों को इस पोर्टल के जरिए पकड़ लिया है, जिनके ट्रांजेक्शन उनकी प्रोफाइल से काफी ज्यादा हो रहे हैं। 

सरकार करेगी हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन का वेरिफिकेशन

सरकार ने कहा है कि वो इस पोर्टल के माध्यम से हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन का वेरिफिकेशन करेगी। जैसे ही व्यक्ति अपना पैन नंबर सबमिट करेगा वैसे ही ‘2016 के कैश ट्रांजेक्शन’ नाम से एक लिंक वेबसाइट पर दिखेगा।

वहां पर टैक्सपेयर को अपने ट्रांजेक्शन वैरिफाई करवाने के लिए डिटेल भरनी होगी। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट एसएमएस और ई-मेल के जरिए उनको ट्रांजेक्शन वैरिफाई करने के बारे मे सूचित करेगी। 

आधार के बिना नहीं मिलेगा सिम कार्ड, टेलिकॉम रेग्युलेटरी ने कहा

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नई दिल्ली।   टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने आधार कार्ड के बगैर सिम कार्ड देने पर रोक लगा दी है। ट्राई की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि मोबाइल सिम कार्ड, ब्रॉडबैंड और फिक्स लाइन फोन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा।

 फरवरी में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था लगभग एक साल में देश के सभी सिम कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने कहा था कि ऐसा मैकेनिज्म लाया जा रहा है, जिससे इन मोबाइल सिम को भी आधार से जोड़ा जा सके।

देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया खेहर ने कहा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों की पहचान बेहद जरूरी है, ऐसा न होने पर यह धोखाधड़ी से रुपये निकालने के काम में इस्तेमाल हो सकता है।

सरकार को जल्द ही पहचान करने की प्रक्रिया करनी चाहिए, वहीं केंद्र की ओर से कहा गया था कि इस मामले में उसे हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का वक्त दिया।

ट्राई के नियम के मुताबिक अब हर सिमकार्ड के लिए ई-केवाईसी जरूरी होगा। ट्राई की ओर से प्रस्तावित नियमों के तहत न सिर्फ नई मोबाइल सिम बल्कि मौजूदा सभी मोबाइल सब्सक्राइबर्स का ई-केवाईसी वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

किसी दूसरे सर्कल में जाकर मोबाइल फोन कनेक्शन को लेकर काफी दिक्कते आती हैं। लोगों को एड्रेस प्रूफ देने में परेशानी होती है, लेकिन ईकेवाईसी के बाद ये समस्या खत्म हो जाएगी। अब ईकेवाई से एक ही अड्रेस पर पूरे देश में सिम हासिल किया जा सकेगा। 

फिल्म “दोबारा” : हुमा का नया गाना ‘कारी कारी’ रिलीज

मुंबई। हुमा कुरैशी की फिल्म “दोबारा” का एक गाना रिलीज हुआ। गाने के बोल हैं ‘कारी कारी सौंधी अखियां’। हुमा अपने भाई साकिब सलीम के साथ थ्रिलर फिल्म ‘दोबारा’ में नजर आएंगी। यह साल 2013 में आई फिल्म ‘ओकुलस’ का रीमेक है। पिछले हफ्ते इस फिल्म का बेहद डरावना ट्रेलर जारी हुआ था।

फिल्म को डायरेक्ट किया है प्रवाल रमन ने। प्रवाल रमन एक जमाने में राम गोपाल वर्मा कैम्प से जुड़े थे। उन्होंने ‘गायब’ बनाई थी और ‘डरना मना है’ का भी हिस्सा रहे थे। उन्हें हाॅरर की खासी समझ है। और यह ट्रेलर में साफ नजर आता है।इंडस्ट्री से काफी समय गायब रहने के बाद वे ‘दोबारा’ लेकर आ रहे हैं।

ट्रेलर से पता लगता है कि साकिब और हुमा इस फिल्म में भी भाई-बहन का किरदार ही निभा रहे हैं। दोनों अपने घर में मौजूद एक आइने का राज जानने की कोशिश कर रहे हैं।हुमा का इस ट्रेलर में अंदाज वैसा ही है जैसा ‘एक थी डायन’ में नजर आया था। वे खौफ के भाव चेहरे पर कमाल तरीके से लाती हैं।

दूसरों को डराने में भी उनका कोई सानी नहीं है।साकिब की आखिरी चर्चित फिल्म ‘हवा हवाई’ थी। अमोल गुप्ते की यह फिल्म कुछ खास नहीं कर पाई थी। यह फिल्म दो जून को रिलीज हो रही है। बहुत दिनों बाद विक्रम भट्ट के अलावा कोई हाॅरर फिल्म रिलीज कर रहा है

दालों पर स्टाॅक लिमिट हटाने के निर्देश : पासवान

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नई दिल्ली।  लंबी अवधि से स्टाॅक लिमिट हटाने की मांग कर रही दाल इंडस्ट्री की मांग बुधवार को  उस समय पूरी हो गई जब खाद्य वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने इसकी जानकारी ट्वीट कर के दी। ट्वीट में लिखा है कि दाल उत्पादक किसानों के हितों को देखते हुए राज्यों को सभी दालों पर से स्टाॅक लिमिट हटाने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि केन्द्र सरकार लगातार कहती आई थी कि ये राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हैं और राज्य सरकारें अगर चाहें तो लिमिट हटा सकती है। लेकिन दालों की कीमतों पर नियन्त्रण के लिए राज्य सरकारें स्टाॅक लिमिट नहीं हटा रही थीं।

चूंकि साल 2016-17 में आए कृषि उत्पादन के आंकड़े रिकाॅर्ड हैं और आगे माॅनसून को लेकर भी जो खबरें आ रही हैं वो सकारात्मक संकेत दे रही हैं। जिसको देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाया है।