Thursday, July 9, 2026
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खुशखबरी : जल्द ही चार्टर्ड प्लेन से पहुंच सकेंगे कैलाश मानसरोवर

नई दिल्ली। कैलाश मानसरोवर तक पहुंचने के लिए दिल्ली से ल्हासा तक की चार्टर्ड फ्लाइट सेवा शुरू हो सकती है। भारत और चीन के बीच हाल ही में हुई बातचीत के प्रमुख मुद्दों में कैलाश मानसरोवर की यात्रा आसान बनाने का मुद्दा प्रमुख रहा। इसके अलावा चीन की Forbidden City में योग दिवस, 2020 मनाने और दोनों देशों में एक-दूसरे की शैक्षिक डिग्री को मान्यता देने का मुद्दा भी शामिल रहा।

12 जुलाई को नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में चीनी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। दोनों देश कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा आसान बनाने के लिए चार्टर्ड प्लेन सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर गंभीर दिखे। इसके अलावा चीन तिब्बती इलाके में एक डोमेस्टिक एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट में बदलने की योजना पर भी काम कर रहा है।

दो रूट से जा सकते हैं मानसरोवर
फिलहाल मानसरोवर की यात्रा दो रूट से होती है। पहला रूट उत्तराखंड के लिपू लेख पास से होकर गुजरता है, जिसमें ट्रेकिंग करनी पड़ती है। दूसरा रूट सिक्किम का नाथू-ला पास है जहां मोटर वाहनों से जाया जा सकता है। 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरोध पर चीनी सरकार ने मानसरोवर यात्रियों के लिए नाथू-ला रूट को खोला था।

देखिए ब्लैक’ की चाइल्ड ऐक्टर आयशा कपूर की हॉट तस्वीरें

फिल्म ‘ब्लैक‘ में अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी की मुख्य भूमिका वाली रानी मुखर्जी के बचपन के किरदार को निभाने वाली चाइल्ड ऐक्टर आयशा कपूर अब बड़ी हो गई हैं। अब आयशा काफी हॉट हो गई हैं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जाती हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें, आयशा की कुछ ऐसी ही तस्वीरें।

आयशा को अपनी डेब्यू फिल्म ‘ब्लैक’ की परफॉर्मेंस के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। आयशा इस समय एक सफल बिजनस वुमन बन चुकी हैं। आयशा और उनकी मां खुद का एक अक्सेसरीज ब्रैंड चलाती हैं।

आयशा ने फिल्मों में काम करना काफी कम कर दिया है। पिछली बार वह फिल्म ‘सिकंदर’ में दिखाई दी थीं। आयशा खुद को एक पैशनेट राइटर भी मानती हैं। वह अक्सर ट्रैवल भी करती रहती हैं।

आयशा अक्सर अपनी ट्रैवल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। इन तस्वीरों को फैन्स काफी पसंद करते हैं।

आयशा अक्सर अपनी ट्रैवल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। इन तस्वीरों को फैन्स काफी पसंद करते हैं। आयशा का कहना है कि वह अपनी कंपनी में वह मार्केट ट्रेंड, रीसर्च, डिजाइन और पीआर का काम संभालती हैं।

अब व्हाट्सएप्प पर एक साथ पांच लोगों को नहीं फॉरवर्ड कर पाएंगे मैसेज

नई दिल्ली। WhatsApp इन दिनों जहां नए-नए फीचर्स पेश करते हुए यूजर के लिए इंटरफेस को आसान और सुरक्षित बनाने में लगा है वहीं उसने एक ऐसा फैसला ले लिया है जो आपको बड़ा झटका देगा। दरअसल, व्हाट्सएप ने अब एक ही मैसेज एक साथ पांच लोगों को भेजने पर भी रोक लगा दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि व्हाट्सएप ने यह कदम फर्जी, सनसनीखेज व अन्य आपत्तिजनक संदेशों व वीडियो को ज्यादा फैलने से रोकने के लिए उठाया है। इसके लिए व्हाट्सएप एक नया फीचर लेकर आया है। इसमें वह संदेश जो बहुत ज्यादा फॉरवर्ड हो रहे हैं, उन्हें एक बार में सिर्फ एक को ही फॉरवर्ड किया जा सकेगा।

जानकारी के अनुसार फिलहाल कुछ ही यूजर्स के लिए यह व्यवस्था की गई है लेकिन आने वाले दिनों में यह सभी यूजर्स पर लागू हो जाएगा। हालांकि, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। WhatsApp के इस नए फीचर से यूजर्स जान पाएंगे कि उन्हें मिला संदेश पहले भी कई बार फॉरवर्ड किया जा चुका है।

हालांकि, अभी भी व्हाट्सएप में फॉरवर्डेड मैसेज के ऊपर ऐरो आइकन के साथ फॉरवर्डेड लिखा रहता है। बता दें कि WhatsApp ने देश में अफवाहों और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए पिछले साल ही मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा को घटाकर पांच कर दिया था।

नई फ़सल से पूर्व तिल फिर तेज, भाव 8 से 10 रुपये किलो तक बढ़ने की उम्मीद

मुकेश भाटिया, कमोडिटी एक्सपर्ट
कोटा। तिल की नई फसल आने में अभी ढाई माह से भी अधिक का समय बकाया है। जबकि कुल स्टॉक खपत के अनुरूप नहीं है। अतः ग्राहकी निकलने पर कीमतों में 8/10 रुपए किलो की तेजी जल्दी देखने मिल सकती है।

तिल में आयातित मालों का स्टॉक स्टाकिस्टों के साथ साथ कारोबारियों के पास भी पूरी तरह समाप्त हो गया है जबकि देशी माल मुश्किल से एमपी, यूपी को मिलाकर 70-72 हजार बोरी के करीब स्टॉक शेष बचा है। यह माल छतरपुर, महोबा,जयपुर, मिर्जापुर,शहडोल, सिवनी, कटनी आदि मंडियों में है। तिल की मासिक घरेलू खपत सामान्य ग्राहकी निकलने पर कम से कम ढाई लाख बोरी की है।

विगत दो वर्षों से तिल का उत्पादन मुश्किल से साढे तीन-चार लाख टन के करीब ही रह रहा है, जो कभी 8/9 लाख टन के क़रीब होता था। यही कारण है कि हलिंग का माल ऊपर में चालू सीजन के अंतराल ग्वालियर में 125/126 रुपए ऊपर का स्तर देखने के बाद वर्तमान में घटकर काफ़ी दिनों से 111/112 रुपए पर ठहरा हुआ है।

उधर छतरपुर की नई नोगांव लाइन में 95/96 रुपए किलो का व्यापार हो रहा है। तिल में लोकल घरेलू माल में ग्राहकी कमज़ोर रहने से क़ीमतें पिछले काफी दिनों से एक ही दायरे में सिमटकर कर रह गयी है। हालाँकि बीच बीच मे अनुकूल खबरें मिलने से बाज़ार दायरे से बाहर कारोबार करता दिखा है।

ग्वालियर मंडी में बीते काफी दिनों से मिलो के मांग को देखते हुए बंगाल से लाल तिल का व्यापार नियमित अंतराल पर बना रहा,जिससे क़ीमतें 4/5 रुपए कमज़ोर हुई है। देश की अधिकांश मंडियों में नई फसल की आवक का दबाव अक्टूबर के दूसरे/तीसरे सप्ताह के आसपास बनने की उम्मीद है।

सामान्यतः सितम्बर अंत से लेकर अक्टूबर के पहले -दूसरे सप्ताह तक मंडियो में नये माल का श्रीगणेश हो जाता है,लेकिन इस बार मॉनसून के अनियमित रहने से उत्पादक क्षेत्रों में बरसात काफी देर से संभव हो पाई, जिससे बिजाई लगभग 10/12 दिन सभी लाइनों में लेट हुई है। हालाँकि जानकर बिजाई रकबा बढ़ने की बात कर रहे है, लेकिन लाइनों में व्यापारियों से हुई बातचीत कुछ और ही तरह की जानकारी दे रहें है।

बेहतर उत्पादन की उम्मीद
अगर उनकी बात पर नज़र डाली जाएं तिल उत्पादक क्षेत्रों में बारिश से पूर्व की स्थिति बेहतर नही दिख रही थी,हालांकि हाल ही में हुई बारिश से इस स्थिति में बदलाव देखने मिल सकता है, और यदि आगे भी मौसम फ़सल के अनुकूल बना रहा तो यह तय है कि इस वर्ष, बीते वर्षो के मुक़ाबले बेहतर उत्पादन की उम्मीद लगायी जा सकती है।

सरकार ने हाल ही में खरीफ सीजन के लिए तिल का समर्थन मूल्य 236 रुपए बढाकर 6485 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया है, जानकार बिजाई पर इसका भी प्रभाव मानकर चल रहें है।
नई फ़सल के देर से आने की आशंका के साथ साथ मौसम के भी अनुकूल बने रहने के शर्त के साथ ही बेहतर उत्पादन की उम्मीद मजबूत होंगी।

बाजार ज्यादा घटने की उम्मीद नहीं
यही वज़ह है कि नई आवक के शुरुआती दबाव पर भी ज्यादा बाजार घटने की उम्मीद नहीं है। जानकार मानते हैं कि बीते तीन वर्ष लंबे नुकसान के बाद इस बार तेजी भी उसी हिसाब से आई थी, लेकिन इसका लाभ कुछ ही स्टॉकिस्ट ले पाये, क्योंकि तेजी के दिनों में और लाभ की भूख में अधिकतर कारोबारी ऊंचे भाव का माल अपने गले फंसा लिये। हालांकि अब आउटसाइडर व्यापारियों का माल कट गया है।

फूलों की पालकी में निकलेगी तीज माता की सवारी, मेला कल से होगा शुरू

कोटा। श्रावणी तीज मेला महोत्सव आयोजन समिति की ओर से शनिवार को शाम 6 बजे से मेले का उद्घाटन तीज माता की सवारी के साथ होगा। इसके साथ ही भव्य शोभायात्रा का आयोजन भी किया जाएगा।

तीज माता की सवारी पूर्ण भव्यता के साथ शाम 6 बजे राम मंदिर से प्रारंभ होकर बजरिया रानी जी की धर्मशाला के सामने से गुजरते हुए थाना भीम मंडी के सामने नर्वदेश्वर महादेव मंदिर पर आरती के पश्चात विश्राम हेतु भरावा सदन पर पहुंचेगी। फूलों की पालकी में सवार तीज माता घुड़सवारों के साथ चलेंगी। हाड़ौती के विशिष्ट परिधान में सुसज्जित महिलाएं तीज माता की पालकी को लेकर चलेंगी।

शोभायात्रा के संयोजक राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि बग्घियों में सवार होकर भगवान शिव पार्वती और हनुमान की आकर्षक झांकियां होगी। इस दौरान धन्नालाल चेतराम एंड पार्टी के एक दर्जन कलाकारों के द्वारा राजस्थानी वेशभूषा में अलगोजे की विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सावन गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ नरेंद्र एंड पार्टी द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत होगा।

मेला अध्यक्ष बसंत कुमार भरावा तथा संयोजक श्याम भरावा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक संदीप शर्मा होंगे तथा अध्यक्षता महापौर महेश विजय करेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव होंगे। तीज माता का पूजन पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी, सुनीता भरावा, अलका दुलारी कर्म योगी द्वारा किया जाएगा।

इससे पहले तीज मेले का उद्घाटन 5 बजे होगा। मेले में राजस्थान राज्य के अलावा विभिन्न प्रांतों से व्यापारी पहुंच चुके हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए मिनी झूले, चकरी, मिकी माउस वालों ने अपना स्थान ले लिया है। मेले के शुभारंभ के साथ ही 13 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।

उन्होंने बताया कि मेले में 4 अगस्त को सिने संध्या कार्यक्रम, 5 अगस्त को खाटू श्याम बाबा का जागरण, 6 अगस्त को राजस्थानी कवि सम्मेलन, 7 अगस्त को राजस्थानी लोक कलाकारों के गीत व नृत्य का रंगारंग आयोजन होगा। वहीं 13 दिवसीय मेले का समापन 15 अगस्त को भव्य आतिशबाजी के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रांतों से आने वाले व्यापारियों को भी सम्मानित किया जाएगा

धर्म के सन्मार्ग पर चलकर बनाएं जीवन सार्थक:आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ससंघ के पावन वर्षायोग के दौरान प्रवचन करते हुए माताजी ने कहा कि हमें अपने धर्म में बताए सन्मार्ग पर चल कर अपना जीवन सार्थक करना चाहिए।

सत्संग समय नहीं देखता, समर्पण देखता है। वह समर्पण उन बादलों की भांति होता है, जो बरसने से पहले धरती पर उमड़ता और घुमड़ता है। लेकिन, यह बादल धरती पर कितने दिन बरसते हैं। यह समय ही बताता है। समर्पण एक त्याग है, जो हर व्यक्ति नहीं कर पाता।

जैन दर्शन कहता है कि संसार में छोटे से छोटे जीव भी हो तो उनमें भी परमात्मा बनने की शक्ति विद्यमान है। केवल भगवान के दर्शन से मनुष्य अपने पापों का अन्त कर सकता है। जैन दर्शन में जिन दर्शन का बहुत बड़ा महत्त्व बताया है। दर्शन पाठ में कहा है कि जिनेन्द्र देव का दर्शन पाप को नाश करने वाला है।

संसार के अधिकतर प्राणी सुख की आशा में इन्द्रिय विषयों अर्थात वस्तुओं के पीछे भाग रहे है, परन्तु उन्हें फिर भी सुख प्राप्त नहीं होता है। जब तक पुण्य नहीं होगा तब तक पुण्य का फल शांति, आनन्द प्राप्त नहीं हो सकता है।

पुण्य बैंक बैलेंस के समान है यदि बैंक में बैलेंस हैं तो धन प्राप्त कर सकते है। किन्तु खाते में बैलेंस नहीं तो कुछ भी प्राप्त नही होता। इसलिए, जिन दर्शन कर पाप का अंत करें और पुण्य में वृद्धि करें।

कोटा के नामी प्लाईवुड विक्रेता पर आयकर विभाग का छापा

कोटा। आयकर विभाग की इन्वेस्टिकेशन विंग उदयपुर और जयपुर की टीम ने गुरुवार को एक नामी प्लाईवुड विक्रेता और होटल संचालक समूह के यहां छापे की कार्रवाई शुरू की। जो देर रात तक जारी रही। इस समूह के आधा दर्जन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई चल रही है।

आयकर अधिकारी फिलहाल कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। कोटा में लघु औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लाइवुड कारोबारी के शोरूम और गोदाम पर कार्रवाई की। ऐहतिायात के तौर पर पुलिस कर्मी तैनात कर रखे हैं। यहां काफी बड़ा गोदाम है।

अधिकारी बिल व अन्य दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है और उनका परीक्षण किया जा रहा है। प्रताप नगर में इस समूह के मालिका का बंगला है। यहां भी आधा दर्जन अधिकारी कार्रवाई में जुटे हुए हैं। इस समूह का इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में रीको के ऑफिस के पास में एक बड़ा होटल और हॉस्टल है। यहां भी कार्रवाई की जा रही है।

इस समूह के हॉस्टलों पर भी जांच की जा रही है। इस कारोबारी समूह के पाटर्नर भी कार्रवाई की लपेटे में आ गए हैं। दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आयकर उनसे भी पूछताछ कर रहे है।

कांग्रेस नेता की पाटर्नरशिप की चर्चा
इस समूह की होटल में कांग्रेस के एक बड़े नेता की पाटर्नशिप की बात सामने आई है। आयकर अधिकारी होटल के पार्टनरों के नामों की जांच कर रहे हैं।

पांच साल पहले भी हुुई थी कार्रवाई
इस समूह के यहां पांच साल पहले भी आयकर विभाग कोटा ने सर्वे की कार्रवाई की थी। इसमें करीब दो करोड की अघोषित आय उजागर हुई थी। उस दौरान भी कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के यहां कार्रवाई में व्यवधान करने पहुंच गए थे, बाद में मामला उच्च स्तर पर वार्ता के बाद शांत हुआ था।

इंदौर किराना: त्योहारी मांग से शक्कर और खोपरा गोला में तेजी

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में बृहस्पतिवार को त्योहारी मांग से शक्कर के भाव में 20 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। खोपरा गोला तीन रुपये प्रति किलोग्राम मंहगा बिका। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में गुरुवार को छह गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला शक्कर 3330 से 3360 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3380 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 168 से 183 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2100 से 3400 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 132, निजामाबाद 90 से 100, पिसी 140 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा गेहूं आटा 1200 से 1220, मैदा 1230 से 1240, रवा 1250 से 1260, चना बेसन 3000 से 3025 तथा बटला बेसन 2650 से 2675 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर मंडी में हरियाली अमावस का अवकाश रहा, दाल एवं चावल में सुधार

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को हरियाली अमावस के अवसर पर अवकाश रहा। हालांकि, छिटपुट कारोबार में दाल एवं चावल में लिवाली सुधार लिए रही।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7000 से 7200, तुअर दाल फूल 7400 से 7600, तुअर दाल बोल्ड 7800 से 8000, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5600 से 5800, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5300 से 5400मूंग दाल 7600 से 7800, मूंग मोगर 8200 से 8400 उड़द दाल 7000 से 7200, उड़द मोगर 7200 से 7400 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल: बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: कपास्या तेल और सोयाबीन रिफाइंड तेल गिरा

इंदौर।स्थानीय खाद्य तेल बाजार में गुरुवार को मूंगफली तेल 10 रुपये, सोयाबीन रिफाइंड तेल पांच रुपये और पाम तेल के भाव में दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी हुई। कपास्या तेल के भाव चार रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी हुई।

तेल मूंगफली तेल इंदौर 1110 से 1130, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 735 से 738, सोयाबीन साल्वेंट 700 से 705, पाम तेल 625 से 628 रुपये प्रति 10 किलोग्राम। पशु आहार कपास्या खली इंदौर 2100, देवास 2100, उज्जैन 2100, खंडवा 2080, बुरहानपुर 2080, अकोला 3350 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 755 से 758, महाराष्ट्र 750 से 755, तथा गुजरात 760 से 762 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।