Monday, June 29, 2026
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भूमि विकास बैंक ने स्वीकृत किया 2026-27 का बजट, 30.15 लाख के कृषि ऋण मंजूर

कोटा। कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक सोमवार को प्रधान कार्यालय में बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई तथा मुख्यमंत्री विशेष एकमुश्त समझौता योजना 2026-27 को लागू करने का निर्णय लिया गया।

साथ ही नौ नए सदस्यों को बैंक से जोड़ा गया और 12 किसानों को कुल 30.15 लाख रुपये के कृषि ऋण स्वीकृत किए गए। बैठक में सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार राजेश कुमार मीणा, बैंक उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा, संचालक निहाल सिंह राठौड़, डॉ. प्राची दीक्षित, राधाकिशन मीणा, मुकेश मीणा, जगदीश प्रसाद मीणा, बाबूलाल बैरवा, मांगीलाल मेहरा तथा बैंक सचिव ऋतु सपरा सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में 11 फरवरी 2026 की पिछली बैठक की कार्यवाही तथा उसके बाद लिए गए अध्यक्षीय प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। शाखा इटावा के आठ एवं शाखा रामगंजमंडी के एक सदस्य सहित कुल नौ नए सदस्यों को स्वीकृति दी गई।

ऋण स्वीकृति के तहत सुल्तानपुर शाखा के एक किसान को 2 लाख रुपये, लाडपुरा शाखा के दो किसानों को 6.30 लाख रुपये, रामगंजमंडी शाखा के एक किसान को 6 लाख रुपये तथा इटावा शाखा के आठ किसानों को 15.85 लाख रुपये के ऋण मंजूर किए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत 395 किसानों को राज्य सरकार द्वारा 10.25 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई।

किसानों से 4.62 करोड़ रुपये की नकद वसूली कर कुल 14.87 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई। इस उपलब्धि पर बैंक अध्यक्ष ने बैंक प्रशासन, शाखा प्रबंधकों एवं फील्ड स्टाफ की सराहना करते हुए कोटा जोन के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी।

संचालक मंडल ने राज्य सरकार द्वारा 30 जून 2026 तक लागू की गई मुख्यमंत्री विशेष एकमुश्त समझौता योजना 2026-27 का स्वागत किया तथा इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओमबिरला और राजस्थान के सहकारिता मंत्री गोतम कुमार दक के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक में बताया गया कि 31 मार्च 2026 की स्थिति में बैंक को 68.33 लाख रुपये का लाभ हुआ है तथा बैंक के एनपीए में 26.62 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बैंक अध्यक्ष ने इसके लिए जिले के किसानों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

बैंक सचिव ऋतु सपरा ने कहा कि राज्य सरकार की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत वितरित अवधिपार दीर्घकालीन कृषि ऋणों के निस्तारण का यह किसानों के लिए अंतिम अवसर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि योजना का लाभ नहीं लेने वाले ऋणियों के विरुद्ध सहकारी अधिनियम एवं नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी तथा उन्हें भविष्य की अनुदान एवं राहत योजनाओं से वंचित रखा जा सकता है। ऐसे ऋणियों को ‘विलफुल डिफॉल्टर’ की श्रेणी में चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

णमोकार जाप से मिलती है मानसिक शांति और आत्मिक सुख: आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण

कोटा। रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। 15 से 19 जून तक आयोजित होने वाले इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में लाखों णमोकार महामंत्र जाप के माध्यम से विश्व शांति, जीव कल्याण एवं धर्म प्रभावना का संदेश दिया जाएगा।

भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न श्री स्वस्ति भूषण माताजी (ससंघ) के पावन सान्निध्य में आयोजित इस अनुष्ठान के प्रथम दिवस मंगल कलश स्थापना एवं यज्ञनायक सौधर्म इन्द्र की विधिवत स्थापना संपन्न हुई। इसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप प्रारंभ किया।

मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 7:30 बजे जाप अनुष्ठान, 8:30 बजे मंगल प्रवचन तथा सायं 7 बजे गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निरंतर णमोकार महामंत्र का जाप चला।

इस अवसर पर आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि मन की स्थिरता ही आत्मिक शांति का आधार है। अत्यधिक विचार व्यक्ति के मन को चंचल बनाकर उसे तनाव एवं अवसाद की ओर ले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भौतिक वस्तुओं के अनावश्यक संग्रह से मानसिक बोझ बढ़ता है, जबकि णमोकार महामंत्र का ध्यानपूर्वक जाप मन को शांत, निर्मल एवं एकाग्र बनाता है। महामंत्र के भावपूर्ण स्मरण से असंख्य पापों का क्षय होता है तथा आत्मा को वास्तविक सुख की अनुभूति प्राप्त होती है।

उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं समस्त साधु-संतों को नमस्कार किया गया है। सच्चे भाव से किया गया नमस्कार जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और चमत्कारिक परिणाम प्रदान करता है।

माताजी ने कहा कि इतिहास में णमोकार महामंत्र के जाप से अनेक प्रेरणादायी एवं चमत्कारिक घटनाएं घटित हुई हैं, जो इसकी आध्यात्मिक शक्ति को प्रमाणित करती हैं।

इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के महामंत्री पदम बड़ला, कार्यध्यक्ष पारस बज आदित्य, कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला एवं संजय लुहाड़िया, सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Mahesh Jayanti: खेल प्रतियोगिताओं के साथ महेश जयंती महोत्सव का शुभारंभ

कोटा। Mahesh Jayanti Mahotsav: माहेश्वरी समाज के तत्वावधान में आयोजित महेश जयंती महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को माहेश्वरी पब्लिक स्कूल एवं श्रीनाथपुरम स्टेडियम में उत्साह और उमंग के साथ हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा (पश्चिमांचल) के उपसभापति राजेश कृष्ण बिरला ने दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में माहेश्वरी समाज के महिला-पुरुष एवं युवा श्रीनाथपुरम स्टेडियम में एकत्रित हुए, जहां विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर समाज के मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा, पूर्वी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष महेशचंद अजमेरा, सहमंत्री एवं खेल समन्वयक घनश्याम मूंदड़ा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर काल्या, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शारदा, जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र काबरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए राजेश बिरला ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में संघर्ष, अनुशासन, आत्मसंयम, नेतृत्व क्षमता, आपसी समन्वय एवं टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।

मुख्य समन्वयक महेशचंद अजमेरा ने बताया कि महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत 14 से 21 जून तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात 21 जून को सांस्कृतिक संध्या, 22 जून को नवसृजन कार्यक्रम तथा 23 जून को महाअभिषेक एवं भव्य शोभायात्रा आयोजित की जाएगी।

खेल समन्वयक घनश्याम मूंदड़ा एवं अविनाश अजमेरा ने बताया कि सोमवार को 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए बैडमिंटन एवं तैराकी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा 100 मीटर दौड़, रिले दौड़, तीन टांग दौड़ तथा विभिन्न आयु वर्गों के लिए 100 से 400 मीटर तक की दौड़ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

Stock Market: सेंसेक्स 262 अंक उछलकर 76526 पर खुला, निफ्टी 23900 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Update: घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को तेजी आई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 262 अंकों की तेजी के साथ 76526 के लेवल खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 70 अंकों की तेजी के साथ 23924 पर खुलने में कामयाब रहा।

सुबह 9.20 बजे सेंसेक्स 246.02 अंक यानी 0.32% तेजी के साथ 76,510.35 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 69.85 अंक यानी 0.29% ऊपर 23,923.75 अंक पर है। इससे पहले पिछले सत्र में सेंसेक्स 736.38 अंक उछला था जबकि निफ्टी 231 अंक ऊपर बंद हुआ था।

सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर तेजी के साथ खुले। एचसीएल टेल में सबसे ज्यादा 2.75 फीसदी तेजी आई। इसके अलावा टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, एसबीआई, इटरनल, इंडिगो, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक में गिरावट रही।

इन सेक्टरों में आई तेजी
निफ्टी पर हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा तेजी आई है। ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप में 0.23 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.29 फीसदी तेजी आई है। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। दूसरी ओर निफ्टी मेटल में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट रही।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ शांत समझौते पर सहमति हो चुकी है। इसके तहत शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट खुल सकता है। इससे आज कच्चे तेल की कीमत में भी मामूली गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड अभी 0.30% गिरावट के साथ 82.92 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.11% गिरावट के साथ 80.66 डॉलर पर आ गया।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • गिफ्ट निफ्टी के संकेत
    गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 23,919 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 3 अंक का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों के लिए सपाट शुरुआत का संकेत देता है।
  • अमेरिका-ईरान शांति समझौता
    अमेरिका-ईरान शांति समझौता अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार से पहले तेहरान के साथ वाशिंगटन के समझौते को जारी करने का फैसला कर सकते हैं। समझौते पर अमेरिका और ईरान के नेताओं द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए गए थे और शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा कि ईरान शांति समझौते के तहत कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है।
  • नैस्डैक में जोरदार उछाल
    अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद डॉऊ जोन्स रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 468.77 अंक या 0.92% बढ़कर 51,671.03 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 122.83 अंक या 1.65% बढ़कर 7,554.29 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 795.10 अंक या 3.07% के साथ 26,683.94 पर बंद हुआ, जो 31 मार्च के बाद से एक दिन की सबसे मजबूत प्रतिशत वृद्धि है।
  • एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
    जापान के बाहर एशिया-प्रशांत शेयरों के एमएससीआई के व्यापक सूचकांक में 0.2% की वृद्धि हुई। जापान का निक्केई 225 सपाट रहा जबकि टॉपिक्स 0.38% गिर गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.61% की वृद्धि हुई, जबकि कोस्डैक में 1.47% की गिरावट आई। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया।
  • कच्चे तेल की कीमतें
    अमेरिका-ईरान शांति समझौते में डिटेल्स की कमी के बारे में चिंताओं पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड वायदा 0.3% बढ़कर 83.42 डॉलर प्रति बैरल और यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.3% बढ़कर 81.12 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

पान मसाला विज्ञापन मामले में सलमान नहीं आएंगे कोटा, NCDRC ने लगाया स्टे

कोटा। पान मसाला कंपनी के भ्रामक विज्ञापन मामले में सलमान खान के पक्ष में एक और अहम फैसला आया है। नेशनल कंज्यूमर फोरम ने कोटा कंज्यूमर कोर्ट की कार्रवाई पर स्टे देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

नामी पान मसाला कंपनी के कथित भ्रामक विज्ञापन से जुड़े मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को एक और राहत मिली है। नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने कोटा उपभोक्ता आयोग में चल रही कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।

इसके चलते फिलहाल सलमान खान को हस्ताक्षरों की एफएसएल जांच के लिए कोटा नहीं आना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि इसी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट भी 27 मई को संबंधित आदेश पर स्टे दे चुका है। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है।

मसाला कंपनी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राकेश सुवालका ने बताया कि कोटा उपभोक्ता आयोग में सलमान खान की ओर से प्रस्तुत वकालतनामा और जवाब पर किए गए हस्ताक्षरों को लेकर याचिकाकर्ता अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने आपत्ति दर्ज करवाई थी।

इस पर कोटा उपभोक्ता आयोग ने 26 दिसंबर 2025 को आदेश जारी करते हुए अभिनेता सलमान खान के हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से जांच कराने तथा उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हस्ताक्षरित शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

साथ ही सलमान खान के निर्धारित तिथि पर पेश नहीं होने के बाद याचिकाकर्ता की ओर से उनके खिलाफ आयोग में अवमानना संबंधी प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया गया था।

इसके विरोध में सलमान खान ने राजस्थान हाईकोर्ट और नेशनल कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाया। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को कोटा उपभोक्ता आयोग के 26 दिसंबर 2025 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

अधिवक्ता राकेश सुवालका के अनुसार हाईकोर्ट के स्टे आदेश की प्रति पहले ही कोटा उपभोक्ता आयोग में पेश की जा चुकी थी। इसके बाद नेशनल कंज्यूमर फोरम ने भी मामले की सुनवाई करते हुए 10 जून को कार्रवाई पर स्टे जारी कर दिया।

श्रीमद भागवत कथा: भगवान के बिना जीव की मुक्ति संभव नहीं

नौ दिन चली भागवत कथा की सोमवती अमावस्या पर पूर्णाहुति

कोटा। श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान एवं समस्त धाकड़ समाज, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विनोबाभावे नगर स्थित खड़े गणेश जी रोड पर बने श्री धरणीधर गार्डन में पिछले नौ दिनों से चल रहे भव्य ‘श्रीमद भागवत कथा महोत्सव’ का सोमवार को सोमवती अमावस्या पर पूर्णाहुति, हवन और विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुई।

कथा के अंतिम दिन बनेठ वाले गुरुदेव के दिव्य भजनों और विदाई प्रवचनों को सुनने के लिए पंडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। पूरा परिसर ‘बांके बिहारी लाल की जय’, धरणीधर भगवान की जय और ‘सांवरिया सेठ की जय’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। धाकड़ समाज के पदाधिकारियों सहित कोटा संभाग के हजारों श्रद्धालुओं ने इस ज्ञान यज्ञ में अपनी आहुति दी।

कथा व्यास बनेठ वाले गुरुदेव ने ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की त्रिवेणी बहाते हुए उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जीवन की नश्वरता और भगवद् भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को समय अनुकूल रहते हुए भगवान के भजन में लग जाना चाहिए, क्योंकि भगवान के बिना इस जीव की मुक्ति किसी भी जन्म में संभव नहीं है।

यदि सारा जीवन दुखों और उलझनों में ही बीत गया और मुख से हरि का नाम नहीं निकला, तो ऐसा जीवन व्यर्थ है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि लोग अंतिम समय में ‘राम नाम सत्य है’ बोलते हैं, जबकि इस परम सत्य को जीवन की शुरुआत में ही स्वीकार कर लिया जाता, तो मनुष्य तमाम सांसारिक दुखों से बच जाता।

कथा के दौरान गुरुदेव ने ‘सृष्टि और दृष्टि’ के दिव्य भेद को समझाया। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया भगवान की बनाई ‘सृष्टि’ में रहती है, लेकिन एक सच्चा भक्त हमेशा भगवान की ‘दृष्टि’ (कृपा दृष्टि) में निवास करता है। भगवान की इस विशेष दृष्टि को प्राप्त करने के तीन अचूक मार्ग हैं- सत्संग, सेवा और भजन।

उन्होंने गृहस्थ जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे नमक के बिना स्वादिष्ट से स्वादिष्ट सब्जी भी अधूरी रह जाती है, वैसे ही नारायण के बिना यह सारी दुनिया अधूरी और नीरस है।

प्रभु के दरबार का नियम बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान के मंदिर में जब भी जाएं, सादा और सहज बनकर जाएं। जो जितना सरल होकर जाता है, उस पर भगवान की उतनी ही सहज कृपा बरसती है।

विशिष्ट सूत्रों की व्याख्या करते हुए बनेठ वाले गुरुदेव ने समाज की विडंबना पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह दुनिया सुनती तो गुरु की है, लेकिन मानती हमेशा मूर्खों की है, जिससे वह कष्ट पाती है।

मानव देह के अहंकार को तोड़ते हुए उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा कि ‘सिर पर साड़ी लाख की, और सिर के नीचे खाक की’ अर्थात इस नश्वर शरीर के श्रृंगार पर लाखों खर्च करने वाले यह भूल जाते हैं कि अंत में इसे मिट्टी में ही मिल जाना है।

​पूर्णाहुति के विशेष प्रसंग पर व्यासपीठ से बोलते हुए बनेठ वाले गुरुदेव ने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि इसे जीवन में उतारने का महामंत्र है। नौ दिनों तक जिस भक्ति रस का पान श्रद्धालुओं ने किया है, उसे अपने आचरण में ढालना ही इस महोत्सव की सच्ची सफलता होगी।

गुरुदेव ने पुनः दोहराया कि जिस परिवार और घर में नियमित रूप से भगवान की जय-जयकार होती रहती है, वहाँ कभी दुखों का हाहाकार प्रवेश नहीं कर सकता।

उन्होंने समस्त धाकड़ समाज और आयोजन समिति को इस सफल एवं भव्य धार्मिक अनुष्ठान के लिए आशीर्वाद देते हुए कहा कि नारायण की सेवा और सत्संग से ही समाज में सुख, समृद्धि और आपसी समरसता का विस्तार होता है। कथा की समाप्ति पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें छप्पन भोग की झांकी सजाई गई।

श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान के पदाधिकारियों और धाकड़ समाज के वरिष्ठ जनों ने व्यासपीठ की पूजना-अर्चना कर बनेठ वाले गुरुदेव का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीना अभिनंदन किया। नौ दिनों तक निस्वार्थ भाव से सेवाएं देने वाले समाज के युवा स्वयंसेवकों और भामाशाहों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।

कोटा–उज्जैन के बीच पहली बार मेमू सेवा शुरू, यात्रियों को मिलेगी सीधी ट्रेन

सांसद दुष्यंत सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वर्चुअल माध्यम से किया शुभारंभ

कोटा। कोटा मंडल के रेल इतिहास में 15 जून 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पहली बार कोटा से उज्जैन तक सीधी मेमू रेल सेवा का सफलतापूर्वक शुभारम्भ किया गया।

गाड़ी संख्या 61624/61623 कोटा–चौमहला मेमू सेवा का उज्जैन तक विस्तार करते हुए चौमहला एवं विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशनों पर भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि प्रथम उद्घाटन समारोह प्रातः चौमहला रेलवे स्टेशन पर सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सांसद दुष्यंत सिंह तथा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं झालरापाटन विधायक वसुंधरा राजे ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर इस नई सेवा का शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में डग विधायक कालूराम, रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य धीरज गुप्ता एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में यात्रीगण उपस्थित रहे। रेलवे की ओर से वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता नवीन भूषण शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

उन्होंने बताया कि द्वितीय उद्घाटन समारोह विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन पर आयोजित किया गया, जिसमें उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने हरी झंडी दिखाकर सेवा विस्तार का औपचारिक शुभारम्भ किया तथा इसी गाड़ी में नागदा तक यात्रियों के साथ सफर भी किया।

नई समय-सारिणी के अनुसार गाड़ी संख्या 61624 कोटा से प्रातः 5:40 बजे प्रस्थान कर रामगंज मंडी (07:05 बजे), भवानी मंडी (07:33 बजे), शामगढ़ (08:05 बजे), चौमहला (08:38 बजे), विक्रमगढ़ आलोट (09:13 बजे) एवं नागदा (10:30 बजे) होते हुए दोपहर 12:00 बजे उज्जैन पहुंचेगी।

वापसी में गाड़ी संख्या 61623 उज्जैन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होकर नागदा (14:10 बजे), चौमहला (15:25 बजे), शामगढ़ (15:53 बजे), भवानी मंडी (16:28 बजे) एवं रामगंज मंडी (16:58 बजे) होते हुए सायं 19:05 बजे कोटा पहुंचेगी।

श्री जैन ने बताया कि इस सेवा विस्तार से कोटा मंडल के यात्रियों को धार्मिक, शैक्षणिक एवं व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर उज्जैन तक बिना गाड़ी बदले सीधी यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो गई है। साथ ही नागदा जंक्शन के माध्यम से बीना एवं मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए भी बेहतर रेल संपर्क स्थापित हुआ है।

मई में निर्यात 18% उछलकर 45 अरब डॉलर के पार, व्यापार घाटा फिर भी बढ़ा

नई दिल्ली। देश के माल (मर्चेंडाइज) निर्यात में मई महीने के दौरान 18 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और यह बढ़कर 45.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में आयात भी 20.62 फीसदी बढ़कर 73.41 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। इसके चलते देश का व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

वहीं, अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान भारत के कुल माल निर्यात में 16.09 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और यह बढ़कर 88.91 अरब डॉलर हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में ज्यादा है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि मई में पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात मामूली रूप से घटकर 5.30 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि मई 2025 में यह 5.38 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-मई के दौरान सोने (गोल्ड) के आयात में 60 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह बढ़कर 9.04 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा रुझानों को देखते हुए इस वर्ष निर्यात के लिए अच्छा रहने की संभावना है।

Stock Market: सेंसेक्स 736 अंक उछल कर 76264 पर बंद, निफ्टी 23850 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद और कच्चे तेल में गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा। सोमवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97% की तेजी के साथ 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 231 अंक यानी 0.98% ऊपर 23,853.90 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 1,200 अंक से ज्यादा उछाल आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी50 इंडेक्स भी 350 अंक चढ़ गया। हालांकि अंतिम घंटे में इसमें कुछ सुस्ती आई। अंरुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.4% की तेजी के साथ 94.71 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यह 95.11 अंक पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। ट्रेंट में सबसे ज्यादा 5.40 फीसदी तेजी आई। इसके अलावा इंडिगो, बजाज फिनसर्व, इटरनल, अल्ट्रा सीमेंट, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, टाइटन, इन्फोसिस और एचसीएल टेक में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और सन फार्मा में गिरावट आई।

टॉप गेनर्स
Nifty50 में ट्रेंट, श्रीराम फाइनेंस और HDFC लाइफ इंश्योरेंस सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती देखने को मिली। Nifty MidCap इंडेक्स 1.29 प्रतिशत और Nifty SmallCap इंडेक्स 1.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टरों में Nifty Realty सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई।

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा निवेशकों का भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता हो गया है, जिससे पश्चिम एशिया में चार महीने से जारी युद्ध समाप्त होने की संभावना है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने पर सहमति जताई है। इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।

WPI Inflation: मई में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.68 फीसदी पर पहुंची

नई दिल्ली। Wholesale Inflation Rate: नई महंगाई के मोर्चे पर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। मई में थोक महंगाई दर (WPI Inflation) बढ़कर 9.68 फीसदी पर पहुंच गई है, जो अप्रैल के 8.26 फीसदी के मुकाबले काफी ज्यादा है।

कच्चे तेल, ईंधन, बिजली, खाद्य पदार्थों और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी इसकी प्रमुख वजह रही। पश्चिम एशिया संकट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधाओं का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था में भी दिखने लगा है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए। इसके साथ ही आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, ईंधन और पावर कैटेगरी में महंगाई मई में बढ़कर 30.33 फीसदी हो गई, जो अप्रैल में 24.89 फीसदी थी। कच्चे पेट्रोलियम (क्रूड ऑयल) में महंगाई दर मई में 61.51 फीसदी रही, जबकि अप्रैल में यह 56.31 फीसदी थी।

खाद्य वस्तुओं में महंगाई मई में बढ़कर 3.60 फीसदी हो गई, जो अप्रैल में 2.43 फीसदी थी। वहीं, विनिर्मित उत्पादों (मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स) में महंगाई बढ़कर 7.48 फीसदी पर पहुंच गई, जबकि अप्रैल में यह 6.68 फीसदी थी।

थोक महंगाई में यह तेज उछाल पश्चिम एशिया संकट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी नाकेबंदी का असर माना जा रहा है। भारत अपने अधिकांश कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से करता है। इसका असर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिला।

ICRA के चीफ इकोनॉमिस्ट राहुल अग्रवाल ने वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी नई WPI सीरीज के अनुसार, मई 2026 में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.7 फीसदी के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई, जो अप्रैल 2026 में 8.3 फीसदी थी। अधिकांश श्रेणियों में व्यापक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसे आंशिक रूप से अनुकूल आधार प्रभाव का भी समर्थन मिला।

ईंधन और पावर कैटेगरी, जिसकी WPI में हिस्सेदारी अब 14.1 फीसदी है और जिसमें कच्चा पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस भी शामिल हैं, में महंगाई दर अप्रैल 2026 के 24.9 फीसदी से बढ़कर मई 2026 में 30.3 फीसदी हो गई। यह वैश्विक ऊर्जा कीमतों में जारी तेजी के प्रभाव को दर्शाता है। इसके अलावा, विनिर्मित उत्पाद कैटेगरी में भी महंगाई लगातार बढ़ी है।

उनका कहना है कि हाल ही में जारी आउटपुट प्राइस प्रेशर इंडेक्स (OPPI) के आंकड़े भी WPI के अनुरूप रहे। मई 2026 में OPPI आधारित महंगाई बढ़कर 9.4 फीसदी रही, जो अप्रैल 2026 में 8.1 फीसदी थी। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद वैश्विक ऊर्जा और अन्य कमोडिटी कीमतों में आई नरमी जून 2026 के WPI महंगाई आंकड़ों को कुछ राहत दे सकती है।

बजाज ब्रोकिंग के फंडामेंटल एनालिस्ट शाश्वत सिंह ने कहा कि भारत ने महंगाई निर्धारित करने के लिए 2022-23 आधार वर्ष वाली नई सीरीज लागू की गई है। संशोधित ढांचे में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है, वेटेज तय करने के लिए ग्रॉस वैल्यू ऑफ आउटपुट (GVO) को अपनाया गया है और देश में पहली बार प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) प्रणाली की शुरुआत की गई है। यह कदम अगले पांच वर्षों में वैश्विक मानकों के अनुरूप महंगाई मापन प्रणाली की दिशा में अहम बदलाव माना जा रहा है।

उनका कहना है कि इस बदलाव के बीच मई 2026 में WPI आधारित थोक महंगाई बढ़कर 9.68 फीसदी हो गई, जो अप्रैल में 8.26 फीसदी थी। इसमें सबसे बड़ा योगदान ईंधन और पावर कैटेगरी का रहा, जहां महंगाई 30.33 फीसदी तक पहुंच गई। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में महंगाई 61.51 फीसदी तथा खनिज तेल (Mineral Oils) में 49.82 फीसदी रही। महंगाई का दबाव विनिर्माण क्षेत्र में भी व्यापक रूप से दिखाई दिया। रसायन में 13.40 फीसदी, बेसिक मेटल्स में 12.30 फीसदी और टेक्सटाइल में 10.22 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई। वहीं खाद्य सूचकांक 4.49 फीसदी बढ़ा।

उन्होंने बताया कि यह उछाल बताता है कि भारत अब भी वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आने वाले झटकों के प्रति संवेदनशील है। भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में बनी अनिश्चितता का असर घरेलू महंगाई पर भी दिख रहा है। आगे चलकर महंगाई की दिशा काफी हद तक तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

बता दें, खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) भी मई में बढ़कर 16 महीने के उच्च स्तर 3.93 फीसदी पर पहुंच गई थी। अप्रैल में यह 3.48 फीसदी थी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति तय करते समय मुख्य रूप से CPI महंगाई को आधार मानता है। स