Wednesday, July 1, 2026
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अमेरिका-ईरान समझौते का 14 सूत्रीय ड्राफ्ट तैयार, जानिए एमओयू की शर्तें

नई दिल्ली। US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। यह समझौता दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए प्रतिबंधों को लेकर 60 दिनों की वार्ता का रास्ता खोल सकता है।

US Iran Deal का 14-सूत्रीय ड्रॉफ्ट

  1. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही ईरान और अमेरिका, तथा उनके सहयोगी देशों के बीच जारी युद्ध को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त माना जाएगा। इसमें लेबनान समेत सभी मोर्चे शामिल होंगे। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई, बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी से दूर रहने का वचन देते हैं। अंतिम समझौते में इस अनुच्छेद और अन्य सभी अनुच्छेदों की पुष्टि की जाएगी।
  2. ईरान और अमेरिका एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  3. दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत कर उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है।
  4. समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करेगा, ईरान के खिलाफ किसी भी तरह के हस्तक्षेप या बाधा को रोकेगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर समुद्री यातायात को पूरी क्षमता के साथ बहाल करेगा। जहाजों की आवाजाही युद्ध के पहले की तरह सुचारू हो जाएगी। अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका आसपास के क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी भी हटाएगा।
  5. ईरान समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद यह सुनिश्चित करेगा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच व्यापरिक जहाजों की आवाजाही 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व स्तर तक बहाल हो जाए। इसके लिए तकनीकी बाधाओं को दूर करने और समुद्री बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाएगा।
  6. अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता वाली व्यापक योजना तैयार करेगा। इसकी कार्यान्वयन व्यवस्था 60 दिनों के भीतर तय की जाएगी।
  7. अमेरिका अंतिम समझौते के तहत तय समयसीमा के अनुसार ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंध समाप्त करेगा। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अमेरिका के प्राथमिक व द्वितीयक प्रतिबंध शामिल होंगे।
  8. ईरान दोहराता है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। समृद्ध यूरेनियम और अन्य परमाणु मुद्दों, साथ ही ईरान की परमाणु जरूरतों का समाधान अंतिम समझौते में किया जाएगा।
  9. अंतिम समझौता होने तक दोनों देश मौजूदा स्थिति बनाए रखेंगे। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा और अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा तथा क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत नहीं बढ़ाएगा।
  10. समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद और प्रतिबंध हटने तक अमेरिका का वित्त मंत्रालय ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े बैंकिंग, बीमा, परिवहन जैसी सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक छूट जारी करेगा।
  11. अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि वार्ता में प्रगति के साथ ईरान की फ्रिज या अटैच संपत्तियां और धनराशि जारी कर दी जाए। इन फंड्स का उपयोग ईरान का केंद्रीय बैंक अपनी जरूरत के अनुसार कर सकेगा। इसके लिए अमेरिका आवश्यक अनुमति और लाइसेंस जारी करेगा।
  12. ईरान और अमेरिका अंतिम समझौते के सफल क्रियान्वयन और भविष्य में उसके पालन की निगरानी के लिए एक मैकेनिज्म स्थापित करेंगे।
  13. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और अनुच्छेद 4, 5, 10 और 11 के लागू होने की गारंटी मिलने के बाद, दोनों देश केवल शेष बचे प्रावधानों पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू करेंगे।
  14. अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए मंजूरी दी जाएगी।

Gold Price: एमसीएक्स पर सोना 800 रुपये सस्ता, चांदी भी फिसली, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमत में शुरुआती कारोबार में आज गिरावट आई है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत में करीब 800 रुपये की गिरावट आई है जबकि चांदी की कीमत 1,328 रुपये फिसली है। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है।

इससे महंगाई कम होने की उम्मीद है। इसका असर सोने और चांदी की कीमत पर दिख रहा है। सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में गिरावट आई है जबकि चांदी फ्लैट ट्रेड कर कर रही है।

एमसीएक्स पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,53,091 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। आज यह 1,52,800 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 1,52,301 रुपये तक लुढ़का।

10.45 बजे यह 541 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,550 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। चांदी भी शुरुआती कारोबार में 1,328 रुपये तक गिरकर 2,48,777 रुपये तक फिसली। अभी यह 202 रुपये नीचे 2,49,903 रुपये पर ट्रेड कर रही है।

सर्राफा बाजार में कीमत
सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में गिरावट आई है। गुड रिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट वाला सोना 270 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,100 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट वाले सोने में 250 रुपये की गिरावट आई है और यह 1,38,500 रुपये पर आ गया है। 18 कैरेट वाला सोना भी 210 रुपये नीचे 1,13,320 रुपये पर है। चांदी 2,65,000 रुपये पर फ्लैट ट्रेड कर रही है।

Stock Market: सेंसेक्स 259 अंक चढ़कर 77 हजार के पार, निफ्टी 24050 के करीब

नई दिल्ली। Stock Market Update : अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

दोपहर 12 बजे तक, सेंसेक्स 259.58 अंक यानी 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ 77,068.06 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी50 65.60 अंक यानी 0.27 फीसदी चढ़कर 24,054.75 पर पहुंच गया।

दुनियाभर के निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के नतीजों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उन्हें 3.5 से 3.75 फीसदी के दायरे में बरकरार रख सकता है।

बाजार की नजर फेड अधिकारियों की महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी रहेगी। हाल के भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर संकेत तलाश रहे हैं।

निफ्टी50 में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल रहे।

वहीं, व्यापक बाजार में खरीदारी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.47 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मेटल और रियल्टी शेयरों में दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती दर्ज की गई।

ट्रंप ने फिर बढ़ाई भारत की टेंशन, रूस से तेल खरीद पर लगाएगा प्रतिबंध

नई दिल्‍ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की टेंशन फिर बढ़ा दी है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ मिडिल ईस्‍ट संघर्ष खत्म करने के समझौते के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो गई है।

ऐसे में वॉशिंगटन जल्द ही रूसी तेल शिपमेंट पर फिर से प्रतिबंध लगाने की स्थिति में होगा। भारत अपनी जरूरत का आधे से ज्‍यादा क्रूड रूस से इंपोर्ट कर रहा है। ऐसे में अगर रूस पर प्रतिबंध लगते हैं तो उसका भारत पर असर पड़ना लाजिमी है।

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘जल्द ही हम ऐसा (रूस पर सैंक्‍शन) कर पाएंगे क्योंकि ईरान के साथ समझौते के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल का प्रवाह हो रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब G7 नेता यूक्रेन पर हमले को लेकर मॉस्को पर दबाव बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने जैसे उपायों पर भी विचार किया जा रहा था।

प्रतिबंधों में छूट से दबाव हुआ था कम
अमेरिका ने पहले रूसी तेल के कुछ ऐसे शिपमेंट के लिए अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में छूट दी थी। उसे बढ़ाया भी था। यह छूट उन खेपों के लिए थी जो पहले से ही समंदर में थे। साथ ही जिनकी आवाजाही जारी रहनी थी। इस कदम ने रूस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे कुछ यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर दी थी। मार्च में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बाद अमेरिका ने रूसी तेल शिपमेंट पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी थी। बाद में यूक्रेन युद्ध जारी रहने के कारण इस छूट को बढ़ा दिया गया था।

यह छूट तब दी गई थी जब ग्‍लोबल क्रूड ऑयल के बाजारों को पश्चिम एशिया में संघर्ष और ऊर्जा के लिए अहम रास्ते ‘होर्मुज स्‍ट्रेट’ के आसपास रुकावटों के कारण सप्लाई से जुड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था।

रूस पर जेलेंस्की ने लगाया यह आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि G7 नेता यूक्रेन का समर्थन करने में एकजुट हैं। उनका मानना है कि कीव युद्धविराम के लिए बातचीत को तैयार है। साथ ही, उन्होंने रूस पर शांति के प्रति गंभीर इरादा न दिखाने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा, ‘आज पूरा ‘सेवन’ (G7 समूह) सर्वसम्मति से यूक्रेन का समर्थन करता है।’ G7 की ये चर्चाएं ऊर्जा सुरक्षा और प्रतिबंधों को लागू करने को लेकर व्यापक चिंताओं के बीच भी हुईं। यूरोपीय नेता रूस के तेल और गैस से होने वाली कमाई के खिलाफ सख्त उपायों की मांग कर रहे हैं। कारण कि यह मॉस्को के युद्ध प्रयासों के लिए फंडिंग का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है।

भारत के लिए इसलिए बढ़ी टेंशन
भारत के नजरिए से यह चिंता का विषय है। कारण है कि रूस अभी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्‍लायर है। भारत अपनी जरूरत का 53% कच्चा तेल अकेले रूस से आयात कर रहा है।

अगर अमेरिका रूसी तेल पर दोबारा कड़े प्रतिबंध लागू करता है तो भारत के लिए रूस से सस्ता तेल खरीदना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं, भारतीय रिफाइनरियों को ‘सेकेंडरी सैंक्‍शंस’ का खतरा झेलना पड़ सकता है।

इसके चलते भारत को अन्य महंगे विकल्पों की ओर रुख करना पड़ सकता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ेगा। घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो जाएगा।

कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे, क्या भारत में घट गए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) फिर से खोलने के अमेरिका और ईरान के बीच सुलह (U.S.-Iran agreement) का फायदा दिखा। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू होने का असर यह दिखा कि बीते एक मार्च के बाद पहली बार कच्चे तेल का दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया।

हालांकि, भारत में पेट्रोल-डीजल बेचने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार, 17 जून 2026 को भी दाम में कोई बदलाव नहीं किया। यहां इस साल 25 मई के बाद दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पिछले महीने 4 बार बढ़े हैं दाम
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव बीतने के बाद ही पेट्रोलियम कंपनियों ने बीते मई महीने में चार बार दाम बढ़ा चुकी है। ऐसा महज 11 दिनों में हुआ है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने सबसे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 पैसे महंगा किया था।

इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे, 23 मई 2026 को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे और 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा किया था। उसके बाद दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

4 महानगरों में पेट्रोल का दाम
तेल कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये है।

डीजल की कीमत
सरकारी ऑयल कंपनियों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में डीजल का प्रति लीटर दाम 95.20 रुपये है। कोलकाता में यह 99.02 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है।

विद्या भारती साधकों का संगठन, राष्ट्र निर्माण इसका लक्ष्य: झा

कोटा। विद्या भारती शिक्षा संस्थान कोटा द्वारा आयोजित नवीन आचार्य एवं आधारभूत विषय प्रशिक्षण वर्ग के बौद्धिक सत्र का आयोजन मंगलवार को स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय महावीर नगर तृतीय कोटा में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार जी झा, जिला अध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता नवीन कुमार झा ने अपने उद्बोधन में विद्या भारती के लक्ष्य, कार्यपद्धति एवं भारतीय शिक्षा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या भारती को समझने के लिए भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और उसके ऐतिहासिक स्वरूप को जानना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में भारतीय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के सुनियोजित प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा का सामाजिक और राष्ट्र केंद्रित स्वरूप प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात भी शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित परिवर्तन नहीं हो सके, जबकि विद्या भारती भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभाव और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि आज देशभर के 679 जिलों में विद्या भारती का कार्य विस्तार है तथा 22 हजार से अधिक विद्यालयों में 35 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। एक लाख 63 हजार से अधिक आचार्य-दीदी शिक्षा एवं संस्कारों का दायित्व निभा रहे हैं। विद्या भारती सीमांत, जनजातीय एवं पिछड़े क्षेत्रों में भी शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने का कार्य कर रही है।

पूर्व छात्र परिषद, संस्कृति बोध परियोजना, बालिका शिक्षा, कौशल एवं तकनीकी शिक्षा सहित विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्रहित में कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर एवं श्री फल देकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर जिला सचिव सतीश कुमार जी गौतम सह जिला सचिव डॉक्टर महेश शर्मा एवं जिले के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ

NCDEX पर 6 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से कोटा मंडी में धनिया 300 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 300 रुपये उछल गया। देसावरी मांग से लहसुन 500 रुपये तेज़ रहा।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार मंगलवार को एनसीडीईएक्स पर जून का धनिया वायदा 6 फीसदी तेजी के सर्किट के साथ 13970 रुपये, अगस्त वायदा 700 रुपये उछल कर 14230 रुपये और अक्टूबर वायदा भी छह फीसदी तेजी के सर्किट के साथ 846 रुपये चढ़कर 14970 रुपये पर बंद हुआ।

लिवाली के अभाव में सोयाबीन 200 रुपये और सरसों रुपये 100 मंदी बिकी। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 60 हजार कट्टे और लहसुन की 12000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2350, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2375 से 2475, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2575, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 4200, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 3800 से 4550, धान (पूसा-1) 3000 से 4100, धान (1401-1886) 3600 से 4150, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6750, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6750 से 6801, सरसो 7200 से 7600, अलसी 8000 से 8550, तिल्ली 7000 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 5000 से 7500, उड़द 4500 से 6800, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5550, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5000 से17000, ऊटी लहसुन 15000 से 18500, मैथी नयी 5800 से 6400, धनिया बादामी 11500 से 12000, धनिया ईगल 12500 से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

मॉक ड्रिल के माध्यम से कोटा के होटलों में दिया अग्नि से सुरक्षा एवं बचाव का प्रशिक्षण

कोटा। Fire safety in hotels: होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन द्वारा आज फायर सेफ्टी विशेषज्ञों एवं अग्निशमन कंपनियों के सहयोग से छावनी स्थित एक होटल पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य होटल एवं रेस्टोरेंट क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आग लगने की स्थिति में प्रभावी बचाव एवं नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करना था।

होटल फेडरेशन राजस्थान ऑफ कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं महासचिव संदीप पाडिया ने बताया कि कार्यशाला में मॉडल एवं मॉक ड्रिल के माध्यम से होटल एवं रेस्टोरेंट में आग लगने की स्थिति में तत्काल किए जाने वाले बचाव कार्यों, आग बुझाने के प्रयासों तथा आवश्यक सावधानियों की समस्त कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान होटल स्टाफ को यह भी बताया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) किस प्रकार की जानी चाहिए।कार्यक्रम में अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग, उनकी विशेषताओं तथा रखरखाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

मॉक ड्रिल के माध्यम से होटल कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया गया।अशोक माहेश्वरी एवं संदीप पाडिया ने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन द्वारा कोटा के सभी होटलों में चरणबद्ध रूप से ऐसे अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने सभी होटल संचालकों से आह्वान किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में आवश्यक अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित करें तथा स्टाफ को नियमित रूप से सुरक्षा एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिलाएं, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि अधिकांश अग्निकांड शॉर्ट सर्किट एवं विद्युत संबंधी खामियों के कारण होते हैं। इसलिए होटल संचालकों को समय-समय पर बिजली के पैनल, वायरिंग, फिटिंग एवं अन्य विद्युत उपकरणों की तकनीकी जांच करवानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

भगवा यात्रा निकाल महाराणा प्रताप के शौर्य और बलिदान को किया याद

कोटा। मेवाड़ के गौरव, राष्ट्रनायक एवं अदम्य शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती बोरखेड़ा क्षेत्र में मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भगवा रैली में सैकड़ों सर्व समाज के प्रबुद्ध जन, महिला एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महाराणा प्रताप स्मारक समिति के संयोजक शंभू सिंह कानावत के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में लोग देवली रोड स्थित उत्सव मैरिज गार्डन में एकत्रित हुए।

यहां से महाराणा प्रताप एवं देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच भगवा दुपट्टा धारण किए युवाओं और नागरिकों का विशाल समूह रैली के रूप में रवाना हुआ। महाराणा प्रताप के चित्र को पुष्पों से सुसज्जित वाहन पर आकर्षक झांकी के रूप में सजाया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

समिति संरक्षक महावीर प्रसाद नायक ने बताया कि रैली मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। देशभक्ति और वीरता के नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

रैली महाराणा प्रताप सर्कल पहुंची, जहां महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर 51 दीपों से महाआरती की गई तथा भव्य आतिशबाजी के साथ जयंती समारोह का समापन हुआ।

संरक्षक महावीर प्रसाद नायक एवं अध्यक्ष मनोज गोस्वामी ने बताया कि रैली व उपस्थित जनसमूह के लिए अल्पाहार, फल एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था भी की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयोजक शंभू सिंह कानावत, सुमेर सिंह तथा समिति अध्यक्ष मनोज गोस्वामी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके जीवन से राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और त्याग की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

आयोजन में सह संयोजक राधेश्याम कुशवाह, देवेन्द्र राठौड़, चंद्रबली प्रसाद, कुलदीप कुशवाह, देवराम वर्मा, दौलत मेघवाल, सुरेन्द्र गौड़, प्रेम सहाय वर्मा, अनु गोस्वामी, लक्ष्मण चौधरी, महावीर शेखावत, विशाल लश्करी, दीपक कुशवाह, संतोष गहलोत, लोकेश शर्मा, हनुमान सिंह हाड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

महेश नवमी महोत्सव: 21 को ‘नवरंग’ एवं 22 जून को ‘नवसृजन’ कार्यक्रम होंगे

कोटा। माहेश्वरी समाज के तत्वावधान में आयोजित महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।

मुख्य समन्वयक महेश अजमेरा ने बताया कि 16 जून को बास्केटबॉल एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें 16 से 40 वर्ष आयु वर्ग के महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

महिला मंडल अध्यक्ष सरिता मोहता एवं श्वेता माहेश्वरी ने बताया कि महेश नवमी महोत्सव के तहत 21 जून को ‘नवरंग’ तथा 22 जून को ‘नवसृजन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियां महिला मंडल द्वारा जोर-शोर से की जा रही हैं। समाज अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने तैयारियों का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि ‘नवरंग’ कार्यक्रम में हरा, केसरिया, सफेद सहित नौ रंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।

वहीं ‘नवसृजन’ कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसमें मंडना प्रतियोगिता, क्रोशिया प्रतियोगिता, किटी पार्टी आधारित गतिविधियां तथा जीरो ऑयल कुकिंग प्रतियोगिता प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

इस अवसर पर समाज के मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा, पूर्वी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष महेशचंद अजमेरा, सहमंत्री एवं खेल समन्वयक घनश्याम मूंदड़ा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर काल्या, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शारदा, जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र काबरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।