Pulses sowing: कमजोर मानसून से दलहन फसलों का रकबा 30 फीसदी घटा

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नई दिल्ली। Pulses sowing Area: कमजोर मानसून का असर चालू खरीफ सीजन में दलहन फसलों की बोआई पर देखने को मिल रहा है। इस सीजन में इन फसलों की बोआई पिछड़ती जा रही है। पिछले साल की तुलना में अब तक इनके रकबा में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल अरहर के रकबा में सबसे ज्यादा गिरावट आई है।

इस साल खरीफ सीजन में दलहन फसलों की बोआई धीमी गति से हाे रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 26 जून तक 14.92 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछले साल की इसी अव​धि में बोई गईं 21.46 लाख हेक्टेयर की तुलना में 30.48 फीसदी कम है। खरीफ सीजन में दलहन फसलों का सामान्य रकबा 123.64 लाख हेक्टेयर है।

चालू खरीफ सीजन में अरहर की बोआई में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 26 जून तक 3.56 लाख हेक्टेयर में अरहर की बोआई हो चुकी है।

पिछली समान अव​धि में यह आंकड़ा 8.45 लाख हेक्टेयर था। जाहिर है इस साल अरहर की बोआई में 26 जून तक 57.87 फीसदी कमी आई है। अरहर का सामान्य रकबा 44.32 लाख हेक्टेयर है।

उड़द व मूंग की बोआई भी पिछड़ रही है। खरीफ सीजन की दूसरी बड़ी दलहन फसल मूंग की बोआई 26 जून तक करीब 3 फीसदी घटकर 8.37 लाख हेक्टेयर रह गई। खरीफ सीजन में इसका सामान्य रकबा 35.48 लाख हेक्टेयर है। उड़द के रकबा में भी कमी आई है।

उड़द का रकबा 26 जून तक 1.07 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछली समान अव​धि के रकबा 2.51 लाख हेक्टेयर से 57.37 फीसदी कम है। इसका सामान्य रकबा 29.6 लाख हेक्टेयर है।

इस बीच, मोठ व कुल्थी के रकबा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 26 जून तक मोठ का रकबा करीब 46 फीसदी बढ़कर 0.82 लाख हेक्टेयर, जबकि कुल्थी का 30 फीसदी बढ़कर 0.13 लाख हेक्टेयर हो गया।