Friday, July 10, 2026
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सोयाबीन का वैश्विक उत्पादन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान: आईजीसी

शिकागो। प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में बिजाई तथा औसत उपज दर में बढ़ोत्तरी की संभावना को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय अनाज परिषद (आईजीसी) ने 2026-27 सीजन के दौरान सोयाबीन का वैश्विक उत्पादन तेजी से उछलकर 44.10 करोड़ टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है

जो 2025-26 सीजन के उत्पादन 42.80 करोड़ टन से काफी अधिक है। सोयाबीन के पांच शीर्ष उत्पादक देशों में ब्राजील, अमरीका, अर्जेन्टीना, चीन एवं भारत शामिल है। इसके अलावा उरुग्वे, पराग्वे तथा कनाडा सहित कुछ अन्य देशों में भी इसका उत्पादन होता है।

आईजीसी की रिपोर्ट के अनुसार 2026-27 सीजन के अंत में 7.50 करोड़ टन सोयाबीन का वैश्विक बकाया अधिशेष स्टॉक मौजूद रहने की उम्मीद है। सोयाबीन का वैश्विक व्यापार भी बढ़कर 19.10 करोड़ टन के अन्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

कौंसिल ने 2025-26 सीजन के दौरान 18.70 करोड़ टन सोयाबीन का वैश्विक आयात-निर्यात होने तथा सीजन के अंत में 7.80 करोड़ टन का अधिशेष स्टॉक बचने का अनुमान लगाया है। अमरीका में सोयाबीन की बिजाई आरंभ हो गई है जबकि ब्राजील-अमरीका में फसल की कटाई हो रही है।

ऊर्जा मंत्री ने सरकारी खरीद में अव्यवस्थाओं पर FCI अफसरों को लगाई फटकार

​भामाशाह मंडी का औचक निरीक्षण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को कोटा स्थित भामाशाह मंडी के तौल केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में गेहूं खरीद की सुस्त रफ्तार और संसाधनों की कमी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री के साथ भारतीय खाद्य निगम और राजफैड के अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री नागर ने मौके पर ही तौल, सैंपलिंग और उठाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए। मंत्री नागर ने एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से भी फोन पर बात की।

​निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने पाया कि मंडी में तौल की गति अत्यंत धीमी है। जिससे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि भामाशाह मंडी जैसी बड़ी मंडी में जहां प्रतिदिन डेढ़ लाख क्विंटल तक की क्षमता है, वहां क्षमता के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है।

उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह पहली बार देखने में आ रहा है कि इतनी बड़ी मंडी सीजन के दौरान खाली पड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडी में प्रतिदिन न्यूनतम 80 हजार कट्टों की तुलाई होनी चाहिए। जबकि वर्तमान में केवल 40 हजार कट्टों की ही तुलाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का सही प्रबंधन हो तो यह संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है।

व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ऊर्जा मंत्री ने बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायोमेट्रिक मशीनों की संख्या वर्तमान में 3 से बढ़ाकर तत्काल 6 की जाए ताकि किसानों का सत्यापन कार्य बिना किसी बाधा के त्वरित गति से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने मैनपावर बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

मंत्री ने गौर किया कि तौल केंद्र पर एक ही व्यक्ति को बायोमेट्रिक, सैंपलिंग और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। जिससे कार्य का बोझ बढ़ रहा है और प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने कार्यों के विकेंद्रीकरण और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश दिए।

मंडी में गेहूं के उठाव की समस्या को लेकर मंत्री नागर ने एफसीआई के महाप्रबंधक राजेश चौधरी से फोन पर वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सैंपल क्वालिटी चेक करने और माल के उठाव में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुनिश्चित करें कि किसानों को उनकी उपज का तौल समय पर हो और भुगतान में भी कोई देरी न आए।

कर्मचारियों को दी सौम्य व्यवहार की सीख
ऊर्जा मंत्री ने तौल केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को किसानों के साथ संवेदनशीलता और विनम्रता से व्यवहार करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता है और उसे मंडी में किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित रूप से मंडी का मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए ताकि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा सके।

गीता भवन के 60 वर्ष पुराने राधा कृष्ण मंदिर का होगा कायाकल्प

कोटा। शहर के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र गीता भवन स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के स्थान पर अब एक भव्य और आकर्षक मंदिर का निर्माण किया जाएगा। आश्रम के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल एवं मंत्री रामेश्वर प्रसाद विजय ने बताया कि इस पुनीत कार्य के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से विस्तृत वार्ता की गई है।

श्री बिरला ने मंदिर को स्थापत्य कला की दृष्टि से भव्य और दर्शनीय बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं और इस परियोजना में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि गीता भवन स्थित यह मंदिर लगभग 60 वर्ष पूर्व निर्मित हुआ था।

​निर्माण कार्य की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार खंडेलवाल को निर्माण संयोजक नियुक्त किया गया है। खंडेलवाल के अनुसार, मंदिर के नवनिर्माण पर लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है और इसे पूर्ण होने में करीब एक वर्ष का समय लगेगा।

मंदिर के स्वरूप को अद्वितीय बनाने के लिए विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों से परामर्श लिया जा रहा है, ताकि राजस्थानी और शास्त्रीय निर्माण शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिले।

भगवान के विग्रह का कल होगा स्थान परिर्वतन
​इसी क्रम में रविवार को मंदिर के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू करने हेतु विग्रहों के स्थान परिवर्तन का विशेष आयोजन किया जा रहा है। संजय चतुर्वेदी के सानिध्य में विधि-विधान और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए भगवान राधा-कृष्ण को वर्तमान मंदिर से पास ही स्थित शिव मंदिर में अस्थाई रूप से विराजित किया जाएगा। विद्वान पंडितों और आचार्यों की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। भगवान की शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और संकीर्तन के साथ निकाली जाएगी। आयोजन के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण होगा।

अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे शांति वार्ता की संभावना

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी हटाए बिना बातचीत संभव नहीं, ईरान ने दोहराया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे शांति वार्ता होने की संभावना है और इस बार इसको लेकर बहुत ज्यादा ढोल नहीं पीटा जा रहा है।

अलजजीरा ने बताया है कि तीन देशों की यात्रा के तहत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थ ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर ‘सावधानीपूर्वक आशावादी’ हैं।

अलजजीरा ने बताया है कि ‘अमेरिका-ईरान वार्ता अभी भी गोपनीय बनी हुई है।’ अलजजीरा ने बताया है कि दोनों पक्षों ने तय किया है कि जब विवरण और तकनीकी पहलुओं को उजागर करने की बात आएगी तो वे बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे।

अमेरिका और ईरान का प्रत्यक्ष वार्ता की सार्वजनिक घोषणा करने का कोई इतिहास भी नहीं रहा है और बहुत ही सीमित, स्पष्ट रूप से अभूतपूर्व मामलों को छोड़कर अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से बातचीत के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।

पिछले महीने अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ बातचीत नाकाम होने की जानकारी सार्वजनिक तौर पर दी थी लेकिन ईरानी पक्ष की तरफ से ईरान जाने के बाद भी बातचीत को नाकाम बताया गया था। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की है।

अलजजीरा ने तेहरान स्थिति सूत्रों के हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिका के साथ पर्दे के पीछे से कम्युनिकेश चल रहे हैं और सिर्फ इस्लामाबाद ही नहीं बल्कि कुछ और जगहों पर भी बातचीत की गई है।

इस्लामाबाद के अलावा अन्य स्थानों पर भी अप्रत्यक्ष वार्ता के कई दौर हो चुके हैं जिनमें मॉस्को भी शामिल है। इसीलिए अब बड़ा सवाल यह नहीं है कि ये वार्ता प्रत्यक्ष है या अप्रत्यक्ष, बल्कि यह है कि क्या दोनों पक्ष कूटनीति के दायरे में रहकर इन मुद्दों को सुलझाने के लिए एक साथ बैठ सकते हैं या नहीं?

दिक्कत ये है कि कम से कम चार से पांच ऐसे मुद्दे हैं जिनपर सहमति बनाना सबसे ज्यादा मुश्किल होने वाली है जिनमें परमाणु बम निर्माण, साढ़े 400 किलो संवर्द्धित यूरेनियन, बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज, प्रतिबंधों से राहत और प्रतिबंधों से ईरान को हुए नुकसान की भरपाई शामिल है।

अभी एक दिन पहले ही अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान पर नये प्रतिबंध लगाए हैं। इसीलिए फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है कि क्या दोनों पक्ष कूटनीतिक तरीके से किसी प्वाइंट पर पहुंचेंगे या नहीं।

इस बीच दोनों पक्षों से ऐसी बयानबाजी लगातार हो रही है कि उनकी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं जो इस बात का संकेत है कि यदि बातचीत विफल हो जाती है तो वे टकराव के एक और दौर के लिए तैयार हैं। तेहरान के सूत्रों ने कहा है कि ईरान सावधानीपूर्ण कूटनीति भी अपना रहा है और वो सैन्य रूप से भी तैयार है।

दिक्कत कई सारी हैं। जैसे ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ आमने-सामने की वार्ता की किसी भी उम्मीद को खारिज कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के दोनों दूत उनके दामाद जेयर्ड कुशेनर और स्टीव विटकॉफ आज इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।

ये दोनों पहले भी ईरान से वार्ता कर चुके हैं और नाकाम रहे हैं। युद्ध से पहले भी ये दोनों ही बातचीत कर रहे थे तो सवाल ये है कि फिर से अगर यही दोनों बातचीत में शामिल हैं तो अब उनके पास नया क्या है?

पिछले कुछ दिनों में ईरान ने अपनी शर्तों को दोहराते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में लगाई गई नाकेबंदी हटा नहीं ली जाती तब तक वह बातचीत नहीं करेगा। इसके साथ ही उसने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी तरह के दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा।

उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इन सभी परिस्थितियों के बीच वे बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। इसीलिए मामला काफी पेचीदा है और सबसे ज्यादा डर इस बात की है कि जो भी पक्ष पहले आंख झपकेगा वो हारा माना जाएगा और उसकी घरेलू राजनीति हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

हुंडई की फुल चार्ज पर 600 km दौड़ने वाली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च, जानें कीमत

नई दिल्ली। बीजिंग ऑटो शो 2026 में हुंडई ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कार Ioniq V को पेश कर दिया है। हुंडई ने न केवल अपनी नई कार दिखाई, बल्कि चीन के मार्केट के लिए एक बेहद आक्रामक ‘रोडमैप’ भी तैयार किया है।

कंपनी ने साफ कर दिया है कि अगले पांच सालों में वह चीन में 20 नए मॉडल लॉन्च करेगी। इसके लिए हुंडई और उसकी पार्टनर कंपनी BAIC ग्रुप मिलकर करीब 8 बिलियन युआन का बड़ा निवेश करने जा रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य सालाना 5 लाख यूनिट्स की बिक्री के आंकड़े को पार करना है। आइए जानते हैं हुंडई Ioniq V के बारे में विस्तार से।

कुछ ऐसा है डाइमेंशन
हुंडई Ioniq V को किसी ग्लोबल प्लेटफॉर्म से उठाने के बजाय खास तौर पर चीन के ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह कार हुंडई के ‘वीनस कॉन्सेप्ट’ पर बेस्ड है। अगर साइज की बात करें तो इसकी लंबाई 4,900 mm, चौड़ाई 1,890 mm जबकि इसका व्हीलबेस 2,900 mm रखा गया है। इसका लुक काफी स्मूथ है। इसमें फ्रेमलेस दरवाजे और फ्लोटिंग साइड मिरर्स दिए गए हैं जो इसे प्रीमियम लुक देते हैं।

धांसू फीचर्स
कार के केबिन में 27-इंच का अल्ट्रा-थिन 4K पैनोरमिक डिस्प्ले दिया गया है जो डैशबोर्ड की शोभा बढ़ाता है। साथ ही ड्राइवर के लिए हेड-अप डिस्प्ले की सुविधा भी है। इंटरटेनमेंट के लिए इसमें डॉल्बी एटमॉस वाला 8-स्पीकर का ऑडियो सिस्टम दिया गया है। कंपनी ने इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8295 चिपसेट वाला AI असिस्टेंट भी दिया है, जिससे आप बोलकर कार के कई फीचर्स कंट्रोल कर सकते हैं।

600 किमी है रेंज
हुंडई Ioniq V का लॉन्ग रेंज वैरिएंट एक बार फुल चार्ज होने पर 600 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है। सेफ्टी के लिए इस कार में 9-एयरबैग्स, एक बेहद मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है। एक खास फीचर ‘पेडल मिसएप्लीकेशन सेफ्टी असिस्ट’ भी शामिल है, जो गलती से अचानक एक्सीलेटर दब जाने पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोकने में मदद करता है।

कंपनी की प्लानिंग
कंपनी ने माना है कि चीन दुनिया का सबसे कॉम्पिटेटिव मार्केट है। यहां टिके रहने के लिए रफ्तार और समझदारी दोनों की जरूरत है। कंपनी की प्लानिंग 2027 की पहली छमाही तक एक नई SUV लाने की भी है। आने वाले सालों में हुंडई मिड-साइज से लेकर बड़े सेगमेंट तक कई बैटरी इलेक्ट्रिक और एक्सटेंडेड-रेंज इलेक्ट्रिक गाड़ियां पेश करने वाली है। साफ है कि हुंडई अब चीनी मार्केट में ‘बैकफुट’ के बजाय ‘फ्रंटफुट’ पर खेलने की तैयारी में है।

792 km रेंज वाली मर्सिडीज की CLA इलेक्ट्रिक कार लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। मर्सिडीज-बेंज ने भारतीय मार्केट में अपनी मोस्ट-अवेटेड CLA इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च कर दिया है। इस शानदार लग्जरी इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 55 लाख रुपये रखी गई है।

कंपनी ने इसे तीन वैरिएंट्स स्टैंडर्ड रेंज, लॉन्ग रेंज और एक खास ‘लॉन्च एडिशन’ में पेश किया है। खास बात यह है कि कीमतों के ऐलान से पहले ही 400 से ज्यादा ग्राहकों ने इसे बुक कर लिया था। यह भारत में मर्सिडीज की पहली ऐसी कार है जो नए ‘MMA’ प्लेटफॉर्म पर बनी है। आइए जानते हैं लॉन्च हुई इस कार के फीचर्स, ड्राइविंग रेंज और कीमत के बारे में विस्तार से।

परफॉर्मेंस
अगर परफॉर्मेंस की बात करें तो CLA इलेक्ट्रिक के टॉप मॉडल (CLA 250+) में लगी मोटर 268bhp की पावर और 335Nm का टॉर्क जेनरेट करती है। इससे यह कार महज 6.7 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है। वहीं, इसका बेस मॉडल भी काफी दमदार है जो 221bhp की पावर देता है। रफ्तार के शौकीनों के लिए इसकी टॉप स्पीड 210 किमी/घंटा तय की गई है। मर्सिडीज ने भारतीय सड़कों के हिसाब से इसके सस्पेंशन को खास तौर पर ट्यून किया है।

रेंज
कंपनी का दावा है कि लॉन्ग रेंज वैरिएंट एक बार फुल चार्ज होने पर 792 किलोमीटर (WLTP) तक चल सकता है। वहीं, चार्जिंग के मामले में यह सुपरफास्ट है। बता दें कि इसे 240 kW के DC फास्ट चार्जर से सिर्फ 20 मिनट चार्ज करके आप 400 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकते हैं। मर्सिडीज ने भारत में अपना चार्जिंग नेटवर्क भी काफी मजबूत किया है। इसके तहत अब ग्राहकों को देशभर में 9,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स की सुविधा मिलेगी।

कार के फीचर्स
डिजाइन के मामले में नई CLA बेहद स्पोर्टी और मॉडर्न दिखती है। इसकी ढलान वाली छत और शार्क जैसी दिखने वाली नोज इसे एक अनोखा लुक देती है। कार के फ्रंट ग्रिल पर 142 छोटे-छोटे चमकते हुए स्टार्स दिए गए हैं। अंदर की तरफ, आपको ‘सुपरस्क्रीन’ वाला डैशबोर्ड मिलता है जिसमें ChatGPT-4 और Gemini बेस्ड इंटेलिजेंट वर्चुअल असिस्टेंट दिया गया है। इसके अलावा, इसमें लेवल-2 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल हैं।

कब शुरू होगी डिलीवरी
मर्सिडीज ने इसे खरीदने को आसान बनाने के लिए कई अट्रैक्टिव स्कीम भी निकाली हैं। ग्राहक इसे 62,000 रुपये की शुरुआती EMI पर घर ले जा सकते हैं। साथ ही इसमें 59 पर्सेंट की ‘बायबैक’ गारंटी भी दी जा रही है। कंपनी ने भारत में पहली बार ‘हाई-वोल्टेज बैटरी रिपोर्ट’ की शुरुआत की है। इससे ग्राहकों को अपनी कार की बैटरी हेल्थ की सटीक जानकारी मिलेगी। बता दें कि CLA 250+ लॉन्ग रेंज की डिलीवरी अप्रैल 2026 के अंत से शुरू हो जाएगी। जबकि स्टैंडर्ड मॉडल जून से मिलना शुरू होगा।

AGM: ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब की वार्षिक साधारण सभा की बैठक कल

कोटा। ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब (Greater Kota Press Club) की 26 अप्रैल रविवार को होने वाली वार्षिक आम सभा को लेकर शुक्रवार को दाधीच छात्रावास पर क्लब अध्यक्ष सुनील माथुर की अध्यक्षता में कार्यकारिणी एवं संरक्षक मंडल की बैठक आयोजित की गई।

अध्यक्ष सुनील माथुर ने कहा कि साधारण सभा क्लब के संचालन और भविष्य की योजनाओं के लिए अहम मंच है, इसलिए सभी सदस्यों से समय पर उपस्थित होने की अपील की गई। इस मौके पर सदस्यता अभियान एवं विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई।

महासचिव अनिल भारद्वाज ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत की और आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अध्यक्ष सुनील माथुर एवं महामंत्री अनिल भारद्वाज ने बताया कि 26 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे नाग नागिन मंदिर के पास दाधीच छात्रावास पर वार्षिक आम सभा का आयोजन किया जाएगा। बैठक में आम सभा में रखे जाने वाले एजेंडे को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि साधारण सभा में क्लब की गतिविधियों, आय-व्यय का लेखा-जोखा, आगामी योजनाओं तथा संगठन को मजबूत बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। साथ ही अधिक से अधिक सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में हरिमोहन शर्मा उपाध्यक्ष, हंसपाल यादव कार्यालय सचिव, कार्यकारिणी सदस्य दिनेश कश्यप, संजय वर्मा, मनीष गौतम, लेखराज शर्मा, रूबीना काजी, संरक्षक पवन आहूजा, कय्यूम अली, श्याम रोहिड़ा आदि उपस्थित रहे।

बैठक की समाप्ति पर ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का अवलोकन कर तैयारी के संदर्भ में आवश्यक निर्देश प्रदान किया। आम सभा के बाद ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब सदस्यों एवं अतिथियों के लिए दोपहर स्नेह भोज का भी आयोजन किया गया है।

पीली मटर के आयात में भारी गिरावट, आयात शुल्क लगने का असर

नई दिल्ली। Yellow peas import: पीली मटर पर आयात शुल्क लगने का असर अब इसके आयात पर देखने को मिल रहा है। इस शुल्क के बाद भारत में पीली मटर के आयात में भारी गिरावट आई है। आयात शुल्क के साथ ही पिछला कैरीओवर स्टॉक ज्यादा होने से भी आयात सुस्त पड़ा है। आयातित पीली मटर के दाम घरेलू मटर से ज्यादा हैं। इसलिए भी आयात में कमी को बल मिला है।

वर्ष 2025-26 के दौरान देश में पीली मटर के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। उक्त वर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि के दौरान देश में 10.58 लाख टन पीली मटर का आयात हुआ है, जबकि वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 21.07 लाख टन पीली मटर आयात हुई थी।

जाहिर है वर्ष 2025-26 में फरवरी तक पीली मटर के आयात में 50 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस साल फरवरी में महज 57,434 टन ही पीली मटर आयात हुई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 1,46,048 टन था।

पीली मटर के आयात में गिरावट की बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए पिछले साल नवंबर महीने से पीली मटर के आयात पर 30 फीसदी शुल्क लगाना है।

भारत दलहन और अनाज संघ (IPGA) के सचिव सतीश उपाध्याय ने कहा कि 30 फीसदी आयात शुल्क के बाद भारत में पीली मटर की लेंडिंग कॉस्ट बढ़ गई। जिससे आयात में गिरावट आने लगी।

आयातित पीली मटर की कीमत इस समय 4,200 से 4,300 रुपये है, जबकि देसी मटर की कीमत 4,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे हैं। इसके अलावा शुल्क लगाने के समय भारत में पीली मटर का कैरीओवर स्टॉक भी काफी था। डॉलर की तुलना में रुपया 8 से 9 फीसदी कमजोर होने के कारण भी आयात में कमी आई को बल मिला।

दलहन उद्योग का कहना है कि आगे भी पीली मटर का आयात सुस्त ही रह सकता है क्योंकि युद्ध के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है। चीन की खरीद के कारण कनाड़ा के किसान पीली मटर के दाम घटाने को तैयार नहीं हैं। उपाध्याय ने कहा कि कमजोर रुपया और ऊंची परिवहन लागत को देखते हुए सरकार को आयात शुल्क हटाना चाहिए, तभी पीली मटर के आयात में आ रही कमी दूर हो सकती है।

सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य 15% बढ़ाया, अब 3.45 करोड़ टन की होगी खरीदारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इस मौसम में किसानों से 15 प्रतिशत अधिक गेहूं खरीदने का फैसला किया है। गेहूं खरीद का लक्ष्य पहले के 3 करोड़ टन से बढ़ाकर 3.45 करोड़ टन कर दिया गया है।

यह फैसला उन किसानों को मदद पहुंचाने के लिए है, जिनकी खड़ी फसल को बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ है। इसमें राज्यों के अनुरोधों का भी ध्यान रखा गया है।

रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के वार्षिक गेहूं सर्वेक्षण को जारी करने के एक समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने शुक्रवार को कहा कि राज्यवार, मध्य प्रदेश से गेहूं की खरीद अब 100 लाख टन होने की उम्मीद है, जो पहले 78 लाख टन थी।

उत्तर प्रदेश से 25 लाख टन (पहले के अनुमान 10 लाख टन के अनुमान से अधिक) राजस्थान से 23.5 लाख टन (पहले अनुमानित 20 लाख टन के मुकाबले), उत्तराखंड से 5000 टन (पहले अनुमानित 1000 टन के मुकाबले) और तीन साल के अंतराल के बाद दिल्ली से भी इस साल कुछ गेहूं आएगा। उन्होंने कहा कि यह सब मिलाकर कुल खरीद 3 करोड़ टन से बढ़कर 3.45 करोड़ टन हो जाएगी।

कोटा, जोधपुर और जयपुर में एक साथ नए नेतृत्व ने संभाली कमान

जेसीआई अलुमनी क्लब ज़ोन 5 का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित

कोटा। शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में जेसीआई अलुमनी क्लब ज़ोन 5 का भव्य शपथ ग्रहण एवं इंस्टॉलेशन समारोह संपन्न हुआ। एकता, नेतृत्व और नवसंकल्पों के त्रिवेणी संगम से सजे इस आयोजन में नई कार्यकारिणी ने संगठन की कमान संभाली। शपथ ग्रहण में कोटा रीजन सहित जोधपुर और जयपुर के पदाधिकारियों ने भी पद एवं सेवा की शपथ ली।

समारोह में कोटा चेप्टर के प्रियंक माहेश्वरी ने ज़ोन चेयरमैन, गौरव आगेश्वर ने सेक्रेटरी तथा गौरव गुप्ता ने ट्रेज़रर पद की शपथ ग्रहण कर अपने दायित्वों का विधिवत रूप से वहन किया। कोटा रीजन की नई टीम में गार्गी चौहान ने चेयरमैन, विरल कोठारी ने सेक्रेटरी तथा अनूप जैन ने ट्रेज़रर के रूप में शपथ लेकर क्षेत्रीय नेतृत्व की बागडोर अपने हाथों में ली।

वहीं समारोह में कोटा रीजन के अतिरिक्त दो और रीजनल चेयरमैन का भी इंस्टॉलेशन हुआ। जोधपुर से अजित सिंह शेखावत एवं जयपुर से बसंत जैन ने रीजनल चेयरमैन पद की शपथ ग्रहण कर अपने-अपने क्षेत्रों की नेतृत्व जिम्मेदारी संभाली। समस्त कार्यकारणी एक वर्ष तक कार्य करेगी।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय चेयरमैन नरेन करिअप्पा एवं ज़ोन प्रेसिडेंट बी. के. डाढ़ की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशु सर्राफ, गौरव माहेश्वरी, योगेश चंडक, नितेश सेठिया, रवि अग्रवाल, अनीश माहेश्वरी, विभोर लोढ़ा, राजकुमार जैन, मीता अग्रवाल, मनीष चंडक एवं पीयूष खंडेलवाल सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

आयोजन की सफलता में विभोर एवं दीपिका लोढ़ा, महावीर एवं रेखा चोरड़िया, निखिल एवं नेहा जैन, मनीष एवं स्मिता पाटनी, दिनेश एवं योगिता चौहान, नवीन एवं दीपिका जैन, पीयूष एवं मोनिका विजय, विकास एवं शालिनी मोहता, विरल एवं रुपल कोठारी, शैलेंद्र एवं स्वाति मंगल तथा अनूप एवं अमिता जैन की समर्पित परियोजना टीम के उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की गई। कार्यक्रम में जयपुर, जोधपुर एवं चित्तौड़गढ़ सदस्य शामिल हुए।