कोटा। शहर के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र गीता भवन स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के स्थान पर अब एक भव्य और आकर्षक मंदिर का निर्माण किया जाएगा। आश्रम के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल एवं मंत्री रामेश्वर प्रसाद विजय ने बताया कि इस पुनीत कार्य के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से विस्तृत वार्ता की गई है।
श्री बिरला ने मंदिर को स्थापत्य कला की दृष्टि से भव्य और दर्शनीय बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं और इस परियोजना में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि गीता भवन स्थित यह मंदिर लगभग 60 वर्ष पूर्व निर्मित हुआ था।
निर्माण कार्य की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार खंडेलवाल को निर्माण संयोजक नियुक्त किया गया है। खंडेलवाल के अनुसार, मंदिर के नवनिर्माण पर लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है और इसे पूर्ण होने में करीब एक वर्ष का समय लगेगा।
मंदिर के स्वरूप को अद्वितीय बनाने के लिए विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों से परामर्श लिया जा रहा है, ताकि राजस्थानी और शास्त्रीय निर्माण शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिले।
भगवान के विग्रह का कल होगा स्थान परिर्वतन
इसी क्रम में रविवार को मंदिर के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू करने हेतु विग्रहों के स्थान परिवर्तन का विशेष आयोजन किया जा रहा है। संजय चतुर्वेदी के सानिध्य में विधि-विधान और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए भगवान राधा-कृष्ण को वर्तमान मंदिर से पास ही स्थित शिव मंदिर में अस्थाई रूप से विराजित किया जाएगा। विद्वान पंडितों और आचार्यों की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। भगवान की शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और संकीर्तन के साथ निकाली जाएगी। आयोजन के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण होगा।

