Friday, July 10, 2026
Home Blog Page 121

घाटे से उभरा कोटा सरस संघ अब सामाजिक सरोकार में भी आगे

सहायता कोष दोगुना, बेटियों के विवाह पर मिलेगा आर्थिक संबल: राठौड़

कोटा। सहकारिता के साथ संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए कोटा-बूंदी जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ बोर्ड की बैठक शुक्रवार को चेयरमैन चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा ने कार्यवाही संचालन किया। बैठक में आरसीडीएफ प्रतिनिधि सहित संचालक मंडल के सभी सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में संघ की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए दुग्ध क्रय-विक्रय दरों में संशोधन की पुष्टि सहित कुल नौ अहम प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। इस दौरान बोर्ड ने ऐतिहासिक और मानवीय पहल करते हुए सचिव सहायता कोष की राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया। यह सहायता राशि अध्यक्ष/सचिव के निधन पर परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके साथ ही सामाजिक सरोकार निभाते हुए बोर्ड ने यह भी तय किया कि समिति के सचिव/अध्यक्ष की पुत्री के विवाह पर कोटा दुग्ध संघ परिवार की ओर से 21 हजार रुपये की राशि एफडी/डीडी के रूप में कन्या के नाम मायरे के रूप में भेंट की जाएगी। यह उसी समिति को प्राप्त होगा जो संघ को नियमित दुग्ध देती है।

बैठक के अवसर पर चेयरमैन चैनसिंह राठौड़ के सफल तीन वर्ष पूर्ण होने पर पूरे बोर्ड का अभिनंदन किया गया। राठौड़ को साफा व माला पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं एमडी दिलखुश मीणा सहित सभी सदस्यों का भी सम्मान किया गया।

अपने संबोधन में राठौड़ ने तीन वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि घाटे में चल रही संस्था को लाभ की स्थिति में लाया गया है। दुग्ध उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य दिलाए गए और उनका भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया गया।

साथ ही उपभोक्ताओं पर भार न बढ़े, इसका ध्यान रखते हुए दुग्ध दरों में वृद्धि नहीं की गई। उन्होंने बताया कि समय-समय पर किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बाजार में उतारे गए हैं तथा क्यूआर कोड प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी भी दी जा रही है।

ईथॉस अस्पताल में हृदय जांच शिविर कल, जांचों पर विशेष छूट भी उपलब्ध

कोटा। शहर के प्रमुख मल्टी स्पेशलिस्ट ईथॉस हॉस्पिटल की ओर से आमजन के हृदय स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हृदय रोग परामर्श शिविर का आयोजन रविवार, को अस्पताल परिसर में प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जायेगा।

निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया की अस्पताल प्रशासन के अनुसार शिविर में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. असलम खान (MBBS, MD, DNB कार्डियोलॉजी) मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करेंगे। इसके साथ ही रेडियोलॉजी एवं विभिन्न लैब जांचों पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी दी जाएगी।

दाधीच ने बताया की शिविर में सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, धड़कन की अनियमितता, उच्च रक्तचाप सहित अन्य हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर परामर्श दिया जाएगा।

NCDEX पर 4 फीसदी मंदी का सर्किट लगने से धनिया वायदा 540 रुपये गिरकर बंद

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली निकलने से सोयाबीन 100 रुपये, सरसों एवं धनिया 50 रुपये तेज़ बिका। आवक बढ़ने से लहसुन 300 रुपये, गेहूं मिल 25 रुपये, धान 50 रुपये मंदा बिका।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडीईएक्स पर चार फीसदी मंदी का सर्किट लगने से धनिया के भाव नरम रहे। धनिया का मई वायदा चार फीसदी मंदी का सर्किट लगने के बाद 540 रुपये टूटकर 12972 रुपये, जून वायदा 546 रुपये गिरकर 13138 रुपये और अगस्त वायदा 550 रुपये लुढ़क कर 13242 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे

गेहूं नया मिल लस्टर 2370 से 2425, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2700, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3400 से 4400, धान (1847) 3200 से 4401, धान (1718-1885) 4000 से 4600, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4500 से 5900, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5600 से 5950, सरसों 6200 से 6801, अलसी 6800 से 7600, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5350, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5301, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 12500, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 12000, धनिया ईगल 12000 से 13000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

राघव चड्डा समेत आप के सात राज्यसभा सदस्य बीजेपी में शामिल

नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर आप छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया। उनके साथ राज्यसभा के 6 अन्य सांसदों ने भी बीजेपी जॉइन की है।

राघव चड्ढा ने ऐलान करते हुए कहा कि वह दो तिहाई सांसदों के साथ बीजेपी में विलय कर रहे हैं। यहां बीजेपी में शामिल होने को तकनीकी रूप से विलय कहा जा रहा है जो दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए एक कानूनी कदम है।

दरअसल संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, अगर कोई सांसद अकेला पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाती है। लेकिन, अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई विधायक या सांसद एक साथ किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस मामले में अगर राघव चड्ढा अकेले ही आम आदमी पार्टी छोड़ते, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द हो जाती।

ऐसे में राघव चड्ढा ने अपने साथी राज्यसभा सांसदों संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल के साथ घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (AAP) के पास राज्यसभा के 10 सांसद हैं, जिनमें से सात यानी ⅔ अब पार्टी छोड़ रहे हैं और बीजेपी में विलय कर रहे हैं।

उधर आम आदमी पार्टी ने भी राघव चड्ढा को पार्टी से बर्खास्त नहीं किया। इसके पीछे सीधी सी वजह ये थी कि अगर पार्टी किसी सांसद को निकालती है, तो वह सांसद सदन में अपनी सदस्यता बरकरार रखता है। ‘आप’ नहीं चाहती थी कि चड्ढा पार्टी से बाहर रहकर भी सांसद बने रहें। हालांकि, राघव चड्ढा ने फिर भी पर्याप्त संख्या बल जुटाकर इस मामले को खत्म कर दिया और सीधे भाजपा में विलय का रास्ता चुन सदस्यता को बरकरार रखने में सफल हुए।

इस टूट का सबसे बड़ा प्रभाव पंजाब पर पड़ेगा। दलबदल करने वाले 7 सांसदों में से 6 सांसद पंजाब से हैं, जिन्हें 2022 में ‘आप’ की प्रचंड जीत के बाद चुना गया था। अब पंजाब से राज्यसभा में ‘आप’ का केवल एक सांसद (बलबीर सिंह सीचेवाल) बचा है।

किन-किन सांसदों ने छोड़ी पार्टी
राज्यसभा के जिन सासंदों ने पार्टी छोड़ी उनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राघव चड्ढा ने पाठक और मित्तल के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आप, जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है।

हाल ही में चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह मित्तल को नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सदस्य हैं। इनमें से दो-तिहाई से अधिक सांसद इस पहल में हमारे साथ हैं।

चड्ढा ने कहा, उन्होंने पहले ही साइन कर दिए हैं, और आज सुबह हमने राज्यसभा के सभापति को हस्ताक्षरित पत्रों और अन्य औपचारिक दस्तावेज सहित सभी जरूरी कागजात सौंप दिए हैं। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए चड्ढा ने कहा कि पार्टी अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने ही फायदे के लिए काम कर रही है।

NCDEX पर मई से कालीमिर्च में वायदा कारोबार होने की उम्मीद

मुम्बई। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न जिंसों में वायदा कारोबार संचालित करने वाले एक अग्रणी एक्सचेंज- नेशनल कॉमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) के प्लेटफार्म पर मई 2026 से कालीमिर्च में वायदा अनुबंध आरंभ होने की उम्मीद है।

जानकार सूत्रों के अनुसार एक्सचेंज को हाल ही में बाजार नियामक संस्था- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से कालीमिर्च में वायदा अनुबंध शुरू करने की अनुमति मिल गई है।

शुरुआती अनुबंध एक माह के लिए होने की संभावना है जो जून में समाप्त (एक्सपायर) होगा। कालीमिर्च की डिलीवरी का सेंटर केरल के कोच्चि में होगा और इसके अनुबंध के तहत कालीमिर्च की डिलीवरी देना अनिवार्य होगा।

हालांकि एक्सचेंज प्रबंधन ने इस सम्बन्ध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वायदा अनुबंध का रास्ता साफ हो गया है।

उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2025 में एक्सचेंज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने कहा था कि वर्ष 2026 में कालीमिर्च में वायदा कारोबार शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

कॉमोडिटी एक्सचेंजों में पहले कालीमिर्च में वायदा कारोबार हो रहा था मगर बाद में कुछ कानूनी एवं नियामक मामला उत्पन्न होने से इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

कोटा के 300 वर्ष पुराने प्राचीन नरसिंह मंदिर में चार दिवसीय प्राकट्य महोत्सव 27 से

कोटा। किशोरपुरा दरवाजे पर स्थित शहर के एकमात्र और लगभग 300 वर्ष प्राचीन नरसिंह मंदिर में इस वर्ष नरसिंह प्राकट्य उत्सव 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। मंदिर के पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि श्री गिरधर गोपाल राजमल सर्राफ चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल विचित्र, सचिव संजय गोयल, ट्रस्टी नरेंद्र गोयल, विनय गोयल, आदित्य गोयल, देवांग गोयल तथा समाजसेवी भुवनेश गहलोत उपस्थित रहे।

उन्होंने बताया कि चार दिवसीय महोत्सव का विधिवत शुभारंभ 27 अप्रैल को महिलाओं के संकीर्तन और भजनों के साथ होगा। जहाँ श्रद्धालु भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु की आराधना करेंगे।

महोत्सव के दूसरे दिन, 28 अप्रैल को मंदिर में विशेष ध्वजा पूजन किया जाएगा और भक्तों को मोर पंख के दुर्लभ दर्शन कराए जाएंगे। 29 अप्रैल को भगवान का पंचामृत स्नान कराया जाएगा और मंदिर परिसर में रामायण पाठ का आयोजन होगा। मुख्य उत्सव के दिन, यानी 30 अप्रैल को सुबह 7 बजे भगवान का पंचामृत से महाअभिषेक किया जाएगा, जिसके पश्चात सुबह 8 बजे से प्रभु का मनमोहक श्रृंगार होगा।

इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान का दिव्य ‘फूल बंगला’ दर्शन और मुखौटा दर्शन रहेगा। जो सुबह 11 बजे से भक्तों के लिए उपलब्ध होगा। दोपहर 12 बजे विशेष आरती की जाएगी, जिसके उपरांत मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को विशेष ‘रक्षा कवच’ वितरित किए जाएंगे।

उत्सव का भव्य समापन शाम 7 बजे होगा, जिसमें 101 बत्तियों से भगवान की महाआरती उतारी जाएगी। इस दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।

यशवंतपुर-बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल ट्रैन का संचालन 6 ट्रिप और बढ़ा

कोटा। Yesvantpur-Bikaner Weekly Special Train: ग्रीष्मावकाश के दौरान अतिरिक्त यात्री यातायात को दृष्टिगत रखते हुए कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली गाड़ी संख्या 06543/06544, यशवंतपुर-बीकानेर-यशवंतपुर एक्सप्रेस साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा की संचालन अवधि में 6 ट्रिप का विस्तार किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 06543/06544, यशवंतपुर-बीकानेर-यशवंतपुर एक्सप्रेस साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा का यशवंतपुर से 6 मई से 10 जून तक (06 ट्रिप) एवं बीकानेर से 9 मई से 13 जून तक (06 ट्रिप) विस्तार किया जा रहा है। उक्त रेलसेवा का संचालन समय एवं ठहराव यथावत रहेंगे।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि गाड़ी की अद्यतन स्थिति की जानकारी के लिए राष्ट्रीय रेल पूछताछ वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस ऐप का उपयोग करें।

ईरान से युद्ध में अमेरिका का हथियार गोदाम खाली, जानिए अब क्या है ट्रंप का प्लान

वॉशिंगटन। US-Iran War: ईरान के साथ करीब 40 दिनों के युद्ध के बाद अब अमेरिका के हथियार गोदाम खाली होने लगे हैं। इस दौरान पानी की तरह पैसे बहाए गये हैं। टागन के एक अंदरूनी अनुमान के मुताबिक अमेरिकी सेना ने हजारों की संख्या में अपने हाई क्वालिटी के हथियार इस्तेमाल कर लिए हैं जिनमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें और पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल हैं।

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद में ईरान ने भी जवाबी हमले शुरू किए थे और ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में अमेरिकी सेना को भारी संख्या में मिसाइल इंटरसेप्टर्स का इस्तेमाल करना पड़ा। जिसके बाद अब हालात ये हैं कि चीन और रूस जैसे दुश्मनों के मुकाबले अमेरिका के हथियार भंडार में बहुत कम मिसाइलें बची हैं।

हालांकि अभी तक वाइट हाउस ने इस संघर्ष की अनुमानित लागत जारी नहीं की है लेकिन दो स्वतंत्र समूहों ने कहा है कि इसका खर्च 28 अरब डॉलर से लेकर 35 अरब डॉलर के बीच हो सकताहै यानी हर दिन लगभग 1 अरब डॉलर से थोड़ा कम। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमले के पहले दो दिनों में ही सेना ने 5.6 अरब डॉलर के गोला-बारूद का इस्तेमाल कर लिया था।

रक्षा विभाग के अंदरूनी अनुमानों का हवाला देते हुए न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने अपनी लगभग 1,100 ‘जॉइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज’ (JASSM-ER) दाग दी हैं । अमेरिका के पास लगभग 1,500 JASSM-ER मिसाइलें बची थीं जिनमें से लगभग 1,100 मिसाइलें दागी जा चुकी हैं।

अब केवल 400 के आसपास मिसाइलें बची हैं। JASSM-ER की मारक क्षमता 600 मील से ज्यादा है और इसे दुश्मन की हवाई सुरक्षा की सीमा से बाहर रहते हुए भी मजबूत लक्ष्यों को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी एक मिसाइल की कीमत लगभग 11 लाख डॉलर है।

होर्मुज में हमले कानया प्लान बना रहा अमेरिका
इस नाकेबंदी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी उथल-पुथल मच गई है जिससे अमेरिकी मुद्रास्फीति को कम करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह से नाकाम हो रहे हैं। अमेरिका में इस साल होने वाले मध्यावधि चुनावों पर इसका असर दिखने की संभावना है। हालांकि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना को निशाना बनाया है लेकिन शुरूआती एक महीने के युद्ध में अंदरूरी ईरान में ज्यादातर हमले किए गये। होर्मुज स्ट्रेट को खास तौर पर निशाना नहीं बनाया गया। नई योजनाओं के तहत रणनीतिक जलमार्गों के आस-पास भारी बमबारी करने पर विचार किया जा रहा है।

Stock Market: सेंसेक्स 983 अंक फिसल कर बंद, निवेशकों के 5 लाख करोड़ स्वाहा

नई दिल्ली। Stock Market Closed April 24, 2026: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार को बड़ी गिरावट में बंद हुए। आखिरकार सेंसेक्स 982.71 अंक यानी 1.27% गिरावट के साथ 76,681.29 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 1,200 अंक से अधिक की गिरावट आई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स करीब 350 अंक फिसल गया। निफ्टी भी 275.10 अंक यानी 1.14% फिसलकर 23,897.95 अंक पर आ गया।

पिछले सत्र में सेंसेक्स में 852.49 अंक की गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 205.05 अंक लुढ़का था। इस तरह तीन दिन में सेंसेक्स में करीब 2,600 अंक की गिरावट आई।

इस गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इन्फोसिस में सबसे ज्यादा 7 फीसदी गिरावट आई।

एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बीईएल, आईटीसी और भारती एयरटेल में 1 से 5 फीसदी तक गिरावट रही। दूसरी ओर, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और कोटक बैंक में तेजी रही।

अमेरिका-ईरान वार्ता में ठहराव और होरमुज़ स्ट्रेट में नाकेबंदी के चलते तेल की कीमतों में तेजी आई। इससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई। साथ ही आईटी शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार को और नीचे खींचा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 150 से ज्यादा अंक गिरकर 77,483.80 पर खुला। जबकि गुरुवार को यह 77,664.00 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 76,403 अंक तक गिर गया था। अंत में 982.71 अंक या 1.27 प्रतिशत की गिरावट लेकर 76,681.29 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,100 पर खुला। खुलने के कुछ ही देर में यह 24 हजार के नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान यह 23,813 अंक तक लुढ़क गया था। अंत में यह 275.10 अंक या 1.14 फीसदी की गिरावट लेकर 23,897 पर बंद हुआ।

येज्दी स्क्रैंबलर मोटरसाइकिल का अपडेट मॉडल लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। क्लासिक लेजेंड्स (Classic Legends) ने BSA स्क्रैंबलर 650 के साथ अपडेटेड येज्दी स्क्रैंबलर (Yezdi Scrambler) को लॉन्च किया है। इससे इस मोटरसाइकिल को एक नया रूप मिल गया है।

क्लासिक लेजेंड्स ने अपडेटेड स्क्रैंबलर में जो सबसे खास सुधार किया है, वो इसका वजन 8 किलोग्राम तक कम करना है। कंपनी ने इसका ड्राई वजन पिछले मॉडल के 182 किलोग्राम से घटाकर 174 किलोग्राम कर दिया है।

वजन में यह कमी शायद पिछले मॉडल के दो एग्जॉस्ट के बजाय एक एग्जॉस्ट लगाने से हुई है। हालांकि, अपडेटेड स्क्रैंबलर का आकार-प्रकार काफी हद तक पहले जैसा ही है।

फिर भी इसमें नए टैंक ग्राफिक्स, ’69’ नंबर वाला साइड पैनल और एक बदली हुई सीट मिलती है। जिसकी वजह से शायद सीट की ऊंचाई 13mm बढ़कर 813mm हो गई है।

अपडेटेड स्क्रैंबलर में एक बदला हुआ 334cc का इंजन लगा है। हालांकि, इंजन की डिस्प्लेसमेंट कैपेसिटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन इसकी पावर 0.9hp और टॉर्क 1.8Nm बढ़ गया है। अब यह इंजन 30hp की पावर और 30Nm का टॉर्क जनरेट करता है।

इसमें तीन राइडिंग मोड रोड, ऑफ-रोड और रेनदिए गए हैं, जो थ्रॉटल रिस्पॉन्स और ट्रैक्शन कंट्रोल को अपने हिसाब से एडजस्ट करते हैं। पहले की तरह ही, इसके सस्पेंशन सेटअप में आगे की तरफ टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे की तरफ दो शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं।

यह मोटरसाइकिल आगे 19-इंच और पीछे 17-इंच के वायर-स्पोक पहियों पर चलती है। अपडेटेड येज्दी स्क्रैंबलर की एक्स-शोरूम कीमत 2 लाख रुपए तय की गई है, जो पिछले मॉडल से लगभग 5,000 रुपए ज्यादा है।