Friday, July 10, 2026
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Stock Market: इस सप्ताह कैसी रहेगी बाजार की चाल, जानिए एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली। Stock Market This Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। निवेशकों की नजरें इस समय सिर्फ घरेलू बाजार पर ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल पर भी टिकी हैं।

बाजार के जानकारों का मानना है कि इस हफ्ते बाजार की दिशा मुख्य रूप से तीन बड़े कारकों से तय होगी: पहला पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव, दूसरा कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतें और तीसरा देश की बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे।

गौरतलब है कि यह हफ्ता कामकाजी दिनों के लिहाज से छोटा होगा क्योंकि शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर शेयर बाजार बंद रहेंगे। पिछले हफ्ते की बात करें तो बाजार के लिए वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था। BSE सेंसेक्स में 1,829.33 अंकों (2.33%) की भारी गिरावट देखी गई, वहीं निफ्टी भी 455.6 अंक (1.87%) नीचे लुढ़क गया। वैश्विक अनिश्चितता और सप्लाई रुकने के डर ने निवेशकों के बीच घबराहट पैदा कर दी है, जिसका असर घरेलू इंडेक्स पर साफ दिख रहा है।

बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय होर्मुज स्ट्रेट में बनी तनावपूर्ण स्थिति है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूटने से स्थिति और गंभीर हो गई है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा है। भारत जैसे देश के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ा आर्थिक फैक्टर है। अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो इससे न सिर्फ महंगाई बढ़ेगी और रुपया कमजोर होगा, बल्कि कंपनियों के मुनाफे पर भी बुरा असर पड़ेगा।

बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर शांति वार्ता में कोई सकारात्मक मोड़ आता है और तेल की कीमतें गिरती हैं, तो बाजार को राहत मिल सकती है, वरना गिरावट और मुनाफावसूली का दौर जारी रह सकता है।

कॉरपोरेट जगत की हलचल भी इस हफ्ते बाजार को काफी प्रभावित करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को अपने नतीजे घोषित किए, जिसमें मार्च तिमाही के लाभ में 12.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण कंपनी के मुख्य बिजनेस पर दबाव देखा गया है।

आने वाले दिनों में अल्ट्राटेक सीमेंट, कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस और अदाणी पावर जैसी दिग्गज कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी। गुरुवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसी बड़ी कंपनियों के परिणाम आने हैं, जिससे शेयर विशेष (Stock Specific) एक्शन देखने को मिलेगा।

इसके अलावा, दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले पर भी टिकी हैं, जो 29 अप्रैल को होना है। घरेलू मोर्चे पर 28 अप्रैल को औद्योगिक उत्पादन (IIP) के आंकड़े और 1 मई को विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े जारी होंगे।

अमेरिका से आने वाले GDP और मैन्युफैक्चरिंग आंकड़े भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित करेंगे। कुल मिलाकर, इस हफ्ते निवेशकों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि बाजार पूरी तरह से खबरों और वैश्विक तनाव के इशारों पर नाचने वाला है।

Dhaniya: कम पैदावार के कारण धनिया जल्द ही 15 हजार के स्तर को छुएगा

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान धनिया की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ गई है। जिस कारण से सप्ताह के अंत में वायदा एवं हाजिर बाजारों में धनिया के भाव मंदे के साथ बोले गए।

जैसा कि आई ग्रेन इंडिया ने अपने 4 अप्रैल के अंक में लिखा भी था कि कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ने पर कीमतों में 5/8 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। मगर अधिक मंदे के आसार नहीं है। क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में धनिया की आवक घटनी शुरू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण चालू सीजन के दौरान भी देश में धनिया का उत्पादन कम माना जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष देश में धनिया का उत्पादन 95/97 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि 2025 में उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2024 में 1.20 करोड़ बोरी का उत्पादन माना गया था वर्ष 2023 में देश में धनिया का रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था।

कीमत: पैदावार में कमी एवं बकाया स्टॉक भी कम रह जाने के कारण सीजन के साथ ही धनिया की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। और मंडियों में ईगल क्वालिटी का भाव 130 रुपए का स्तर पार कर गया जबकि बादामी का भाव 120 रुपए के स्तर क्रॉस कर गया जोकि अब तक के इतिहास में सर्वोच्च भाव बना है। खपत की तुलना उपलब्धता कम रहने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि चालू सीजन के दौरान धनिया ईगल का भाव 145/150 रुपए का स्तर छू सकता है। वर्तमान में निर्यात मांग कम बनी हुई है साथ ही ऊंचे भावों पर लोकल स्टॉकिस्टों की खरीद भी सीमित है।

जानकारों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान 95/97 लाख बोरी की पैदावार एवं 20/25 लाख बोरी का बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 1.20/1.25 करोड़ बोरी की रहेगी। जबकि निर्यात एवं लोकल खपत को मिलाकर 1.40/1.50 करोड़ बोरी की आवश्यकता होती है। जिस कारण से धनिया का भविष्य अच्छा रहेगा। बशर्ते आगामी दिनों में आयात न हो।

आवक: सूत्रों का कहना है कि कुल उत्पादन का गुजरात की मंडियों में लगभग 70/75 प्रतिशत माल आ चुका है। जबकि राजस्थान भी करीब 75/80 प्रतिशत माल मंडियों में आने के समाचार मिल रहे हैं। लेकिन आवक में विलम्ब होने के कारण मध्य प्रदेश की मंडियों में लगभग 50/60 प्रतिशत माल आने के समाचार है। जिस कारण से आगामी 10/15 दिनों तक मध्य प्रदेश की मंडियों में आवक अच्छी रहेगी। लेकिन मई माह के प्रथम सप्ताह में आवक घटनी शुरू हो जाएगी। तत्पश्चात बाजार धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे।

निर्यात: चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में धनिया का निर्यात मात्रात्मक रूप में 5 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 52006 टन का हुआ है। और निर्यात से प्राप्त आय 570.29 करोड़ की रही। जबकि गत सीजन में अप्रैल- जनवरी- 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 49396 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 520.21 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60330 टन का रहा था। जबकि वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।

स्पीकर बिरला और मंत्री नागर ने दी सांगोद को 150 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

कोटा/सांगोद। सांगोद क्षेत्र के लिए शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने 150 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की अभूतपूर्व सौगात दी। बपावर रोड स्थित गायत्री चौराहा के मेला ग्राउंड में आयोजित शिलान्यास समारोह के दौरान दोनों नेताओं ने सांगोद की तस्वीर बदलने वाली कई बड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अध्यक्षता कर रहे ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का क्षेत्र की जनता ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरान कुल 150 करोड़ रुपये के इन कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 100 बेड क्षमता का काशीपुरी उप जिला चिकित्सालय है। इसके अलावा, कालीसिंध नदी पर 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला उच्चस्तरीय पुल और 45 करोड़ रुपये की लागत से कुराड़-ढोटी-कन्दाफल-मण्डाप-श्यामपुरा सड़क का चौड़ाईकरण कार्य शामिल है। जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

सभा को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सांगोद के विकास की एक ऐसी नई अवधारणा बनाई गई है, जिससे हर गांव और हर खेत मुख्य धारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 75 वर्षों में सांगोद में केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक की ही प्रगति हो पाई थी, लेकिन अब यहाँ 100 बेड का उप जिला अस्पताल बनने जा रहा है।

बिरला ने विश्वास दिलाया कि 75 वर्षों के विकास के अभाव को आगामी 5 वर्षों की कड़ी मेहनत से दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सांगोद के मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों और आपातकालीन स्थिति में कोटा भागने की जरूरत नहीं होगी। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं यहीं उपलब्ध होंगी।

बिरला ने किसानों के मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि रोड कनेक्टिविटी बढ़ने से सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र का विकास होता है और किसानों की उन्नति के द्वार खुलते हैं। उन्होंने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर द्वारा खेतों के रास्ते पक्के करने के संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि जब किसान के खेत तक पानी और रास्ता पहुँचेगा, तभी उसकी उत्पादन लागत कम होगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और आपदा राहत का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब फसल खराबे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुँची है। उन्होंने बपावर-कोटा रोड की डीपीआर का कार्य पूरा होने की बात भी कही और आश्वासन दिया कि आने वाले 2 वर्षों में सांगोद के हर घर तक पीने का शुद्ध पानी और हर खेत तक सिंचाई का जल पहुँचाया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने ‘सुपोषित माँ’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि विकास केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि स्वस्थ और खुशहाल समाज से होता है।

पुरानी मांगें हुईं पूरी, सुगम होगा आवागमन
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सांगोद की जनता ने दशकों तक जिन सुविधाओं का इंतजार किया, वह अब समाप्त हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कालीसिंध नदी पर कन्दाफल-खेरली-आमली के बीच बनने वाले 70 करोड़ रुपये के पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी हो रही है। इस पुल के निर्माण से मण्डाप, मन्डीता, विनोद और देवली जैसे गांवों से कोटा का रास्ता काफी छोटा और सुगम हो जाएगा। नागर ने सांगोद से कुराड़ तक 45 करोड़ की लागत से बनने वाली पुलिया और सड़क के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

मंत्री नागर ने आगे बताया कि केवल बड़े प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का भी समाधान किया जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र और उसके आसपास के 14 गांवों में विकास कार्य युद्ध स्तर पर कराए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि शहर के सौंदर्यकरण के लिए बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा और 4 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना बनाई गई है। पेयजल संकट को दूर करने के लिए ‘कोटड़ी पेयजल योजना’ के माध्यम से घर-घर पानी पहुँचाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 25 करोड़ रुपये की लागत से खेतों के रास्तों पर ग्रेवल सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बारिश के मौसम में भी किसान आसानी से अपने खेतों तक पहुँच सकें। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे सरकार की इन जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की जिम्मेदारी उठाएं।

नदी किनारे बसे गांवों में कटाव की समस्या को दूर करने के लिए 40 करोड़ रुपये की नई स्वीकृति जल्द जारी करने की बात भी कही गई। जिससे हजारों किसानों की भूमि सुरक्षित हो सकेगी। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी देहात जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, प्रधान जयवीर सिंह अमृत कुआं, कृष्णा शर्मा, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, महामंत्री विशाल शर्मा, मंडल अध्यक्ष मुरारी मेहता, चंद्रप्रकाश सोनी, राजेश शर्मा, सत्यवान नागर, विजय शंकर सैनी, क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष ओम मेहता, धनराज मीणा, नंदकिशोर मालव सहित कई वरिष्ठ नेता और समाजसेवी उपस्थित रहे।

Market Cap: सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों की मार्केट कैप 2 लाख करोड़ घटी

सबसे ज्यादा नुकसान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज को

नई दिल्ली। Market Cap: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते आई गिरावट का असर देश की बड़ी कंपनियों पर भी साफ नजर आया। टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात की कुल मार्केट वैल्यू करीब 2 लाख करोड़ रुपये घट गई। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।

शेयर बाजार में पिछले हफ्ते कमजोरी का रुख देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 1,829 अंक यानी करीब 2.33 प्रतिशत टूट गया। वहीं एनएसई निफ्टी में 455 अंक यानी 1.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में आई इस गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया की अनिश्चित स्थिति प्रमुख वजह रही। इसके साथ ही आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजों ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला।

रिलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा का कहना है कि लगातार तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता ने भी दबाव बढ़ाया।

पिछले सप्ताह के दौरान टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात का संयुक्त बाजार मूल्यांकन लगभग 2,05,343 करोड़ रुपये घट गया। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी सेक्टर की कंपनी टीसीएस और दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप 66,699 करोड़ रुपये घटकर 8,67,364 करोड़ रुपये रह गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू 50,670 करोड़ रुपये गिरकर 17,96,647 करोड़ रुपये पर आ गई।

एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 23,090 करोड़ रुपये घटकर 12,08,225 करोड़ रुपये रह गया। एलआईसी की वैल्यू भी 19,670 करोड़ रुपये घटकर 5,13,020 करोड़ रुपये पर आ गई। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक और लार्सन एंड टुब्रो की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज हुई।

बाजार की गिरावट के बावजूद कुछ कंपनियों ने मजबूती दिखाई। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 20,652 करोड़ रुपये बढ़कर 5,47,219 करोड़ रुपये हो गया। एसबीआई की वैल्यू 19,522 करोड़ रुपये बढ़कर 10,16,752 करोड़ रुपये पहुंच गई। बजाज फाइनेंस में भी 8,253 करोड़ रुपये की बढ़त देखी गई।

टॉप-10 कंपनियों की रैंकिंग में बदलाव नहीं
उतार-चढ़ाव के बावजूद टॉप कंपनियों की रैंकिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। उसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।

एसएसआई एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आज

कोटा। दी एसएसआई एसोसिएशन के वर्ष 2026-27 के नवनियुक्त गवर्निंग बोर्ड का शपथ ग्रहण एवं पदस्थापन समारोह 26 अप्रैल को बूंदी रोड स्थित तिरुपति रिसोर्ट में सायं 5 बजे से आयोजित किया जाएगा।

संस्था अध्यक्ष दीपक मेहता ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। जिनकी उपस्थिति कोटा के औद्योगिक विकास को नया प्रोत्साहन प्रदान करेगी। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए जिला कलेक्टर पीयूष समारिया विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। वहीं डीसीएम श्रीराम लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वीनू मेहता विशिष्ठ अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे।

​एसएसआई एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वार्षिक समारोह का मुख्य उद्देश्य न केवल नई टीम का परिचय कराना है, बल्कि आगामी कार्यकाल के विजन और लक्ष्यों को साझा करना भी है।

संगठन के सचिव समीर सूद ने विशेष आकर्षण की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर देश के प्रख्यात सेलिब्रिटी बिजनेस कोच हर्षवर्धन जैन द्वारा एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सत्र भी आयोजित किया जाएगा। यह सत्र कोटा के उद्यमियों को व्यवसाय प्रबंधन और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाएगा। जो उनके व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

प्रोजेक्ट चेयरमैन कपिल जैन ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुव्यवस्थित संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। ट्रेजरार राहुल जैन के अनुसार, इस शपथ ग्रहण के माध्यम से संगठन की आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा भी सदस्यों के समक्ष रखी जाएगी।

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल ने इस आयोजन को एसोसिएशन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन संगठन की एकता, सहभागिता और विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है। समारोह में शहर के प्रमुख उद्योगपति, व्यवसायी एवं सभी सदस्य भाग लेंगे, जिससे सदस्यों को नेटवर्किंग के नए अवसर और एक मजबूत साझा मंच प्राप्त होगा।

भवानी मंडी स्टेशन पर गरबा एक्सप्रेस का ठहराव शुरू, यात्रियों को मिली सुविधा

कोटा। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल अंतर्गत भवानी मंडी स्टेशन पर गाड़ी सं. 12937/12938 गांधीधाम–हावड़ा–गांधीधाम गरबा एक्सप्रेस को नया ठहराव प्रदान किया गया है।

सांसद दुष्यंत सिंह ने प्रातःकाल भवानी मंडी स्टेशन पर गाड़ी सं. 12937 गांधीधाम–हावड़ा गरबा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर इस ठहराव का विधिवत शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में विधायक कालूराम मेघवाल, क्षेत्र के जन प्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं यात्री उपस्थिति रहे। रेल प्रशासन की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेश कुमार मित्तल, वरिष्ठ रेल अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी सं. 12937 गांधीधाम–हावड़ा गरबा एक्सप्रेस भवानी मंडी स्टेशन पर 26.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 07.38 बजे पहुँचकर 07.40 बजे गंतव्य के लिए प्रस्थान करेगी।

गाड़ी सं. 12938 हावड़ा–गांधीधाम गरबा एक्सप्रेस भवानी मंडी स्टेशन पर 29.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 00.28 बजे पहुँचकर 00.30 बजे गंतव्य के लिए प्रस्थान करेगी। इस ठहराव से भवानी मंडी क्षेत्र के यात्रियों को गुजरात (गांधीधाम) एवं पश्चिम बंगाल (हावड़ा) तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी।

सीबीएसई की एआई कार्यशाला, शिक्षकों ने सीखी आधुनिक शिक्षण तकनीक

कोटा। बसंत विहार स्थित अकलंक पब्लिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन तकनीकों एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना रहा।

विद्यालय प्रबंधन के अध्यक्ष पीयूष जैन एवं सचिव अनिमेष जैन ने कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में शिक्षकों का इससे अपडेट रहना आवश्यक है।

कार्यक्रम में संसाधन व्यक्ति के रूप में डॉ. सारिका मोहता एवं मनीष जैन ने भाग लिया। उन्होंने एआई के विभिन्न पहलुओं, शिक्षा क्षेत्र में इसके उपयोग तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को विषय की व्यावहारिक समझ भी प्रदान की गई।

कार्यशाला में कोटा के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लेकर ज्ञानवर्धन किया। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना जोशी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समस्त स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई और नई तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई।

समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ. अर्चना जोशी ने विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। अंत में सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

गतका के मैदान में गुरु काशी का डंका, दो स्वर्ण पर किया कब्जा

अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता

कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला) 2025-26 में शनिवार को रोमांचक मुकाबलों का दौर देर रात तक जारी रहा।

भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं खेल तथा युवा मामले मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में एवं कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत के मार्गदर्शन में इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शनिवार को पुरुष वर्ग की स्पर्धाएं आयोजित हुईं, जिनमें गुरु काशी विश्वविद्यालय ने अपना दबदबा कायम रखते हुए दोनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के 36 विश्वविद्यालयों की टीमें कोटा पहुंची हैं। कुल नौ श्रेणियों में आयोजित इस प्रतियोगिता में 362 प्रतिभागी छात्रों ने पंजीयन कराया है। शनिवार को रात्रि 11:30 बजे तक कुल 83 मुकाबले संपन्न हुए।

ग्राउंड नंबर दो पर आयोजित इस स्पर्धा में गुरु काशी विश्वविद्यालय के अर्शदीप सिंह, दिलशान शर्मा, मनदीप सिंह व रवि सिंह की चौकड़ी ने स्वर्ण पदक जीता। श्री गुरुग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि देश भगत विश्वविद्यालय तथा अपेक्स विश्वविद्यालय को संयुक्त रूप से कांस्य पदक प्रदान किया गया।

ग्राउंड नंबर एक पर आयोजित इस स्पर्धा में भी गुरु काशी विश्वविद्यालय के मनवीर सिंह, नवजोत सिंह, रवि सिंह व तेजपार्टप सिंह ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय ने रजत पदक हासिल किया। वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय तथा डॉ. प्रीति ग्लोबल विश्वविद्यालय को संयुक्त कांस्य पदक से नवाजा गया।

Kota Mandi: आवक की कमी से कोटा मंडी में सोयाबीन और धनिया तेज बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को आवक की कमी से सोयाबीन 100 रुपये और धनिया 50 रुपये तेज़ बिका। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 9000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2370 से 2425 गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2525 बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2700, ज्वार शंकर 1700से 2300, ज्वार सफेद 2800से 5000, बाजरा 1800से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200 जौ नया 2100से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3400 से 4400, धान (1847) 3200 से 4401, धान (1718-1885) 4000 से 4600, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4500 से 5900, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5600 से 6000, सरसों 6200 से 6751, अलसी 6800 से 7600, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5450, चना मौसमी नया 5100 से 5250, चना पेप्सी 5100 से 5351, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 13500, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 12000, धनिया ईगल 12000 से 13000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा शहर में होगी एआई कैमरों की पैनी नजर, पिंक पेट्रोलिंग वैन से बढ़ेगा विश्वास

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ली निर्भया फंड की समीक्षा बैठक

महिला थाना को मॉडल बनाने और पिंक बूथ स्थापित करने के निर्देश

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा सर्किट हाउस में निर्भया फंड के तहत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस विभाग के प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्होंने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों को एआई तकनीक से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि निगरानी और अधिक प्रभावी हो सके।

साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए 2 पिंक पेट्रोलिंग वैन शुरू करने और प्रमुख स्थानों पर पिंक बूथ स्थापित करने को कहा। इस दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज के विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण मिल सके।

बैठक में कोटा आने वाली कोचिंग छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। आत्मरक्षा प्रशिक्षण और साइबर जागरूकता अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला थाना कोटा शहर को मॉडल महिला थाना के रूप में विकसित करने को भी कहा, ताकि संवेदनशील और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित हो सके। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल, जिला कलक्टर पीयूष समारिया सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

देश के चयनित 10 शहरों में कोटा
उल्लेखनीय है कि निर्भया फंड के अंतर्गत ‘महिलाओं और बालिकाओं के लिए समावेशी शहर’ परियोजना में कोटा को देश के चयनित 10 शहरों में शामिल किया गया है। इस पायलट परियोजना के तहत प्रति शहर 10 करोड़ रूपए का प्रावधान है, जिसके माध्यम से महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत पिंक ई-रिक्शा, हाई-मास्ट लाइट, एआई आधारित सीसीटीवी, महिला पुलिस गश्ती, पिंक एम्बुलेंस, सुरक्षित प्रतीक्षालय, कॉल बॉक्स, महिला श्रमिकों के लिए लाउंज, किफायती आवास और पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और ड्राइविंग व आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी शामिल हैं।