Thursday, July 2, 2026
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आधार से पैन को लिंक कराने के लिए फॉर्म नोटिफाई

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नई दिल्ली । आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए एक-पेज का फॉर्म पेश किया है ताकि करदाता मैन्युअली रुप से पैन कार्ड को आधार से जोड़ पाएं। यह सुविधा पैन को आधार से जोड़ने की ऑनलाइन और एसएमएस सुविधा से इतर है।

इंजिविजुअल टैक्स पेयर को इस फॉर्म में उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड में दर्ज सही सही जानकारी लिखनी होगी। साथ ही उसे यह भी डिक्लेरेशन देना होगा कि उनकी ओर से पैन कार्ड को आधार से जोड़ने के लिए आवेदन नहीं दिया गया है।साथ ही उन्हें यह भी घोषणा करनी होगी कि उन्हें उस पैन कार्ड, जिसका उन्होंने फॉर्म में उल्लेख किया है के अलावा कोई दूसरा पैन कार्ड भी अलॉट नहीं किया गया है।

करदाता घोषणा के रूप में बताएगा, “मैं समझता हूं कि आधार आधारित प्रमाणीकरण के उद्देश्य के लिए प्रदान किए गए मेरे व्यक्तिगत पहचान डेटा की पूरी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।”कर विभाग के अधिकारी ने बताया, “यह फॉर्म सिर्फ एक और प्रक्रिया है, जो कि पेपर के माध्यम से है।

ताकि पैन को आधार से लिंक कराया जा सके, जैसा कि एक जुलाई से अनिवार्य कर दिया गया है।” सीबीडीटी की 29 जून की नोटिफिकेशन के अंतर्गत विभाग ने औपचारिक रूप से एक पैन कार्ड होल्डर की ओर से आई-टी विभाग को आधार संख्या को सूचित करने के लिए प्रक्रिया और प्रारूप को अधिसूचित किया है।

देश की 3 लाख कंपनियां शक के घेरे में : PM मोदी

नई दिल्ली। देश में एक जुलाई से जीएसटी लागू हो गया है। देश के सबसे बड़े कर सुधार के लागू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के स्थापना दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

ICAI के स्थापना दिवस की बधाई देने के बाद उन्होंने कहा कि जीएसटी भारत के अर्थव्यवस्था में एक नई राह की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को देश की संसद ने पवित्र अधिकार दिया है। जीएसटी आर्थिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अकाउंटेंट पर देश की आर्थिक जिम्मेदारी होती है।

उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंड अर्थजगत के ऋषि-मुनि हैं, जो इस क्षेत्र में रास्ता दिखाते हैं। मोदी ने कहा कि टैस्क चोरी करने वाली कंपनियां अब बच नहीं सकेंगी। जीएसटी लागू होने से पहले करीब 1 लाख कंपनियों पर ताला लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि करीब 3 लाख कंपनियां शक के दायरे में हैं।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के आने के बाद स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के कालेधन में 45 फीसदी की कमी आई है, जबकि साल 2013 में विदेशों में जमा कालेधन में 42 फीसदी इजाफा हुआ था। यह कालेधन के खिलाफ कार्रवाई का नतीजा सामने है।

संगिनी की मेगा एग्जीबिशन कम सेल में लगेंगी 36 स्टॉल

कोटा। जैन सोश्यल ग्रुप संगिनी कोटा की ओर से 4 एवं 5 जुलाई को मेगा एग्जीबिशन कम सेल का रोटरी बिनानी सभागार में आयोजन किया जायेगा। इसमें एग्जीबिशन में 36 स्टॉल लगेंगी

संगिनी जेएसजी की सुनीता जैन ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इसमें उदयपुर, जयपुर , मुंबई, राजकोट, दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, इंदौर, झालरापाटन और गढ़ेपान आदि स्थानों से महिलाएं आकर स्टॉल लगाएंगी।सेक्रेट्री निकिता जैन ने बताया कि  इसमें राखियां , साड़ी, ज्वेलरी, कॉस्मेटिक, सूट्स, टी शर्ट, कुर्ती आदि की स्टॉल लगेंगी। अध्यक्ष चन्दन टोंगिया ने बताया कि देश भर में संगिनी ग्रुप की 75 ब्रांच हैं जिसमें 7000 सदस्य हैं। कोटा में इसकी तीन ब्रांच हैं। 

जिसमें 130सदस्याएं हैं। यह ग्रुप पिछले तीन साल से शॉप विद संगिनी का दो दिवसीय आयोजन करता आ रहा है। इस बार चौथा आयोजन है। इससे होने वाली आमदनी थैलेसेमिया वार्ड में ऐसी, बेड शीट,नारीशाला में ड्रिप फ्रीजर और तलवंडी छात्रावास में सेंडर्स और वेंडिंग मशीन लगाने में खर्च की गई है। प्रोजेक्ट चेयरपर्सन सुनीता जैन ने बताया कि प्रोजेक्ट का उद्देश्य सामाजिक कार्यों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट एडवाइजर श्वेता पाटनी, डाइरेक्टर मीना  जैन, प्रीति जैन, सीमा जैन और नीलम जैन हैं 

GST : नॉर्मल डीलर्स और कम्पोजिशन डीलर बिल कैसे बनायें, देखिए वीडियो

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कोटा। पहली जुलाई से देश भर में जीएसटी लागू हो चुका है। करदाता डीलर्स बिल बनाने को लेकर परेशान हैं। उनकी परेशानी को देखते हुए हम वीडियो के माध्यम से आपको बिल बनाने का तरीका बता रहे हैं। नार्मल डीलर और कम्पोजिशन डीलर को अपने बिल कैसे बनाने हैं ?
बिल बनाने के लिए जरूरी नहीं कि आपके पास कम्प्यूटर हो।

आप बिल मेनुअल भी बना सकते हैं। किन्तु आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि कौन सा आइटम किस रेट का है, क्या उसका कोड है। पूरी प्रक्रिया हमारे सीनियर टैक्स कंसल्टेंट श्री अनिल काला समझा रहे हैं। वीडियो में कम्पोजिशन स्कीम की रेट डीलर के लिए गलत बोलने में आ गई है। कृपया उसे संशोधित करते हुए डीलर के लिए एक प्रतिशत, मैनुफैक्चरर्स के लिए दो प्रतिशत और  रेस्टोरेंट सर्विस के लिए पांच प्रतिशत समझा जाये। आइये देखिये वीडियो ….

हमारा पूरा प्रयास रहता है कि आपको जीएसटी पर ज्यादा से ज्यादा सरल भाषा में जानकारी दी जाये। फिर भी अगर आपको जीएसटी संबंधी कोई क़्वायरी हो तो हमें मेल या व्हाट्सएप्प पर भेज सकते हैं। आप हमें हमारी वेबसाइट www.lendennews-ee4f51.ingress-erytho.ewp.live के अलावा फेसबुक, youtube.com और twitter  पर भी फॉलो कर सकते हैं। 

अब पैसे लेकर आधार कार्ड बनाने पर लगेगा जुर्माना

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इंदौर। आधार कार्ड पंजीयन के लिए ऑपरेटर 1 जुलाई से किसी तरह का शुल्क नहीं ले सकेंगे। ऐसा करने वालों पर अब न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि केस भी दर्ज होगा। शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने इस बारे में सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इसके डर से शहर के कई आधार पंजीयन करने वाले सेंटर बंद होने लगे हैं। अब बचे रहने वाले केंद्रों पर भीड़ और बढ़ने के आसार हैं।

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की ओर से पंजीकृत एजेंसियों के रूप में रजिस्टर्ड आईटी कंपनियों को नए नियमों को लेकर ऑफिस मेमोरेंडम भेजे हैं। नए नियमों के डर से शहर में चल रहे 50 से ज्यादा आधार पंजीयन केंद्रों में से 10 से अधिक बंद हो चुके हैं। आधार के लिए पंजीकृत एजेंसियों के पास बीते महीनों में चार से ज्यादा सर्कुलर दिल्ली से पहुंचे हैं।

पैसा नहीं ले सकते : शासकीय नियम के मुताबिक आधार कार्ड का पंजीयन करवाने वाले नागरिक से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता। इसके बाद भी शिकायतें सरकार तक पहुंच रही थीं कि कार्ड बनाने के लिए ज्यादातर केंद्रों पर पैसा वसूला जा रहा है। इसके बाद सरकार ने पैसा मांगने वाले ऑपरेटरों पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया था।

शिकायतें जारी रहने पर केंद्र सरकार ने सख्त नियम लागू कर दिया है। इसके तहत पैसा मांगने वाले ऑपरेटर पर हर केस के लिए 50 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। वहीं भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

रजिस्टर्ड कंपनी ने ऐसे किसी मामले में ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई तो यूआईडीएआई कंपनी के कर्ताधर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी। आधार रजिस्ट्रेशन सेंटर पर इस सूचना का बोर्ड भी लगाना होगा कि रजिस्ट्रेशन के लिए किसी तरह की फीस नहीं लगती। दिल्ली से आए आदेश में लिखा गया है कि अधिकारी किसी भी सेंटर की अचानक जांच करेंगे। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
छेड़खानी पर एक लाख जुर्माना
पंजीयन करने वाली एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि किसी ऑपरेटर ने बॉयोमेट्रिक मशीन को बायपास कर पंजीयन किया तो जुर्माने की राशि एक लाख रुपए होगी। दरअसल, कई बार दबाव में या खास लोगों को उपकृत करने के लिए सिस्टम के बाहर से फोटो या जानकारी लेकर पंजीयन कर दिया जाता है। प्रभावशाली लोग पहले से खींची फोटो भी कार्ड पर लगवा लेते हैं। इसी के साथ कार्ड पर उर्फ के रूप में एक से ज्यादा नाम दर्ज करना भी प्रतिबंधित किया गया है। 

इसलिए बढ़ेगी भीड़
सख्त नियमों के बाद आधार रजिस्ट्रेशन के केंद्र बंद हो रहे हैं, लेकिन आधार कार्ड की जरूरत स्कूल के एडमिशन से लेकर पैनकार्ड, बैंक खाते और हर दस्तावेज के लिए लग रही है। सरकार ने नए निर्देशों के बाद नई एजेंसियों के पंजीयन भी रोक दिए हैं।

सिर्फ इसके लिए फीस
पहली बार आधार कार्ड बनवाने पहुंचे व्यक्ति का पंजीयन और पूरी प्रक्रिया निशुल्क रहेगी। बाद में कार्ड में किसी तरह के संशोधन के लिए ऑपरेटर सिर्फ 25 रुपए शुल्क ले सकेगा। इसके अतिरिक्त ई-आधार सर्च के लिए 10 रुपए और आधार कार्ड का पीवीसी कार्ड बनाने के लिए 30 रुपए लिए जा सकते हैं।

यहां करें शिकायत
आधार पंजीयन के लिए पैसा मांगा जाता है। सुधार संशोधन के लिए तय से ज्यादा शुल्क या नियम तोड़ने की शिकायत नागरिक वेबसाइट पर कर सकते हैं। साथ ही पंजीकरण केंद्र पर दर्शाए संबंधित सेवा प्रदाता कंपनी के फोन नंबर पर भी ऐसी शिकायत की जा सकती है।

जीएसटी इफेक्ट: 3% सस्ती हुईं मारुति की गाड़ियां

नई दिल्ली। पसंदीदा कारों, मोटरसाइकिलों एवं स्कूटरों के दाम शनिवार से घट रहे हैं क्योंकि शुक्रवार रात से ही जीएसटी पूरे देश में लागू हो चुका है। हालांकि, हाइब्रिड्स और 350 सीसी से ज्यादा क्षमता के इंजन वाले बड़े बाइक महंगे पड़ेंगे। इस बीच मारुति सुजुकी ने अपनी गाड़ियों के दाम में 3 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया है।

गाड़ियां बनानेवाली कंपनियों का कहना है कि जीएसटी रेट्स से पूरे देश में एक समान टैक्स लगेगा, जिससे ‘एक देश एक टैक्स’ की व्यवस्था लागू होगी। मुंबई में रहनेवालों को इसका एक बड़ा फायदा यह होगा कि नई जीएसटी दर में चुंगी भी शामिल हो जाएगी।

कुछ कंपनियां शनिवार से नई कीमतों का ऐलान करने लगेंगी, लेकिन कुछ सोमवार तक चुप्पी साध रखेंगी और तब तक अपने सॉफ्टवेयर और बिलिंग सिस्टम को जीएसटी के अनुरूप अपडेट करेंगी। इसका असर पार्ट्स मुहैया करानेवालों और डीलरों के मार्जिन समेत पूरे मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाइ वैल्यू-चेन पर होगा।

होंडा मोटरसाइकल और स्कूटर इंडिया के सीनियर वीपी (सेल्स ऐंड मार्केटिंग) वाई एस गुलेरिया ने बताया, ‘डीलरशिप की ओर से शनिवार और रविवार को कोई बिलिंग नहीं होगी और किसी तरह का ट्रांजैक्शन भी नहीं होगा। हालांकि, बुकिंग होती रहेगी।’बड़ी एसयूवीज और सेडान कारों के दाम में सबसे ज्यादा कटौती होगी, जबकि छोटी कारें भी थोड़ी सस्ती होंगी।

मसलन, मर्सिडीज GLS350 SUV की कीमत 3 लाख रुपये घटेगी जबकि ह्यूंदै की पॉप्युलर कार क्रेटा का दाम 40 से 60 हजार रुपये घटने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई में छोटी कार Grand i10 की 3 से 14 हजार रुपये सस्ती मिल रही है।हुंडई के एक अधिकारी ने कहा, ‘आखिरी कीमत तय करने पर अब भी माथापच्ची हो रही है।

लेकिन हम ग्राहकों को भरोसा दिला चुके हैं कि अगर उन्होंने जीएसटी से पहले भी गाड़ियां खरीदीं तो जीएसटी के बाद दाम घटने पर पैसे वापस होंगे। इसलिए, ग्राहक के फायदे में जो भी होगा, उन्हें दिया जाएगा।’ इधर, मारुति ने शनिवार सुबह अपनी गाड़ियों के दाम में 3 प्रतिशत की कटौती का ऐलान कर दिया। इस ऐलान के बाद मारुति की 5 लाख की गाड़ी अब 15 हजार रुपये सस्ती हो गई।

कंपनी के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि कीमतें घटेंगी, लेकिन कितनी, इस पर अभी काम चल रहा है। एक अधिकारी ने कहा, ‘अभी विभिन्न राज्यों में अलग-अलग टैक्स हैं और आखिरी आंकड़ा निकाला जा रहा है। आज यानी शनिवार को नई कीमतें तय हो जाएंगी।’टोयोटा इंडिया ने कहा कि जीएसटी रेट के मुताबिक, फॉर्च्युनर एसयूवी की कीमत 2.1 लाख रुपये कम हो गई है।

दूसरी ओर, इनोवा मल्टि-परपस भी 90 हजार रुपये सस्ता होगा। टोयोटा इंडिया में सेल्स और मार्केटिंग डायरेक्टर एन राजा ने कहा, ‘हम कीमत घटने का फायदा बाजार को देंगे। हालांकि, कैमरी हाइब्रिड के दाम बढ़ेंगे।’हीरो मोटो के बाइक्स और स्कूटरों की कीमतें भी 5 प्रतिशत घटने की उम्मीद है। वहीं, होंडा मोटरसाइकल ऐंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) भी कीमतें घटा रहा है। 

जीएसटी : रिवर्स चार्ज में रिलीफ जानने के लिए देखिए वीडियो

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कोटा। जीएसटी शुक्रवार आधी रात से लागू हो चुका है। परन्तु अभी तक भी जीएसटी में रिवर्स चार्ज में रिलीफ को लेकर करदाता डीलर्स असमंजस और भ्रम की स्थिति में हैं। करदाता डीलर्स की उलझन को देखते हुए LEN-DEN NEWS ने  सीनियर टैक्स कंसल्टेंट श्री अनिल काला से बातचीत की। यह वीडियो जीएसटी लॉन्च होने के कुछ समय पहले ही तैयार किया गया था।

साथ ही हमारे LEN-DEN NEWS चैनल पर दिखाए गए वीडियो के बाद काफी डीलर्स ने हमें हमारे वाहट्सएप्प पर भी जो जानकारी मांगी थी, वह भी इस वीडियो में दिखाई गई है। हाँ तो आप देखते रहिये हमारा न्यूज़ पोर्टल। आप हमें youtube.com, google plus, facebook.com & twitter पर भी फॉलो कर सकते हैं।  देखिए वीडियो —-

इस समाचार के साथ आपको रिवर्स चार्ज और जीएसटी की दरों की पीडीएफ फाइल भी अटैच की गई है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करेंगे तो फाइल खुल जाएगी। इन फाइल में इनवायस कैसे बनानी है इसके बारे में भी जानकारी दी गई है। 

बिल का प्रफोर्मा देखने के लिए यहाँ पर क्लिक करें

एचएसएन कोड जीएसटी रेट्स देखने के लिए यहाँ पर क्लिक करें

आधी रात से लागू हुआ जीएसटी, अब एक देश और एक टैक्स

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नई दिल्ली।  संसद के सेंट्रल हॉल से पूरे देश में शुक्रवार को आधी रात से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू करने की घोषणा कर दी गई है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने जीएसटी की घंटी बजाकर पूरे देश में एक टैक्स लागू होने की घोषणा की। 

देश के अब तक के सबसे बड़े कर सुधार की लॉन्चिंग का ऐतिहासिक मौका आ गया। तारों से सजी इस रात में इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को देश के सभी लोगों की साझी विरासत करार दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह किसी एक दल या सरकार की सिद्धि नहीं है। यह हम सभी के प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने कहा, ‘यह एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पर सालोंसाल चर्चा हुई है। मौजूदा और पूर्व के सांसदों ने इस पर लगातार बात की है।

इस सतत प्रयास का ही परिणाम है कि हम आज जीएसटी को साकार होते देख रहे हैं। जब संविधान बना तो देश के लिए समान अधिकार और समान अवसर की व्यवस्था खड़ी हुई। आज जीएसटी एक तरह से सभी राज्यों के मोतियों को एक धागे में पिरोने का काम कर रहा है।’

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘जीएसटी सहकारी संघीय ढांचे की एक मिसाल है। जीएसटी इस बात का प्रतीक का है कि टीम इंडिया की एकजुटता का क्या परिणाम हो सकता है।’

जीएसटी लांच के मौके पर शुक्रवार की रात को सजाया गया संसद भवन

उन्होंने कहा कि किसी की भी या कहीं की भी सरकार हो, लेकिन सभी ने जीएसटी में आम लोगों के हितों का ध्यान रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन-जिन लोगों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, मैं उन सभी को बधाई देता हूं।

मोदी ने गीता से की जीएसटी की तुलना
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले आज काउंसिल की 18वीं बैंठक हुई। मोदी ने कहा कि गीता के भी 18 अध्याय थे और जीएसटी काउंसिल की भी 18 मीटिंगें हुई हैं।

उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था को लेकर तमाम आशंकाएं थीं, लेकिन इसे तमाम प्रयासों के बाद लागू किया जा सका है। चाणक्य का उद्धरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कोई वस्तु कितनी ही दूर हो या कठिन हो, लेकिन तपस्या के जरिए उसे पाया जा सकता है।

पटेल ने जोड़े सभी राज्य, अब होगा टैक्स का एकीकरण
पीएम उन्होंने कहा कि देश की आजादी के वक्त सरदार पटेल ने जिस तरह 500 से ज्यादा रियासतों को मिलाकर एक किया था, उसी तरह जीएसटी के जरिए देश का एकीकरण हो रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 500 से ज्यादा टैक्सों का विलय हो जाएगा। अब गंगा नगर से ईटानगर एक टैक्स, एक देश का नारा गूंजेगा।

 17 टैक्सों की जगह लेगा जीएसटी
जीएसटी लॉन्चिंग के ऐतिहासिक कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी के ढांचे को आम आदमी की उम्मीदों के मुताबिक तैयार किया गया है। इसमें राज्यों और केंद्र के राजस्व संग्रह के साथ ही यह भी ध्यान रखा गया कि आम लोगों पर बहुत बोझ न पड़े।

जेटली ने कहा कि देश में अब तक 17 अप्रत्यक्ष कर थे, जिन्हें समाप्त कर दिया गया है और एक ही टैक्स होगा। उन्होंने कहा कि कारोबारियों को अब अलग-अलग चैनलों पर संपर्क करने की बजाय सिर्फ एक बार ही ऑनलाइन टैक्स भरना होगा।

जीएसटी की विशेषता यह है कि इससे टैक्स के ऊपर टैक्स नहीं लगेगा। इसका लाभ यह है कि इनपुट पर दिए गए टैक्स का लाभ आपको आउटपुट पर मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे जो बचत होगी, वह गरीब तबके के कल्याण में खर्च हो सकेगी।

इस मेगा शो में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी दैवेगौड़ा और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन समेत मंत्री और सांसद मौजूद थे। 

IIT-JEE एग्जाम में ग्रेस नंबर क्यों दिए : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि आईआईटी के पेपर देने वाले सभी छात्रों को ग्रेस नंबर क्यों दिए गए। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास आईआईटी और केंद्र को नोटिस जारी करके इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि ग्रेस नंबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी जिसमें कहा गया है कि आईआईटी ने उन छात्रों को भी ग्रेस अंक दिए हैं, जिन्होंने गलत सवालों को हल करने का प्रयास ही नहीं किया, जबकि ग्रेस अंक सिर्फ उन छात्रों को मिलने चाहिए, जिन्होंने इन गलत सवालों को छोड़ने की जगह हल करने की कोशिश की।

याचिका में कहा गया कि इन ग्रेस अंकों से मेरिट लिस्ट प्रभावित हुई है और बहुत छात्रों पर असर पड़ा है। इसलिए दोबारा से मेरिट लिस्ट तैयार की जाए। गौरतलब है कि आईआईटी ने केमिस्ट्री के एक गलत सवाल के लिए 3 ग्रेस अंक और गणित के गलत सवाल के लिए 4 ग्रेस अंक दिए हैं। ये अंक सभी को दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी में दाखिले को लेकर चल रही काउंसलिंग पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि इस बार आईआईटी मद्रास को आईआईटी-जेईई परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।

GST: खाद पर 12 के बजाए 5 फीसदी लगेगा टैक्स

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नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने से पहले दिल्ली में शुक्रवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में सरकार ने किसानों को खुशी दे दी है। खेती के लिए प्रयोग में आने वाले फर्टिलाइजर और ट्रैक्टर के पार्ट्स के टैक्स स्लैब की दर को कम कर दिया है। 

काउंसिल ने फर्टिलाइजर पर 5 फीसदी और ट्रैक्टर पार्ट्स पर 18 फीसदी स्लैब दर तय कर दी है। पहले ये दर 12 और 28 फीसदी थी। इससे किसानों पर टैक्स का बोझ कम पड़ेगा। काउंसिल द्वारा लिए गए निर्णय की घोषणा खुद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने की। 

केवल बीज पर नहीं लगेगा टैक्स
जीएसटी काउंसिल ने किसानों को केवल बीज खरीदने पर अतिरिक्त टैक्स देने से राहत दी है। बीज पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगाया गया है। हालांकि इससे किसानों को राहत नहीं मिलेगी। खेती करने के लिए किसानों को कई तरह अन्य वस्तुएं भी चाहिए होती हैं, जिनको जीएसटी काउंसिल ने 12 से 28 फीसदी टैक्स स्लैब में रखा है। 

इन पर लगेगा टैक्स
जीएसटी काउंसिल ने फर्टिलाइजर्स और ट्रैक्टर पर 12 और 28 फीसदी टैक्स लगाया था। इसके अलावा पेस्टीसाइड पर 18 फीसदी टैक्स लगाया है। पेस्टीसाइड का इस्तेमाल किसान फसल को कीड़ों से बचाने के लिए करते हैं। सिंचाई के लिए प्रयोग होने वाले रबर और प्लास्टिक पाइप पर 28 फीसदी टैक्स लगेगा। 

एक बीघे की खेती पर इतना पड़ेगा असर
मान लिजिए अगर किसान के पास एक बीघा जमीन है तो उसे लागत में 360 रुपये अतिरिक्त खर्चा पड़ेगा। अभी किसान को 680 रुपये का यूरिया पड़ता है जो जुलाई से 720 रुपये का हो जाएगा। वहीं डाई पर 1050 रुपये से बढ़कर 1300 रुपये देने होंगे। इसी तरह जिंक 250 से 270 रुपये और कीटनाशक 550 से 600 रुपये देने होंगे। इस हिसाब से देखा जाए तो हर एक बीघे पर 360 रुपये अतिरिक्त खर्चा आएगा।