Friday, July 3, 2026
Home Blog Page 5787

GST फैक्ट्स: जिनसे अनजान हैं करदाता डीलर

0

नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर कानून एक जुलाई से देशभर में लागू हो गया है। जानकारों की मानें तो जीएसटी केंद्र और राज्य स्तर पर 17 तरीके के टैक्स और 23 तरीके के सेस खत्म कर देगा। यह सेंट्रल टैक्स के साथ कुछ ड्यूटी जैसे कि एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, काउंटर वेलिंग ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी) और सेंट्रल चार्ज, सेस के साथ साथ कुछ स्थानीय राज्य करों को भी खत्म कर देगा।

कुछ ऐसे मद होंगो जिनमें दोहरा कर मसलन स्टेट/ यूनियन टेरिरिटी जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी दोनों लगेंगे। इसके अलावा, अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) लगाया जाएगा जो कि सीजीएसटी और एसजीएसटी/यूटीजीएसटी का सम होगा। पेट्रोलियम उत्पादों अर्थात् पेट्रोलियम क्रूड, हाई स्पीड डीजल, मोटर स्प्रिट, विमानन टरबाइन ईंधन और प्राकृतिक गैस को आने वाले दिनों में जीएसटी के अंतर्गत लाया जाएगा।

ऐसी तारीख से जीएसटी के दायरे के तहत लाई जाएगी, जिसे अधिसूचित किया जा सकता है, इसकी तारीख के बारे में जल्द ही परिषद की सिफारिश पर घोषणा की जा सकती है। वहीं एल्कोहल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।हम आपको जीएसटी से जुड़ी विशेष जानकारी देने की कोशिश करेंगे, जो आपको जाननी ही चाहिए…

क्या है जीएसटी?

जीएसटी पूरे देश में लागू एक अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है और इसका उद्देश्य पूरे देश में एक बाजार की स्थापना करना है। यह वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति पर लगने वाला एकल कर है, जो कि मैन्यूफैक्चरर से लेकर कंज्यूमर तक से वसूला जाएगा। हर चरण पर किए गए कर भुगतान पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा मिलेगा। ऐसे में जीएसटी में किसी वस्तु पर उतना ही टैक्स लगेगा जितना की उसकी कीमत बढ़ेगी।

क्या हैं जीएसटी के फायदे?

जीएसटी के कई स्तर पर फायदे देखे जा सकते हैं।

बिजनेस और इंडस्ट्री के लिए

-ईजी कंप्लाइंस: एक मजबूत और व्यापक आईटी प्रणाली भारत में जीएसटी शासन की नींव होगी। इसलिए, सभी करदाता सेवाओं जैसे पंजीकरण, रिटर्न, भुगतान आदि करदाताओं के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगे जो अनुपालन को आसान और पारदर्शी बनाएगा।

कर की दरों और उनकी संरचना में एकरूपता: जीएसटी यह सुनिश्चित करेगी कि अप्रत्यक्ष कर दरों और संरचनाएं देश भर में आम हैं जिससे व्यापार करने में निश्चितता और आसानी हो रही है।

प्रतिस्पर्धा  बढ़ाएगा: कारोबार के दौरान लेनदेन लागत में कमी व्यापार और इंडस्ट्री में बेहतर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी।

निर्माता और निर्यातकों के लिए लाभ:जीएसटी में प्रमुख केंद्रीय और राज्य करों को समाहित करने से, इनपुट गुड्स एंड सर्विसेज का पूर्ण और व्यापक सेट-ऑफ और केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) से बाहर होने से स्थानीय स्तर पर निर्मित माल और सेवाओं की लागत में कमी आएगी।

उपभोक्ताओं को फायदा: केंद्र और राज्य द्वारा लगाए गए कई अप्रत्यक्ष करों के कारण, जिनमें वैल्यू एडिशन की प्रोग्रेसिव स्टेज पर किसी भी तरह का इंकंप्लीट और कोई भी इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं है। देश में अधिकांश वस्तुओं एवं सेवाओं की लागत आज कई छिपे हुए करों से कारण ज्यादा है। जीएसटी के तहत, निर्माता से लेकर उपभोक्ता तक सभी को केवल एक ही कर चुकाना होगा जो कि टैक्स के मामले में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।

टैक्स के बोझ से राहत: इफीसिएंशी गेन और रिसाव की रोकथाम के कारण अधिकांश वस्तुओं पर कुल कर का बोझ कम हो जाएगा,जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा।

जीएसटी के आने के बाद केंद्र और राज्य स्तर के कौन कौन से कर खत्म हो जाएंगे?

जीएसटी के बाद ये निम्नलिखित टैक्स खत्म हो जाएंगे

केंद्र स्तर पर ये कर होंगे खत्म

 सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, (काउंटरवेलिंग ड्यूटी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम

राज्य स्तर पर खत्म होंगे ये कर

स्टेट वैल्यू एडेड टैक्स/सेल्स टैक्स, मनोरंजन कर, ऑक्ट्रॉय, और एंट्री टैक्स, पर्चेज टैक्स, लग्जरी टैक्स, लॉटरी, बैटिंग और गैंबलिंग पर टैक्स

 क्या हैं जीएसटी की दरें?

इसके अंतर्गत जीएसटी की पांच दरें काउंसिल की ओर से प्रस्तावित की गई हैं। 0,5,12,18,28 फीसद।

वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति पर केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) एक साथ कैसे लगाया जाएगा?

 वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति के हर लेनदेन पर केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी एक साथ लगाए जाएंगे, छूट के दायरे में आने वाले और जीएसटी से बाहर के सामानों को छोड़कर। साथ ही 20 लाख टर्नओवर से कम सीमा वाले पहलू का भी इसमें ध्यान रखा जाएगा।

 जीएसटी के तहत रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रियाओं की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

  •  जीएसटी के तहत रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रियाओं की प्रमुख विशेषताएं निम्न हैं
  •  कॉमन रिटर्न केंद्र और राज्य दोनों के ही उद्देश्यों की पूर्ति करेंगे।
  •  जीएसटी बिजनेस प्रोसेस में रिटर्न फाइलिंग के लिए आठ तरह के फॉर्म उपलब्ध करवाए गए हैं।
  • अधिकांश करदाता अपने रिटर्न दाखिल करने के लिए केवल चार रूपों का उपयोग करेंगे।
  • ये आपूर्ति के लिए वापसी, खरीद के लिए वापसी, मासिक रिटर्न और वार्षिक रिटर्न हैं।
  •  वहीं छोटे करदाता जिन्होंने कंपोजीशन स्कीम ले रखी है उन्हें तिमाही आधार पर रिटर्न फाइल करना होगा।
  • रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और ऑनलाइन माध्यम से ही टैक्स का भुगतान किया जाएगा।

AIIMS ने जारी किए एमएससी 2017 के रिजल्ट

नई दिल्ली। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसे़ज़ (AIIMS) ने मास्टर ऑफ साइंस (MSc) के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। 26 जून 2017 को हुए एंट्रेंस एग्जाम के रिजल्ट को ऐम्स के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

चयनित स्टूडेंट्स को इसके बाद काउन्सलिंग के पहले राउंड के लिए बुलाया जाएगा। एक अगस्त को होने वाली काउन्सलिंग में हर कैटिगरी में तय सीट से आठ गुना कैंडिडेट्स को बुलाया जाएगा। यह काउन्सलिंग AIIMS नई दिल्ली में होगी। पहली काउन्सलिंग के बाद सीट नहीं भरने पर अन्य क्वालिफाइड स्टूडेंट्स को काउन्सलिंग के लिए बुलाया जा सकता है।

कैसे चेक करें रिजल्ट
रिजल्ट को aiimsexams.org पर जाकर चेक कर सकते हैं। फॉर्मेट में सभी जरूरी डिटेल्स भरने के बाद सब्मिट कर दें और रिजल्ट डिसप्ले हो जाएगा। आगे के रेफरेंस के लिए रिजल्ट को डाउनलोड कर प्रिंट भी ले सकते हैं।

अपना रिजल्ट यहाँ चैक करें

फरवरी 18 में होगी GATE परीक्षा, आईआईटी गुवाहाटी करेगी कन्डक्ट

नई दिल्ली ।  ग्रैजुएट ऐप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2018 परीक्षा का आयोजन आईआईटी गुवाहाटी करेगी। यह परीक्षा अगले साल 3-4 फरवरी और 10-11 फरवरी को आयोजित होगी। गेट ऑनलाइन ऐप्लिकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) वेबसाइट एक सितंबर से इनरोलमेंट, ऐप्लिकेशन और सबमिशन का विकल्प खोल देगी।

इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन अगले महीने तक आने की संभावना है। आईआईटी गुवाहाटी ने पिछली बार 2010 में गेट परीक्षा का आयोजन किया था। वहीं इस वर्ष आईआईटी रुड़की ने इस परीक्षा का आयोजन किया था। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट gate.iitg.ac.in पर डिटेल नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।

GATE के माध्यम से ही अभ्यर्थी सभी आईआईटी, एनआईटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज़ (IIS) के पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स में ऐडमिशन लेते हैं। हर एक साल तकरीबन 10 लाख कैंडिडेट्स इस परीक्षा में बैठते हैं। वहीं GATE के अलावा आईआईटी बॉम्बे MSc (JAM) 2018 में जॉइंट ऐडमिशन के लिए परीक्षा का आयोजन करेगा। इसकी तारीख अभी रिलीज़ नहीं हुई है।

जीएसटी इम्पेक्ट: टाटा मोटर्स, रॉयल एनफील्ड, महिंद्रा ने घटाए गाड़ियों के दाम

मुंबई। जीएसटी के लागू हो जाने के बाद से ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम कर रही कई कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में कमी करने की घोषणा कर रही हैं। अभी तक मारूति, टीवीएस, होंडा मोटर्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने कई मॉडल की कीमतों में कमी या फिर इजाफा कर दिया है।

बुधवार को भी यह सिलसिला जारी रहा और टाटा मोटर्स, रॉयल एनफील्ड और महिंद्रा ने अपने वाहनों की कीमतों में कमी करने की घोषणा कर दी है।

रॉयल एनफील्ड ने घटाए अपने इन मॉडल के दाम
बुलेट बनाने वाली रॉयल एनफील्ड ने अपने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में जीएसटी लागू होने के बाद कई मॉडलों की कीमतों में बदलाव किया है। कंपनी द्वारा मार्केट में बेची जा रही 350सीसी से नीचे के मॉडल के प्राइस में कमी कर दी है, वहीं इससे ज्यादा सीसी वाली बुलेट के प्राइस काफी बढ़ गए हैं।

बेस मॉडल के प्राइस में 1661 रूपए से लेकर 2211 रुपए तक की कमी की गई है जबकि कुछ की कीमतें 301 रुपए से लेकर 2717 रुपए बढ़ गई हैं। कंपनी के सबसे लोकप्रिय मॉडल बुलेट 350 की कीमत 1661 रुपए घटकर 126264 रुपए रह गई है। बुलेट इलेक्ट्रा का दाम 2211 कम होकर 141670 रुपए रह गया है। क्लासिक 350 और थंडर बर्ड 350 की कीमत क्रमश: 2015 और 2165 रुपए कम हुई है।

हिमालयन वेरिएंट हुआ महंगा
कंपनी की फेमस बाइक्स में शुमार हिमालयन का दाम 2717 रुपए से बढ़कर 184154 रुपए हो गया है। कन्टिनेंटल जी.टी. की कीमत 301 रुपए बढ़कर 231637 रुपए हो गई है।

क्लासिक 500, बुलेट 500 और थंडर बर्ड के दाम में क्रमश: 1490, 1169 तथा 1359 रुपए की बढ़ौतरी हुई है। क्लासिक डेजर्ड स्ट्रॉम और क्लासिक क्रॉन की कीमत में क्रमश: 1635 और 1470 रुपए बढ़ी है। 
 
टाटा मोटर्स
टाटा मोटर्स ने भी अपनी गाड़ियों के दामों में 2.17 लाख रुपये तक की कमी करने की घोषणा कर दी है। कंपनी के प्रेसीडेंट मयंक पारीक ने कहा कि हमने अपनी कई गाड़ियों की कीमतों में 12 फीसदी तक की कमी कर दी है। इस हिसाब से गाड़ियों की कीमतों में 3300 रुपये से लेकर के 217000 रुपये की कमी की गई हैं। 

टाटा मोटर्स भारत में 1.7 लाख रुपए से 18 लाख रुपए तक के वाहन भारत में बेचती है। इसमें टाटा नैनो से लेकर हेक्‍सा तक शामिल है। टाटा के पास नैनो, इंडिका, इंडिगो सीएस, जेस्‍ट, टियागो, टिगोर, सूमो, सफारी, हेक्‍सा जैसी गाड़ियों के मॉडल शामिल हैं। जहां नैनो की शुरूआत 1.7 लाख रुपए से होती है तो वहीं हेक्‍सा का टॉप मॉडल 17.8 लाख रुपये की कीमत का है।

महिंद्रा ने घटाए यूटिलिटी वाहनों के दाम
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी एसयूवी की कीमतें घटा दी हैं। कंपनी ने ग्राहकों को गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स यानि जीएसटी का फायदा देते हुए एसयूवी के दाम में करीब 7 फीसदी तक की कटौती की है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने छोटी कारों के दाम में औसतन 1.4 फीसदी की कटौती की है। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने छोटे कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.1 फीसदी की कटौती की है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने हाइब्रिड गाड़ियों के दाम में हल्की बढ़ोतरी की है। 

सर्विस पीएमआई आठ महीने के उच्चतम स्तर पर

0

नई दिल्ली । भारत का सर्विस पीएमआई (पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स) आठ महीने की ऊंचाई के साथ जून महीने में 53.1 पर पहुंच गया, जबकि मई महीने के दौरान यह 52.2 रहा था। यह लगातार पांचवे महीने का विस्तार है, क्योंकि देश के भीतर बिजनेस के लिहाज से वातावरण में तेजी से सुधार हो रहा है।

आईएचएस मार्किट ने बताया कि इसके अलावा रोजगा सृजन भी 47 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है।आईएचएस मार्किट की इकोनॉमिस्ट और इस रिपोर्ट की लेखिका पॉलियामा डि लीमा ने बताया, “इससे पता चलता है कि साल 2017 के शुरुआती तीन महीनों में दिखे स्लोडाउन के बाद जीडीपी तेज ग्रोथ की ओर लौट सकती है।

जून महीने के लिए सर्विस सेक्टर के नतीजे उस पीएमआई सर्वे के मुकाबले बेहतर जान पड़ते हैं, जिसने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्लोडाउन के संकेत दिए हैं। सेवा क्षेत्र की गतिविधि और नए कारोबार के प्रवाह का विकास ने मांग की स्थितियों में तेजी पैदा की है। साथ ही इसने विपणन (मार्केटिंग) प्रयासों को फलीभूत किया है।”

इस रिपोर्ट मे आगे कहा गया, “जून में सेवाओं की गतिविधि में वृद्धि तेज थी और नए कारोबार के प्रवाह में भी मजबूत वृद्धि हुई। इस सर्वे के प्रतिभागियों के मुताबिक मांग की स्थिति बेहतर हुई है और विपणन प्रयासों से नए कामों को सुरक्षित करने में मदद मिली है। फक्ट्री ऑर्डर में भी तेजी आई है।”

80 के हो तो पैन से आधार लिंक कराना जरूरी नहीं

0

नई दिल्ली। आयकर विभाग में आपकी नुमाइंगदी करने वाले पर्मानेंट अकाउंट नंबर (पैन) को आधार नंबर के साथ जोड़ना 1 जुलाई से अनिवार्य कर दिया दिया है, लेकिन ऐसा करना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। सरकार ने देश के कुछ विशेष वर्ग को कुछ शर्तों के साथ ऐसा करने से छूट प्रदान की है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सेक्शन 139AA को वैध ठहराने की घोषणा की थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 11 मई 2017 को जारी किए गए अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया था कि जिन्हें आधार से अपने पैन को अनिवार्य रूप से जोड़ने से छूट दी गई है उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 139एए के दायरे से बाहर रखा गया है।

सीबीडीटी ने अपने नोटिफिकेशन में कहा था कि आयकर अधिनियम की धारा (सेक्शन) 139AA निम्नलिखित पर लागू नहीं होती है –

  • आयकर कानून के अनुसार अनिवासी भारतीयों के रूप में वर्गीकृत लोग।
  • जो भारत के नागरिक न हों।
  • टैक्स इयर के दौरान अगर किसी की आयु 80 वर्ष या इससे ज्यादा हो।
  • असम, मेघालय और जम्मू और कश्मीर राज्यों के निवासी।

आयकर अधिनियम की नई धारा 139AA कहती है कि 1 जुलाई 2017 तक हर वो व्यक्ति जिसे पैन अलॉट किया गया है और वो जो आधार नंबर प्राप्त करने का पात्र है उसे कर अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी देनी होगी। अगर आप अपने पैन को आधार से नहीं जोड़ते हैं तो वह अमान्य भी हो सकता है। हालांकि ऐसा करने की अंतिम तारीख की घोषणा अभी तक सरकारी की ओर से नहीं की गई है।

कोटा के सिनेमॉल में पीवीआर का 3D सिनेमा लॉन्च

कोटा। पीवीआर सिनेमा ने मंगलवार को कोटा के सिनेमॉल में अपने पहले थ्री स्क्रीन मल्टीप्लेक्स के शुभारम्भ की घोषणा की। पीवीआर ने यह नई स्क्रीन अपने लग्जरियस और आरामदायक इंटीरियर के साथ अति आधुनिक  साउंड और प्रोजलेशन के साथ लॉन्च किया। 

पीवीआर सिनेमा के CEO गौतम दत्ता ने बताया कि इस लॉन्च के साथ राजस्थान में  पीवीआर की प्रॉपर्टी संख्या 7 हो गई है ।  देश के उत्तरी क्षेत्र की  46 प्रॉपर्टी में 197 स्क्रीन हो गई है।  828 सीटों की  बैठने की क्षमता के साथ 30,000 वर्ग फीट में फैला यह एकदम नया मल्टीप्लेक्स शहर का पहला ऐसा सिनेमा होगा,  जिसमें  3D टेक्नोलॉजी होगी ।

दत्ता ने बताया कि जयपुर और जोधपुर के बाद कोटा राजस्थान का सबसे बड़ा शहर है, जो कोटा स्टोन और कोटा साड़ी के लिए प्रसिद्ध है। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह देश का प्रमुख कोचिंग हब है, जहां बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग और मेडिकल इंस्टिट्यूट  होने से  पीवीआर लॉन्च के लिए प्रेरित किया। 

रोटरी सभागार में शॉप विद संगिनी का शुभारम्भ

कोटा| जेएसजी संगिनी ग्रुप की ओर से आयोजित  शॉप विद संगिनी मेले का शुभारंभ मंगलवार को डिप्टी मेयर सुनीता व्यास, सुनीता-अशोक पाटनी एवं जेएसजी आईएफ सचिव अनिल काला ने किया । इसमें देश के विभिन्न शहरों की 35 स्टॉल लगी हैं 

ग्रुप की अध्यक्ष चंदन टोंग्या, सुनीता जैन ने बताया कि शॉप विद संगिनी का उद्देश्य महिलाओं की प्रतिभा को आगे लाना है। सचिव निकिता जैन ने बताया कि लगातार चौथी बार शॉप विद संगिनी का आगाज रोटरी बिनानी सभागार में 5 जुलाई तक सुबह 11 बजे से 8 बजे तक होगा।

प्रोजेक्ट चेयरपरसन सुनीता जैन एम्बीशन ने बताया कि शॉप विद संगिनी में देश से मुंबई, दिल्ली, जयपुर, इंदौर, बैंगलोर, झालरापाटन, सूरत, राजकोट और अन्य कई शहरों के व्यापारी अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रहे हैं। प्रोजेक्ट एडवाइजर स्मिता पाटनी ने बताया कि शॉप विद संगिनी से होने वाली आय सामाजिक काम किया जाता है।

4 जुलाई को ग्रुप द्वारा गोटा ज्वेलरी एवं बैंगल्स अरेंजमेंट की प्रतियोगिता हुई। जिसमें गोटा ज्वेलरी में हर्षिता साबू ने प्रथम पुरस्कार और पूजा सेठिया ने द्वितीय पुरस्कार अर्जित किया। बैंगल्स अरेंजमेंट की प्रतियोगिता में दक्षा ने प्रथम और द्वितीय पुरस्कार विजेता नीता भाटिया रही।

5 जुलाई को हेयर स्टाइल एसेसरीज एवं स्टाइलिश मोबाइल कवर की आकर्षक प्रतियोगिताएं हारेगी। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष बीना बिलाला, सचिव दक और निर्मला बडज़ात्या सहित कई संगिनियां मौजूद रही।

GST: पुराने तरीके से बिल बनाने पर दुकानदारों को देना होगा टैक्स का डिफरेंस

0

नई दिल्ली। जीएसटी लागू होने के बाद भी टैक्स का डिफरेंस दुकानदार को देना होगा। कई दुकानदारों ने खासतौर से कपड़े के व्यापारियों ने सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं कराया है। साथ ही दुकानदारों को ए, बी, सी और डी कैटिगरी में बांटा जाएगा।

जीएसटी काउंसिल के एक सीनियर अफसर ने बताया कि जो दुकानदार पुराने तरीके से बिल बना रहे हैं अगर उस प्रॉडक्ट पर जीएसटी अधिक लगा है तो टैक्स के अंतर को दुकानदार को ही भरना होगा, ग्राहक को नहीं। उनका कहना था कि ग्राहक तो माल खरीदकर या फिर रेस्तरां से खाना खाकर चला जाएगा। इसके बाद दुकानदार किस ग्राहक से बढ़े हुए जीएसटी का डिफरेंस लेगा।

अधिकारी ने बताया कि मार्केट में सॉफ्टवेयर उपलब्ध है। कुछ दुकानदार जानबूझकर इसे अपडेट नहीं करा रहे हैं या फिर इसमें लापरवाही बरत रहे हैं।अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद से जो भी दुकानदार पुरानी बिल बुक से बिल काट रहे हैं वह गलत है। ऐसा करने वाले दुकानदार जब रिटर्न दाखिल करेंगे तो इसमें इसका पता लग जाएगा।

दुकानदारों को ए, बी, सी और डी कैटिगरी में बांटा जाएगा। मसलन, जो दुकानदार अपना टैक्स और रिटर्न समय पर भरेगा उसे सबसे अच्छी रैंकिंग दी जाएगी। इसी तरह से ए से शुरू होकर यह रैंकिंग डी तक जाएगी। दुकानदारों के इस डेटा को ऑनलाइन शेयर किया जाएगा। अगर कोई दुकानदार इनमें से किसी से बिजनस की कोई डीलिंग करना चाहता है, तो वह उसकी रैंकिंग देखकर डील कर सकता है। 

मोदी इफेक्ट: अमेरिका के 53 हवाई अड्डों पर भारतीयों को जांच में मिलेगी ये छूट

0

वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अमेरिका के दौरे पर गए थे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था। दोनों नेताओं ने अपने साझा बयान में भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों को नए स्तर पर पहुंचाने का वादा किया था। अब इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, अमेरिका ने भारतीय नागरिकों को अपने ‘ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम’ में शामिल कर लिया है।

इसके तहत अब भारतीय नागरिकों को अमेरिका में प्री-अप्रूवल, लो-रिस्क ट्रेवलर्स का दर्जा मिलेगा। अमेरिका में भारतीय राजदूत नवतेज सरना इसका लाभ उठाने वाले पहले भारतीय बने। इसके साथ ही भारत अमेरिका की ‘ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम’ लिस्ट में शामिल होने वाला दुनिया का 11वां देश बन गया है।

इस प्रोग्राम में शामिल होने के बाद अब भारतीय नागरिकों को अमेरिका के कुछ चुनिंदा हवाई अड्डों पर प्री-अप्रूवल के बाद सीधे एंट्री मिलेगी और उन्हें कस्टम अधिकारियों के सवालों का सामना नहीं करना पड़ेगा। ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम का लाभ उठाने के लिए भारतीय नागरिकों को अपने फिंगरप्रिंट्स, पासपोर्ट सहित कुछ अन्य कागजात उपलब्ध कराने होंगे।

गौरतलब है कि अमेरिका में ‘ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम’ के तहत कुल 53 हवाई अड्डे और 15 प्री-अप्रूवल लोकेशन हैंशामिल हैं। भारत के अलावा यह सुविधा अर्जेंटीना, कोलंबिया, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड, पनामा, सिंगापुर, स्विजरलैंड जैसे देशों के नागरिकों को मिल रही है।