Monday, June 22, 2026
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सेंसेक्स 276 अंकों की बढ़त के साथ 31,593.39 के उच्चस्तर पर

मुंबई। वैश्विक बाजारों के मजबूत रख और घरेलू निवेशकों की लिवाली से बुधवार को बंबई शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा और सेंसेक्स 276 अंक और सुधरा।

इन्फोसिस और डॉ. रेड्डीज के शेयरों में लाभ से भी बाजार की धारणा को बल मिला। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी एक बार फिर 9,800 अंक के स्तर को पार कर गया।

कारोबारियों ने कहा कि मजबूत वैश्चिक रुख और लगातार चले लिवाली के सिलसिले से बाजार में बढ़त रही। इसके अलावा हालिया नुकसान वाले इन्फोसिस के शेयर में लिवाली गतिविधियां देखने को मिलीं।

बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयर भी लाभ में रहे। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स आज पूरे समय सकारात्मक दायरे में रहने के बाद 31,593.39 अंक के उच्चस्तर तक पहुंचा।

अंत में यह 276.16 अंक या 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 31,568.01 अंक पर बंद हुआ। कल सेंसेक्स 33 अंक के हल्के सुधार के साथ बंद हुआ था। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 86.95 अंक या 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,852.50 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान इसने 9,857.90 अंक का उच्चस्तर और 9,786.75 अंक का निचला स्तर भी छुआ। डॉ. रेड्डीज का शेयर 2.25 प्रतिशत चढ़ गया। इन्फोसिस का शेयर आज नंदन नीलेकणि के कंपनी के प्रमुख पद पर लौटने की अटकलों के बीच 1.98 प्रतिशत चढ़कर 894.50 रपये पर पहुंच गया।

राजस्थान पिलाएगा जैतून के पत्तों की चाय

ये रक्त कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और गर्भाशय कैंसर आदि से बचाव में मददगार है

-दिनेश माहेश्वरी
कोटा। राजस्थान देश भर के चाय प्रेमियों को शीघ्र ही ग्रीन टी का विकल्प उपलब्ध कराने वाला है। इसे जैतून के पत्तों से बनाया गया है। राज्य के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने बताया कि ओलिटिया ब्रांड नाम से इस चाय को बहुत जल्दी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पेश करने वाली हैं।

उन्होंने यहां हमारे  LEN-DEN NEWS चैनल को कहा कि ‘प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जैसे ही मुख्यमंत्री के पास समय होगा, इसे पेश कर दिया जाएगा। यह देश और दुनिया में पहली बार होगा जब जैतून के पत्तों से तैयार ग्रीन टी का विकल्प पेश किया जाएगा।’ सैनी ने बताया कि राजस्थान में इजरायल की मदद से 2007 में जैतून की खेती शुरू की गई थी।

अभी राज्य में पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर इसकी खेती होती है। उन्होंने कहा, ‘हमने तब से काफी प्रगति की है। एक जैतून परिशोधन संयंत्र बीकानेर में शुरू हो चुका है और यह भी देश का पहला ऐसा संयंत्र है। हमने जैतून के शहद का भी उत्पादन शुरू किया है।’

यह पूछे जाने पर कि जैतून की चाय के उत्पादन का विचार कैसे आया, उन्होंने कहा, ‘मैं खुद कृषि से पीएचडी हूं, मुझे मालूम है कि जैतून के पत्ते स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। मैंने इस पर अध्ययन करने का निर्णय लिया और तब इस बारे में प्रयोगशाला परीक्षण किया गया।’ उन्होंने प्रयोगशाला में हुए परीक्षणों के परिणाम के कई दस्तावेज भी दिखाया। जु

लाई में हुए एक परीक्षण से पता चला कि जैतून के पत्तों में कई एंटी-ऑक्सीडेंट एवं अन्य अवयव मौजूद हैं। उन अवयवों में से एक लुटेओलिन है। रिपोर्ट के अनुसार, लुटेओलिन सूजनकारी विषाणुओं को खत्म करता है। लुटेओलिन ऑक्सीजन अपमार्जक भी है।’

मंत्री ने कहा कि प्रयोशाला के परिणाम ने इन एंटी-ऑक्सीडेंट की उपस्थिति प्रमाणित की है। ये रक्त कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और गर्भाशय कैंसर आदि से बचाव में मददगार है। अध्ययन और प्रयोशाला परीक्षण में जैतून के पत्तों के इन गुणों का पता चलने पर उन्हें प्रसंस्कृत करने का निर्णय लिया गया।

यह मानसिक तनाव एवं दिल के मरीजों के लिए भी लाभदायक है। चाय के पैकेटों पर बताया गया है कि इसमें कैफीन नहीं है और यह रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाता है। यह थकान भी कम करता है तथा बुढ़ापे से भी बचाता है। उहोंने बताया कि यह चाय एक्जोटिक, नींबू और मिंट जैसे फ्लेवर्स में उपलब्ध रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम इसे और विस्तृत करने की सोच रहे हैं और अदरक तथा तुलसी जैसे फ्लेवर्स में भी इसे पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।’ मंत्री ने कहा, ‘हमें ब्रिटेन, अमेरिका और खाड़ी देशों समेत कई देशों से प्रस्ताव मिले हैं। वे इस संबंध में करार करना चाहते हैं।’

सरकारी बैंकों के मर्जर को कैबिनेट की मंजूरी

21 सरकारी बैंकों में विलय व अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरु करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने सरकारी क्षेत्र के बैंकों में सुधार की सबसे बड़ी प्रक्रिया की गति और तेज कर दी है। देश के 21 सरकारी बैंकों में विलय व अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरु करने के प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक इन बैंकों की संख्या पहले चरण में घटा कर 10 से 12 की जाएगी। लेकिन लंबी अवधि में इनकी संख्या और घटा कर 7 के करीब करने की होगी।

सरकारी क्षेत्र में बैंकों के विलय को लेकर केंद्र सरकार पिछले डेढ़ दशक से विचार कर रही है। इस दौरान कई समितियों का गठन किया गया, लेकिन कभी अमल नहीं किया जा सका। सबसे भारतीय बैंक संघ ने वर्ष 2003 में इसका रोडमैप तैयार किया था।

उसके बाद यूपीए सरकार ने तत्कालीन वित्त सचिव आर एस गुजराल की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने सभी बैंकों को मिला कर सात बड़े बैंक बनाने का सुझाव दिया था।

लेकिन तमाम वजहों से इन पर आगे नहीं बढ़ा जा सका। मौजूदा राजग सरकार ने एसबीआइ के साथ इसके पांच सब्सिडियरियों और एक अन्य भारतीय महिला बैंक के विलय की प्रक्रिया पूरी कर यह बता दिया था इस मुद्दे को अब ज्यादा दिनों तक नहीं लटकाया जाएगा।

अगर ये बैंक फंसे कर्जे की समस्या से नहीं जूझ रहे होते विलय की प्रक्रिया को और तेजी से पूरी की जाती। देश के सरकारी बैंक फिलहाल एक साथ कई समस्याओं से गुजर रहे हैं। एक तरफ तो फंसे कर्जे यानी एनपीए (नान परफॉरमिंग एसेट्स) की दलदल में गले तक धंसे हुए हैं।

ताजे आंकड़ों के मुताबिक कुल अग्रिम का 9.5 फीसद हिस्सा एनपीए में तब्दील हो चुका है। देश के बैंकिंग इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है। बड़े कर्जदारों से कर्ज वसूलने की नई प्रक्रिया शुरु की गई है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या ये सारे बैंक भारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।

पिछले तीन वर्षों में सरकार की तरफ से इन्हें 60 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है।
बहरहाल, विलय के बाद एक बड़ा फायदा यह होगा कि देश की बड़ी परियोजनाओं को ये बैंक अब ज्यादा कर्ज दे सकेंगे। 

हुंडई ने लॉन्च की वरना सेडान, कीमत 7.99 लाख

  • माइलेज

  • पेट्रोल मैनुअल: 17.70 किमी प्रति लीटर
  • पेट्रोल ऑटोमैटिक: 15.92 किमी प्रति लीटर
  • डीज़ल मैनुअल: 24.75 किमी प्रति लीटर
  • डीज़ल ऑटोमैटिक: 21.02 किमी प्रति लीटर

नई दिल्ली। हुंडई की नई वरना सेडान लॉन्च हो गई है, इसकी शुरूआती कीमत 7.99 लाख रूपए है जो 12.39 लाख रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) तक जाती है। इसका मुकाबला होंडा सिटी, मारूति सुज़ुकी सियाज़ और फॉक्सवेगन वेंटो से होगा।

नई हुंडई वरना में 1.6 लीटर पेट्रोल और डीज़ल इंजनों का विकल्प रखा गया है। पेट्रोल वेरिएंट में 1.6 लीटर का ड्यूल वीटीवीटी इंजन लगा है, जो 123 पीएस की पावर और 151 एनएम का टॉर्क देता है। डीज़ल वेरिएंट में 1.6 लीटर का सीआरडीआई इंजन लगा है, जो 128 पीएस और 260 एनएम का टॉर्क देता है।

दोनों इंजनों के साथ 6-स्पीड मैुनअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प रखा गया है। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प ईएक्स और एसएक्स (ओ) पेट्रोल, ईएक्स और एसएक्स डीज़ल में दिया गया है।

नई वरना को रूस में उपलब्ध हुंडई सोलारिस पर तैयार किया गया है। इसका डिजायन काफी हद तक हुंडई की एलांट्रा से मिलता-जुलता है। इस में ट्रेपजोडियल ग्रिल, बाय-जेनन हैडलैंप्स के साथ डे-टाइम रनिंग लाइटें और प्रोजेक्टर फॉग लैंप्स दिए गए हैं।

साइड में विंडो लाइन के नीचे की तरफ कर्व लाइनें दी गई है, जो टेल लैंप्स में जाकर मिल जाती है। ई और ईएक्स मैनुअल वेरिएंट में 15 इंच के स्टील व्हील और ईएक्स ऑटोमैटिक में 15 इंच के अलॉय व्हील दिए गए हैं। एसएक्स और एसएक्स (ओ) में 16 इंच के डायमंड कट अलॉय व्हील दिए गए हैं।

नई वरना की लंबाई 4440 एमएम और चौड़ाई 1729 एमएम है, यह पहले से 65 एमएम ज्यादा लंबी, 29 एमएम ज्यादा चौड़ी और व्हीलबेस पहले से 30 एमएम ज्यादा बड़ा है। पीछे की तरफ एलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं।

केबिन की बात करें तो नई वरना में अच्छी क्वालिटी वाले प्लास्टिक और मैटेरियल का इस्तेमाल हुआ है। इस में 7.0 इंच टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम दिया गया है, जो एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले सपोर्ट करता है। टॉप वेरिएंट में नेविगेशन और कूल्ड फ्रंट सीटें दी गई हैं।

पीछे वाले पैसेंजर के लिए एसी वेंट्स और यूएसबी चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। टॉप वेरिएंट में इलेक्ट्रिक ऑपरेटेड सनरूफ, हैंड्स-फ्री बूट ऑपनिंग फंक्शन, रियर पार्किंग सेंसर और कैमरा भी दिया गया गया है। पैसेंजर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इस में ड्यूल एयरबैग को स्टैंडर्ड रखा गया है, वहीं टॉप वेरिएंट में 6 एयरबैग दिए गए हैं।

200 का नोट जल्द मार्केट में , नोटिफिकेशन जारी

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही 200 रुपये का नोट जारी करेगा इसको लेकर केन्द्र सरकार ने बुधवार को नोटिफिकेशन जारी किया है। हाल ही में आरबीआई ने 50 रुपये का नोट जारी किया था। 

आरबीआई 200 रुपये का नया नोट सितंबर आखिर तक ये नोट ला सकता है। ये पहली बार है जब 200 रुपये का नया नोट मार्केट में आएगा। 100 से 500 रुपये के बीच में कोई नोट नहीं है और 200 रुपये का नोट मार्केट में आने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों का कहना है कि 200 रुपये का नया नोट आने से नकद लेन देन में आसानी होगी और उससे छोटे नोटों की संख्या मार्केट में बढ़ जाएगी।  नोटबंदी से पहले 500 के 1,717 करोड़ नोट थे और 1000 के 686 करोड़ नोट थे। एसबीआई के एक स्टडी के मुताबिक, नोटबंदी के बाद बड़े नोटों के शेयर में 70 फीसदी की कमी आई है।

नई तकनीक से तीन साल तक ख़राब नहीं होंगी सब्जियां

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ब्लैक बॉक्स एक अनोखी तकनीक है, इसे आसानी से किसी भी फैक्ट्री या संयंत्र में स्थापित किया जा सकता है। 

नई दिल्ली । कोल्ड स्टोर व्यवस्था के जरिये जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं जैसे फल व सब्जियों को सुरक्षित रखने के प्रयासों के बीच एक अच्छी खबर है। एक भारतीय कंपनी ने देश में ‘ब्लैक बॉक्स’ नाम की ऐसी तकनीक लाने की तैयारी की है, जिससे फल-सब्जी को 1,000 दिनों यानी करीब तीन साल से तक ताजा रखा जा सकेगा।

विस्तार एग्रीटेक के साहिल पीरजादा और सचिन अधिकारी ने भारत में इस तकनीक को लाने के लिए स्पेन की नाइस फ्रूट्स के साथ गठजोड़ किया है। इस गठजोड़ के तहत सबसे पहले हैदराबाद में दो ऐसे कोल्ड स्टोर खोले जाएंगे। अगले सात महीने में इन कोल्ड स्टोर के शुरू होने की उम्मीद है।

पीरजादा ने बताया, ‘ब्लैक बॉक्स एक अनोखी तकनीक है, जिसे स्पेन के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसे आसानी से किसी भी फैक्ट्री या संयंत्र में स्थापित किया जा सकता है। सामान्य कोल्ड स्टोर में फल-सब्जियों को संरक्षित रखने के लिए नाइट्रोजन का इस्तेमाल होता है।

वहीं इस तकनीक में नाइट्रोजन या किसी भी अन्य प्रिजरवेटिव का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें फल-सब्जी के प्राकृतिक पोषक तत्व 1,000 दिनों तक सुरक्षित बने रहते हैं।’

उन्होंने बताया कि हैदराबाद में ऐसे दो स्टोरेज बनाने के लिए हिंदुस्तान एलएनजी से करार हुआ है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के स्टोरेज बनाने की योजना है। इस तकनीक के लाभ को लेकर उन्होंने कहा, ‘बाजार में उपज की कीमत बहुत कम होने पर कई बार किसानों को फल व सब्जियां सड़क पर फेंकना पड़ता है।

संरक्षित करने की व्यवस्था न होने से उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता है। वहीं हमारे पास आकर उन्हें चार गुना तक ज्यादा कीमत मिल सकती है।’ पीरजादा ने बताया कि ब्लैक बॉक्स तकनीक से तैयार कोल्ड स्टोरेज कंपनियां किसानों से फल-सब्जी खरीदकर उन्हें अपनी शर्तो पर निर्यात करेंगी।

फूड टेस्टिंग के लिए बनी नौ चलती-फिरती प्रयोगशालाएं
खाद्य नियामक एफएसएसएआइ ने आठ राज्यों में फूड टेस्टिंग के लिए नौ चलती-फिरती प्रयोगशालाओं की शुरुआत की है। अन्य राज्यों में कुल 53 और प्रयोगशालाओं का प्रस्ताव है। इन प्रयोगशालाओं पर कुल 19 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। खाद्य पदार्थो की जांच की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्य जांच के आकलन के लिए फूड सेफ्टी इंडेक्स लांच किया जाएगा। इसके तहत राज्य में जांच की ढांचागत व्यवस्था, प्रवर्तन इकाइयों, निगरानी व शिकायतों के निपटारे जैसे विभिन्न मानकों को परखा जाएगा।

एफएसएसएआइ के चेयरमैन आशीष बहुगुणा ने मंगलवार को ‘फूड सेफ्टी ऑन ह्वील्स’ के नाम से मोबाइल प्रयोगशालाओं को हरी झंडी दिखाई। इन प्रयोगशाला वाहनों के माध्यम से खाद्य पदार्थो की जांच के अलावा लोगों में इस बारे में जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया जाएगा।

141 पॉइंट चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी 9800 पार खुला

नई दिल्ली। बुधवार को भी बाजार में बढ़त बरकरार रही। 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 31,400 जबकि 50 शेयरों का एनएसई निफ्टी 9,800 के पार खुला। 9:41 बजे सेंसेक्स 141.81 अंकों की बढ़त के साथ 31,433 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान निफ्टी में 40.45 की तेजी देखी गई और यह 9,806 पर ट्रेड कर रहा था।

बुधवार को शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.7 प्रतिशत चढ़ गया। वहीं, बीएसई पर प्रत्येक पांच में से चार शेयरों में तेजी देखी गई। फोर्टिस हेल्थकेयर, डीएलएफ, बालाजी टेलिफिल्म्स, बीईएमएल, एचपीसीएल, आईओसी, गैति, एरिस लाइफसाइंसेज, पटेल इंटिग्रेटेड, स्नोमन लॉजिस्टिक्स, फ्यूचर कन्ज्यूमर, इंडियन टोनर और इंडो काउंड जैसी कंपनियों के शेयर 5 प्रतिशत तक चढ़ गए।

तनावमुक्त होकर अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए संकल्प लें

विश्व में भारत के युवाओं ने अपना परचम पहरा रखा हैं, यह सब संकल्पबद्ध होकर कार्य करने से संभव है – राज्यवर्धन सिंह

कोटा । केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड ने कहा कि युवा शक्ति की भागीदारी से देश में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, सरकार द्वारा किये गये नवाचारों एवं संकल्प की बदौलत आज हर वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने युवाओं को आव्हान किया कि वे देश की उन्नति में भागीदार बनकर विश्वपटल पर नाम रोशन करें।

कर्नल राठौड़ मंगलवार को कोटा के रेजोनेन्स कोचिंग कैम्पस में ’संकल्प से सिद्धि’ कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज विश्व में भारत के युवाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम पहरा रखा हैं, यह सब संकल्पबद्ध होकर कार्य करने की बदौलत संभव है।

इसी प्रकार देश की सरकार द्वारा संकल्पबद्धता के साथ व्यवस्था में बदलाव किया गया है उससे आमजन को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढी इस बदलाव की साक्षी रही है जिससे देश की अर्थव्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य, आधारभूत विकास के क्षेत्र में तेजी से प्रगति के पथ पर बढे हैं।

उन्होंने युवाओं को तनावमुक्त होकर अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए संकल्प के साथ आगे बढने तथा देश सेवा में भागीदार बनने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि आमजन की भागीदारी एवं जागरूकता से ही योजनाओं की सफल क्रियान्वित हो रही है, भ्रष्टाचार मुक्त विकास की परिकल्पना को साकार होते देखकर आमजन उत्साहित है।

कर्नल राठौड़ ने एमबीएस रोड़ पर पौधारोपण की शुरूआत करते हुए कहा कि पर्यावरण असंतुलित नही हो इसके लिए प्रत्येक नागरिक को दायित्वों का निर्वहन करते हुए पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल का जिम्मा भी लेना होगा। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ लक्ष्य तय कर किये गये कार्य अधूरे नहीं रहते, इसी सोच के साथ नागरिको को आगे बढना होगा।

सांसद ओम बिरला ने कहा कि कोटा को हराभरा एवं सुन्दर बनाने का संकल्प आमजन की भागीदारी से साकार होगा, प्रकृति की रक्षा से मानव जीवन का अस्तित्व संभव है। उन्होंने बताया कि एक लाख पौधे का लक्ष्य रखकर 2022 तक कोटा को सबसे हराभरा शहर बनाने का संकल्प लिया है इससे गांव एवं शहर सभी की भागीदारी होगी। 

आयात पर पाबंदी से दालें महंगी, जमाखोर सक्रिय

सरकार के इस फैसले के बाद जमाखोर सक्रिय हो गए, जिससे इनकी कीमतें ऊपर चढऩी शुरू हो गई हैं

मुंबई। अरहर, मूंग और उड़द आदि दालों की आयात सीमा तय होने का घरेलू बाजार में इनकी कीमतों पर तत्काल असर दिख रहा है। सरकार के इस फैसले के बाद जमाखोर सक्रिय हो गए, जिससे इनकी कीमतें ऊपर चढऩी शुरू हो गई हैं, जो पहले न्यूतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी नीचे थीं। भारत दुनिया में दलहन का सबसे बड़ा आयातक देश है।

अगस्त से अरहर, उड़द और मूंग की कीमतें नवी मुंबई के थोक बाजार मेंं 5 से 10 प्रतिशत अधिक हो गई हैं। हालांकि कुछ मंडियों में सरकारी आंकड़ों के अनुसार कीमतें अब भी एमएसपी से ऊपर नहीं पहुंच पाई हैं। सोमवार को सरकार ने मूंग और उड़द दाल की आयात सीमा 3 लाख टन तय कर दी थी।

इस घोषणा के बाद तूर और मूंग की कीमतें 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर क्रमश: 4,800 रुपये और 5,000 रुपये हो गई हैं। हालांकि अरहर की कीमतें अब भी एमएसपी से थोड़ी कम हैं।  

आयात सीमा तय होने के बाद भारत से दलहन की मांग कम होने लगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अरहर की कीमतें अगस्त में 400 डॉलर प्रति टन से कम होकर 300 डॉलर प्रति टन रह गईं।

पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादातर दालों की कीमतें 10-15 प्रतिशत कम हैं। घरेलू बाजार में दलहन की कीमतें थामने के प्रयासों और आयात सीमा तय होने के बाद कीमतों में कमी देखी गई है।

इससे पहले 5 अगस्त को सरकार ने अरहर दाल को प्रतिबंधित जिंसों की सूची में डाल दिया था और चालू वित्त वर्ष के लिए इसकी आयात सीमा मात्र 2 लाख टन तय कर दी थी।

इसके बाद सोमवार को उड़द और मूंग दालें भी प्रतिबंधित जिसों की सूची में डाल दी गईं और चालू वित्त वर्ष के लिए इनकी आयात सीमा सालाना 3 लाख टन तय कर दी गई।

 5 अगस्त के बाद अरहर की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं और अब हाजिर बार में उड़द और मूंग की कीमतों में भी तेजी आई है।   सरकार ने लगभग 4 साल बाद अरहर के आयात की सीमा तय की थी। इससे पहले 1977 में आयात पर पाबंदी लगाई गई थी।

इंडिया पल्सेस ऐंड ग्रेंस एसोसिएशन (आईपीजीए) के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2016 में दलहन आयात  57 लाख टन रहा था जबकि वित्त वर्ष 17 की पहली तीन तिमाहियों में यह आंकड़ा 54 लाख टन था।

दलहन कारोबारियों के अनुसार मार्च 2017 तिमाही में 6 लाख टन दाल का आयात होने का अनुमान था। इस सत्र में किसानों ने दलहन का रकबा 1.07 करोड़ हेक्टेयर से बढ़ाकर 1.14 करोड़ हेक्टेयर कर दिया है। हालांकि अरहर का रकबा फिर भी कम रहा है। 

कोटा में आकाशवाणी का एफएम शुरू

  • आकाशवाणी सिखाये युवाओं को अच्छी भाषा

  • यह सलाह केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने दी।

  • बूंदी में 10 किलो वाट का टावर जल्दी ही तैयार होगा

कोटा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कोटा के सभी FM स्टेशनों अौर आकाशवाणी को युवाओं को ध्यान में रखते हूए कार्यक्रम बनाने की सलाह दी।

राठौर ने कहा कि युवाओं के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम बनाए ता‍की वे अच्छी भाषा सीख सके। यह बात वे आकाशवाणी में आयोजित कोटा के लोकल चंबल FM के उद्घाटन समारोह बोल र‍हे थे।

प्रेरणादायक कार्यक्रम प्रसारित करे FM
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर आकाशवाणी के उद्घाटन समारोह में पूरे समय वे युवाओं को केंद्र में रख कर ही बात करते नजर आए।

उन्होंने कहा कि कोटा में देशभर के विद्यार्थी कोचिंग के लिए आ रहे हैं ऐसे में आकाशवाणी कोटा को अपने स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम तैयार करें और उनका प्रसारण अधिक से अधिक करें जिस से देशभर के विद्यार्थियों को उसका लाभ मिल सके उन्होंने कहा कि आकाशवाणी से विद्यार्थियों को अच्छी भाषा सीखने को मिलेगी

किस्से, कहानियों और गीतों को भी प्रसारित करें 
राठौर ने कहा कि FM पर किस्से, कहानियों और यहां के गीतों को रेडियों पर प्रसारित किया जाए। इससे यहां के कल्चर को पूरे देश में फेलाया जा सकता है।

वे लोग जो शहर की बेहतरी में काम कर रहें है या जो देश में शहर का नाम रोशन कर रहें हैं, उनका इंटरव्‍यू भी प्रसारित किया जाना चाहिए। राजस्थान और कोटा के महत्व को बताते संगीत, लोक गीतों को रेडियाें के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाना चाहिए।

स्थानीय कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा
कर्नल राज्यवर्धन सिंह ने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा! आकाशवाणी के FM चैनल के माध्यम से देशभर में यहां का प्रसार होगा!

कार्यक्रमों के साथ ही प्रसारण की जो क्वालिटी है वह भी काफी बेहतर होगी। बूंदी में 10 किलो वाट का जो टावर लगाया जा रहा है मार्च 18 तारीख को उसका काम भी पूरा हो जाएगा इससे करीब 2 किलोमीटर का क्षेत्र कवर होगा