Tuesday, June 30, 2026
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रामगंज मंडी में धनिया 50 रुपये मंदा बिका

रामगंजमंडी। धनिया आवक 5000 बोरी, मार्केट 50 रु मंदा बिका। चालू बादामी 3550 से 3700 बढ़िया बादामी 3750 से 3850 ईगल 4000 से 4100 स्कूटर 4200 से 4400 रंगदार 4500 से 5000 रु बेस्ट रंगदार 5200 से 5800 रु धनिया पुराना 3200 से 3800 रूपये।

मार्केट आज शुरू में में समान भावो पर खुला था जिसमे डिब्बे में आज फिर से आई मंदी के चलते बाद में पीछे जाकर 50 से 75 रु मंदा हो गया आज आवके शनिवार की तुलना में कुछ कम थी लेकिन मंदी के चलते लेवाली में कमजोरी थी।

निफ्टी फिर से 10 हजार पार, सेंसेक्स में 195 अंकों की तेजी

मुंबई। शेयर बाजार में सोमवर को तेजी का रुख रहा और निफ्टी एक बार फिर 10000 के पार चला गया। सेंसेक्स 194.64 चढ़कर 31,882 और निफ्टी 71.25 अंक की तेजी से 10,006 पर बंद हुआ। ऑइल और गैस कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली।

बैंकिग, पूंजीगत वस्तुओं और ऑटो समूह की कंपनियों के शेयरों में उछाल आने से शुरुआती कारोबार में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 187 अंक की तेजी में रहा।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 66 अंक की बढ़त लेकर पुन: 10 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंच गया। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक लगातार तीसरे दिन तेजी में रहा।

तेल और गैस, पूंजीगत वस्तुओं, रियल्टी, पीएसयू और हेल्थकेयर समेत सभी समूहों में तेजी रही और इनमें 1.06 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई।

ब्रोकरों ने बताया कि उत्तर कोरिया के बारे में चिंताएं कम होने तथा इरमा तूफान के कमजोर पड़ने से एशियाई बाजारों में सकारात्मक धारणा रही जिससे घरेलू बाजार की धारणा को समर्थन मिला है।

कारोबारियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों की जांच

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  • जीएसटी से पहले के स्टॉक पर 62,000 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा
  • जुलाई में 95,000 करोड़ रुपये का जीएसटी हुआ संग्रह
  • कर संग्रह की तुलना में इनपुट टैक्स क्रेडिट के भारी दावे हैरान करने वाले

हैदराबाद। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले के स्टॉक पर 62,000 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया है। यह बात सरकार के गले नहीं उतर रही है और वह इन दावों की प्रमाणिकता की जांच कर रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि जुलाई महीने के लिए अब तक 95,000 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया गया है जबकि एक जुलाई से पहले चुकाए गए करों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट के तौर पर करीब 62,000 करोड़ रुपये का दावा किया गया है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘हमें दावों की सच्चाई का पता लगाने की जरूरत है। जितना कर जमा हुए है उसे देखते हुए यह दावा बहुत ज्यादा है।’ नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के क्रियान्यन की अवधि के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा टीआरएएन 1 फॉर्म के जरिये किया गया है।

कंपनियों के पास इनपुट पर चुकाए गए उत्पाद शुल्क के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के वास्ते 1 जुलाई के बाद 90 दिन का समय है।

राजस्व सचिव हसमुख अढिय़ा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड जीएसटी राउंडटेबल में बुधवार को कहा था, ‘हम अब भी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों की संख्या का मूल्यांकन कर रहे हैं। यह बहुत ज्यादा लगती है।’

जीएसटी परिषद ने कंपनियों को 1 जुलाई से पहले चुकाए गए उत्पाद कर पर शत प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने की अनुमति दी थी। इसके लिए उन्हें उत्पाद कर भुगतान से संबंधित बिलों को अपलोड करना था। परिषद ने साथ ही कहा था कि अगर कंपनियों के पास बिल नहीं होंगे तो उन्हें 40 फीसदी इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा।

4 जून को हुई परिषद की बैठक में उन वस्तुओं के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट की सीमा जीएसटी देनदारी की 40 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दी गई थी जिन पर कर की दर 18 फीसदी से अधिक है।

आयकर छापे में 106 करोड़ की काली कमाई उजागर

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आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई में रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप से बड़े पैमाने पर कालेधन का खुलासा 

कोटा। आयकर विभाग की चार दिन की छापेमार कार्रवाई के बाद अभी तक रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप की कुल 106 करोड़ रुपए की काली कमाई सामने आ चुकी है।  

छापे की कार्रवाई के बाद रविवार देर रात रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप के मालिक आरके वर्मा ने आयकर विभाग के सामने सरेन्डर कर दिया है। वर्मा ने खुद आयकर विभाग के सामने 70 करोड़ रुपए की काली कमाई सरेंडर कर दी है।  

रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप के मालिक के अलावा इनके परिजन और एसोसिएट्स ने भी 36 करोड़ रुपए की काली कमाई सरेंडर की है । आयकर छापों में आरके वर्मा के ठिकानों से काली कमाई से किए गए गोरखधंधों के बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं।  

छापे की कार्रवाई के चौथे दिन आयकर विभाग ने रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप पर मिली अघोषित नकदी में 38 लाख रुपए जब्त कर लिए हैं ।  जबकि 85 लाख रुपए की ज्वैलरी भी जब्त की गई है।  

रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप पर चल रही कार्रवाई में आयकर विभाग को बड़े पैमाने पर अवैध संपत्तियों, बैंक खातों और बैंक लॉकर्स की जानकारी भी मिली है। विभाग ग्रुप से जुड़े सभी बैंक खाते, लॉकर्स और दस्तावेजों की छानबीन में जुट गया है।

गौरतलब है कि चार दिन पहले आयकर विभाग ने रेजोनेन्स कोचिंग ग्रुप के मालिक आरके वर्मा के घर, दफ्तर सहित कोटा, जयपुर, बैंगलोर में 18 ठिकानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई की थी।  ज्ञातव्य है कि छापे की यह कार्रवाई इन्वेस्टिगेशन विंग उदयपुर के ज्वाइंट डाइरेक्टर एम. रघुवीर के निर्देशन में की गई है। 

देशभर में सस्ता होगा फसल बीमा का प्रीमियम

बाढ़-तूफान में प्रॉपर्टी को हुआ नुकसान भी होगा शामिल

इसका लाभ ऐसे छोटे किसानों को भी मिलेगा, जो अभी भी इस योजना के दायरे से बाहर हैं

नई दिल्ली। केंद्र सरकार पिछले साल शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम सस्ता करने जा रही है। इसका लाभ ऐसे छोटे किसानों को भी मिलेगा, जो अभी भी इस योजना के दायरे से बाहर हैं। इसके अलावा सरकार इस योजना में बाढ़-तूफान से संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई इससे करने करने का प्लान बनाया है। 

इस योजना से जुड़े अधिकारी ने कहा कि सरकार फसल बीमा को काफी प्रतिस्पर्धा वाला बनाना चाहती है। इसके लिए इन्श्योरेंस कंपनियों के बीच जब तक कंपटिशन को बढ़ाया नहीं जाएगा, तब तक प्रीमियम कम नहीं होगा।

अभी जो स्कीम चल रही है उसमें किसान को 1.5 से 2 फीसदी के बीच प्रीमियम देना होता है। वहीं अन्य कंपनियां इसके लिए 11 फीसदी प्रीमियम चार्ज करते हैं। 

अभी बाढ़-तूफान के कारण हुए संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड से की जाती है। लेकिन अब इसे भी फसल बीमा में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।  

2 हजार करोड़ का प्रीमियम, 8 हजार करोड़ का क्लेम
एक साल पहले शुरू हुई इस योजना में सरकार के पास 2 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम आ चुका है। हालांकि सरकार 8 हजार करोड़ रुपये का क्लेम जारी कर चुकी है। वहीं 2 हजार रुपये का क्लेम फिलहाल प्रोसेस में है।

अभी फसल बीमा योजना का लाभ देश के 30 फीसदी फसलों के एरिया को मिल रहा है। पीएम मोदी ने नीति आयोग को कहा है कि वो इसको और बेहतर करने के लिए अपने सुझाव दें। 

मुकेश और नीता अंबानी की बेटी ईशा की होगी बॉलिवुड में एंट्री

ईशा किसी फिल्म में ऐक्टिंग करने नहीं, फिल्म प्रोड्यूस करने बॉलिवुड में आ रही हैं।

मुंबई। स्टार किड्स के बॉलिवुड से जुड़ते नामों के बाद इस लिस्ट में देश के बड़े उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी का नाम भी जुड़ गया है। इससे पहले कि आप कन्फ्यूज हों, बता दें कि ईशा किसी फिल्म में ऐक्टिंग करने नहीं, फिल्म प्रड्यूस करने बॉलिवुड में आ रही हैं। 

ईशा ने अभिनेता अक्षय कुमार और निर्देशक करन जौहर और रेशमा शेट्टी के साथ 29 अगस्त को हुई मुलाकात में एक प्रॉजेक्ट पर बात की और उसके बाद करन के साथ बतौर को-प्रोड्यूसर  उसमें पैसा लगाने का मन बनाया है।

यह प्रॉजेक्ट 1897 में हुई एक लड़ाई पर आधारित फिल्म ‘बैटल ऑफ सारागढ़ी’ है। राजकुमार संतोषी और अजय देवगन भी इसी पर आधारित फिल्म बना रहे हैं।

बैटल ऑफ सारागढ़ी एक आर्मी कैंप को बचाने के लिए 10 हजार अफगानों और चौथी सिख रेजीमेंट के 21 सिख सैनिकों के बीच हुई लड़ाई की कहानी है। हवलदार ईशर सिंह की अगुवाई में हुई इस बैटल में सभी 21 सैनिक शहीद हो गए थे।

खैर, ईशा अंबानी किसी फिल्म में बतौर अभिनेत्री भले ही न नजर आएं, लेकिन उनकी एंट्री तो पक्की है। देखना होगा कि खुद ईशा कब इस बात का ऐलान करती हैं।

आयकर विभाग की जांच के दायरे में 7 सांसदों और 98 विधायकों की संपत्ति

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  • कोटा समेत राजस्थान के सांसद और विधायक भी आयकर विभाग के राडार पर हैं

  • एक सांसद तो बंद फैक्ट्रियां खरीदने और कालाखेत जैसे मामलों को लेकर पहले से ही चर्चा में है

नई दिल्ली। आय से अधिक संपत्ति के शक में लोकसभा के 7 सांसदों और राज्यों के करीब 98 विधायकों की जांच की जा रही है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि इन सांसदों और विधायकों की संपत्ति में ‘काफी बढ़ोतरी’ हुई है, जिसकी जांच की जा रही है।

CBDT ने कहा कि वह मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इन लोकसभा सांसदों और विधायकों के नाम को एक सीलबंद लिफाफे में पेश करेगी। उसने बताया कि आयकर विभाग ने इन लॉ मेकर्स की संपत्तियों की शुरुआती जांच की जिसमें पता चला कि लोकसभा सांसदों की संपत्ति में ‘बेतहाशा वृद्धि’ हुई है जबकि विधायकों की संपत्ति में ‘अच्छी-खासी’ बढ़ोतरी हुई है।

लखनऊ के एक एनजीओ ‘लोक प्रहरी’ ने आरोप लगाया था कि लोकसभा के 26 सांसदों, राज्यसभा के 11 सांसदों और 257 विधायकों के चुनावी हलफनामे के मद्देनजर उनकी संपत्तियों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।

इसी आरोप के बाद आयकर विभाग ने शुरुआती जांच की। CBDT ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि लोकसभा के 9, राज्यसभा के 11 और 42 अन्य विधायकों की संपत्तियों के शुरुआती आंकलन का काम अभी चल रहा है।

ज्ञातव्य है कि कोटा समेत राजस्थान के सांसद और विधायक भी आयकर विभाग के राडार पर हैं। एक सांसद तो बंद फैक्ट्रियां खरीदने और कालाखेत जैसे मामलों को लेकर पहले से ही चर्चा में है।

जीएसटी की एक दर में लगेगा तीन महीने का वक्त

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जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट समिति ने सिफारिशों में कहा है कि कम से कम तीन महीने तक वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में बदलाव नहीं करना चाहिए

नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की सिंगल दर 18 प्रतिशत या सिर्फ दो दरें 12 और 18 प्रतिशत लागू होने के लिए अभी इंतजार करना होगा। जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट समिति ने अपनी सिफारिशों में साफ कहा है कि कम से कम तीन महीने तक वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में बदलाव नहीं करना चाहिए।

समिति ने यह भी सिफारिश की है कि लक्जरी गुड्स और तंबाकू जैसी अवगुणी वस्तुओं पर जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत की समीक्षा न की जाए। साथ ही उन वस्तुओं पर भी जीएसटी की अधिकतम दर की समीक्षा न की जाए जिनसे केंद्र और राज्यों को खासा राजस्व प्राप्त हो रहा है।

ये सिफारिशें शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को यहां हुई जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में पेश की गईं।

समिति ने स्पष्ट कहा है कि विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी की दरें नीतिगत उद्देश्यों को ध्यान में रखकर तय करनी चाहिए न कि इस आधार पर कि किसी वस्तु पर जीएसटी से पहले कुल कितना टैक्स था और इसके बाद कितना है।

जीएसटी की 28 प्रतिशत अधिकतम दर के बारे में समिति का कहना है कि चार प्रकार की वस्तुओं जिनमें लक्जरी गुड्स और और तंबाकू जैसी अवगुणी वस्तुएं भी शामिल हैं, उन पर जीएसटी की दर घटाने का फिलहाल बिल्कुल विचार न किया जाए।

हालांकि समिति का कहना है कि जनहित, जन उपभोग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में उत्पादित होने वाली वस्तुओं और निर्यात से जुड़ी वस्तुओं पर 28 प्रतिशत दर की समीक्षा की जा सकती है।

समिति ने यह भी सिफारिश की है कि देश में विनिर्मित वस्तुओं को जीएसटी से पूरी तरह छूट न दी जाए क्योंकि ऐसा करने पर यह मेक इन इंडिया नीति के विरुद्ध होगा और इससे घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने के प्रयासों को झटका लगेगा।

दरअसल विश्व व्यापार संगठन के नेशनल ट्रीटमेंट प्रिंसिपल के अनुसार आयातित और स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं पर टैक्स में समानता होनी चाहिए।

अगर घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी की दर शून्य रखी जाती है तो ऐसी आयातित वस्तुओं पर आईजीएसटी की दर भी शून्य हो जाएगी। इस स्थिति में देश के भीतर बनी वस्तुओं की कीमत इनपुट टैक्स क्रेडिट न मिलने के कारण बढ़ जाएगी जबकि आयातित वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी।

समिति का यह भी कहना है कि अगर कोई राज्य स्थानीय महत्व की वस्तुओं को प्रोत्साहित करना चाहता है तो वह अपने बजट से सीधे सब्सिडी देकर ऐसा कर सकता है।

बढ़त के साथ सप्ताह की शुरुआत, सेंसेक्स 138 अंक तेज खुला

नई दिल्ली। नए सप्ताह की शुरुआत में शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। सोमवार को 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 138 अंक चढ़कर 31,836 और निफ्टी 46 अंक की तेजी से 9,980 पर खुला।

सोमवार के शुरुआती कारोबार में बैंक ऑफ बड़ौदा, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, एलऐंडटी, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चढ़े जबकि वेदांता, टाटा स्टील, टाटा पावर और पावर ग्रिड के शेयरों को नुकसान हुआ।

निफ्टी मिडकैप के 100 शेयरों और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक ने 0.7 प्रतिशत की तेजी दिखाई। बीएसई में हरेक छह शेयरों में पांच शेयरों ने बढ़ता हासिल की।

भारत फाइनैंशल इन्क्लूजन, फ्यूचर एंटरप्राइजेज, फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर कन्ज्यूमर, ज्योति स्ट्रक्चर्स, कामत होटल्स, फेडरल मुगल, जैन इरिगेशन, बजाज फाइनैंस और बॉम्बे डाइंग के शेयरों ने 6 प्रतिशत तक मजबूत हो गए।

जाँच में अब तक 81 लाख आधार कार्ड पाए गए फर्जी

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उत्तर प्रदेश के देवबंद से पकड़े गए एक आतंकी से पूछताछ में  जांच एजेंसियों के होश उड़ गए, जब पता चला कि संबंधित आतंकी ने आधार कार्ड बनवा रखा था

नई दिल्ली।आधार एनरॉलमेंट एंड अपडेट रेग्यूलेशंस एक्ट 2016 के वजूद में आने के महज एक साल के अंदर इस साल अगस्त महीने तक करीब 81 लाख आधार कार्ड को ब्लॉक किया जा चुका है। आधार की छानबीन के बाद यूआईडीएआई ने इस आशय की कार्रवाई की है।

हालांकि आधार कार्ड बनवाते समय कई कड़े मापदंडों का पालन करना पड़ता है, मगर बीते दिनों उत्तर प्रदेश के देवबंद से पकड़े गए एक आतंकी से पूछताछ में तब जांच एजेंसियों के होश उड़ गए जब पता चला कि संबंधित आतंकी ने आधार कार्ड बनवा रखा था।

दरअसल फर्जी आधार कार्ड के सामने आने का सिलसिला तब शुरू हुआ जब सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल करने के लिए अधिकार कार्ड अनिवार्य कर दिया। इसके बाद कार्ड बनाने वाली संस्था यूएचडीएआई ने आधार कार्ड की जांच शुरू की।

इस क्रम में करीब 81 लाख आधार कार्ड के लिए दिए गए कागजात और बायोमेट्रिक डाटा सही नहीं पाए गए। यूआईडीएआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच में संदिग्ध पाए गए आधार कार्डों को ब्लॉक कर दिया।

सरकार के लिए चिंता की बात यह है कि हाल के दिनों में कुछ आतंकियों द्वारा आधार कार्ड बनाने में सफलता हासिल कर लेने की बात सामने आई है। इसके बाद आधार कार्ड की जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

देश में 1.12 अरब आधार कार्ड
इस समय देश में एक अरब 12 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड हैं। यह देश की जनसंख्या का करीब 89 फीसदी है। सरकार आधार कार्ड को सभी मद में अनिवार्य बनाना चाहती है। इस मामले से जुड़ा विवाद फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।