Sunday, July 5, 2026
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Kia Seltos SUV साउथ कोरिया में लॉन्च, भारत में क्या होगी कीमत, जानिए

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नई दिल्ली। Kia Motors की बहुप्रतीक्षित Seltos एसयूवी 22 अगस्त को भारत में लॉन्च होगी। इससे पहले कंपनी ने अपने घरेलू बाजार साउथ कोरिया में इसे लॉन्च कर दिया है। साउथ कोरिया में Kia Seltos की कीमत 19.29 मिलियन से 26.36 मिलियन कोरियन करेंसी (KRW) यानी करीब 11.30 लाख से 15.44 लाख रुपये है। भारतीय बाजार में सेल्टॉस की शुरुआती कीमत साउथ कोरिया से कम यानी करीब 11 लाख रुपये हो सकती है। ऐसा सेल्टॉस के कोरियन और भारतीय मॉडल्स के बीच फर्क की वजह से होने की उम्मीद है।

सेल्टॉस के कोरियन मॉडल में इंजन के तीन विकल्प हैं, जिनमें 175 bhp पावर वाला 1.6-लीटर टर्बोचार्ज्ड GDI इंजन, 147 bhp पावर वाला 2.0-लीटर पेट्रोल इंजन और 134 bhp पावर वाला 1.6-लीटर डीजल इंजन शामिल हैं।

भारत में भी सेल्टॉस तीन इंजन ऑप्शन में आएगी, जिनमें 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन, 1.5-लीटर डीजल इंजन और 1.4-लीटर टर्बोचार्ज्ड GDI पेट्रोल इंजन शामिल हैं। इंजन के लिहाज से देखें, तो भारतीय बाजार में आने वाली सेल्टॉस के इंजन साउथ कोरिया वाली सेल्टॉस से कम कपैसिटी के हैं। इस वजह से एसयूवी की कीमत भी भारत में कुछ कम रहने की उम्मीद है।

भारत में किआ सेल्टॉस 4 अलग-अलग गियरबॉक्स ऑप्शन में आएगी। 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड मैन्युअल और सीवीटी गियरबॉक्स के ऑप्शन मिलेंगे। 1.4-लीटर टर्बोचार्ज्ड GDI पेट्रोल इंजन के साथ 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ट्रांसमिशन मिलेगा। 1.5-लीटर वाले डीजल इंजन के साथ 6-स्पीड मैन्युअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के ऑप्शन हैं।

सेल्टॉस से किआ मोटर्स की भारतीय बाजार में एंट्री
साउथ कोरिया की कंपनी किआ मोटर्स सेल्टॉस एसयूवी के साथ भारतीय बाजार में एंट्री कर रही है। मार्केट में इसकी टक्कर ह्यूंदै क्रेटा, एमजी हेक्टर और टाटा हैरियर जैसी एसयूवी से होगी। कंपनी ने शानदार लुक के साथ इस एसयूवी को कई बेहतरीन फीचर्स से लैस किया है। सेल्टॉस में दिया गया 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम UVO कनेक्ट सिस्टम से लैस है। इससे कार हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट रहेगी।

इस कनेक्टेड कार टेक्नॉलजी में 5 कैटिगरी (नेविगेश, सेफ्टी और सिक्यॉरिटी, वीइकल मैनेजमेंट, रिमोट कंट्रोल और कन्वीनियेंस) के तहत 37 स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं। इन फीचर्स से आपको लाइव लोकेशन टैक करने और कार के फीचर्स बाहर से कंट्रोल करने समेत कई सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा एसयूवी में 7-इंच एलसीडी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 8-स्पीकर बोस साउंड सिस्टम और स्मार्ट एयर प्यूरिफायर जैसे कई फीचर्स मौजूद हैं।

टमाटर के दाम ने किया बेहाल, 80 रुपए किलो तक पहुंचा भाव

नयी दिल्ली/ कोटा । देश की राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में टमाटर के भाव ने लोगों को गुस्से से लाल कर दिया है। दिल्ली के खुदरा बाजारों में टमाटर का दाम 80 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। केंद्र ने राजधानी में टमाटर की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के इरादे से शुक्रवार को सरकारी कंपनी मदर डेयरी से टमाटर की उपलब्धता बढ़ाने और इसे 40 रुपए किलो के भाव पर बेचने को कहा।

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, दिल्ली सरकार से व्यापारियों और ‘लॉजिस्टिक’उपलब्ध कराने वालों को मंडियों में टमाटर की सप्लाई बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है, ताकि कीमत न बढ़े। बताया जा रहा है कि आपूर्ति में कमी की वजह से टमाटर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। देश के अन्य इलाकों में भी टमाटर के दाम में काफी तेजी देखने को मिल रही है।

उपभोक्ता मामलों के सचिव अविनाश के श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में बारिश के कारण सप्लाई बाधित होने से दिल्ली और आसपास के इलाकों में खुदरा बाजारों में टमाटर की कीमत 60 से 80 रुपए किलो तक पहुंच गई है। बैठक में टमाटर की उपलब्धता तथा उसके मूल्य की समीक्षा की गई।

बागवानी विभाग का मानना है कि मूल्य में वृद्धि कुछ समय के लिए है और जल्दी ही इसकी आपूर्ति बढ जाएगी। वर्षा के कारण बाजार में टमाटर की आपूर्ति बाधित हुई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के कुछ अतिमहत्वपूर्ण इलाकों में टमाटर का मूल्य 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था। कॉलोनियों में भी इसका मूल्य 60 से 70 रुपए प्रति किलो हो गया था।

व्यापारियों के अनुसार कोटा राजस्थान की थोक फल-सब्जी मंडी में टमाटर के थोक भाव 50 रुपये किलो और रिटेल मंडियों में भाव 70 से 80 रुपये किलो के आसपास बोले जा रहे हैं। भाव बढ़ने के कारण आवक घटना बताया जा रहा है। बारिश के कारण उत्पादक क्षेत्रों में सब्जियों की उत्पादन में भी कमी आई है। इसलिए इनके भी दाम 10 रुपये किलो तक बढ़े हैं।

30 नवंबर तक वाहन में नहीं लगवाया फास्टैग तो देना होगा दोगुना टोल टैक्स

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नई दिल्ली। सरकार ने इस साल 01 दिसम्बर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर के सभी टोल प्लाजा पर सिर्फ फास्टैग से टोल भुगतान स्वीकार करने का निर्णय लिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल 01 दिसम्बर से सभी लेन को फास्टैग लेन बनाया जाएगा।

बिना फास्टटैग वाले वाहनों से दोगुना टोल वसूला जाएगा। मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखकर इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। फिलहाल हर प्लाजा पर एक हाइब्रिड लेन भी होगा जिस पर फास्टैग के अलावा भुगतान के अन्य विकल्प भी उपलब्ध होंगे, लेकिन यह सिर्फ ज्यादा बड़े आकार के वाहनों के लिए होगा। बाद में इन लेनों को भी सिर्फ फास्टैग वाला बनाया जाएगा।

टोल प्लाजा पर सभी लेन में मिलेगा फास्टैग की सुविधा
मंत्रालय ने बताया कि कई टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था देखने को मिली है कि बिना फास्टैग वाले वाहन भी फास्टैग लेन से गुजरते हैं और वे नकदी में टोल टैक्स देते हैं। इससे फास्टैग वाली लाइन में भी भीड़ लग जाती है और डिजिटल भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस तरह से डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।

सरकार का कहना है कि फास्टैग से भुगतान की प्रक्रिया तेज होगी, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा तथा टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगा। फास्टैग वाहन के शीशे पर लगा रहता है और इसके लिए भुगतान प्रीपेड मोड में किया जाता है।

मंत्रालय ने प्राधिकरण को पर्यापत फास्टैग उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों कहा था कि अगले चार माह के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों को फास्टैगयुक्त बनाया जाएगा ताकि इन मार्गों पर यातायात को सामान्य बनाया रखा जा सके।

नई गाड़ियों में कंपनियां खुद लगा रही हैं फास्टैग
करीब दो साल से नए वाहनों में फास्ट टैग अनिवार्य है और कंपनियां पहले से ही फास्टैग लगाकर दे रही हैं। यदि आपके पास दो साल से ज्यादा पुरानी गाड़ी है और आपने अभी तक फास्टैग नहीं लगवाया है तो यह आपके लिए अनिवार्य होने जा रहा है। आप फास्ट टैग कहां से लगवा सकते हैं और इसकी प्रक्रिया क्या है। जानिए –

कहां से खरीद सकते हैं फास्ट टैग

  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से संचालित टोल प्लाजा।
  • एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई समेत कई बैंक।
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पेटीएम, अमेजन डॉट कॉम।
  • इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप।
  • नेशनल हाईवे अथॉरिटी की माई फास्ट ऐप।

फास्ट टैग खरीदने के लिए यह कागजात चाहिए
-गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
-गाड़ी मालिक की पासपोर्ट साइज फोटो
-गाड़ी मालिक का केवाईसी डॉक्यूमेंट। जैसे- आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ।
-फास्ट टैग खरीदते समय इन सभी दस्तावेजों की ऑरिजनल कॉपी जरूर साथ रखें।

ओप्पो K3 भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशंस

नई दिल्ली।चीन की कंपनी ओप्पो (Oppo) ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Oppo K3 लॉन्च कर दिया है। यह स्मार्टफोन इस साल फरवरी में लॉन्च हुए Oppo K1 की अगली रेंज है। Oppo K1 की तरह Oppo K3 इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ आने वाले सबसे किफायती स्मार्टफोन में से एक है। इंडियन मार्केट में Oppo K3 का मुकाबला Realme X और Redmi K20 जैसे स्मार्टफोन से होगा। यह स्मार्टफोन एक्सक्लूसिव रूप से Amazon पर मिलेगा। यह स्मार्टफोन 23 जुलाई से सेल के लिए उपलब्ध होगा।

16,990 रुपये है शुरुआती कीमत
Oppo K3 स्मार्टफोन को 2 रैम वेरियंट में लॉन्च किया गया है। इस स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत 16,990 रुपये है। यह कीमत 6GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले वेरियंट की है। वहीं, 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरियंट की कीमत 19,990 रुपये है। Oppo K3 मई में चीन में लॉन्च हुआ था।

स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर से पावर्ड है फोन
Oppo K3 स्मार्टफोन में 6.5 इंच का फुल HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजॉलूशन 2340×1080 पिक्सल है। यह स्मार्टफोन क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर से पावर्ड है। यह स्मार्टफोन कंपनी के खुद के ColorOS 6.0 स्किन के साथ ऐंड्रॉयड 9.0 Pie ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है। इस स्मार्टफोन में 3,765 mAh की बैटरी दी गई है, जो कि कंपनी की खुद की VOOC 3.0 फ्लैश चार्ज टेक्नॉलजी को सपॉर्ट करता है।

सिक्यॉरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर
अगर सिक्यॉरिटी ऑप्शन की बात करें तो Oppo K3 स्मार्टफोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। कंपनी का दावा है कि यह स्मार्टफोन अपनी पिछली रेंज के मुकाबे 28.5 फीसदी तेज है। Oppo K3 कंपनी की खुद की न्यू GameBoost 2.0 टेक्नॉलजी के साथ आता है। इस स्मार्टफोन के बैक में ड्यूल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन के बैक में 16 मेगापिक्सल और 2 मेगापिक्सल के कैमरे दिए गए हैं। वहीं, सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 16 मेगापिक्सल का मोटोराइज्ड पॉप-अप कैमरा दिया गया है।

लोकसभा स्पीकर बिरला का सबसे लंबे शून्यकाल का कीर्तिमान

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले ही सत्र में लोकसभा के कई कीर्तिमान ध्वस्त होने की राह में हैं। गुरुवार को लोकसभा में सबसे लंबी अवधि का शून्यकाल हुआ। इसमें रिकॉर्ड 162 सांसदों ने मुद्दे उठाए। बीते करीब एक महीने से चल रहे पहले सत्र की उत्पादकता फिलहाल 130 फीसदी है।

प्रश्नकाल में प्रतिदिन औसतन 3 से 4 सवाल की जगह 8 से 9 सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है जब पहले ही सत्र में पहली बार चुन कर आए करीब 90 सांसदों को पहले ही सत्र में बोलने का मौका मिला हो।

बीते गुरुवार को स्पीकर ओम बिड़ला ने सबसे लंबी अवधि (4 घंटे 48 मिनट) का शून्यकाल चलाने का कीर्तिमान बनाया। कार्यवाही रात 11 बजे तक चली। इस दौरान 30 फीसदी सांसदों ने मुद्दे उठाए। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक अब तक इतनी लंबी अवधि के शून्यकाल का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे पहले शून्यकाल में कभी भी 70 से अधिक सांसदों ने मुद्दे नहीं उठाए हैं। वर्तमान सत्र में अब तक नौ बिलों को मंजूरी मिल चुकी है।

प्रश्नकाल का भी बदला चेहरा
नए निजाम में कार्यवाही का अहम हिस्सा प्रश्नकाल का भी चेहरा बदल गया है। पहले बेहतर स्थिति में भी प्रतिदिन औसतन तीन से चार सवाल ही पूछे जाते रहे हैं। इस बार पांचवें हफ्ते तक प्रतिदिन प्रश्न पूछे जाने का औसत करीब नौ है। प्रतिदिन एक ही मंत्रालय के सवाल को उससे मिलते जुलते दूसरे सवालों से जोड़ा जा रहा है। पहले ही सत्र में स्पीकर ने सूची का सबसे अंतिम और 20वां सवाल पुछवाकर सबको हैरत में डाला था।

90 फीसदी सांसदों को पहले ही सत्र में मौका
हर लोकसभा में सांसद बोलने का मौका नहीं मिलने का रोना रोते रहे हैं। इस बार तस्वीर इसके उलट है। इस लोकसभा में पहली बार चुन कर आए 277 सांसदों में से 90 फीसदी सांसदों को पहले ही सत्र में बोलने का मौका मिल चुका है। पहली बार स्पीकर ने शून्यकाल के किसी नोटिस को अस्वीकार नहीं किया है। इसके कारण कार्यवाही और शून्यकाल का समय भी करीब करीब प्रतिदिन बढ़ाना पड़ा है।

मेंस्ट्रुअल कप और बायॉडिग्रेडिबल सैनेटरी नैपकिन बनाएगी सरकार

नई दिल्ली। भारत सरकार अब महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल कप और नैपकिन बनाने की योजना पर काम करेगी। महिलाओं, लड़कियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेंस्ट्रुअल हाइजीन स्कीम के तहत सरकार आक्सी बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी नैपकिन और मेंस्ट्रुअल कप बनाएगी। इसके लिए सरकार की हेल्थ टीम रिसर्च कर रही है।

यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से संसद में दी है। बता दें कि नैपकिन में प्लास्टिक मिला होता है, इसलिए इसे डिकंपोज होने में 500-800 साल लगते हैं। ये नैपकिन सेहत के साथ पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है इसलिए सरकार बायॉडिग्रेडिबल नैपकिन बनाएगी।

सरकारी विद्यालयों में सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगेंगी
समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं के लिए स्कूल परिसर में सेनेटरी नैपकिन की मशीनें लगाई जाएंगी। छात्राएं इसके जरिए मुफ्त में सेनेटरी नैपकिन ले सकेंगी। छात्राओं के साथ आसपास के गांवों की महिलाएं भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगीं। इसके लिए 2018-19 में 81.60 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की गई है।

गौरतलब है कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के दस राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में सैनेटरी नैपकिन की मशीनें लगाई जानी हैं। योजना पर काम शुरू हो गया है, अगले महीने से चयनित स्कूलों में मशीनों को लगवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

स्कूलों में कंपोस्ट प्लांट भी लगेगा
स्कूलों में सैनेटरी नैपकिन की मशीन लगाने के साथ ही कंपोस्ट प्लांट भी लगाए जाएंगे, ताकि सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग करने के बाद इधर-उधर फेंकने की बजाय सीधे प्लांट में डाला जाए। इसके साथ ही महिलाओं को व 10-19 साल तक की छात्राओं को इसे प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि वह बीमारियों से बच सकें।

बिना तत्वज्ञान के धर्म को नहीं समझा जा सकता : सौम्यनन्दिनी माताजी

कोटा। दिगंबर जैन मन्दिर महावीर नगर विस्तार योजना में चातुर्मास कर रही आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने शुक्रवार को अपने प्रवचन में कहा कि तत्वज्ञान के अभाव में व्यक्ति संसार में भटकर रहा है। सांसारिक ज्ञान का बोझ ढोने को मजबूर व्यक्ति पीड़ा भोगने को मजबूर है। बिना तत्वज्ञान के धर्म को भी नहीं समझा जा सकता है। धर्म को जानने के लिए ध्यान करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि राजा को भी धर्म की शरण में जाना पड़ता है। जिसका जो धर्म होता है, उसे निभाना पड़ता है। धर्म की शरण में रहने वाले राजा के राज्य में प्रजा खुशहाल और कल्याणकारी होती है। इस दुनिया में बिना किए किसी को कुछ नहीं मिलता है और जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल भी मिलता है।

सौम्यनन्दिनी माताजी ने ‘‘ये तो संसार सागर दुखों से भरा, या में सुख कहीं नजर आता नहीं…’’ गाकर सुनाया। इससे पहले कल्पना लूंग्या ने भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं कैलाशचन्द्र महेन्द्र कुमार धनोतिया के द्वारा चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, शास्त्र भेंट किया गया।

भजन-कीर्तन और झकियों के साथ पालकी में निकले साईं बाबा

कोटा। शिव मण्डल विकास समिति एवं साईं सेवा समिति शिव मंदिर रेलवे काॅलोनी कोटा जंक्शन के तत्वावधान में शुक्रवार को साईं बाबा मंदिर निर्माण के नवें स्थापना दिवस पर विभिन्न आयोजन धूमधाम से किए गए। मंदिर पर स्थित प्रतिमाओं का विशेष पूजन किया गया तथा साईं बाबा का प्रातः पंचामृत अभिषेक तथा दोपहर को महाआरती की गई। इसके बाद विभिन्न स्थानों से जयकारों के साथ साईं बाबा को पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण कराया गया। विधायक प्रहलाद गुंजल ने साईं बाबा का पूजन कर शोभायात्रा को रवाना किया।

शोभायात्रा शिव मंदिर प्रांगण वर्कशाॅप काॅलोनी से प्रारंभ होकर डेयरी चौराहा तुल्लापुरा चौराहा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, अण्डरब्रिज, रेलवे स्टेशन, मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय, राम मंदिर, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, मेन बाजार, शीतला चैक, भीमगंजमण्डी थाना, रंगपुर रोड, ओवरब्रिज, आरई काॅलोनी, हरिजन बस्ती, उड़िया बस्ती, रेलवे काॅलोनी होते हुए शिव मंदिर पर ही सम्पन्न हुई।

शोभायात्रा में ढोल, 4 बैण्ड, बग्गी, शिव दरबार, राम दरबार, राधा कृष्ण, साईं बाबा समेत 4 झांकियां, ऊंटगाडी, 2 डीजे साउण्ड समेत भजन कीर्तन मण्डलियां तथा डांडियां की टोलियां चल रही थीं। हर हर बम बम पर शिव ताण्डव करते हुए भूत प्रेत, रास रचाते राधा कृष्ण तथा भगवान राम का स्मरण करते बजरंग बली शोभायात्रा आकर्षण थे।

मधुर स्वरलहरियां बिखेरते बैण्ड के साथ सुंदर परिधानों में सजे स्त्री पुरूष नाचते गाते चल रहे थे। वहीं, डीजे पर भी युवा थिरकते नजर आ रहे थे। डीजे पर ‘साईं राम साईं शाम भगवान…’’, ‘‘तेरा शुक्र करा वे साईंयां…’’, ‘‘भर दो झोली साईंनाथ…’’, ‘‘साई नाथ मेरे साईंनाथ…’’, ‘‘लागी रे साईं लगन तेरे नाम की…’’, ‘‘हम सब आए तेरे द्वार, साईं बेड़ा पार कर दो…’’, ‘‘मेरे घर के आगे साईंनाथ…’’, ‘‘साईंनाथ तेरे हजारों हाथ…’’, ‘‘डम डम डमरू बाजे, साईनाथ शिव शंभु भजे…’’, ‘‘र्साइं शरण में आओगे तो समझोगे यह बात…’’, ‘‘साईं की नगरी जाना हे रे बंदे…’’, ‘‘थोड़ा ध्यान लगा साईं दौड़े दौड़े आएंगे…’’ सरीखे भजनों की शानदार प्रस्तुति दी जा रही थी।

कोटा में तीन दिवसीय फैशन एग्जीबिशन ‘नायाब’ का आगाज

कोटा। ARN ग्रुप की ओर से तीन दिवसीय ‘नायाब’ फैशन एंड लाइफ स्टाइल एग्जीबिशन का शुभारंभ थेकड़ा स्थित होटल में राधिका ग्रुप के चेयरमैन धनेश अग्रवाल ने किया । देश के अलग-अलग शहरों से डिजाइनर्स अपनी यूनिक डिजाइन्स के साथ कोचिंग नगरी में एकत्रित हुए है।

एग्जीबिशन में ना केवल डिजाइनर ड्रेसेस है, बल्कि ज्वैलरी में भी बड़ी ही आकर्षक कलाकारी देखने को मिल रही है। केजुअल से लेकर पार्टी वियर हो या टॉप से लेकर साडिय़ां, मैचिंग के क्लचेस हों या फिर दुपट्टे सभी इस प्रदर्शनी में शहरवासियों को आने को मजबूर कर रहे हैं।

ग्रुप के निदेशक नीरज त्रिवेदी ने बताया कि लघु उद्यमी महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह एग्जीबिशन लगाई गई है। एग्जीबिशन के माध्यम से महिलाओं को देश की प्राचीन परंपराओं से रूबरू होने का मौका मिल रहा है।

इस एग्जीबिशन में करीब 40 स्टॉलें लगी है, जिसमें जयपुर, इंदौर, मुंबई, कोलकाता, बनारस समेत अन्य स्थानों के प्रमुख उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। इस एग्जीबिशन में कोटा की चार स्टॉलें है, जिसमें कोटा डोरिया साड़ी, दुपट्टा व सूट्स आदि प्रमुख है। गौरतलब है कि एआरएन गु्रप कोटा में होटल इंडस्ट्री के साथ पर्यटन कारोबार को विकसित करने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि एग्जीबिशन में 20 जुलाई को किड्स शो के साथ 21 जुलाई को महिलाओं के लिए तंबोला व हाउजी गेम का आयोजन किया जाएगा। एग्जीबिशन में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। वहीं शॉपिंग करने पर महिलाएं निशुल्क पूल पार्टी का आनंद उठा सकती है। त्रिवेदी ने बताया कि एग्जीबिशन का समय सुबह 10 से रात 8 बजे तक रखा गया है। इस मौके पर एग्जीबिशन के संयोजक अमित शर्मा व सीमा जैन भी उपस्थित थी।