Monday, July 6, 2026
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मांग घटने से सोना 250 रुपए सस्ता, चांदी में मामूली गिरावट

नई दिल्ली/ कोटा विदेशी व घरेलू बाजार में मांग गिरने के चलते मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के दाम में 250 रुपए की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद सोने की कीमत 35,720 रुपए प्रति दस ग्राम हो गई। सोमवार को सोने की कीमत 35,970 रुपए प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर थी।

औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं द्वारा मांग में कमी के चलते चांदी की कीमत में 10 रुपए की मामूली गिरावट हुई। इसके बाद प्रति किलो चांदी का भाव 41,950 रुपए हो गया।
लंदन एवं न्यूयॉर्क से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को वहां कीमती धातुओं में नरमी रही। डॉलर के मजबूत होने के कारण वैकल्पिक निवेश के रूप में सोने की मांग गिरने की वजह से सोने के दाम में गिरावट हुई।

सोना हाजिर 0.41 फीसदी गिरकर 1418.95 डॉलर प्रति औंस बोला गया। अमेरिका सोना वायदा 10.64 फीसदी उतरकर 1,416.30 डॉलर प्रति औंस पर रहा। चांदी हाजिर 0.55 प्रतिशत बढ़कर 16.43 डॉलर प्रति औंस बोली गई।

कोटा सर्राफा
चांदी 39900 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 34300 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 40000 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 34470रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 40200 रुपये प्रति तोला।

31 अगस्त तक कर सकेंगे ITR फाइल, लास्ट डेट बढ़ाई

नई दिल्ली।सरकार ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने मंगलवार को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की लास्ट डेट एक महीने बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। पहले आईटीआर की लास्ट डेट 31 जुलाई थी।

यदि आपने अभी तक आईटीआर जमा नहीं किया है और अब खुद जमा करने के बारे में सोच रहे हैं तो अपने दस्तावेज तैयार कर लें। यदि आपके पास यह दस्तावेज नहीं हैं तो आपके रिटर्न भरने में परेशानी हो सकती है। आज हम आपको उन दस्तावेजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी आपको आईटीआर भरते समय जरुरत होगी।

तैयार रखें ये 22 दस्तावेज:
1- परमानेंट अकाउंट नंबर कार्ड (पैन कार्ड)
2- आधार कार्ड या एनरोलमेंट नंबर
3- घरेलू संपत्ति और देनदारी से जुड़े कागजात
4- विदेशी संपत्ति से जुड़े कागजात
5- बिक्री पर कैपिटल गेन्स और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स का लाभ लेने के लिए बायर एग्रीमेंट, सेल डीड और निवेश से जुड़े कागजात
6- किराए से आमदनी दर्शाने के लिए लीज डीड
7- टीसीएस क्रेडिट की जानकारी देने के लिए फॉर्म-16, 16ए और 16बी
8- वर्ष के दौरान डिविडेंड आदि से हुई आय की छूट के लिए दस्तावेज
9- इक्विटी निवेश में लॉन्ग एंड शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन का लाभ लेने के लिए दस्तावेज
10- बैलेंस शीट, लाभ-हानि खाता स्टेटमेंट और अन्य ऑडिट रिपोर्ट जो लागू हो
11- विदेशी निवेश हुई आय से जुड़े दस्तावेज
12- पिछले साल के आयकर रिटर्न की कॉपी

13- टीडीएस सर्टिफिकेट
14- टीडीएस की डिटेल चेक करने के लिए फॉर्म 26एस
15- साल के दौरान मिली ब्याज की जानकारी से जुड़ा दस्तावेज
16- सभी घरेलू और विदेशी बैंक खातों की जानकारी (आईएफएससी कोड, अकाउंट नंबर, नाम और खाते की प्रकृति समेत)
17- टैक्स कटौती के लिए होम और एजुकेशन लोन स्टेटमेंट
18- म्युचुअल फंड जैसे निवेश से जुड़े दस्तावेज
19- जीवन बीमा प्रीमियम जमा करने की रसीद
20- मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम और चेकअप की रसीद
21- कैपिटल गेन्स और लूजेज की गणना के लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की स्टेटमेंट
22- दान की गई राशि की रसीद

ग्राहकों ने 6,500 में खरीदा 9 लाख का कैमरा, जानिए कैसे

नई दिल्ली।ऑनलाइन शॉपिंग के शौकीन बेसब्री से ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर लगने वाली सेल का इंतजार करते हैं। ऐसी ही एक सेल हाल ही में आयोजित की गई, जिसमें यूजर्स को 99 पर्सेंट तक का डिस्काउंट मिला। हम बात कर रहे हैं Amazon Prime Day Sale की, जिसका यूजर्स ने जमकर फायदा उठाया।

अब आप सोच रहे होंगे कि ऐमजॉन प्राइम सेल की जानकारी तो आपको भी थी, पर आपकी नजर इस 99 पर्सेंट डिस्काउंट ऑफर पर क्यों नहीं पड़ी, तो परेशान होने की जरूरत नहीं। दरअसल, यह 99 पर्सेंट वाली डील एक बग के चलते ग्राहकों के हाथ लगी। हालांकि, जिन यूजर्स को इसका फायदा मिला उनके लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

रिपोर्ट्स की मुताबिक, कुछ यूजर्स को इस सेल में 9 लाख रुपये वाला कैमरा महज 6,500 रुपये में ही मिल गया। जैसे ही लोगों को इस डील का पता चला, वेबसाइट पर कैमरा प्रॉडक्ट खरीदने वालों की होड़ लग गई। इतने जबरदस्त डिस्काउंट के साथ मिलने वाले इन कैमरों की लिस्ट में सोनी, कैनन और फूजीफिल्म जैसी जानी-मानी कंपनियों के कैमरे शामिल थे।

हालांकि, यह तकनीकी खामी कुछ ही देर थी, लेकिन इतने समय में ही फटॉग्रफी के शौकीनों ने मौके का फायदा उठाते हुए 9 लाख रुपये (13,000 यूएस डॉलर) वाले Canon EF 800 lens को महज 6,500 रुपये (95 यूएस डॉलर) में खरीद लिया।

खरीदारी के बाद लोगों ने अमेरिका में रेडिट पर अपनी खुशी जाहिर की और बताया कि किस्मत से उन्हें यह जबरदस्त कैमरा इतना सस्ता मिल गया। वहीं, कुछ लोगों ने आंशका जताई कि तकनीकी खामी के चलते मिले इस प्रॉडक्ट का ऑर्डर, कहीं बाद में अपने आप कैंसल न हो जाए।

खास बात यह है कि ऐमजॉन ने भी इन ऑर्डर्स को कैंसल न करने का फैसला किया और ऑर्डर किए गए प्रॉडक्ट की शिपिंग की। पेटापिक्सल के मुताबिक, जब खरीदारों ने ऐमजॉन के कस्टमर सर्विस में फोन किया, तो उन्हें बताया गया कि ऑर्डर जल्द ही डिलिवर किया जाएगा।

इतना ही नहीं, कुछ यूजर्स ने तो इस जबरदस्त डील के लिए ऐमजॉन चीफ जेफ बेजॉस को शुक्रिया भी कहा। वहीं, कई यूजर्स ऐसे भी थे, जो कार्ट में अपलोडिंग न हो पाने के चलते चाहकर भी इन कैमरों को खरीद नहीं पाए।

गमला बताएगा कब कैसा महसूस कर रहा है आपका पौधा

नई दिल्ली।इंसानों के पास अपनी भावनाओं को दूसरे के सामने व्यक्त करने की क्षमता होती है। आप किस समय कैसा महसूस कर रहे हैं, आसानी से किसी को भी बता सकते हैं, लेकिन जरा उन पौधों का सोचिए जो चाहकर भी ऐसा नहीं कर सकते।

पेड़ और पौधों को किस समय किस चीज की जरूरत होती है, इसे व्यक्त करना उनके लिए काफी मुश्किल होता है। वे हमारी तरह वर्बली अपनी फीलिंग्स को बयां नहीं कर सकते। उनकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए एक अनोखा डिवाइस लॉन्च किया गया है जिससे आप जान सकेंगे कि वे कब, क्या और कैसा महसूस कर रहे हैं।

बेल्जियम के डिजाइनर विवियन म्यूलर ने एक ऐन्थ्रपमॉर्फिक वास (मानवरूपी गमला) तैयार किया है जिसमें सेंसर लगे हैं। इस स्मार्ट प्लांटर का नाम ‘लुआ’ है। इसमें लगे सेंसर आपके पौधों को जीवित रखने के लिए सॉइल मॉइश्चर, टेंपरेचर और लाइट एक्सपोजर को मेजर कर सकते हैं। इस गमले में 2.4 इंच की एलसीडी स्क्रीन दी गई है, जिसमें सेंसर के जरिए पौधों के 15 तरह के इमोशन्स दिखाई देते हैं।

मान लीजिए, अगर आपका पौधा ठंड महसूस कह रहा है तो स्क्रीन पर दांत कड़कड़ाते हुए चेहरा नजर आएगा। ऐसे ही बहुत गर्मी होने पर डिस्प्ले पर पसीना और पर्याप्त पानी मिलने पर डिस्प्ले पर स्माइल करता हुआ चेहरा दिखाई देगा।

जब कभी भी आपके पौधे में पानी ज्यादा हो जाएगा या फिर पौधा डिहाइड्रेटेड महसूस करेगा, तो डिस्प्ले पर आपको जीभ बाहर निकली नजर आएगी। इतना ही नहीं, इस गमले में 15 रियल-टाइम ऐनिमेशन भी दिए गए है।

लुआ प्लांटर मोशन सेंसिंग फीचर के साथ आता है, जो मूवमेंट को फॉलो करता है। जब भी गमले के सामने कोई मूवमेंट होगा तो वह इसे अपने आंखों से फॉलो करेगा। यह स्मार्ट प्लांटर एक फ्री ऐप से कनेक्टेड है, जहां क्यूआर कोड के जरिए आप लॉग-इन करके देख सकेंगे कि आप किस तरीके के प्लांट का ध्यान रख रहे हैं।

बैंकों में 20 लाख से ज्यादा की जमा-निकासी पर आधार वेरिफिकेशन जरूरी

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था में नकदी के प्रवाह में कमी लाने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही बैंकों में एक निश्चित राशि से ज्यादा की जमा और निकासी पर आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य बना सकती है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार आधार वेरिफिकेशन के लिए सरकार बायोमेट्रिक टूल या फिर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) का विकल्प दे सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, अभी आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य बनाने के लिए जमा-निकासी की सीमा तय करने पर विचार हो रहा है, लेकिन यह 20 से 25 लाख रुपए के बीच हो सकती है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस कदम का मकसद छोटे ट्रांजेक्शन करने वालों को कोई दिक्कत पैदा किए बड़े ट्रांजेक्शन वालों का पता लगाना है।

अभी बड़े लेनदेन के लिए पैन नंबर देना अनिवार्य है, लेकिन एक सीमा तय होने के बाद पैन नंबर के साथ आधार का वेरिफिकेशन भी कराना होगा। वित्त विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, भविष्य में इसे तय सीमा से अधिक की विदेशी करेंसी की खरीद के लिए भी अनिवार्य किया जा सकता है।

प्रॉपर्टी लेन-देन में भी जरूरी होगा आधार वेरिफिकेशन
रिपोर्ट के अनुसार, नकद जमा-निकासी के अलावा एक निश्चित मूल्य से ज्यादा की प्रॉपर्टी के लेनदेन में भी आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि अभी कई जमाकर्ता फर्जी पैन नंबर का इस्तेमाल करते हैं।

इससे उनके लेनदेन को ट्रैक नहीं किया जा पाता है। इस समस्या से निपटने के लिए आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रक्रिया से फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी।

2021 में 35 हजार करोड़ रुपए की होगी डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री

नई दिल्ली। देश में बढ़ते इंटरनेट यूजर्स के चलते देश की डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। FICCI-EY की रिपोर्ट के मुताबिक उम्मीद है कि 2019 में डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को पीछे कर देगा और 2021 तक 5.1 अरब डॉलर (35,147 करोड़ रुपए) का हो जाएगा। 2018 में डिजिटल मीडिया 42 फीसदी बढ़ा है और 2.4 अरब डॉलर (16,539 करोड़ रुपए) का रहा।

2019 में इसकी वैल्यू 3.2 अरब डॉलर (22 हजार करोड़ रुपए) होने की संभावना है। 2018 में देश का फिल्म सेगमेंट 2.5 अरब डॉलर (17.2 हजार करोड़ रुपए) का था और 2019 में इसके 2.8 अरब डॉलर (19.2 हजार करोड़ रुपए) के होने की संभावना है। प्रिंट मीडिया 2018 में 4.4 अरब डॉलर (30.3 हजार करोड़ रुपए) का था, जिसके 2021 में 4.8 अरब डॉलर (33 हजार करोड़ रुपए) के हो जाने की उम्मीद है।

दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा इंटरनेट यूजर्स भारत में
भा
रत में चीन के बाद दुनिया के सबसे ज्यादा 57 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं। इतना ही नहीं इंटरनेट यूजर्स की संख्या सालाना 13 फीसदी की दर से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय यूजर्स अपने 30 फीसदी फोन टाइम को एंटरटेनमेंट पर खर्च करते हैं। 2018 में ऑनलाइन वीडियो देखने वालों की संख्या 32.5 करोड़ और ऑडियो स्ट्रीमिंग का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या 15 करोड़ थी।

OTT प्लेटफॉर्म को होगा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक 2021 तक देश में OTT (over the top) वीडियो कंटेंट के लिए भुगतान करने वाले 3-3.5 करोड़ सब्सक्राइबर्स होंगे, जबकि 60-70 लाख ऐसे उपभोक्ता होंगे जो ऑडियो कंटेंट के लिए भुगतान करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक TRAI के नए आदेशों के आधार पर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को फायदा होगा क्योंकि टीवी के मुकाबले इन पर कंटेंट भी ज्यादा होगा और कीमत भी कम होगी।

विज्ञापन इंडस्ट्री होगी 4.3 अरब डॉलर की
2018 में देश में विज्ञापन मॉडल की वैल्यू 2.2 अरब डॉलर (15 हजार करोड़ रुपए) आंकी गई है, जबकि सब्सक्रिप्शन वैल्यू सिर्फ 20 करोड़ डॉलर (1.3 हजार करोड़ रुपए) थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2021 तक उम्मीद है कि एडवर्टाइजिंग मॉडल 4.3 अरब डॉलर (29.6 हजार करोड़ रुपए) का होगा जबकि सब्सक्रिप्शन मॉडल 80 करोड़ डॉलर (5.5 हजार करोड़ रुपए) का हो जाएगा। अगले पांच साल में इंटरनेट पर कंटेंट देखने के समय में तीन से 3.5 गुना इजाफा हो सकता है, जिसके चलते कंटेंट भी तेजी से बढ़ेगा, लेकिन विज्ञापनों से होने वाली आय में सिर्फ दो गुना इजाफा होगा।

मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर होगा 33.6 अरब डॉलर का
कुल मिलाकर देश का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर 2017 से 13.4 फीसदी बढ़कर 2018 में 23.9 अरब डॉलर (16.4 हजार करोड़ रुपए) का हो गया था। इसके 2021 में 33.6 अरब डॉलर (2.31 लाख करोड़ रुपए) के हो जाने का अनुमान है। इन तीन वर्षों में ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल मीडिया इस ग्रोथ को रफ्तार देंगे।

हालांकि रेवेन्यू बनाने के मामले में टीवी सबसे बड़ा सेगमेंट बना रहेगा। देश का ऑनलाइन गेमिंग सब्स्क्राइबर बेस 2017 में 18.3 करोड़ डॉलर (12.6 हजार करोड़ रुपए) से बढ़कर 2018 में 27.8 करोड़ डॉलर (19.1 हजार करोड़ रुपए) हो गया था। इस सेक्टर से 2021 में 1.7 अरब डॉलर (11.7 हजार करोड़ रुपए) रेवेन्यू पैदा होने की उम्मीद है।

भारत में क्रिप्टोकरेंसी खरीदना-बेचना एवं रखना होगा अपराध

नई दिल्ली। भारत में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा हर काम अपराध कहलाएगा। क्रिप्टोकरेंसी बेचने-खरीदने या रखने से लेकर इससे जुड़ी किसी भी प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर जेल जाना पड़ेगा। लाखों रुपए का जुर्माना भी देना पड़ेगा। सरकार भारत में क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने के लिए कानून ला सकती है।

भारत सरकार की तरफ से गठित इंटर-मिनिस्ट्रियल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है। सोमवार को यह रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंप दी गई। भारत सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी, 2018 तक देश में क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार में 50 लाख ट्रेडर्स तो 24 एक्सचेंज सक्रिय थे। ये ट्रेडर्स एक दिन में एक अरब रुपए का कारोबार करते हैं। इस कारोबार में एक दिन में लगभग 1500 बिटकॉयन का इस्तेमाल किया जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी, वर्चुअल करेंसी, डिजिटल करेंसी जैसे मसलों पर रणनीति बनाने के लिए सरकार ने 2017 के नवंबर माह में आर्थिक मामलों के सचिव की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया था। कमेटी में सूचना-तकनीक सचिव के साथ सेबी चेयरमैन एवं भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर भी शामिल थे।

कमेटी ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी बेचने-खरीदने एवं रखने वालों को एक साल से लेकर दस साल तक कैद की सिफारिश की है। वहीं, इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति को लाखों रुपए का दंड भी देना पड़ सकता है। कमेटी ने सरकार से बैनिंग ऑफ क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2019 लाने की सिफारिश की है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में डिजिटल करेंसी लांच करने की भी सिफारिश की है।

कमेटी ने कहा है कि भारतीय उपभोक्ताओं को क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉयन से सुरक्षित करना होगा, क्योंकि इसके जरिए कई उपभोक्ताओं को ठगा जा चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में बिटकॉयन के नाम पर 2000 करोड़ रुपए के घोटाले हुए। इसके तहत कई उपभोक्ताओं के साथ धोखा हुआ।

कमेटी ने कहा है कि किसी भी देश ने लिगल टेंडर के रूप में यानी कि उस देश की वैधानिक करेंसी के रूप में क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं दिया गया है। चीन ने भी वर्ष 2017 में चीनी करेंसी के साथ क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया।

डिजिटल करेंसी की सिफारिश
कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार चाहे तो सेंट्रल बैंक की तरफ से डिजिटल करेंसी जारी की जा सकती है। इसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) का नाम दिया जाएगा। लेकिन यह सेंट्रल बैंक की तरफ से तय किया जाएगा कि डिजिटल करेंसी 24 घंटे काम करेगी या नहीं।

IMO व IBO में एलन के ओजस, अरूणांग्शु व हार्दिक को सिल्वर मेडल

कोटा। इंटरनेशनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड (आईएमओ) व इंटरनेशनल बॉयोलॉजी ओलंपियाड (आईबीओ) में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कुल तीन विद्यार्थियों ओजस मित्तल, अरूणांग्शु भट्टाचार्य व हार्दिक गुप्ता ने सिल्वर मेडल हासिल किए हैं।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि 60वां आईएमओ-2019, इंग्लैंड के बाथ शहर में 11 से 22 जुलाई तक हुआ, जिसमें एलन के ओजस मित्तल ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया है। इसी प्रकार 30वां आईबीओ-2019, यूरोप के हंगरी शहर में 14 से 21 जुलाई तक आयोजित हुआ था। जिसमें एलन के स्टूडेंट अरूणांग्शु भट्टाचार्य व हार्दिक गुप्ता ने सिल्वर मेडल हासिल किया है।

आईबीओ की टीम में तीन विद्यार्थी एलन से रहे। जिसमें दो विद्यार्थियों ने सिल्वर मेडल जीते। अरूणांग्शु जिपमेर 2019 में ऑल इंडिया टॉपर रह चुका है। हार्दिक ने एम्स 2019 की प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की थी।

आध्यात्मिक चेतना का सशक्त माध्यम है योग : आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। दिगंबर जैन मन्दिर महावीर नगर विस्तार योजना में चातुर्मास कर रही आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि योग आध्यात्मिक चेतना के जागरण का एक सशक्त माध्यम है। जो हमें मानचित्र, विचार, भाव, प्राण और आत्मा की शुद्धि के द्वारा परमतत्व से जोड़ता है। परमानंद और शांति की अनुभूति ही योग दर्शन के रूप में प्रकट होती है।

आर्यिका ने कहा कि योग का केंद्र चित्त को माना जाता है। चित्त की वृत्तियों को यदि निग्रह यानी नियमन या नियंत्रण हो गया तो जीवन की सारी समस्याओं का समाधान स्वयं हो जाएगा। आज के दौर में तो व्यक्ति अपनी लालसाओं को पूरा करने की होड़ में सबसे आगे निकलने को आतुर हैं।

साध्वी सौम्यनन्दिनी ने कहा कि यह दौड़ उसमें लालच, स्वार्थ, ईष्या, क्रोध, अहंकार जैसी जानलेवा दुष्प्रवृत्तियां जगा सकती हैं। यह दूसरों से ज्यादा तो उसके खुद के लिए ही हितकर है, जिससे असीमित तनाव व हताशा (डिप्रेशन) जैसे शारीरिक व मानसिक विकार उत्पन्न होते हैं। इनका केंद्र तो चित्त या मन ही है। वह संयमित और संतुलित होगा तो जीवन की सही दिशा और गति तय कर सकता है।

किसानों की कर्ज माफी का मामला विधान सभा में उठाएंगे दिलावर

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कोटा। राजस्थान सरकार ने सत्ता में पहले किसानों से सम्पूर्ण कर्ज माफी का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ की ओर से सोमवार को विधायक मदन दिलावर को ज्ञापन सौपा गया।

संभागीय मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने बताया कि कांग्रेस की सरकार की ओर सम्पूर्ण कर्ज माफी का वादा किया था। जिसकी बजट में भी कोई घोषणा नहीं हुई है। इस मामले को लेकर विपक्ष की भूमिका भी सराहनीय नहीं है।

किसानों की मासिक आय नहीं होती तथा फसल वर्ष में दो बार ही आती है। इसलिए, वर्ष में दो बार ही बिजली का बिल देना चाहिए तथा अनुदान की राशि काट कर शेष राशि का ही बिल दिया जाए। जिन किसानों का बिद्युत कनेक्शन कृषि के लिए डिमान्ड जमा हो गई है उन्हें तुरन्त कनेक्शन दिए जाने चाहिए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गिरदावरी से पूर्व ही प्रीमियम राशि काट ली जाती है। जिससे किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। प्रीमियम काटने से पूर्व किसानों से फसल बुवाई घोषणा पत्र लिया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राम स्तर पर बीमा एजेंट, पटवारी, ग्राम सहायक व कृषि पर्यवेक्षक शिविर लगा कर किसानों से घोषणा पत्र लेकर बीमा के लिए भेजे।

प्रीमियम जमा होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा प्रत्येक बीमा कराने वाले को उसकी पाॅलिसी देकर आवश्यक जानकारी से अवगत कराए। ज्ञापन पर विधायक मदन दिलावर ने उचित मंचों पर तथा आगे से विधानसभा में भी मामला उठाने की बात कही।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गिरिराज चैधरी, सम्भांगीय उपाध्यक्ष जगदीश खाती, प्रान्तीय सहकारिता प्रमुख रामकुमार नागर, जिला प्रचार प्रमुख रूप नारायण यादव, तहसील अध्यक्ष कन्हीराम, तहसील मंत्री प्रहलाद नागर तहसील उपाध्यक्ष ओमप्रकाश फौजी उपस्थित रहे।