Monday, July 6, 2026
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चंद्रयान-2 का काउंटडाउन शुरू, रिहर्सल पूरा, आज दोपहर को होगी लॉन्चिंग

श्रीहरिकोटा। इसरो के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग का रिहर्सल सफल रहा है और इसका काउंटडाउन रविवार शाम 6:43 से शुरू हो गया। 15 जुलाई को लॉन्चिंग टाले जाने के बाद इसरो ने इसके लिए 22 जुलाई को दोपहर 2:43 बजे का वक्त तय किया था। इससे पहले 15 तारीख को क्रायोजेनिक इंजन में लीकेज के चलते लॉन्चिंग को कुछ वक्त पहले ही स्थगित कर दिया गया था।

इसरो चीफ के. सिवन ने बताया, ‘चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले प्रयास जो तकनीकी खामी आई थी, उसे भी दूर कर लिया गया है।’ इसरो के पूर्व चीफ ए.एस किरण कुमार ने कहा कि इस तरह के किसी भी अभियान से पहले हम कई स्तरों पर टेस्टिंग करते हैं। पिछली बार हमें एक खामी मिली ती और इससे पार पा लिया गया है। अब हम चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए तैयार हैं।

उन्होंने बताया कि चंद्रयान 22 जुलाई को लॉन्च होगा और 14 अगस्त से हम चंद्रमा के लिए यात्रा शुरू करेंगे। इसके बाद 6 सितंबर तक मून पर लैंडिंग होगी। सभी ऐक्टिविटीज अच्छे से चल रही हैं। इससे पहले शनिवार दोपहर को इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 को ले जाने वाले जीएसएलवी मार्क III-एम 1 की लॉन्च रिहर्सल पूरी हो गई है और परफॉर्मेंस नॉर्मल है।

क्रैश टेस्ट के बाद ही सड़क पर उतरेंगी नई कारें, सरकार की सख्ती

नई दिल्ली। केंद्र सरकार कार सुरक्षा को लेकर सख्ती के मूड में है। ऐसे में कार कंपनियों को किसी तरह की ढील नहीं दिए जाने की सूचना है। केंद्र सरकार की तरफ से एक जुलाई 2019 से सभी कारों में 5 सेफ्टी फीचर्स (ABS के साथ EBD, ड्राइवर एयरबैग, रिवर्स पार्किंग अलर्ट सिस्टम, स्पीड अलर्ट सिस्टम और सीट बेल्ट रिमाइंडर) लगाना अनिवार्य कर दिया है।

इसके बाद अब सरकार नई कार को कड़े क्रैश टेस्ट से गुजारने की तैयारी कर रही है, जिससे कार निर्माता कंपनियां सेफ्टी फीचर्स की क्वॉलिटी के साथ समझौता न कर सकें। क्रैश टेस्ट में पास होने के बाद ही नई कार सड़क पर उतर सकेगी।

केंद्र सरकार देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के दो टेस्टिंग ट्रैक और सेंटर तैयार किए हैं, जहां इन कारों की जांच होगी। सरकार बाकायदा सरकारी उपक्रम नेशनल ऑटोमोबाइल टेस्टिंग एंड रिसर्च-डेवलपमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (नाट्रिप) को मान्यता देने तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को नाट्रिप को कारों के मैकेनिकल व तकनीकी जांच करने की मान्यता देने संबधी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

बजट कार उतारने के चक्कर में सुरक्षा से समझौता
भारत में बनने वाली बजट कारें (5-8 लाख रुपए कीमत की) विदेश में होने वाले क्रैश टेस्ट में फेल हो चुकी हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने नाट्रिप को टेस्टिंग के अधिकारी देने की तैयारी शुरू कर दी है। नाट्रिप के सहयोग से चेन्नई व इंदौर में अंतराष्ट्रीय स्तर टेस्टिंग ट्रैक व सेंटर बनकर तैयार कर लिए गए हैं।

कार टेस्टिंग यह सुविधा पूर्वोत्तर राज्यों के बड़े शहरों सहित गुरुग्राम व अन्य स्थानों पर की जा रही है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक अभी तक नई कारों के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग की सुविधा नहीं थी। अब नई कारें कड़े परीक्षण के बाद ही सड़क पर उतर सकेंगी।

पतंजलि पर अमेरिका में गलत दावों के साथ प्रोडक्ट बेचने का आरोप

नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद कानूनी दांवपेंच में फंसती नजर आ रही है। दरअसल पतंजलि कंपनी के दो शरबत ब्रांड पर अमेरिका ने बिक्री पर रोक लग सकती है। वहीं अमेरिकी खाद्य विभाग पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने पर विचार कर रहा है। मामले में दोषी पाए जाने पर कंपनी पर करीब 3 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) की जारी रिपोर्ट के मुताबिक पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के दो शर्बत ब्रांड पर में अलग-अलग दावे किए गए हैं।

अमेरिकी विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी के भारत में बेचे जाने के लिए शर्बत उत्पादों के लेबल पर अलग दावे किए गए है, जबकि अमेरिका निर्यात किए जाने वाले शरबत में अलग दावें हैं। कंपनी दोनों देशों के लिए अलग-अलग उत्पादन और पैकेजिंग करती है।

अगर पतंजलि के खिलाफ आरोप सही पाएं गए, तो कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा और पांच लाख अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगा सकता है। वहीं कंपनी के अधिकारियों को तीन साल की सजा हो सकती है।

वहीं अगर भारत में कंपनी को गलत ब्रांडिंग और गलत दावों के साथ प्रोडक्ट की बिक्री का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (FSS) एकट 2006 के तहत 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

साल 2018-19 में बढ़ी कमाई
कंपनी की कमाई की बात करें, तो साल 2017-18 में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की कमाई 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,135 करोड़ पर पहुंच गया था, जबकि साल 2018-19 में कंपनी ने 9,030 करोड़ रुपए की कमाई की है।

देश में 25 जुलाई के बाद सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक वाहन, जानिए क्यों

नई दिल्ली। वस्तु एंव सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक 25 जुलाई को होगी, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इलेक्ट्रिक व्हीकल पर 12 प्रतिशत जीएसटी की दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का ऐलान करेगी। अगर ऐसा होता है, तो 10 लाख रुपए कीमत वाली इलेक्ट्रिक व्हीकल 70 हजार रुपए सस्ती हो जाएगी।

वित्त मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से जीएसटी काउंसिल की 36वीं बैठक को संबोधित करेंगी। इस बैठक में सोलर पावर जनरेशन सिस्टम और विंड टर्बाइन प्रोजेक्ट (वायु से बिजली बनाना) से जीएसटी दर को कम किया जा सकता है। बता दें कि पिछले माह राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई थी, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन और किराए पर इलेक्ट्रिक व्हीकल में जीएसटी में छूट का देने का प्रस्ताव रखा गया था।

इन प्रस्तावों पर 25 जुलाई को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला लिया जा सकता है। मौजूदा वक्त में देश में पेट्रोल-डीजल कार के साथ ही हाइब्रिड वाहनों पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से देश में घरेलू स्तर पर उद्योग-धंधो को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिंल टैक्स स्ट्रक्चर में विचार करने का सुझाव दिया गया था।

परमात्मा के स्मरण से रोग, शोक दोष होते हैं दूर : आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। दिगंबर जैन मन्दिर महावीर नगर विस्तार योजना में चातुर्मास कर रही आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने रविवार को अपने प्रवचन में कहा कि परमात्मा का स्मरण करने से रोग, शोक दोष दूर होते है। हमें हर क्षण विवेक व उपयोग से पाप कर्मों से बचना है। विवेक व उपयोग ही धर्म है। अधिकाधिक समय परमात्मा साधना, आराधना व भक्ति में लगाना है। परमात्मा भक्ति सहज है।

उन्होंने कहा कि साधक में आत्मा से परमात्मा जुड़ने की शक्ति है। श्रावक-श्राविकाओं को अपनी शक्ति का सदुपयोग विवेक से करना है। हिंसा, रात्रि भोजन से बचना है तथा द्रव्य व भाव पूजा, जप, तप व स्वाध्याय, ध्यान, प्रतिक्रमण व सामयिक के माध्यम से अपने कर्मबंधनों से मुक्ति के लिए प्रयास व पुरुषार्थ करना है। आलस व प्रमाद को त्यागना है।

साध्वी सौम्यनन्दिनी माताजी ने कहा कि परमात्मा के पास अक्षत खजाना है, उस खजाने की प्राप्ति के लिए जागृत होने व श्रद्धा भीतर में जगाने की दरकार है। चातुर्मास देव, गुरु व धर्म के प्रति हमें जगाने, जागृति लाने तथा अपने आत्म कल्याण का मार्ग दिखाने के लिए है। चातुर्मास का सदुपयोग करें।

स्मोकिंग करने पर ट्रोल हुईं प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा इन दिनों मायामी में अपनी मां के साथ बढ़िया वक्त गुजार रही हैं। बीते दिनों उनका जन्मदिन था। इस मौके पर उनकी मां मधु चोपड़ा और कजन परिणीति चोपड़ा वहां पहुंची थीं। उनके बर्थडे की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हैं।

हाल ही उनकी याच पार्टी की भी एक तस्वीर सामने आई है जसमें प्रियंका सिगरेट पीती नजर आ रही हैं और उनकी मां और निक जोनस सिगार पी रहे हैं। उनकी यह तस्वीर ट्रोल्स के निशाने पर आ गई है क्योंकि इससे पहले प्रियंका स्टेटमेंट दे चुकी हैं कि उन्हें अस्थमा है।

बता दें कि प्रियंका ने बीते दिसंबर निक जोनस से उदयपुर के उम्मेद भवन पैलेस में शादी की थी। उनकी शादी में आतिशबाजी होने के बाद भी प्रियंका चोपड़ा को ट्रोल किया गया था। इस बार उनकी स्मोकिंग की तस्वीर पर लोग तरह-तरह के मीम्स बना रहे हैं।

18 जुलाई को प्रियंका का बर्थडे था। उनकी फैमिली और फ्रेंड्स ने धूमधाम से इस दिन को सेलिब्रेट किया। इस मौके के विडियोज और तस्वीरें इंटरनेट पर छाए हुए हैं। बर्थडे के बाद प्रियंका अपनी मां के साथ वकेशन एंजॉय कर रही हैं।

समय पर उपाय ही बचा सकता है डेंगू के डंक से

कोटा। डाॅ. वाई गौतम ने कहा कि डेंगू और स्वाइन फ्लू एक प्रकार का संक्रामक रोग है। यह रोग मच्छर के संक्रमण और रोगी को छूने, हाथ-मिलाने या सीधे संपर्क में आने से फैलता है।वाइरस पीड़ित व्यक्ति के छींकने, खांसने, हाथ मिलाने और गले मिलने से संक्रमण होने की आशंका रहती है।

वे इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से रविवार को आरएसी परेड ग्राउण्ड पर डेंगू और स्वाईन फ्लू आयोजित जनजागृति कार्यक्रम के दौरान सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि डेंगू शरीर को आंतरिक रूप से क्षतिग्रस्त और कमजोर कर देता है। इसका सही समय पर उपचार न होने पर यह घातक साबित हो सकता है।

डेंगू के प्रभावी होने के बाद इसका उपचार करने के बजाए, इससे बचाव के तरीके अपनाना अधिक बेहतर है। डेंगू मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ और खडे़ पानी में पैदा होता है। प्लेटलेट्स कम होना, तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, चमड़ी पर दाने, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द और मसूड़ों व नाक में से खून बहना डेंगू के लक्षण हैं।

डाॅ. केके डंग ने कहा कि स्वाइन फ्लू का वाइरस स्टील, प्लास्टिक में 24 से 48 घंटों तक, कपड़ों में 8 से 12 घंटों तक, टिश्यू पेपर में 15 मिनट तक और हाथों में 30 मिनट तक सक्रिय रहता है। जब हम खांसते या छींकते हैं तो हवा में या जमीन पर या जिस भी सतह पर थूक या मुंह और नाक से निकले द्रव कण गिरते हैं, वह वायरस की चपेट में आ जाता है।

बारिश के मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा
यह कण हवा के द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। यह वायरस दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी फैल सकता है।

उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है और तेजी से फैलती है। बारिश के मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक बढ़ जाता है। स्वाइन फ्लूू छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है।

बुखार आने पर इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इसके साथ ही अगर इलाके में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं, तो बचाव के लिए आप मुंह पर रुमाल या मास्क लगाएं क्योंकि सावधानी ही बचाव है। इसमें एंटीबॉयटिक दवाओं के सेवन से उपचार नहीं होता है, बल्कि स्थिति बदतर हो सकती है।

मच्छरों की रोकथाम करना जरूरी
अध्यक्ष डाॅ.एस सान्याल ने कहा कि संक्रामक बीमारियों मेें डेंगू के डंक से बचाव के लिए समय रहते बचाव करना पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि डेंगू और स्वाईन फ्लू के लक्षण नजर आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत जांच करवाएं। डेंगू और स्वाई फ्लू की जांच और इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त किया जाता है। इन घातक बीमारियों से बचाव के लिए मच्छरों की रोकथाम करना जरूरी है।

उन्होंने अपने घरों के आस पास पानी इकट्ठा न होने देने, कूलरों और फ्रिज की ट्रे को हफ्ते में एक बार जरूर साफ करने की सलाह दीं। वहीं नालियों में काले तेल का छिड़काव करने, शरीर को ढक कर रखने और मच्छर मारने वाली दवाई इस्तेमाल करने की बात कही। आरएसी के डिप्टी कमाण्डेंट पवन जैन ने स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस दौरान डाॅ. एनके जोशी, डाॅ. जीसी जैन, डाॅ. सीबीदास गुप्ता, डाॅ. उमेश ठाकर, डाॅ. रीना ठाकर, डाॅ. लोकेश रावत, डाॅ. सुनीता खण्डेलवाल समेत कईं लोग उपस्थित रहे।

राजस्थान से उठे पर्यावरण संरक्षण की आवाज : ओम बिरला

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अब जन चेतना और जन जागृति के लिए जन आंदोलन चलाया जाना चाहिए। पर्यावरण सन्तुलन और पर्यावरण शुद्धता के लिए पूरी दुनिया चिंतित है। भारत एक ऐसी संस्कृति वाला देश है जहां वृक्षों की भी पूजा होती है। राजस्थान वीरों और बलिदानों की धरती है। यहां से पर्यारण संरक्षण और पर्यारण शुद्धता की आवाज उठनी चाहिए।

वे दशहरा मैदान के विजयश्री रंगमंच पर शहर की जनता से रूबरू हो रहे थे। बिरला ने पर्यावरण असन्तुलन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को अब जनांदोलन बनाने की जरूरत है। हर व्यक्ति पौधे लगाएं और उनकी पूरी देखभाल करें।

नगर निगम की ओर से आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मेरा शहर हरा-भरा और सबसे स्वच्छ शहर बने। इसके लिए जनभागीदार से सघन पौधारोपण करने की जरूरत है। मेरा शहर देश का सबसे हरा-भरा बने इसके लिए जनसहभागिता से प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आज स्टेशन से आ रहा था तो मुझे लग रहा कि शहर को हरा-भरा करने के प्रयासों को और बढ़ाने की जरूरत है। शहर में अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनकी देखाभाल करें। पौधे लगेंगे तो शहर प्रदूषण मुक्त बन सकेगा।

हर घर में पहुंचेगा शुद्ध जल
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा है कि देश के प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पानी मिले। हर घर में नल से शुद्ध पानी पहुंचे। इस दिशा में काम शुरू हो गया है। सरकार के साथ हमें भी भूमिगत जल व वर्षाजल को बचाने और संचय करने का संकल्प लेना होगा।

दुनिया में कोटा का नाम कर रहे रोशन
महापौर महेश विजय ने कहा कि बिरला कोटा की खान से निकला ऐसा सितारा है जो आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया में कोटा का नाम रोशन कर रहे हैं।

कार्यक्रम में उप महापौर सुनीता व्यास, पूर्व मंत्री प्रभूलाल सैनी, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, मदन दिलवार, प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका, भाजपा के शहर अध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला का फूलों का हार पहनाकर अभिनंदन किया।

GST कॉउंसिल की बैठक आज, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा

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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 36वीं बैठक 25 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। यह बैठक दोपहर तीन बजे के बाद होगी। ऐसा समझा जा रहा है कि परिषद की पिछली बैठक में कुछ मामलों को मंत्रियों की समितियों को सौंपे गए थे जिन पर इस बैठक में निर्णय लिए जाने की संभावना है।

इसके साथ ही फिटमेंट समिति को भी कुछ मामले सौंपे गये थे और उन पर 36वीं बैठक में विचार किए जाने की संभावना है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शुरू होने के बाद परिषद की पहली बैठक 21 जून को हुई थी। यह परिषद की 35वीं बैठक थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने जीएसटी परिषद की बैठक में पहली बार भाग लिया था।