Saturday, May 16, 2026
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पीएम किसान योजना : सवा लाख बैंक खातों से गलत जमा हुआ पैसा वापस

नई दिल्ली। पीएम-किसान योजना के तहत सवा लाख बैंक खातों में जमा कराई गई 2000 रुपए की किस्त को वापस ले लिया गया है। दरअसल हुआ यूं कि जमीन परिवार के किसी सदस्य के नाम है और योजना के तहत पैसा पाने के लिए परिवार के दूसरे व्यक्ति का बैंक खाता नंबर दे दिया गया। ऐसे में सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया कि योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिल पाएगा, जिन्हें जमीन का मालिकाना हक प्राप्त है।

1.50 लाख किसानों की किस्त पर लगी रोक
लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले शुरु हुई पीएम किसान योजना में एक करोड़ लोगों के बैंक खातों में एक साथ योजना की पहली किस्त दो हजार रुपये जमा कराई गई थी। हालांकि 2.69 लाख किसानों के बैंक खाते और खेत के मालिक के नाम के बीच अंतर पाया गया है। सभी मामलों का सत्यापन करने से पहले ही 1.19 लाख बैंक खातों में पहली किस्त जमा हो गई थीं। हालांकि 1.50 लाख किसानों की किस्तें जमा होने से पहले ही रोक ली गईं।

पकड़ में आई गड़बड़ी
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के आंकड़ों की जांच के लिए सरकार ने पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम का गठन किया गया है। यह प्रणाली राज्यों से भेजे जा रहे किसानों के आंकड़े जांचती है, ताकि उसमें कोई कमी न रह जाए। इसी प्रणाली ने इस तरह की गड़बड़ी को पकड़ा। इसके लिए राज्यों को सख्त निर्देश भेजा गया है कि उन्हीं किसानों के नाम भेजे जाएं, जिनके अपने बैंक खाते हों। बैंक खाता और वास्तविक किसान के मिलान के बाद ही इसे आगे बढ़ाया जाए।

इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का फायदा
आयकर देने वाले किसानों को पीएम-किसान योजना का लाभ नहीं दिए जाने का प्रावधान है। राज्यों से मंगाए जा रहे आंकड़ों के साथ आधार नंबर भी दर्ज किया जा रहा है, जिसके जरिए इसका पता चल सकेगा। सरकारी नौकरी और 10 हजार रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

पांच लाख रुपए हो आयकर छूट की सीमा, सरकार से उद्योग संगठनों की मांग

नई दिल्ली। भारतीय उद्योग जगत ने सरकार से व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को 2.50 लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने की अपील की है। उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बाद अब एसोचैम ने भी सरकार ने वर्ष 2019-20 के पूर्ण बजट में यह प्रावधान करने की अपील की है। सीआईआई ने भी बजट पूर्व अपने ज्ञापन में सरकार को व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने का सुझाव दिया है।

5 जुलाई को पेश होगा पूर्ण बजट
नई मोदी सरकार 05 जुलाई को वर्ष 2019-20 के लिए पूर्ण बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। इस बीच एसोचैम ने वित्त मंत्रालय को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा है कि महंगाई के दबाव के मद्देनजर सरकार को व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपए करनी चाहिए।

संगठन ने वेतनभोगी और अन्य करदाताओं के बीच एकरूपता लाने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे सभी करदाताओं को मानक छूट का लाभ मिल सकेगा। वेतनभोगी कर्मचारियों और कारोबार या पेशवर गतिविधियों में लगे लोगों के बीच कर को लेकर असमानता है जिसके कारण वेतनभागियों को अधिक कर चुकाना पड़ता है।

मानक छूट को बढ़ाकर एक लाख किया जाए
एसोचैम ने मानक छूट को भी बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की अपील करते हुए कहा कि सकल वेतन का करीब 20 प्रतिशत मानक छूट होनी चाहिए। चालीस हजार रुपए की मानक छूट से वेतनभोगियों को कोई विशेष राहत नहीं मिल रही है। इसलिए इसमें बढ़ोतरी किए जाने की आवश्यकता है। उसने कहा कि वित्त अधिनियम 2018 में एक प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाए जाने से अधिकांश वेतनभोगियों के लिए इस मानक छूट का कोई मायने नहीं रह गया है।

व्यय के लिए छोड़ी जाए अधिक आय
करदाताओं को व्यय के लिए अधिक आय छोड़ने का सुझाव देते हुए एसोचैम ने कहा कि उन्हें चिकित्सा व्यय, अवकाश यात्रा व्यय जैसे मद में अधिक राहत दी जानी चाहिए। उसने कहा कि अभी अवकाश यात्रा व्यय या भत्ता अभी सिर्फ यात्रा तक सीमित है और इसमें रहने या खाने-पीने के व्यय को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन यात्रा करने पर रहने और खाने-पीने पर अधिक व्यय होता है। इसके मद्देजनर इसमें इन सभी को शामिल किया जाना चाहिये।

धारा 80 सी के तहत बढ़े छूट की सीमा
एसोचैम ने लोगों में बचत को बढ़ावा देने के लिए आयकर कानून की धारा 80सी के तहत मिलने वाली छूट की सीमा को 1.50 लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए करने की सिफारिश की है। उसने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाली छूट को भी अधिकतम दो बच्चों के लिए प्रत्येक बच्चे के वास्ते एक हजार रुपए मासिक या जो वास्तविक व्यय हो या इसमें से जो कम हो की छूट दी जानी चाहिए।

आर्थिक आंकड़ों और मानसून की प्रगति से मिलेगी बाजार को दिशा

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह मानसून के पूर्वानुमान का असर देखने को मिला, जबकि इस कारोबारी सप्ताह के दौरान बाजार की नजर देश में मानसून की प्रगति पर होगी। साथ ही, देश-विदेश में इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से भी बाजार को दिशा मिलेगी। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपए की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव पर भी बाजार की नजर रहेगी।

मानसून ने एक सप्ताह विलंब से शनिवार को केरल तट पर दस्तक दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राज्य के तटवर्ती इलाकों में शनिवार सुबह से ही बारिश हो रही थी। आगे मानसून की प्रगति कैसी रहती है इस पर बाजार की नजर रहेगी।

आमतौर पर मानसून भारत में एक जून को दस्तक देता है, लेकिन इस बार एक सप्ताह बाद मानसून आया है। देश में इस साल अप्रैल महीने में औद्योगिक उत्पादन कैसा रहा, इसके आंकड़े सप्ताह के दौरान बुधवार को जारी हो सकते हैं।

इसी दिन मई महीने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई)आधारित महंगाई दर के आंकड़े जारी होने की संभावना है। इस साल अप्रैल में सीपीआई आधारित महंगाई दर मार्च के 2.86 फीसदी से बढ़कर 2.92 फीसदी हो गई थी।

कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को मई महीने की थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई दर के आंकड़े जारी हो सकते हैं। अप्रैल में डब्ल्यूपीआई आधारित महंगाई दर 3.1 फीसदी दर्ज की गई थी।

निवेशकों की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश रुझान पर भी होगी। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल से भी बाजार को दिशा मिलेगी।

जापान में जीडीपी के पहली तिमाही के आंकड़े इसी सप्ताह
उधर, विदेशों में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर होगी। जापान में इस सप्ताह के आरंभ में साल की पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े सोमवार को घोषित हो सकते हैं।

वहीं, चीन में भी सोमवार को ही मई महीने के व्यापार संतुलन के आंकड़े जारी हो सकते हैं। सप्ताह के दौरान बुधवार को चीन में मई महीने की महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे। वहीं, अमेरिका में भी बुधवार को ही मई महीने की महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे। अमेरिका में मई महीने की खुदरा बिक्री के आंकड़े शुक्रवार को जारी होंगे।

तीन अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड की 13 सदस्यीय भारतीय टीम में 8 छात्र एलन से

कोटा। इंटरनेशनल बाॅयलोजी ओलम्पियाड (आईबीओ), इंटरनेशनल कैमेस्ट्री ओलंपियाड (आईसीएचओ) व इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (आईपीएचओ) के लिए भारतीय टीम की घोषणा की गई है। तीनों ओलंपियाड के लिए चयनित टीमों से कुल 13 विद्यार्थी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। जिनमें 8 विद्यार्थी एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के विद्यार्थी हैं।

निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि आईबीओ व आईसीएचओ की टीमों में तीन-तीन विद्यार्थी जबकि आईपीएचओ की टीम में दो विद्यार्थी एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से हैं। होमी जहांगीर भाभा इंस्टीट्यूट मुम्बई में आयोजित ओरियन्टेशन कम सलेक्शन कैम्प में प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम की घोषणा की गई। आईबीओ व आईसीएचओ के लिए चार-चार एवं आईपीएचओ के लिए कुल पांच विद्यार्थियों की टीम का चयन किया जाता है।

आईबीओ में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के अरूणांग्शु भट्टाचार्य, हार्दिक गुप्ता एवं अक्षय गुप्ता भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। अरूणांग्शु ओरियन्टेशन कम सलेक्शन कैम्प के तहत थ्योरी में आॅल इंडिया टाॅपर रहे। 30वां इंटरनेशनल बाॅयलोजी ओलम्पियाड आईबीओ-2019 हंगरी में 14 से 21 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा।

इसी प्रकार आईसीएचओ में भारत की ओर से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के ध्येय संकल्प गांधी, मुदिता गोयल एवं आर मुहेन्दर राज प्रतिनिधित्व करेंगे। ध्येय संकल्प गांधी ओरियन्टेशन कम सलेक्शन कैम्प के तहत हुए प्रेक्टिकल व थ्योरी दोनों में आॅल इंडिया टाॅपर रहे। 51वां आईसीएचओ 21 से 30 जुलाई 2019 तक फ्रांस के पेरिस में आयोजित होगा।

वहीं आईपीएचओ के लिए चयनित टीम में दो विद्यार्थी एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निशांत अभांगी एवं कौस्तुभ दिघे भारत की ओर से प्रतिनधित्व करेंगे। यहां निशांत अभांगी प्रेक्टिकल में आल इंडिया टाॅपर रहे। 50वां आईपीएचओ इजरायल के तेल अबीव में 7 से 15 जुलाई 2019 तक आयोजित होगा।

गलतियां दुरुस्त करने का GST एनुअल रिटर्न में कोई प्रावधान ही नहीं

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कोटा। गलतियों को सही करने का GST एनुअल रिटर्न में कोई प्रावधान ही नहीं है। भूल से हुई गलतियों का भारी टैक्स और ब्याज की जिम्मेदारी एनुअल रिटर्न में खड़ी हो रही है, जिसके परिणाम स्वरूप कारोबारी और टैक्स प्रोफेशनल दोनों ही तनाव की स्थिति से गुजर रहे हैं।

यह जांनकारी टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से शहर के एक होटल में जीएसटी ऑडिट और वार्षिक रिटर्न पर आयोजित लाइव सेमिनार में एक्सपर्ट सीए आयुष गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि एनुअल रिटर्न में एडीशनल टैक्स लायबिलिटी की व्यवस्था है, पर न्यू आईटीसी लेने की व्यवस्था नहीं है, जिससे व्यापारियों को नुकसान है! ऑडिट रिपोर्ट और एनुअल रिटर्न को ऑनलाइन ही फाइल करना पड़ेगा, जबकि जीएसटीएन की साइट सही तरह से काम नहीं करती है।

उन्होंने कहा कि वर्कशॉप में जो गलतियां रिटर्न भरने में हुई उनका निराकरण करने की कोशिश की गई, तब पता चला कि उन गलतियों को सही करने का एनुअल रिटर्न में कोई प्रावधान ही नहीं है। जहां पर विभाग का फायदा है, वहां पर अतिरिक्त टैक्स चुकाने का पूरा ऑप्शन रिटर्न में उपलब्ध है, जबकि इससे उलट अगर व्यापारी द्वारा किसी भी तरह की क्रेडिट लेने से रह गई है या मिस मैच तो उसे एनुअल रिटर्न में समायोजित नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वार्षिक रिटर्न फॉर्म भरने में उन कारोबारियों को ज्यादा परेशानी आ रही है, जिन्हें पहले मासिक या त्रिमासिक रिटर्न भरने में दिक्कत हुई थी। उस समय भी बिक्री के फॉर्म GSTR-1 और खरीद के फॉर्म जीएसटीआर 2a के मिलान में परेशानी हुई थी । वार्षिक रिटर्न भरने में भी उनका रिटर्न GSTR-1 से अपडेट नहीं ले रहा है।

2 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी ऑडिट कराना जरूरी
जीएसटी ऑडिट 2 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को कराना आवश्यक है। सीए इंस्टीट्यूट की गाइडलाइंस के अनुसार यह टर्नओवर 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक का देखना है, जबकि जीएसटी 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ है! जीएसटी ऑडिट और एनुअल रिटर्न की आखिरी तारीख 30 जून है । अगर इसके बाद एनुअल रिटर्न भरते हैं तो ₹200 प्रति दिन के हिसाब से पेनल्टी लगेगी । अधिकतम पेनल्टी टर्नओवर के आधा फ़ीसदी तक लगाई जाएगी ।

ऑडिट फॉर्मेट में कई खामियां
टैक्स बार एसोसिएशन कोटा के अध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार विजय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिटर्न और जीएसटी ऑडिट मैं देरी का प्रमुख कारण जीएसटीएन के द्वारा अपूर्ण तैयारी रही है। फॉर्मेट इतनी देरी के बाद आए हैं । उनमें कई तरह की खामियां हैं, जिससे टैक्स प्रोफेशनल बुरी तरह से परेशान हैं। क्योंकि किसी भी तरह के संशोधन और रद्दोबदल को स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि फॉर्मेट में ऐसी जानकारियां मांगी गई है जो छोटे व्यापारियों और इंडस्ट्रीज के लिए एक प्रकार का चैलेंज बना हुआ है। दूसरी तरफ सरकार द्वारा अभी तक भी क्लेरिफिकेशन जारी किए जा रहे है। एनुअल रिटर्न फाइल करने के बाद ही जीएसटी ऑडिट की जा सकेगी और किसी भी प्रकार की गलती होने पर ऑडिट में उसे सही नहीं किया जा सकेगा । परिणामस्वरूप विभाग द्वारा नोटिस दिया जाएगा और पेनल्टी लगाई जाएगी ।

टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव सीए लोकेश माहेश्वरी ने सब का आभार व्यक्त किया । सीए हितेश दयानी ने बताया कि सेमिनार में 146 लोगों ने भाग लिया पूरे सत्र को स्टडी सर्किल चेयरमैन एडवोकेट ओम बड़ोदिया ने संचालित किया ।

सर्राफा बोर्ड के चुनाव में ‘विचित्र’ की अध्यक्ष पद पर हैट्रिक

कोटा। शनिवार की रात को प्रतिष्ठित व्यापारिक संस्था श्री सर्राफा बोर्ड के नये सत्र 2019-20 के लिए नई कार्यकारिणी के चुनाव न्यू सर्राफा मार्केट में संपन्न हुए। जिसमें अध्यक्ष पद पर सुरेन्द्र गोयल विचित्र लगातार तीसरी बार निर्विरोध निर्वाचित किए गए।

चुनाव अधिकारी गोरधन लाल सोनी ने बताया कि सचिव पद पर विवेक कुमार जैन, उपाध्यक्ष सुशील लोहिया, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनी और संयुक्त सचिव दीपक जैन मेवाड़ा को पुनः निर्वाचित किया गया। इनके अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्यों में आनंद राठी, रामस्वरूप गोयल, पुरुषोत्तम पुरोहित, राधेश्याम मित्तल, महेंद्र सोनी और योगेश सोनी ‘मोनी’ निर्वाचित हुए।

इससे पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र ने संस्था की गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस बार संस्था के न्यू सर्राफा मार्केट को सुरक्षा, सुंदरता व स्वच्छता के लिए कोटा व्यापार महासंघ द्वारा एवं शहर में सर्वाधिक रक्तदान करने के लिए कोटा ब्लड बैंक द्वारा सम्मानित किया गया है।

कोटा सर्राफा बोर्ड की नव निर्वाचित कार्यकारणी।

बालाजी मार्केट में बनेगा ज्वैलर्स मॉल
विचित्र ने बताया कि संस्था द्वारा जल्दी ही बालाजी मार्केट में उपलब्ध भूखंड पर ज्वैलर्स मॉल बनाने का काम शुरू किया जाएगा।इसके अतिरिक्त भी संस्था द्वारा लोकतंत्र के महापर्व सहित कई अनेक सेवा गतिविधियां आयोजित की गई थी।

NOKIA 8.1 पर 7000 रुपये का तगड़ा डिस्काउंट

नई दिल्ली। भारत में नोकिया 8.1 स्मार्टफोन की कीमत में कटौती की गई है। इस स्मार्टफोन के दोनों वेरियंट पर प्राइस कट किया गया है। नोकिया 8.1 के 4GB वेरियंट पर 7000 रुपये की कटौती की गई है। वहीं इस फोन के 6GB वेरियंट की बात करें तो इसकी कीमत में भी 7000 रुपये की कटौती की गई है। डिस्काउंट के बाद दोनों वेरियंट्स कीमत लगभग बराबर हो गई है।

ये है नई कीमत
नोकिया 8.1 के 4GB+64GB वेरियंट को भारत में 26,999 रुपये के प्राइस टैग के साथ लॉन्च किया गया था। अब प्राइस कट के बाद यह फोन 19,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। वहीं इस फोन का 6GB+128GB वेरियंट 29,999 रुपये के प्राइस टैग के साथ लॉन्च किया गया था।

अब 7,000 रुपये के डिस्काउंट के बाद यह फोन 22,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। ऐमजॉन पर फोन का 4GB वेरियंट डिस्काउंटेड प्राइस से भी कम 19,250 रुपये में मिल रहा है। वहीं 6GB वेरियंट 23,850 रुपये में लिस्टेड है जो डिस्काउंटेड प्राइस से ज्यादा है।

नोकिया दे रहा ये डील्स
इन स्मार्टफोन्स की खरीद पर नोकिया 4000 रुपये का गिफ्ट कार्ड और वन टाइम स्क्रीन रिप्लेसमेंट दे रहा है। इस ऑफर को पाने के लिए ‘MATCHDAYS’ प्रोमो कोड का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा 9 महीने के लिए नो कॉस्ट ईएमआई का ऑप्शन भी मिलता है।

इसके अलावा एयरटेल के सब्सक्राइबर्स को 1TB तक 4G डेटा 199 रुपये के प्लान पर मिल रहा है। पोस्टपेड कस्टमर्स को 120GB डेटा मिल रहा है। इसके अलावा 499 रुपये या उससे ऊपर का प्लान चुनने पर 3 महीने का नेटफ्लिक्स और 1 साल का ऐमजॉन प्राइम सब्सक्रिप्शन भी मिलता है।

इन फीचर्स से लैस है नोकिया 8.1
फीचर्स की बात करें तो नोकिया 8.1 18.7: आस्पेक्ट रेशियो के साथ 6.18 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है। फोन का डिस्प्ले नॉच के साथ आता है और इसका स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 86.5 प्रतिशत है। फटॉग्रफी के लिए फोन में 12 मेगापिक्सल+13 मेगापिक्सल का ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। सेल्फी के लिए फोन में 20 मेगापिक्सल का कैमरा मौजूद है।

फोन 4GB/6GB रैम के साथ 64GB और 128GB स्टोरेज ऑप्शन के साथ आता है। माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से फोन की मेमरी को 400GB तक बढ़ाया जा सकता है। नोकिया 8.1 ऐंड्रॉयड 9 पाई ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है और इसमें AI पावर्ड क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर दिया गया है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 3,500mAh की बैटरी दी गई है जो 18वॉट के फास्ट चार्जिंग सपॉर्ट के साथ आती है।

सभी किसानों के लिए पीएम किसान योजना अधिसूचित

दिल्ली।अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना का विस्तार सभी 14.5 करोड़ किसानों तक करने के फैसले को शनिवार को अधिसूचित कर दिया। इससे इस योजना का लाभ देश के सभी किसानों को मिल सकेगा, बेशक उनके पास कितनी भी जमीन हो। इस योजना के तहत सरकार किसानों को खाते में सालाना 6,000 रुपये डालेगी। इस बारे में फैसला 31 मई को नयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया।

राज्य करेंगे लाभार्थियों की पहचान
वर्ष 2019 के आम चुनाव के अपने चुनावी घोषणा पत्र में बीजेपी ने इस योजना का लाभ सभी किसानों को देने का वादा किया था। इस फैसले को अधिसूचित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों लाभार्थियों की पहचान करने को कहा है। राज्यों को यह भी पहचान करनी होगी कि कौन से लोग इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं।

इन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ जिन लोगों को नहीं मिल सकेगा उनमें संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पद संभालने वाले किसान परिवार, राज्य/केंद्र सरकार के साथ-साथ पीएसयू और सरकारी स्वायत्त निकायों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। डॉक्टर, इंजीनियर और वकील के साथ-साथ 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों और अंतिम मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले पेशेवरों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

87,217.50 करोड़ आएगा खर्च
अंतरिम बजट में 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री-किसान योजना की घोषणा की गई थी। इसके तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले लगभग 12.5 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष (तीन बराबर किस्तों में) 6,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। संशोधित योजना के तहत वित्त वर्ष 2019-20 में इस पर अनुमानित रूप से 87,217.50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। साथ ही इसके दायरे में दो करोड़ और किसानों को लाया जाएगा।

मौजूदा भूमि स्वामित्व प्रणाली’ का उपयोग
केंद्र ने राज्य सरकारों को ‘मौजूदा भूमि स्वामित्व प्रणाली’ का उपयोग करने के लिए कहा है, ताकि लाभार्थियों की पहचान की जा सके और पीएम-किसान पोर्टल पर परिवार के विवरण अपलोड होने के बाद लाभ का अंतरण किया जा सके। इसमें कहा गया है कि पात्र लाभार्थी किसानों की पहचान करने और पीएम-किसान पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों की है।

शाओमी के स्मार्टफोन्स पर अब नहीं दिखेंगे परेशान करने वाले विज्ञापन

नई दिल्ली।शाओमी स्मार्टफोन यूजर्स को MIUI पर आने वाले अनचाहे ऐडवर्टाइजमेंट से काफी परेशानी हो रही थी। पिछले कुछ दिनों से इस बारे में इंटरनेट पर काफी चर्चा भी हो रही थी। यूजर्स ने इसके विरोध के साथ ही शाओमी से इसे हटाने की अपील की है। यूजर्स के बढ़ते विरोध के चलते कंपनी ने अब MIUI के ऐडवर्टाइजमेंट मॉडल को ठीक करने की शुरुआत कर दी है।

हाल में शाओमी के प्रॉडक्ट डायरेक्टर और MIUI एक्सपीरियंस के जनरल मैनेजर ने चीन की वेबसाइट वीबो पर एक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने शाओमी के कस्टमाइज्ड यूजर इंटरफेस के एक्पीरियंस को बेहतर बनाने के लिए किए जाने वाले बदलावों का जिक्र किया है।

बताया जा रहा कि कंपनी अब अपने MIUI पर आने वाले ऐडवर्टाइजमेंट के नियमों में अहम बदलाव करने वाली है। इसके साथ ही कंपनी वलगर कॉन्टेंट दिखाने वाले ऐडवर्टाइजर्स पर भी लगाम कसने की तैयारी कर रही है।

वीबो पर किए गए पोस्ट में कन्फर्म किया गया है कि MIUI पर आने वाले ऐड्स को ठीक करने का काम शुरू हो चुका है। शाओमी ने अब तक कई सारे ऐडवर्टाइजिंग स्पेस को हटा दिया है। कहा जा रहा अगले दो महीने में इसे ठीक कर फिर से उपलब्ध करा दिया जाएगा।

इसी प्रकार कंपनी अपने प्लैटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले आपत्तिजनक ऐड्स को हटाने के लिए भी जरूरी कदम उठाएगी। रिपोर्ट्स की मानें तो शाओमी इन ऐडवर्टाइजमेंट पॉलिसी में बदलाव के साथ अगले दो से तीन महीनो में MIUI का एक हल्का वर्जन लॉन्च कर सकता है।

पीएम नरेंद्र मोदी को मालदीव के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया

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माले। पड़ोसी देश मालदीव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को देश के सबसे बड़े सम्मान ‘निशान इज्जुद्दीन’ से सम्मानित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने मालदीव की पिछली सरकार के चीन के करीब जाने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के पद ग्रहण करने के बाद द्विपक्षीय सहयोग की गति और दिशा में मौलिक बदलाव आया है। दरअसल, मालदीव की पिछली सरकार ने चीन के प्रभाव में आकर भारत विरोधी रुख अपना लिया था। हालांकि शनिवार को जब पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति गले मिले तो दोनों देशों के रिश्तों में गर्मजोशी साफ दिखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भी कहा, ‘मुझे खुशी है कि मेरे दूसरे कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर आपके सुंदर देश मालदीव में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।’ उन्होंने कहा कि हमारे देशों ने कुछ दिन पहले ही ईद का त्योहार हर्ष और उल्लास के साथ मनाया है। मेरी शुभकामनाएं हैं कि इस पर्व का प्रकाश हमारे नागरिकों के जीवन को हमेशा आलोकित करता रहे।

पीएम बोले, पूरे भारत को नया गौरव दिया
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एम ने कहा, ‘आज मुझे मालदीव के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करके आपने मुझे ही नहीं बल्कि पूरे भारत को एक नया गौरव दिया है। निशान इज्जुदीन का सम्मान मेरे लिए हर्ष और गर्व का विषय है। यह मेरा ही नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता और घनिष्ठ संबंधों का सम्मान है। मैं इसे बड़ी विनम्रता के साथ सभी भारतीयों की ओर से स्वीकार करता हूं।’

भारत हमेशा मालदीव के साथ खड़ा है’
उन्होंने कहा, ‘हिंद महासागर की लहरों ने हजारों साल से हमें घनिष्ठ संबंधों में बांधा है। 1988 का बाहरी हमला हो या सुनामी जैसी कुदरती आपदा या हाल में पीने के पानी की कमी, भारत हमेशा मालदीव के साथ खड़ा रहा है और मदद के लिए हमेशा आगे आया है।’ उन्होंने कहा कि भारत में संसदीय और मालदीव में राष्ट्रपति और मजलिस के चुनावों के जनादेश से साफ है कि दोनों देशों के लोग स्थिरता और विकास चाहते हैं। ऐसे में लोगों पर केंद्रित और समावेशी विकास तथा सुशासन की हमारी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मालदीव में भारत का सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि विभिन्न द्वीपों पर पानी और सफाई की व्यवस्था, छोटे और लघु उद्योगों के लिए पयाप्त वित्त, बंदरगाहों का विकास, कॉन्फ्रेंस और कम्युनिटी सेंटर का निर्माण, क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण, ऐंम्बुलेंस सेवा, तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करना, कृषि और मत्स्य पालन, पर्यटन जैसे अनेक भारतीय सहयोग के प्रॉजेक्ट से मालदीव के लोगों को सीधा फायदा पहुंच रहा है।

कोच्चि से सीधे नौका सेवा
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए हम भारत में कोच्चि और मालदीव में कुल्तुफुशी और माले के बीच नौका सेवा शुरू करने पर सहमत हुए हैं। पीएम ने कहा कि मालदीव में रुपे कार्ड जारी करने से भारतीय पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसबारे में जल्द कार्यवाही होगी। रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई है।

पीएम ने कहा कि आज हमने संयुक्त रूप से मालदीव डिफेंस फोर्सेज के कंपोजिट ट्रेनिंग सेंटर और तटीय निगरानी प्रणाली का उद्घाटन किया है। यह मालदीव की समुद्री सुरक्षा को और बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव के साथ अपने संबंधों को सबसे अधिक महत्व देता है। हम एक दूसरे के साथ गहरी और मजबूत साझेदारी चाहते हैं। एक समृद्ध, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण मालदीव पूरे क्षेत्र के हित में है। हम दोहराना चाहते हैं कि भारत मालदीव की हरसंभव सहायता करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। आखिर में उन्होंने कहा, ‘भारत-मालदीव दोस्ती अमर रहे।’