Friday, July 10, 2026
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रामगंजमंडी में बिरला ने किया 184 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को रामगंजमंडी के लखारिया चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम में 184 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में क्षेत्र में लगभग 650 करोड़ रूपए के विकास कार्य शुरू हुए हैं, जिससे रामगंजमंडी सहित आसपास के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही सिंचाई की समस्या अब दूर होने लगी है और लक्ष्य है कि हर खेत तक पानी पहुँचे। इसके लिए विभिन्न स्रोतों से जल आपूर्ति की योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें मध्यप्रदेश से जल लाना और गांधी सागर परियोजना से जोड़ना शामिल है। आगामी दो वर्षों में हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के तहत प्रत्येक पंचायत में सामुदायिक भवन, स्कूलों का विकास और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। पहले जहां छोटे कार्य होते थे, अब बड़े स्तर पर निर्माण कार्य हो रहे हैं। खेल सुविधाओं के विस्तार के तहत इंडोर स्टेडियम और बड़े खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।

कनेक्टिविटी में हुआ बड़ा परिवर्तन
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र में सड़क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है। केवल रामगंजमंडी विधानसभा में लगभग 177 करोड़ रूपए के सड़क कार्य प्रगति पर हैं। अब गांवों को बेहतर सड़कों से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्गों से कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है, जिससे दिल्ली, मुंबई, उज्जैन और वडोदरा जैसे शहरों तक आवागमन आसान हुआ है। इससे व्यापार, उद्योग और किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 63 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक जिला अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।

हर संकल्प को पूरा कर रहे हैं
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि क्षेत्र में विकास की नई दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। आज ताकली बांध का पानी किसानों को मिल रहा है और लगभग 12 हजार हेक्टेयर असिंचित भूमि के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। पाटली नदी को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है तथा आरोबी (R.O.B.) निर्माण का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है।

दिलावर ने कहा कि जब वे विधायक बने थे, तब क्षेत्र में समस्याओं का अंबार था, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मिलकर लिए गए संकल्पों को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। सुकेत और चेचट में कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईटीआई, बालिका सैनिक विद्यालय, वेद पाठशाला और जिला अस्पताल जैसी सौगाते क्षेत्र को मिली है।

केंद्र में पीएम मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर, प्रधान कलावती मेघवाल, निवर्तमान चेयरमेन अकलेश मेड़तवाल, जिला महामंत्री भगवान सिंह धाकड़, राजाराम बैरवा, मंडल अध्यक्ष शांति बाई , धीरप सिंह, बाबू लाल मेघवाल, लक्ष्मीनारायण अहीर, धर्मराज धाकड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रूस से तेल आयात का ब्‍योरा देने से भारत सरकार का इंकार, जानिए असली वजह

नई दिल्‍ली। Russia Oil Imports: रूस से भारत के तेल आयात के डेटा को लेकर पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है। अधिकारियों ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत इसे लेकर आंकड़े साझा करने से इनकार कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत काम करने वाले पेट्रोलियम प्‍लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) ने इसके पीछे तर्क दिया है।

प्रकोष्‍ठ का कहना है कि ऐसी जानकारी व्यावसायिक रूप से संवेदनशील है। इसे सार्वजनिक रूप से जाहिर नहीं किया जा सकता। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने इस रुख का समर्थन किया है। ऐसा करते हुए व्यापक राष्ट्रीय और भू-राजनीतिक पहलुओं का हवाला दिया है।

देश के आधार पर और कंपनी के आधार पर कच्चे तेल के आयात का विवरण व्यावसायिक और गोपनीय है। इसलिए इसे आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत साझा नहीं किया जा सकता। हालांकि, कुल आयात की मात्रा और उसका मूल्य पीपीएसी की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है।
केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ)

क्या था मामला

  • इसमें जून 2022 से जून 2025 के बीच रूस से भारत आने वाले कच्चे तेल की खेप के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई थी।
  • पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस अनुरोध में विशेष रूप से कंपनी-वार ब्योरा मांगा गया था।
  • इसमें आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी विदेश, रिलायंस इंडस्‍ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल थीं।

हालांकि, केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (CPIO) ने इस अनुरोध को खारिज करते हुए कहा: ‘कच्चे तेल के आयात से संबंधित देश-वार और कंपनी-वार जानकारी व्यावसायिक और गोपनीय प्रकृति की है। आरटीआई अधिनियम 2005 के सेक्शन 8(1) (डी) और 8 (1) (ई) के तहत इसे जाहिर करने से छूट हासिल है। हालांकि, कच्चे तेल के आयात की कुल मात्रा और मूल्य (वर्तमान और ऐतिहासिक दोनों) पीपीएसी की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।’

आवेदक ने दिया था तर्क
सुनवाई के दौरान आवेदक ने तर्क दिया कि इस क्षेत्र के कामकाज को समझने के लिए ऐसे डेटा तक पहुंच जरूरी है। इसके बावजूद आयोग ने जानकारी जाहिर न करने के पक्ष में फैसला सुनाया।

अपने अंतरिम आदेश में सीआईसी ने कहा कि जानकारी जाहिर करने से रणनीतिक और आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही दूसरे देशों के साथ संबंधों पर भी असर पड़ेगा। इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा संवेदनशील भू-राजनीतिक समीकरणों से जुड़ा हुआ है।

आयोग ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ए) और 8(1)(डी) के तहत दी गई छूट को बरकरार रखा। यह निष्कर्ष निकाला कि इस मामले में कोई अतिरिक्त राहत नहीं दी जा सकती।

गोपनीयता पर सरकार के रुख का समर्थन करते हुए भी आयोग ने प्रक्रियागत चूकों को लेकर चिंताएं जताईं। आयोग ने पीपीएसी के अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कारण है कि पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए थे। आयोग ने पूछा कि आरटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

इसके अलावा, सीआईसी ने जानकारी को सक्रिय रूप से जाहिर करने के मामले में भी कमियां पाईं। इसमें यह बताया गया कि जवाब देने वाले की वेबसाइट पर ‘सूचना का अधिकार’ टैब में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अथॉरिटी को निर्देश दिया गया कि वह आरटीआई एक्ट, 2005 के सेक्‍शन 4 का पालन सुनिश्चित करे।

Stock Market: शेयर मार्केट में बहार, 77 हजार के पार सेंसेक्स, निफ़्टी 24016 पर

नई दिल्ली। Stock Market Update, April 27, 2026: एशियाई बाजारों में पॉजिटिव संकेतो के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार (27 अप्रैल) को बढ़त के साथ खुले। घरेलू शेयर मार्केट में तेजी के बीच सेंसेक्स 416 अंकों की बढ़त के साथ 77080 के लेवल पर पहुंचा।

जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 118 अंक ऊपर 24016 पर पहुंचने में कामयाब रहा। सन फार्मा 4.57 प्रतिशत उछलकर 1694 रुपये पर पहुंच गया। अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील, एलएंडटी में भी तेजी है।

निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम होगा। साथ ही फार्मा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को ऊपर की तरफ पुश किया है। इसके अलावा आईटी ऑटो शेयरों में तेजी से भी बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 76,856 अंक पर खुला। शुक्रवार को यह 76,664 पर बंद हुआ था। सुबह 9:26 बजे यह 434.71 अंक या 0.57 फीसदी की बढ़त लेकर 77,098.92 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 23,945 पर खुला और खुलते ही 24 हजार के पार चला गया। सुबह 9:28 बजे यह 132.20 अंक या 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,030.15 पर ट्रेड कर रहा था।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट: एशियाई बाजारों में सोमवार को अच्छी बढ़त देखने को मिली। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए। निक्केई 225 0.53% बढ़ गया, जबकि कोस्पी 1% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने अच्छी शुरुआत का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 24,108 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 185 अंक का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है
  • वॉल स्ट्रीट में रिकॉर्ड तेजी
    अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुए। टेक शेयरों में खरीदारी से नैस्डैक और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे। एसएंडपी 500 56.68 अंक या 0.80% बढ़कर 7,165.08 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 398.09 अंक या 1.63% बढ़कर 24,836.60 पर बंद हुआ।
  • रिलायंस के नतीजे: रिलायंस ने चौथी तिमाही में 12.6% मुनाफे में गिरावट दर्ज की, हालांकि रेवेन्यू में करीब 13% की बढ़त रही। कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

अखिल भारतीय गतका प्रतियोगिता में गुरु काशी विश्वविद्यालय ओवरऑल चैंपियन

कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला) का समापन रविवार को शानदार प्रतिस्पर्धा और उत्साहपूर्ण माहौल के साथ हुआ। भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं खेल तथा युवा मामले मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान आयोजित प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता का आयोजन कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत के निर्देशन में किया गया।

आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के 36 विश्वविद्यालयों की टीमें कोटा पहुंचीं। कुल नौ श्रेणियों में आयोजित इस प्रतियोगिता में 362 प्रतिभागी खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया। समापन दिवस रविवार को कुल 94 मुकाबले संपन्न हुए।

कुप्रतियोगिता में गुरु काशी विश्वविद्यालय ने सर्वाधिक पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। विश्वविद्यालय ने 6 स्वर्ण और 1 रजत पदक के साथ कुल 48 अंक अर्जित किए। वहीं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड विश्वविद्यालय 1 स्वर्ण और 4 रजत पदकों के साथ 23 अंक लेकर द्वितीय स्थान पर रहा। पंजाब विश्वविद्यालय 15 अंकों के साथ तृतीय तथा गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय 10 अंकों के साथ चतुर्थ स्थान पर रहा।

मेजबान कोटा विश्वविद्यालय ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण एवं 2 कांस्य पदक अर्जित किए। ध्वज अवतरण कर कुलगुरू प्रो.भगवती प्रसाद सारस्वत ने प्रतियोगिता समापन की घोषणा की। समापन समारोह में कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करती हैं।

उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक दक्षता का माध्यम हैं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को भी निखारते हैं। कुलगुरु ने विश्वविद्यालय द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित 5 दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए कोटा विश्वविद्यालय के खेल विभाग एवं सभी सहयोगियों की सराहना की। उन्होंने आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के समर्पण और प्रयासों को इस सफलता का आधार बताया।

प्रो. सारस्वत ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए पूर्णतः सक्षम और तैयार है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास बेहतर संसाधन, कुशल प्रबंधन और उत्कृष्ट खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनके बल पर बड़े टूर्नामेंट्स का सफल आयोजन किया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रो. बी.एस. राठौड़, प्रो. बलजिंदर सिंह तूर, प्रो. सी.एस. भाटी, तरूमीत बेदी, डॉ. चक्रपाणि गौतम, डॉ. तीरथ सांगा, डॉ. चमन तिवारी, डॉ. धीरेंद्र सक्सैना और डॉ. भूपेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अमर सिंह यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन विजय लक्ष्मी जैन ने किया।

राजपूत समाज की महिलाओं का बड़ा कदम, घूंघट प्रथा खत्म करने का संकल्प

कोटा। शहर में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के तत्वावधान में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें घूंघट प्रथा समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष नीरू चौहान एवं शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजपूत समाज की महिलाओं, नवयुवतियों एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

जिला अध्यक्ष नीरू चौहान ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तभी समाज मजबूत बनता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान सहित कई क्षेत्रों में प्रचलित घूंघट (पर्दा) प्रथा को समाप्त करने के लिए अब महिलाओं ने स्वयं आगे आने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जो महिलाएं अब तक घरों तक सीमित थीं, उन्हें भी मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, शिक्षा और समान अवसर विकसित करना इसका मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार और समाज दोनों सशक्त होते हैं।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने आत्मनिर्भरता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्य अतिथि के रूप में शकुंतला चौहान (एडवोकेट) एवं नव नियुक्त आरएएस अधिकारी रूप कंवर उपस्थित रहीं। वहीं प्रदेश महासचिव नीना छापोल और संभाग अध्यक्ष रश्मि राठौर ने भी प्रेरक संबोधन दिया।

हमसफर एक्सप्रेस ट्रैन का बारां स्टेशन पर ठहराव, दक्षिण भारत के यात्रियों को सुविधा

कोटा। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल अंतर्गत बारां स्टेशन पर गाड़ी सं. 20481/20482 जोधपुर–तिरुचिरापल्ली–जोधपुर हमसफर एक्सप्रेस को नया ठहराव प्रदान किया गया है। इस ठहराव से बारां क्षेत्र के यात्रियों को दक्षिण भारत  (तिरुचिरापल्ली) एवं जोधपुर तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी।

सांसद दुष्यंत सिंह ने रविवार को बारां स्टेशन पर गाड़ी सं. 20482 तिरुचिरापल्ली–जोधपुर हमसफर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर इस ठहराव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर रेल प्रशासन की ओर से मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन सहित अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हमसफर एक्सप्रेस के बारां ठहराव का विवरण

  1. गाड़ी सं. 20482 तिरुचिरापल्ली–जोधपुर हमसफर एक्सप्रेस बारां स्टेशन पर 26.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 19.53 बजे पहुँचकर 19.55 बजे गंतव्य के लिए प्रस्थान करेगी।
  2. गाड़ी सं. 20481 जोधपुर–तिरुचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस बारां स्टेशन पर 30.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 02.08 बजे पहुँचकर 02.10 बजे गंतव्य के लिए प्रस्थान करेगी।
  3. यात्री गाड़ी के समय एवं अन्य जानकारी के लिए www.enquiry.indianrail.gov.in या एनटीईएस ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

सुनील माथुर सहित ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब की पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित

आम सभा में पत्रकारों की समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा

कोटा। ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब की आम सभा रविवार को दाधीच छात्रावास में उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस दौरान सर्वसम्मति से पूर्व कार्यकारिणी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

सर्वप्रथम कार्यकारिणी की ओर से चुनाव कराए जाने का प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा रखा गया, लेकिन संरक्षक मंडल में केएल जैन, पवन आहूजा, प्रद्युमन शर्मा, श्याम रोहिडा एवं सुबोध जैन ने कार्यकारिणी को आगामी वर्षों के लिए कार्य करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी ने हाथ खड़ा कर अपनी सहमति प्रदान की।

अध्यक्ष सुनील माथुर सहित पूरी कार्यकारिणी को निर्विरोध चुना गया। इस दौरान क्लब के सदस्यों ने संगठन की मजबूती, पत्रकार हितों की रक्षा तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। आम सभा में उपस्थित सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

नव निर्वाचित अध्यक्ष सुनील माथुर ने कहा कि वे संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, पत्रकारों की समस्याओं के समाधान तथा क्लब की गतिविधियों को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। चुनाव के बाद नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

आमसभा में पत्रकार एकता, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन तथा युवा पत्रकारों को मंच उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। संरक्षक पवन आहूजा ने अपने पिता चमन लाल आहूजा की स्मृति में पत्रकार व्याख्यान माला आयोजित किए जाने की घोषणा की और संपूर्ण खर्च उठाने का विश्वास दिलाया।

अंत में सभी सदस्यों ने नवगठित कार्यकारिणी के साथ मिलकर क्लब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का भरोसा जताया। इससे पूर्व महासचिव अनिल भारद्वाज ने क्लब द्वारा की गई गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया एवं उत्कृष्ट कार्यो पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही कोषाध्यक्ष बद्री प्रसाद गौतम ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

कई पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्यों के साथ एवं अन्य सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए एवं सुझाव दिए। खेल गतिविधियां कराए जाने, इंडोर खेल, पत्रकारों की प्रतियोगिताएं, व्याख्यान माला एवं अन्य गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया।

सरकार द्वारा पत्रकारों को दी जाने वाली सुविधाएं, भूखंड एवं अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत शर्मा, उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा, संयुक्त सचिव चंद्र प्रकाश शर्मा चंदू, कार्यालय मंत्री हंसपाल यादव, कार्यकारिणी सदस्य दिनेश कश्यप, लेखराज शर्मा, संजय वर्मा, मनीष गौतम, शाकिर अली, रुबीना काजी मंचासीन रहे।

Wheat Price: उत्पादक राज्यों में गेहूं की भारी आवक से भावों में नरमी के संकेत

नई दिल्ली। देश के मुख्य उत्पादक राज्यों, जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के सभी बड़े और छोटे बाज़ारों में इस समय गेहूं की अच्छी सप्लाई देखी जा रही है। इसके अलावा, सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट ट्रेडिंग फर्म और आटा मिलें भी अनाज की रेगुलर खरीद कर रही हैं।

इसलिए, अभी मार्केट में या तो कीमतें बढ़ रही हैं या रेट में आम स्थिरता है। 18-24 अप्रैल के हफ़्ते में, सिर्फ़ राजस्थान के बूंदी मार्केट में गेहूं की कीमतों में ₹250 प्रति क्विंटल (कीमत रेंज के ऊपरी सिरे पर) की बड़ी गिरावट देखी गई। उत्तर प्रदेश में, शाहजहांपुर और मैनपुरी के मार्केट में गेहूं की कीमतों में थोड़ी नरमी आई – क्रम से ₹10 और 30 प्रति क्विंटल।

इसके उलट, दिल्ली में, नॉर्मल मार्केट आवक और तेज़ ट्रेडिंग एक्टिविटी की वजह से, गेहूं के दाम 110 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर ₹2,650-₹2,690 के बीच पहुँच गए। इसी तरह, इटारसी (मध्य प्रदेश) में, दाम 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर ₹2,380-₹2,600 के बीच पहुँच गए।

उत्तर प्रदेश के बाज़ारों में आटा मिलर्स, फ़ूड प्रोसेसर, ट्रेडर्स और स्टॉकिस्ट की तरफ़ से गेहूं खरीदने में काफ़ी दिलचस्पी देखी जा रही है। केंद्रीय फ़ूड सेक्रेटरी ने आटा मिलर्स से सरकार से मिलने वाले गेहूं पर अपनी निर्भरता कम करने की भी अपील की है, और इसके बजाय उन्हें सीधे खुले बाज़ारों से ज़्यादा मात्रा में गेहूं खरीदने और इस मामले में आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करने के लिए बढ़ावा दिया है।

बेमौसम बारिश की वजह से इस सीज़न में गेहूं की फसल की पूरी क्वालिटी खराब हो गई है; इसलिए, अच्छी क्वालिटी वाले अनाज की मांग बढ़ने की उम्मीद है। एक्सपोर्टर भी कम कीमत पर गेहूं खरीदने की कोशिश करके इस स्थिति का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। बाज़ारों में गेहूं की भरपूर सप्लाई का ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है।

Mustard Price: अच्छी लिवाली होने से गत सप्ताह सरसों के दाम में तेजी रही

नई दिल्ली। व्यापारिक फर्मों एवं क्रशिंग इकाइयों की अच्छी लिवाली होने से 18-24 अप्रैल मार्च वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि रबी सीजन की इस सबसे प्रमुख तिलहन फसल (सरसों) की आपूर्ति का अभी पीक सीजन चल रहा है लेकिन फिर भी इसका थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर है और सरकारी एजेंसियों को इसकी खरीद में बहुत कम सफलता मिल रही है।

42% कंडीशन सरसों: समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 50 रुपए सुधरकर 6700 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 100 रुपए बढ़कर 7200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।

सरसों: इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों का दाम गुजरात की डीसा मंडी में 350 रुपए, हरियाणा की आदमपुर मंडी में 150 रुपए, मध्य प्रदेश की ग्वालियर मंडी में 100 रुपए, राजस्थान की अलवर मंडी में 150 रुपए एवं बूंदी मंडी में 200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर कुछ मंडियां 100-150 रुपए नरम भी रहीं जबकि अन्य मंडियों में 25-75 रुपए प्रति क्विंटल तक सुधार देखा गया।

सरसों तेल: सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर में कारोबार लगभग सामान्य रहा जिससे कीमतों में 1 से 3 रुपए प्रति किलो तक का इजाफा हुआ। दिल्ली में एक्सपेलर का दाम 5 रुपए फिसलकर 1405 रुपए प्रति 10 किलो तथा कोलकाता में कच्ची घानी तेल का भाव 40 रुपए घटकर 1540 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। अधिकांश केन्द्रों में मूल्य 10 रुपए प्रति 10 किलो तेज रहा जबकि कहीं-कहीं 20 से 30 रुपए तक की तेजी देखी गई।

आवक: सरसों की आवक 18 एवं 20 अप्रैल को 8-8 लाख बोरी, 21, 22 एवं 23 अप्रैल को 9.50-9.50 लाख बोरी तथा 24 अप्रैल को 10 लाख बोरी दर्ज की गई जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।

सरसों डीओसी: सरसों खल एवं डीओसी में ज्यादा लम्बा-चौड़ा कारोबार नहीं हुआ इसलिए इसकी कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया।

प्लांटों की जोरदार लिवाली से सोयाबीन के दाम में उछाल, ऊपर में 6400 रुपए बिकी

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में माल की सीमित आवक होने तथा क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों की मांग मजबूत रहने से 18-24 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान सोयबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 200 से 400 रुपए प्रति क्विंटल की भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसके फलस्वरूप मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन का भाव उछलकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल से भी ऊपर पहुंच गया। इससे किसानों को फायदा हो रहा है

प्लांट डिलेवरी भाव
महाराष्ट्र में प्लांटों की लिवाली काफी जोरदार रही और वहां सोयाबीन का दाम कुछ इकाइयों में 6300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। राजस्थान की एक क्रशिंग मिल के लिए भाव 6450 रुपए पर पहुंचा।

सोया रिफाइंड तेल
लेकिन सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं देखी गई। इसमें महज 1 से 3 रुपए प्रति किलो का सुधार आया जबकि कुछ इकाइयों में दाम थोड़ा नरम पड़ गया। सोया रिफाइंड तेल का भाव कोटा में 1500 रुपए प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा जबकि कांडला में 5 रुपए सुधरकर 1485 रुपए तथा हल्दिया में 20 रुपए बढ़कर 1475/1480 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा लेकिन मुम्बई में 50 रुपए घटकर 1450 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। समझा जाता है कि गर्मी का मौसम होने तथा दाम ऊंचा रहने से सोया रिफाइंड तेल की मांग ज्यादा नहीं रही।

आवक
प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरन रोजाना औसतन 1.40 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो की होती है।

स्टॉक बिक्री
सोयाबीन की आपूर्ति का पीक सीजन समाप्त हो गया है लेकिन सरकारी स्टॉक की अच्छी बिक्री हो रही है। सोया तेल का वैश्विक बाजार भाव मजबूत बना हुआ है। महाराष्ट्र में सोयामील का अच्छा कारोबार होने से भाव काफी तेज रहा।