नई दिल्ली। व्यापारिक फर्मों एवं क्रशिंग इकाइयों की अच्छी लिवाली होने से 18-24 अप्रैल मार्च वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि रबी सीजन की इस सबसे प्रमुख तिलहन फसल (सरसों) की आपूर्ति का अभी पीक सीजन चल रहा है लेकिन फिर भी इसका थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर है और सरकारी एजेंसियों को इसकी खरीद में बहुत कम सफलता मिल रही है।
42% कंडीशन सरसों: समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 50 रुपए सुधरकर 6700 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 100 रुपए बढ़कर 7200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
सरसों: इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों का दाम गुजरात की डीसा मंडी में 350 रुपए, हरियाणा की आदमपुर मंडी में 150 रुपए, मध्य प्रदेश की ग्वालियर मंडी में 100 रुपए, राजस्थान की अलवर मंडी में 150 रुपए एवं बूंदी मंडी में 200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर कुछ मंडियां 100-150 रुपए नरम भी रहीं जबकि अन्य मंडियों में 25-75 रुपए प्रति क्विंटल तक सुधार देखा गया।
सरसों तेल: सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर में कारोबार लगभग सामान्य रहा जिससे कीमतों में 1 से 3 रुपए प्रति किलो तक का इजाफा हुआ। दिल्ली में एक्सपेलर का दाम 5 रुपए फिसलकर 1405 रुपए प्रति 10 किलो तथा कोलकाता में कच्ची घानी तेल का भाव 40 रुपए घटकर 1540 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। अधिकांश केन्द्रों में मूल्य 10 रुपए प्रति 10 किलो तेज रहा जबकि कहीं-कहीं 20 से 30 रुपए तक की तेजी देखी गई।
आवक: सरसों की आवक 18 एवं 20 अप्रैल को 8-8 लाख बोरी, 21, 22 एवं 23 अप्रैल को 9.50-9.50 लाख बोरी तथा 24 अप्रैल को 10 लाख बोरी दर्ज की गई जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।
सरसों डीओसी: सरसों खल एवं डीओसी में ज्यादा लम्बा-चौड़ा कारोबार नहीं हुआ इसलिए इसकी कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया।

