Friday, July 10, 2026
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कोटा मंडल ने रचा इतिहास, भारत की पहली अल्सटॉम-प्रणोदन वंदे भारत रेक का परीक्षण

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के लिए सोमवार का दिन गौरवशाली बन गया। भारत में पहली बार आरसीएफ (रेल कोच फैक्ट्री), कपूरथला द्वारा निर्मित 16-कार वंदे भारत ट्रेनसेट (चेयर कार) का परीक्षण कोटा–शामगढ़–कोटा मार्ग पर हुआ।

इसमें फ्रांस की विश्वविख्यात अल्सटॉम कंपनी की भारतीय अनुषंगी इकाई अल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड द्वारा आपूर्त अत्याधुनिक ट्रेन नियंत्रण एवं प्रणोदन प्रणाली लगी है। स्वदेशी विनिर्माण और वैश्विक प्रौद्योगिकी के इस अद्वितीय संगम ने भारतीय रेल की अगली पीढ़ी के सफर की शुरुआत कोटा की पटरियों से की।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह परीक्षण श्रृंखला आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन), लखनऊ के निदेशक (परीक्षण) धीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता राघवेन्द्र सिंह की निगरानी में संचालित हो रही है।

यह परीक्षण अगले कई दिनों तक जारी रहेगा। प्रथम परीक्षण में 60 से 115 किमी प्रति घंटे की गति तक प्रणोदन प्रदर्शन मूल्यांकन, ब्रेक कार्यक्षमता सत्यापन तथा प्रणाली एकीकरण परीक्षण सम्पन्न किए गए।

परीक्षण रेक ने नागदा–कोटा खंड पर सभी स्थायी एवं अस्थायी गति प्रतिबंधों का पूर्णतः पालन करते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह दौड़ पूरी की। यह प्रारंभिक चरण आगामी उच्च गति परीक्षणों जो क्रमशः अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे तक संचालित होने प्रस्तावित हैं की नींव तैयार करता है।

इस परीक्षण विशेष का संचालन कोटा मंडल के अनुभवी दल द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्य लोको निरीक्षक वाईके.शर्मा, लोको पायलट विपिन कुमार सिंह, सह-लोको पायलट घनश्याम जोशी, मुख्य यातायात निरीक्षक सुशील कुमार जेठवानी तथा ट्रेन प्रबंधक रवि अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके साथ अल्सटॉम और वाबटेक की विशेषज्ञ तकनीकी टीमें प्रणाली संचालन में सतत सहभागी हैं।

NEET Mock Drill: मोशन की मॉकड्रिल में छात्रों को मिला नीट जैसा अनुभव

कोटा। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी से पहले कोटा में छात्रों को वास्तविक परीक्षा जैसा माहौल देने के लिए मोशन एजुकेशन की ओर से द्रोणा-2 कैंपस में ‘नीट बीटीएस मॉकड्रिल’ आयोजित की गई। इसमें परीक्षा के हर नियम और प्रोटोकॉल को हूबहू लागू किया गया। मॉकड्रिल के बाद स्टूडेंट्स को एग्जाम से पहले के समय में रिवीजन और आत्मविश्वास बनाए रखने के टिप्स भी दिए गए।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल टेस्ट लेना नहीं, बल्कि छात्रों को उस मानसिक दबाव के लिए तैयार करना है, जो असली नीट परीक्षा के दिन महसूस होता है। उन्होंने कहा कि कई बार छात्र पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद परीक्षा के माहौल, समय प्रबंधन और सख्त नियमों के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते। यही वजह है कि इस मॉकड्रिल को पूरी तरह वास्तविक परीक्षा जैसा बनाया गया।

परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई, जबकि रिपोर्टिंग टाइम 1 बजे तय था। खास बात यह रही कि 1.45 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया, जिससे छात्रों को समय की पाबंदी और अनुशासन का वास्तविक अनुभव मिला।

मॉकड्रिल के दौरान वही सख्ती बरती गई, जो वास्तविक परीक्षा में होती है। प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड और आधार कार्ड की जांच की गई। इसके बाद उपस्थिति के लिए सिग्नेचर और थंब इम्प्रेशन लिया गया। छात्रों को रोल नंबर के अनुसार निर्धारित सीट पर ही बैठाया गया। परीक्षा पूरी तरह ओएमआर आधारित रही, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी डिटेल्स ठीक उसी तरह सावधानीपूर्वक भरीं, जैसे वे वास्तविक परीक्षा में भरते हैं।

नीट डिवीजन के हेड अमित वर्मा ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत या अनावश्यक मूवमेंट पर पूरी तरह रोक रही और सख्त निगरानी रखी गई। पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। साथ ही, तीन घंटे तक लगातार बैठने और फोकस बनाए रखने की आदत विकसित करने के लिए परीक्षा समाप्त होने से पहले किसी भी छात्र को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

मॉकड्रिल में शामिल छात्र-छात्राओं ने इसे बेहद उपयोगी बताया। परीक्षा देकर निकली अपर्णा जोशी ने कहा कि इस तरह की पहल आत्मविश्वास बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। यह सिर्फ टेस्ट नहीं, बल्कि परीक्षा दिवस का रिहर्सल है, जहां छात्र अपनी कमजोरियों को पहचानकर अंतिम तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

वहीं, छात्र अक्षत ने कहा कि नीट जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं और एक-एक अंक भविष्य तय करता है। ऐसे में यह मॉकड्रिल न केवल परीक्षा के पैटर्न, बल्कि उसके अनुशासन और दबाव को समझने का अवसर देती है, जो सफलता की दिशा में मजबूत कदम साबित हो सकता है।

कोटा पुलिस स्थानीय अभिभावक के रूप में हर स्टूडेंट के साथः एसपी तेजस्वनी गौतम

एलन कॅरियर में शहर पुलिस अधीक्षक ने अनुभूति सेशन में छात्राओं को दिए टिप्स

कोटा। कॅरियर बनाने के लिए कोटा आने वाले स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर कोटा पुलिस और प्रशासन सतर्क है। शहर में रहने वाली छात्राओं का सम्बल बढ़ाने के लिए शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम द्वारा लगातार सेशन्स लिए जा रहे हैं। इसके तहत एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में सेशन आयोजित किए गए। इसमें छात्राओं को सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधित टिप्स दिए गए।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के इन्द्रविहार स्थित समर्थ कैम्पस में आयोजित इन सेशन्स में कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनि गौतम ने छात्राओं को कहा कि आप लोग यहां अपने सपनों को साकार करने आए हैं। आप सिर्फ पढ़ाई कीजिए और आपकी सुरक्षा एवं अन्य समस्याओं की जिम्मेदारी कोटा पुलिस एवं प्रशासन की है। स्थानीय अभिभावक के रूप में कोटा पुलिस हमेशा आपके साथ है।

एसपी गौतम ने बताया कि कोटा में स्टूडेंट्स सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि देश के छात्रों को तत्काल सुरक्षा सहायता मिल सके। उन्होनें के-एसओएस एप के बारे में स्टूडेंट्स को जानकारी देते हुए बताया कि कोटा में पढ़ने वाले हजारों छात्र इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं।

किसी भी समस्या या परेशानी होने पर जब कोचिंग छात्र इस एप में पैनिक बटन का उपयोग करेंगे तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी। एप पर स्टॉप बटन का उपयोग करते ही एप पर दी गई सभी जानकारी डिलीट हो जाएगी। उसके बाद उसकी लाइव लोकेशन के आधार पर नजदीकी पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंच जाएगी।

चुुप नहीं रहें, जोर से बोलें
एसपी गौतम ने कहा कि छेड़खानी जैसी कोई भी घटना होती है, तब पीड़ित सामान्यतया अकेला होता है। कई बार पीड़ित व्यक्ति घटना के समय इतना डर जाता है कि कोई जवाब नहीं दे पाता। आप लोगों को मन से मजबूत होना पड़ेगा। यदि ऐसा कुछ होता है तो तेज आवाज में बोलिए, 99 प्रतिशत मामलों में आरोपित मौके से भाग जाएगा। उन्होंने बताया कि कोटा पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट महिलाओं और कोचिंग छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से तैनात महिला पुलिस टीम है। ये टीम सादे कपड़ों और वर्दी में काली स्कूटी पर शहर के संवेदनशील इलाकों, कोचिंग सेंटरों, स्कूलों और बाजारों में 24 घंटे गश्त करती है। इस यूनिट का मुख्य उद्देश्य छेड़छाड़ और चेन स्नेचिंग जैसे अपराधों पर लगाम लगाना है।

Kota Mandi: हाजर और वायदा बाजार में धनिया के भाव औंधे मुंह गिरे

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को लहुसन बेस्ट क्वालिटी का माल 500 रुपये ऊंचा बिका। एनसीडीईएक्स पर वायदा मंदा रहने से धनिया 50 रुपये टूट गया। आवक की कमी से गेहूं मिल 25 रुपये, सोयाबीन 100 रुपये और सरसों 50 रुपये तेज बिकी।

कमजोर उठाव से चना 100 एवं धान 50 रुपये ढीला रहा। कारोबारियों के अनुसार एनसीडीईएक्स पर मई का धनिया वायदा 208 रुपये लुढ़क कर 13020 रुपये, जून वायदा 186 रुपये गिरकर 13178 रुपये और अगस्त वायदा 60 रुपये टूटकर 13486 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 10000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे

गेहूं नया मिल लस्टर 2385 से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1750, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3800 से 4200, धान (1847) 3200 से 4201, धान (1718-1885) 4000 से 4590, धान (पूसा-1) 3000 से 4200, धान (1401-1886) 4100 से 4350, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4500 से 5950, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5800 से 6020, सरसों 6200 से 6801, अलसी 7200 से 7800, तिल्ली 7000 से 8500, रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400,उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5280, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600,चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 13500, बेस्ट बोक्स डबल बम 14000 से 17000, मैथी नयी 5800 से 6600, धनिया बादामी 11000 से 11700, धनिया ईगल 11800 से 12500, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

Stock Market: सेंसेक्स 639 अंक उछल कर 77300 के पार; निफ्टी 24092 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closied, April 27, 2026: शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट पर सोमवार को विराम लगा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 639 अंक ऊपर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24,050 के पर पहुंच गया। आरआईएल और विप्रो के शेयरों में 3% का उछाल दिखा।

तिमाही नतीजों के दम पर फार्मा और आईटी शेयरों के साथ रियल्टी स्टॉक्स में खरीदारी से बाजार चढ़कर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में भी तेजी से भी बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला। साथ ही ईरान के होरमुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने के प्रस्ताव के साथ अमेरिका से संपर्क किया है। इन रिपोर्ट्स का निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 76,856 अंक पर खुला। शुक्रवार को यह 76,664 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 77,420 अंक तक चढ़ गया था। अंत में यह 639.42 अंक या 0.83 फीसदी की बढ़त लेकर 77,303.63 पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 23,945 पर खुला और खुलते ही 24 हजार के पार चला गया। कारोबार के दौरान यह 24,130 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में यह 194.75 अंक या 0.81 प्रतिशत चढ़कर 24,092 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”निवेशकों की भावना में सुधार का कारण अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीद और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे रहे।

हालांकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं और बाजार होरमुज़ स्ट्रेट के खुलने की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। लेकिन घरेलू मांग आधारित सेक्टर—खासकर बैंकिंग, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कारोबार ने रिकवरी को सहारा दिया।”

उन्होंने कहा कि आईटी सेक्टर ने भले ही कमजोर नतीजे दिए हों, लेकिन वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षण और लॉन्ग टर्म निवेश नजरिए के चलते इसमें निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। आगे चलकर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति घोषणा, खासकर मध्यम अवधि में ब्याज दरों की दिशा पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में सन फार्मा के शेयर टॉप गेनर रहा। इसमें लगभग 7 फीसदी की तेजी आई। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टीसीएस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, कोटक बैंक, इंफोसिस प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, एक्सिस बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल के शेयर गिरावट में रहे।

ब्रोडर बाजारों ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 1.47 प्रतिशत और 1.90 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी फार्मा, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी ने बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज कमजोर रहे।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता, 100% भारतीय निर्यात टैक्स-फ्री

नई दिल्ली। India-New Zealand Free Trade Agreement: भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में सोमवार को एक नए युग की शुरुआत हुई। दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने वाला है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के उनके समकक्ष टॉड मैक्ले की उपस्थिति में इस महत्वपूर्ण समझौते को आधिकारिक रूप दिया गया। यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत मानी जा रही है।

इस एफटीए की सबसे खास बात इसकी गति रही है। 16 मार्च, 2025 को शुरू हुई बातचीत को रिकॉर्ड नौ महीनों के भीतर संपन्न कर लिया गया। इस समझौते के लागू होने से भारत को सभी टैरिफ उत्पादों पर तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। इसके परिणामस्वरूप, न्यूजीलैंड को होने वाले शत-प्रतिशत भारतीय निर्यात पर अब कोई टैरिफ (सीमा शुल्क) नहीं लगेगा।

वर्तमान में न्यूजीलैंड द्वारा भारत से निर्यात किए जाने वाले लगभग 450 उत्पादों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाता था। नए समझौते के तहत यह शुल्क खत्म हो जाएगा, जिससे भारतीय कपड़ा और परिधान, चमड़ा उद्योग, टोपी, चीनी मिट्टी के बर्तन (सिरेमिक्स), कालीन, और वाहन तथा उनके पुर्जों के निर्यात को भारी बढ़ावा मिलेगा। इसके एवज में, भारत ने भी न्यूजीलैंड से आने वाले 95 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ में छूट दी है या उसे कम कर दिया है।

व्यापार सुगमता के साथ-साथ इस एफटीए का एक प्रमुख स्तंभ विदेशी निवेश है। समझौते के तहत, न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) द्वारा भारत के साथ किए गए समझौते में प्रस्तावित 100 अरब डॉलर के निवेश ढांचे की तर्ज पर ही है।

वहीं, एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम के तहत, भारत ने अपने संवेदनशील घरेलू कृषि और डेयरी सेक्टर को इस एफटीए के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे सभी डेयरी उत्पादों के साथ-साथ अन्य कृषि उत्पादों पर आयात छूट नहीं दी गई है, जिससे भारतीय किसानों और स्थानीय डेयरी उद्योग के हितों की रक्षा सुनिश्चित हुई है।

छात्रों और पेशेवरों के लिए खुलेंगे नए दरवाजे
आर्थिक मोर्चे के अलावा, यह एफटीए वर्किंग प्रोफेशनल्स और छात्रों की आवाजाही (मोबिलिटी) के लिए गेम-चेंजर साबित होगा:

  • छात्रों को राहत: न्यूजीलैंड ने वैश्विक स्तर पर पहली बार किसी देश के साथ छात्र आवाजाही और अध्ययन के बाद कार्य वीजा (पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा) से जुड़े अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। अब भारतीय छात्र पढ़ाई के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकेंगे और उन्हें एक्सटेंडेड पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का लाभ मिलेगा।
  • कुशल पेशेवरों को अवसर: उच्च वेतन वाले रोजगार चाहने वाले स्किल-युक्त भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा का विशेष कोटा निर्धारित किया गया है। इसके जरिए पेशेवर तीन साल तक न्यूजीलैंड में रहकर नौकरी कर सकेंगे।
  • वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम: इस समझौते के तहत एक विशेष वर्किंग हॉलिडे वीजा कार्यक्रम भी लाया गया है, जिसमें प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीने के लिए न्यूजीलैंड में मल्टीपल एंट्री कर सकेंगे।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसर पैदा करता है। एक ओर जहा भारत के निर्यातकों और कुशल कार्यबल को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं न्यूजीलैंड को एक विशाल और उभरते हुए बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। महत्वपूर्ण क्षेत्रों (जैसे डेयरी) को सुरक्षित रखते हुए विदेशी निवेश आकर्षित करने की यह नीति, भविष्य में भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित करेगी।

समझौते पर क्या बोले वाणिज्य मंत्री
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब विश्व अर्थव्यवस्था का पुनर्गठन हो रहा है, सीमाएं फिर से निर्धारित की जा रही हैं, राष्ट्र अपने साझेदार चुन रहे हैं और विभिन्न देश अपने भविष्य की राह तय कर रहे हैं। इस बदलते दौर में भारत और न्यूजीलैंड ने एक-दूसरे को चुना है।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता रिकॉर्ड 9 महीनों में संपन्न हुआ है। यह गति हमारे देशों के बीच गहरे विश्वास और साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। इस मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर भारत के विकसित देशों के साथ संबंधों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और हमें प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के और करीब लाता है… पिछले साढ़े तीन वर्षों में यह मेरा सातवां मुक्त व्यापार समझौता है, और दो और समझौते होने बाकी हैं। अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ समझौते होंगे…”

दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालयों के अधिकारियों की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किया गया है। भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्री गोयल ने न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्क्लॉय के साथ इस अहम बैठक में भाग लिया।

राजस्थान विधानसभा को फिर बम से उड़ाने की धमकी, ई मेल से मचा हड़कंप

जयपुर। राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को हड़कंप मच गया। यह धमकी ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर 12 बजे परिसर में “5 सिलिकॉन 100 बेस RDX बम” विस्फोट करेंगे। मेल में इसे मजाक न बताते हुए तुरंत सभी वीआईपी को बाहर निकालने की चेतावनी दी गई थी।

राजस्थान विधानसभा को ईमेल के जरिए तीसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद परिसर खाली कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।बीडीएस, एटीएस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची। पुलिस और साइबर सेल की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को हड़कंप मच गया। यह धमकी ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर 12 बजे परिसर में “5 सिलिकॉन 100 बेस RDX बम” विस्फोट करेंगे। मेल में इसे मजाक न बताते हुए तुरंत सभी वीआईपी को बाहर निकालने की चेतावनी दी गई थी।

पूरा विधानसभा खाली कराया
धमकी भरा ईमेल मिलते ही विधानसभा प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। एहतियात के तौर पर पूरे विधानसभा परिसर को खाली कराया गया और वहां मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों व अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ता बीडीएस, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। सभी एजेंसियों ने मिलकर परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। हर संदिग्ध वस्तु और स्थान की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।

गौरतलब है कि यह तीसरी बार है जब विधानसभा को इस तरह की धमकी मिली है। इससे पहले भी दो बार ईमेल के जरिए बम धमाके की चेतावनी दी जा चुकी है, हालांकि उन मामलों में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

इस बार धमकी ऐसे दिन आई है जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार राजस्थान दौरे पर हैं। उनके कार्यक्रमों के बीच इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।

पुलिस और साइबर सेल की टीमें ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई हैं। तकनीकी जांच के जरिए मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिका ईरान के बीच शांति समझौता कराने में पाक फेल, क्या ओमान निकालेगा समाधान

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए समझौते का दावा करने वाला पाकिस्तान फेल रहा है। अब तक दो राउंड की वार्ता किसी नतीजे तक नहीं निकली है। हालात ऐसे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अब ईरान सामने कोई बात नहीं होगी और इसमें वक्त खराब होता है।

ईरान को यदि कोई जरूरत है या समझौते की इच्छा है तो वह हमें सीधे फोन कर सकता है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान से सीधे ओमान की फ्लाइट पकड़ ली और फिर रूस पहुंचे हैं।

अब इस मामले में रूस की एंट्री ने माहौल और गरमा दिया है। अमेरिका ने ईरान के विदेश मंत्री के रूस दौरे पर सारी पाइपलाइनें ही तबाह करने की धमकी दी है।

वहीं ईरानी सूत्रों का दावा है कि अब अगली मध्यस्थता बैठक ओमान में ही हो सकती है। ओमान पहले भी ईरान की पसंद रहा है। कुछ दिन पहले ही आसिम मुनीर भी ओमान गए थे और माना जा रहा है कि पाकिस्तान भी अब मान चुका है कि उसके जरिए समझौता हो पाना संभव नहीं है।

वहीं ओमान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के लिए वेन्यू रहा है। यहां तक कि जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर 28 फरवरी को हमले हुए थे तो ओमान में ही वार्ता चल रही थी। वहीं कुछ जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस वार्ता को सिर्फ इसलिए आयोजित करना चाहता था ताकि अमेरिका से उसके रिश्ते सुधर जाएं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार अब्बास अराघची ने रविवार को ओमान में होर्मुज जलडमरूमध्य तथा खाड़ी के व्यापक जलक्षेत्र में सुरक्षा तथा ईरान-अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों पर चर्चा की।

मस्कट में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद के साथ बातचीत में, अराघची ने कहा कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति असुरक्षा और विभाजन को बढ़ावा दे रही है, और उन्होंने बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की मांग की।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अधिकांश समय ओमान में बिताया। ओमान की सीमा होर्मुज स्ट्रेट से लगती है। इसलिए भी वह अहम है।

ईरान ने वार्ता से पहले अमेरिका से रखी दी एक मांग
मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि ईरान अभी भी इस बात पर जोर दे रहा है कि ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत का नया दौर शुरू करने से पहले, उसके बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को समाप्त किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि मस्कट में अराघची की बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दे रहे हैं, जो कि बातचीत के मार्ग में आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक है। उन्होंने बताया कि ईरान ओमान को इस बात के लिए राजी करना चाहता है कि वह होर्मुज से गुजरने वाले पोतों से ‘टोल’ (शुल्क) वसूलने की व्यवस्था का समर्थन करे।

आप के सात सांसदों को बीजेपी में विलय की मंजूरी, सचिवालय की अधिसूचना जारी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के 7 बागी सांसदों को राज्यसभा सचिवालय से बीजेपी में विलय की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा सचिवालय ने इस संबंध में सोमवार सुबह अधिसूचना जारी की है। ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी।

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे ‘आप’ के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

इससे पहले राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है। सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया था। मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे।

राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह भी हैं। इतना ही नहीं, बलबीर सिंह सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। ये सभी पंजाब से सांसद हैं। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पोस्ट के अनुसार, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं, जबकि हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता जल्द सदस्यता ले सकते हैं।

राज्यसभा में कितनी आप की सीटें
राज्यसभा में बीजेपी की वर्तमान में 106 सीटें है, लेकिन विलय की घोषणा और राज्यसभापति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी। वहीं आम आदमी पार्टी की संख्या महज 3 रह जाएगी। जबकि कांग्रेस के राज्यसभा में 29 सांसद हैं।

ऐसा क्या है जो दुनिया भारत की तरफ झुक रही, इजरायली एक्सपर्ट ने बताया

तेल अवीव। वैश्विक परिदृश्य में भारत का उदय अब कोई अनुमान नहीं है। यह आने वाले दशक का सबसे अहम आर्थिक और भू-राजनीतिक बदलाव होने वाला है। आंकड़े बताते हैं कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।

विश्व बैंक ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2027 में भारत की विकास दर 6.6% रहने का अनुमान है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IFM) ने अप्रैल के अनुमान में 2026-27 के लिए यह दर 6.5% बताई है, लेकिन भारत की असल कहानी GDP के आंकड़ों से कहीं आगे की है।

इजरायली एक्सपर्ट और भारत-इजरायल संबंधो के जानकार एलीजर अब्राहम का कहना है कि भारत अब ग्लोबल साउथ की एक केंद्रीय आवाज बन गया है। क्रॉस बॉर्डर सलाहकार फर्म I2 के संस्थापक एलीजर के अनुसार, भारत एक ऐसा देश है जो नैरोबी, अबू धाबी या जकार्ता में अपनी विश्वसनीयता खोए बिना वॉशिंगटन और ब्रसेल्स से भी खुलकर बात कर सकता है।

अब यह अफ्रीका, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, दवा उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र और सुरक्षा सहयोग के लिए पसंदीदा साझीदार बन गया है।

उन्होंने आगे बताया कि दुनिया जब अलग-अलग गुटों में बंट रही है, भारत ऐसे किरदार के तौर पर उभरा है जो इन गुटों के बीच पुल का काम कर सकता है। उन्होंने भारत को एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था बताया, जो दुनिया का झुकाव बदल रहा है। टाइम्स ऑफ इजरायल के लेख में अब्राहम ने बताया कि भारत की तरफ झुकती दुनिया के इन बदलावों को महसूस किया जा सकता है।

अब्राहम ने बताया कि भारत आज एक निर्णायक और आकार देने वाली शक्ति के रूप में हर जगह मौजूद है। सिलिकॉन वैली के बोर्ड रूप में भारतीय मूल के अधिकारी भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, भारतवंशी नेता ब्रिटिश राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र हैं, जहां भारतीय पेशेवर ही पूरी अर्थव्यवस्था को चला रहे हैं।

इजरायली एक्सपर्ट ने भारत की ताकत के पीछे उसके प्रवासी समुदाय को बेहद अहम बताया है। इसके साथ ही इजरायल को इससे सीख लेने की सलाह भी दी है। एलीजर अब्राहम ने कहा कि लगभग 3.5 करोड़ की विशाल संख्या वाला भारतीय समुदाय दुनिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं और राजनीतिक व्यवस्थाओं में हर जगह फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोग देश के टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षेत्र के केंद्र में हैं।

खाड़ी देशों में भारतीयों की मौजूदगी और भी गहरी है। निर्माण श्रमिक से लेकर, छोटे कारोबारी और बड़े अधिकारी तक लाखों भारतीय UAE, सऊदी अरब, कतर, ओमान और बहरीन की आर्थिक रीढ़ बने हुए हैं। वे भारत और अरब देशों के बीच पुल काम काम करते हैं। यह विश्वास का ऐसा मानवीय गलियारा है, जिसकी जगह कोई व्यापार समझौता नहीं ले सकता।

भारत का उदय केवल भू-राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक भी है। दीवाली अब न्यूयॉर्क से लेकर मेलबर्न तक अपनी रोशनी बिखेरती है। होली भी अब उन शहरों में मनाई जाने लगी है, जिनका कभी भारतीय उपमहाद्वीप से कोई संबंध नहीं था। भारतीय खान-पान अब वैश्विक शहरी जीवन का अंग बन चुके हैं। भारतीय फिल्में और संगीत स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर छाया हुआ है।

इजरायल के लिए क्यों जरूरी भारत?
अब्राहम ने इजरायल को भारतीय प्रवासी समुदाय की ताकत को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इजरायल ने भारतीय प्रवासी समुदाय के रणनीतिक महत्व को या भारत के वैश्विक उदय के पैमाने को पूरी तरह से नहीं पहचाना है। उन्होंने समझाया कि भारत इजरायल के लिए कैसे जरूरी है-