NEET Mock Drill: मोशन की मॉकड्रिल में छात्रों को मिला नीट जैसा अनुभव

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कोटा। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी से पहले कोटा में छात्रों को वास्तविक परीक्षा जैसा माहौल देने के लिए मोशन एजुकेशन की ओर से द्रोणा-2 कैंपस में ‘नीट बीटीएस मॉकड्रिल’ आयोजित की गई। इसमें परीक्षा के हर नियम और प्रोटोकॉल को हूबहू लागू किया गया। मॉकड्रिल के बाद स्टूडेंट्स को एग्जाम से पहले के समय में रिवीजन और आत्मविश्वास बनाए रखने के टिप्स भी दिए गए।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल टेस्ट लेना नहीं, बल्कि छात्रों को उस मानसिक दबाव के लिए तैयार करना है, जो असली नीट परीक्षा के दिन महसूस होता है। उन्होंने कहा कि कई बार छात्र पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद परीक्षा के माहौल, समय प्रबंधन और सख्त नियमों के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते। यही वजह है कि इस मॉकड्रिल को पूरी तरह वास्तविक परीक्षा जैसा बनाया गया।

परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई, जबकि रिपोर्टिंग टाइम 1 बजे तय था। खास बात यह रही कि 1.45 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया, जिससे छात्रों को समय की पाबंदी और अनुशासन का वास्तविक अनुभव मिला।

मॉकड्रिल के दौरान वही सख्ती बरती गई, जो वास्तविक परीक्षा में होती है। प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड और आधार कार्ड की जांच की गई। इसके बाद उपस्थिति के लिए सिग्नेचर और थंब इम्प्रेशन लिया गया। छात्रों को रोल नंबर के अनुसार निर्धारित सीट पर ही बैठाया गया। परीक्षा पूरी तरह ओएमआर आधारित रही, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी डिटेल्स ठीक उसी तरह सावधानीपूर्वक भरीं, जैसे वे वास्तविक परीक्षा में भरते हैं।

नीट डिवीजन के हेड अमित वर्मा ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत या अनावश्यक मूवमेंट पर पूरी तरह रोक रही और सख्त निगरानी रखी गई। पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। साथ ही, तीन घंटे तक लगातार बैठने और फोकस बनाए रखने की आदत विकसित करने के लिए परीक्षा समाप्त होने से पहले किसी भी छात्र को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

मॉकड्रिल में शामिल छात्र-छात्राओं ने इसे बेहद उपयोगी बताया। परीक्षा देकर निकली अपर्णा जोशी ने कहा कि इस तरह की पहल आत्मविश्वास बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। यह सिर्फ टेस्ट नहीं, बल्कि परीक्षा दिवस का रिहर्सल है, जहां छात्र अपनी कमजोरियों को पहचानकर अंतिम तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

वहीं, छात्र अक्षत ने कहा कि नीट जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं और एक-एक अंक भविष्य तय करता है। ऐसे में यह मॉकड्रिल न केवल परीक्षा के पैटर्न, बल्कि उसके अनुशासन और दबाव को समझने का अवसर देती है, जो सफलता की दिशा में मजबूत कदम साबित हो सकता है।