तेल अवीव। वैश्विक परिदृश्य में भारत का उदय अब कोई अनुमान नहीं है। यह आने वाले दशक का सबसे अहम आर्थिक और भू-राजनीतिक बदलाव होने वाला है। आंकड़े बताते हैं कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।
विश्व बैंक ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2027 में भारत की विकास दर 6.6% रहने का अनुमान है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IFM) ने अप्रैल के अनुमान में 2026-27 के लिए यह दर 6.5% बताई है, लेकिन भारत की असल कहानी GDP के आंकड़ों से कहीं आगे की है।
इजरायली एक्सपर्ट और भारत-इजरायल संबंधो के जानकार एलीजर अब्राहम का कहना है कि भारत अब ग्लोबल साउथ की एक केंद्रीय आवाज बन गया है। क्रॉस बॉर्डर सलाहकार फर्म I2 के संस्थापक एलीजर के अनुसार, भारत एक ऐसा देश है जो नैरोबी, अबू धाबी या जकार्ता में अपनी विश्वसनीयता खोए बिना वॉशिंगटन और ब्रसेल्स से भी खुलकर बात कर सकता है।
अब यह अफ्रीका, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, दवा उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र और सुरक्षा सहयोग के लिए पसंदीदा साझीदार बन गया है।
उन्होंने आगे बताया कि दुनिया जब अलग-अलग गुटों में बंट रही है, भारत ऐसे किरदार के तौर पर उभरा है जो इन गुटों के बीच पुल का काम कर सकता है। उन्होंने भारत को एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था बताया, जो दुनिया का झुकाव बदल रहा है। टाइम्स ऑफ इजरायल के लेख में अब्राहम ने बताया कि भारत की तरफ झुकती दुनिया के इन बदलावों को महसूस किया जा सकता है।
अब्राहम ने बताया कि भारत आज एक निर्णायक और आकार देने वाली शक्ति के रूप में हर जगह मौजूद है। सिलिकॉन वैली के बोर्ड रूप में भारतीय मूल के अधिकारी भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, भारतवंशी नेता ब्रिटिश राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र हैं, जहां भारतीय पेशेवर ही पूरी अर्थव्यवस्था को चला रहे हैं।
इजरायली एक्सपर्ट ने भारत की ताकत के पीछे उसके प्रवासी समुदाय को बेहद अहम बताया है। इसके साथ ही इजरायल को इससे सीख लेने की सलाह भी दी है। एलीजर अब्राहम ने कहा कि लगभग 3.5 करोड़ की विशाल संख्या वाला भारतीय समुदाय दुनिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं और राजनीतिक व्यवस्थाओं में हर जगह फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोग देश के टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षेत्र के केंद्र में हैं।
खाड़ी देशों में भारतीयों की मौजूदगी और भी गहरी है। निर्माण श्रमिक से लेकर, छोटे कारोबारी और बड़े अधिकारी तक लाखों भारतीय UAE, सऊदी अरब, कतर, ओमान और बहरीन की आर्थिक रीढ़ बने हुए हैं। वे भारत और अरब देशों के बीच पुल काम काम करते हैं। यह विश्वास का ऐसा मानवीय गलियारा है, जिसकी जगह कोई व्यापार समझौता नहीं ले सकता।
भारत का उदय केवल भू-राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक भी है। दीवाली अब न्यूयॉर्क से लेकर मेलबर्न तक अपनी रोशनी बिखेरती है। होली भी अब उन शहरों में मनाई जाने लगी है, जिनका कभी भारतीय उपमहाद्वीप से कोई संबंध नहीं था। भारतीय खान-पान अब वैश्विक शहरी जीवन का अंग बन चुके हैं। भारतीय फिल्में और संगीत स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर छाया हुआ है।
इजरायल के लिए क्यों जरूरी भारत?
अब्राहम ने इजरायल को भारतीय प्रवासी समुदाय की ताकत को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इजरायल ने भारतीय प्रवासी समुदाय के रणनीतिक महत्व को या भारत के वैश्विक उदय के पैमाने को पूरी तरह से नहीं पहचाना है। उन्होंने समझाया कि भारत इजरायल के लिए कैसे जरूरी है-

