Thursday, July 9, 2026
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ICAI CA 2026 के एग्जाम का शेड्यूल जारी, जानिए कब कौनसी होगी परीक्षा

नई दिल्ली। ICAI CA 2026 Exam Schedule : इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) फाउंडेशन, इंटरमीडिएट, फाइनल और पोस्ट क्वालिफिकेशन कोर्स परीक्षाओं 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है।

सीए इंटरमीडिएट और फाउंडेशन कोर्स के एग्जाम सितंबर 2026 में आयोजित किए जाएंगे। वहीं सीए फाइनल कोर्स के एग्जाम नवंबर 2026 में होंगे। आईसीएआई ने एग्जाम डेट के साथ पेपर-वाइज एग्जाम टाइम और शहर की जानकारी भी जारी की है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 जुलाई 2026 से शुरू होगी।

ICAI द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, अगली चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षाओं की तारीखों और स्थानों की जानकारी शेयर की गई है। बशर्ते कि नोटिस में बताए गए शहरों में प्रत्येक स्थान से परीक्षा में शामिल होने के लिए पर्याप्त संख्या में उम्मीदवार आवेदन करें।

इसी तरह पोस्ट क्वालिफिकेशन कोर्स की परीक्षाएं, यानी इंटरनेशनल टैक्सेशन असेसमेंट टेस्ट (INTT – AT) और इंश्योरेंस एंड रिस्क मैनेजमेंट (IRM) टेक्निकल परीक्षा की तारीख और शहरों की घोषणा भी की गई है।

सीए इंटरमीडिए एग्जाम शेड्यूल 2026

  • ग्रुप -I: 1, 3 और 6 सितंबर 2026
  • ग्रुप -II: 8, 10 और 12th सितंबर 2026

फाउंडेशन कोर्स एग्जाम डेट 2026

  • 2, 5, 7 और 9 सितंबर 2026

फाइनल कोर्स एग्जाम 2026 डेट

  • ग्रुप-I: 2, 4 और 6 नवंबर 2026
  • ग्रुप-II: 9, 11 और 13 नवंबर 2026

इंटरनेशनल टैक्सेशन असेसमेंट टेस्ट (INTT – AT) एग्जाम डेट 2026

  • 11 और 13 नवंबर 2026

इंश्योरेंस एंड रिस्क मैनेजमेंट (IRM) टेक्निकल एग्जाम डेट

  • मॉड्यूल I से IV तक
  • 6, 9, 11 और 13 नवंबर 2026

ICAI सितंबर-नवंबर एग्जाम 2026: समय और अवधि

ICAI CA फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षाओं 2026 के लिए परीक्षा का समय और अवधि इस प्रकार है-

परीक्षापेपरपरीक्षा का समय (IST)अवधि
फाउंडेशनपेपर 1 और 2दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक3 घंटे
फाउंडेशनपेपर 3 और 4दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक2 घंटे
इंटरमीडिटसभी पेपरदोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक3 घंटे
फाइनलपेपर 1 से 5दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक3 घंटे
पेपर 6दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक4 घंटे
पोस्ट-क्वालिफिकेशन कोर्स परीक्षा INTT – ATसभीदोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक4 घंटे
पोस्ट-क्वालिफिकेशन कोर्स परीक्षा IRM टेक्निकलसभीदोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक

नोट: CA फाउंडेशन परीक्षा के पेपर 3 और 4 में, और पोस्ट क्वालिफिकेशन कोर्स परीक्षाओं के सभी पेपरों में, कोई भी अतिरिक्त समय (advance reading time) नहीं दिया जाएगा, जबकि ऊपर बताई गई अन्य सभी परीक्षाओं / पेपरों में, 15 मिनट का पेपर पढ़ने का अतिरिक्त समय दोपहर 1:45 बजे (IST) से दोपहर 2:00 बजे (IST) तक दिया जाएगा।

6 जुलाई 2026 से शुरू होंगे ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म
सीए इंटरमीडिएट, फाउंडेशन और फाइनल एग्जाम के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट eservices.icai.org पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन 6 जुलाई से शुरू होंगे और 19 जुलाई 2026 तक चलेंगे। लेट फीस के साथ उम्मीदवारों को 22 जुलाई 2026 तक फॉर्म भरने का मौका दिया जाएगा। उम्मीदवारों का सलाह दी जाती है कि आईसीएआई द्वारा जारी नोटिस को ध्यान से पढ़ें।

लायंस क्लब इंटरनेशनल का कोटा में प्रांतीय अधिवेशन आज, 142 क्लब होंगे शामिल

कोटा। लायंस क्लब इंटरनेशनल प्रांत 3233 ई-2 का 9वां प्रांतीय अधिवेशन खुशियो की गूंज रविवार प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक झालावाड़ रोड स्थित आरटीओ के समीप एक निजी होटल में आयोजित किया जाएगा।

अधिवेशन सलाहकार पीडीजी पूर्णिमा खंडेलवाल एवं राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पास्ट इंटरनेशनल डायरेक्टर जितेन्द्र एस. चौहान उपस्थित रहेंगे, जबकि पीआईडी वी.के. लाडिया मुख्य वक्ता एवं जीएस होरा विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे।

यह अधिवेशन लायंस क्लब कोटा एवं लायंस क्लब कोटा साउथ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। अधिवेशन संयोजक अशोक नुवाल के अनुसार, कार्यक्रम में प्रांत के 142 क्लबों से 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

इस अवसर पर विभिन्न क्लबों की वार्षिक गतिविधियों के आधार पर उत्कृष्ट सामाजिक सेवा कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही ‘आउटस्टैंडिंग’ से ‘बेस्ट क्लब’ एवं श्रेष्ठ पदाधिकारियों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

आयोजक क्लब के अध्यक्ष सोनल नवंदाना एवं राजकमल ऐरन ने बताया कि अधिवेशन के दौरान वीडीजी प्रथम, द्वितीय सहित गवर्नर पद के चुनाव भी संपन्न होंगे।

इंटरनेशनल डायरेक्टर पद के लिए अरविंद चतुर एवं सुधीर सौगानी के बीच मुकाबला रहेगा, जिसके लिए मतदान कराया जाएगा। मतदान का समय दोपहर 1.30 से 4 बजे तक रहेगा। दोनों क्लबों के पदाधिकारी अधिवेशन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

ऊर्जा मंत्री नागर ने हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना के सुदृढ़ीकरण कार्यों को परखा

बोले- घटिया निर्माण हुआ तो खैर नहीं, जीरो टॉलरेंस की नीति पर होगा काम

​सांगोद/पनवाड़। राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को सांगोद विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचल का सघन दौरा किया। अपने दौरे के दौरान मंत्री नागर ने कृषि और सिंचाई को प्राथमिकता देते हुए हरिश्चंद्र सागर परियोजना के अंतर्गत चल रहे नहरों के द्वितीय चरण के मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्यों का मौके पर पहुंचकर भौतिक निरीक्षण किया।

मंत्री नागर ने नहरों पर चल रहे निर्माण कार्य से टाइल हटवाकर निर्माण सामग्री की भी जांच की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने निर्माणाधीन नहरों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हरिश्चंद्र सागर परियोजना क्षेत्र के किसानों की जीवनरेखा है। परियोजना के सुदृढ़ीकरण के लिए राजस्थान सरकार द्वारा दो चरणों में भारी बजट आवंटित किया गया है।

प्रथम चरण में पूर्व में 1930.68 लाख की राशि से मरम्मत कार्य कराए गए थे, वहीं द्वितीय चरण में बजट घोषणा 2024-25 के अंतर्गत 30 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

इसके तहत मुख्य नहर, वितरणिकाओं और माइनरों के लाइनिंग एवं सीपेज रोकने का कार्य प्रगति पर है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नहरी तंत्र को पक्का कर पानी की बर्बादी रोकना है ताकि अंतिम छोर (टेल) पर स्थित किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुँच सके।

​हैदराबाद की फर्म को चेतावनी
मंत्री नागर ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में लगी हैदराबाद की एक फर्म के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने बताया कि यह फर्म पूर्व में आलनिया डैम परियोजना में भी कार्यरत थी, जहाँ घटिया निर्माण के कारण इसे हटाया गया था। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इस फर्म के कार्यों की बारीकी से जांच की जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा, “राजस्थान सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। यदि निर्माण में कोई अनियमितता पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटिया निर्माण होने पर उसे तुड़वाकर दोबारा बनवाया जाएगा।”

​अस्थाई डैम और लिफ्ट सिंचाई योजना पर चर्चा
दौरे के दौरान मंत्री नागर समद खेड़ी और बिशन खेड़ी के मंदिरों में दर्शन के बाद हरिश्चंद्र सागर परियोजना के पुराने अस्थाई डैम पर भी पहुँचे। ग्रामीणों और अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उन्होंने पाया कि चूने से बने इस पुराने डैम पर गेट नहीं होने के कारण पानी का ठहराव नहीं हो पा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पानी को लिफ्ट करके नहरों में भेजने की योजना पर काम करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ आगामी सीजन के लिए जल वितरण की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की, ताकि किसानों को सिंचाई के दौरान समस्याओं का सामना न करना पड़े।

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार
मंत्री नागर ने विश्वास दिलाया कि मुख्य नहर के साथ-साथ सभी माइनर और वितरणिकाओं को सीसी लाइनिंग से पक्का किया जाएगा। इससे न केवल सीपेज रुकेगा, बल्कि पनवाड़ क्षेत्र के साथ-साथ सांगोद क्षेत्र के दर्जनों गाँव भी नहरी पानी से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि नहरों का यह सुदृढ़ीकरण सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की खुशहाली से जुड़ा है। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अभियंता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

​फैक्ट फाइल

  • सिंचित क्षेत्र: लगभग 17,978 हेक्टेयर।
  • लाभान्वित क्षेत्र: खानपुर तहसील के 16 गाँव एवं सांगोद तहसील के 50 गाँव।
  • ​नहर की कुल लंबाई: मुख्य नहर 37 किमी, 4 वितरिकाएँ और 13 माइनर (कुल 107 किमी)।
  • ​वर्तमान कार्य: मुख्य नहर की 16.860 किमी लंबाई में लाइनिंग और क्षतिग्रस्त पुलियाओं की मरम्मत।

भव्या पंडित के सुरों से सजेगी शाम, कोटा में लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन आज

कोटा। शहर के संगीत प्रेमियों के लिए रविवार शाम एक यादगार संगीतमय आयोजन होने जा रहा है। ‘सृजन द स्पार्क’ के तत्वावधान में लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन रोड नंबर-1 स्थित सी.पी. ऑडिटोरियम में सायं 7:15 बजे से किया जाएगा।

संस्था के अध्यक्ष डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य प्रतिभाशाली गायकों को वैश्विक मंच प्रदान करना है। सचिव संजीव अग्रवाल के अनुसार, कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका भव्या पंडित तथा ‘के-किशोर कुमार’ फेम अनिल श्रीवास्तव अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

उन्होंने बताया कि भव्या पंडित ‘इंडियन आइडल सीजन-4’ की टॉप-5 फाइनलिस्ट और फिल्मफेयर नॉमिनी रह चुकी हैं। वे देश-विदेश में 1000 से अधिक लाइव शो कर चुकी हैं और 35 से ज्यादा देशों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। साथ ही, वे ‘सारेगामापा’ एवं ‘सारेगामापा लिटिल चैंप्स’ में आठ सीजन तक ज्यूरी सदस्य भी रही हैं।

कोषाध्यक्ष विकास अजमेरा ने बताया कि भव्या पंडित ने प्रियंका चोपड़ा अभिनीत फिल्म ‘व्हाट्स योर राशी’ और अजय देवगन की ‘सन ऑफ सरदार’ में पार्श्वगायन किया है। वर्ष 2007 में उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन कला के लिए राष्ट्रपति द्वारा ‘बालश्री पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।

उपाध्यक्ष अनिमेष जैन ने बताया कि अनिल श्रीवास्तव, जिन्हें ‘के-किशोर कुमार’ के नाम से जाना जाता है, बॉलीवुड के नवीनतम गीतों से लेकर रेट्रो, सूफी, ग़ज़ल, अर्धशास्त्रीय और भक्ति संगीत तक विभिन्न विधाओं में दक्ष हैं। यह आयोजन शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Kota Mandi: खाद्य तेलों में तेजी से सोयाबीन और सरसों के भाव में उछाल

कोटा। Kota Mandi: भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को मिलर्स की लिवाली और खाद्य तेलों में तेजी से सोयाबीन 50 रुपये और सरसों 100 रुपये उछल गई। ऊंचे भाव पर मांग कमजोर रहने से चना रुपये और लहसुन एवरेज 300 रुपये मंदा बिका।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे

गेहूं नया मिल लस्टर 2470 से 2500, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2500 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2670, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1850, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 3800, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 4000 से 4400, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 6300, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6000 से 6300, सरसों 6400 से 7101, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5225, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 13500, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11400, धनिया ईगल 11500 से 12300, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

राजस्थान समेत 17 राज्यों में 3 मई को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी

नई दिल्ली/ जयपुर। 17 States Rain alert: देश में बारिश का दौर अभी खत्म होने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने एक बार फिर से 3 मई के लिए राजस्थान, यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। इतना ही नहीं, पहाड़ी राज्यों में विशेष चेतावनी जारी की गई है। यात्रा करने से पहले एक बार मौसम का अपडेट जरूर पढ़ लीजिए।

पूर्वी भारत में बिजली गिरने और वज्रपात से नुकसान की आशंका है। वहीं, कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण ऊपरी वायु में मौजूद है। उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण ऊपरी वायु में स्थित है।

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 17 राज्यों यूपी, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और असम में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी। किसानों के फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक कमी देखी जा सकती है।

राजस्थान में कल बारिश -आंधी की संभावना
राजस्थान के सीकर, चुरू, बाड़मेर, भरतपुर, जोधपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली और सीकर में तेज आंधी और मध्यम बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। जयपुर में 3 मई को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश (3- 5 मई ): शिवपुरी, बालाघाट, शहडोल, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी और दतिया में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल में कल यानी 3 मई को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

नीट 2026: शिक्षा की काशी कोटा से भावी चिकित्सकों के नाम एक खुला पत्र

हौसलों के तरकश में,
कोशिश का वो तीर ज़िंदा रख,
हार जा चाहे ज़िंदगी में सब कुछ,
मगर जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख।

माना कि डगर बहुत कठिन है,
और घनघोर अंधेरा छा रहा है,
पर याद रखना, आपके पसीने का हर कतरा,
आपकी जीत की कहानी गा रहा है…

प्रिय नीट 2026 के हमारे अजेय रणबांकुरों,

दिनाँक 3 मई 2026, यानी इस रविवार का दिन आपके कमरे में टंगे कैलेंडर की कोई आम तारीख भर नहीं है। यह उन अनगिनत रातों की खामोश तपस्या, नींद के उस अत्यंत कठिन बलिदान और आपके माता-पिता की उन मौन प्रार्थनाओं के मुकम्मल होने का पावन महापर्व है, जिन्हें आपने बंद और थकी हुई आँखों से न जाने कितनी बार जिया है।

घर की चौखट से दूर, किसी हॉस्टल या पीजी के छोटे से कमरे में जब आप अपनी आँखों में नींद भरकर भी देर रात तक किताबें पढ़ रहे थे, तब आपके साथ आपके माता-पिता के अक्स भी जाग रहे थे। नीट 2026 की यह यात्रा केवल एक ओ.एम.आर. शीट के गोलों को काले करने तक सीमित नहीं है।

यह मानवता की सेवा के उस पवित्र पथ का पहला कदम है, जहाँ कल आपकी उंगलियाँ किसी की धुंधली आँखों में रोशनी का संचार करेंगी और आपका चिकित्सा ज्ञान, अनुभव व हीलिंग स्पर्श किसी मरणासन्न हृदय को फिर से धड़कने का माध्यम बनेगा। नीट परीक्षा का यह विशेष दिन उस उजले सफेद कोट और स्टेथोस्कोप को अपने नाम करने का दिन है, जो इंसानियत की सबसे बड़ी उम्मीद है।

इस वर्ष लगभग 23 लाख विद्यार्थी सपनों के इस नीट महाकुंभ में उतर रहे हैं। यह प्रतियोगिता निस्संदेह कठिन है, लेकिन यकीन मानिए, आपका अथक परिश्रम और आपकी संकल्प शक्ति इस बाहर के शोर से कहीं अधिक ताकतवर है।

आज जब आप ‘शिक्षा की काशी’ कहलाने वाले कोटा जैसे ऊर्जावान शहर में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं, तो अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस करें। यहाँ के कोचिंग संस्थानों का अद्वितीय माहौल और आपके देवतुल्य शिक्षकों का मार्गदर्शन आपकी सफलता के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने आपको सिर्फ विज्ञान के सूत्र नहीं रटाए, बल्कि हर असफलता के बाद गिरकर फिर से ऊँगली पकड़कर उठना सिखाया है।

आज इस मुकाम पर सफलता और संघर्ष की बात करते हुए, हम आपके साथ अपनी स्वयं की इस यात्रा के कुछ ऐसे पन्ने साझा करना चाहते हैं, जो आपको यह विश्वास दिलाएंगे कि दृढ़ संकल्प आपको सफलता के शिखर तक ले जाता है।

डॉ. विदुषी शर्मा की प्री मेडिकल टेस्ट की यात्रा की बात करें, तो वह एक ऐसा दौर था जब मार्गदर्शन के लिए आज जैसी उन्नत कोचिंग सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। लेकिन सीने में कुछ कर गुजरने की एक जिद्द धधकती थी।

अपने अडिग आत्मविश्वास, अथक परिश्रम और केवल स्व-अध्ययन (सेल्फ स्टडी ) के बल पर उन्होंने अपने प्रथम प्रयास में ही देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान, एम्स (AIIMS) नई दिल्ली में प्रवेश प्राप्त करने का अपना सपना साकार किया।

वहीं दूसरी ओर, डॉ. सुरेश पाण्डेय की यात्रा की शुरुआत राजस्थान की रावतभाटा तहसील के एक छोटे से गाँव ‘मोहना’ की एक कच्ची कुटिया से हुई। वर्ष 1986 की उन झुलसती और संघर्षपूर्ण गर्मियों में, हवा से बार-बार कांपती एक लालटेन की पीली और मद्धम रोशनी के नीचे बैठकर उन्होंने भी डॉक्टर बनने का एक सपना बुना था।

उस समय न कोई इंटरनेट था, न आज जैसी कोचिंग, बस एक अटूट जज़्बा था। और जब उस छोटी सी कांपती लालटेन की रोशनी, स्व-अध्ययन के बल पर, प्रथम प्रयास में ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज के शानदार गलियारों तक पहुँची, तो लगा जैसे वह कांपती लौ भीषण आंधी पर जीत गई हो।

हमारे ये अनुभव इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि यदि आपके लक्ष्य के प्रति आपकी निष्ठा सच्ची है, तो कोई भी मुकाम असंभव नहीं है। किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए बाहरी साधनों से कहीं अधिक आपकी आंतरिक साधना और आपकी एकाग्रता मायने रखती है।

अब नीट 2026 के इस अंतिम प्रहर में कुछ भी नया खोजने की बेचैनी से पूरी तरह बचें। जो ज्ञान आपने महीनों के पसीने से सींचा है, बस उसी पर अपना पूर्ण विश्वास बनाए रखें। बायोलॉजी की एन.सी.ई.आर.टी. की पंक्तियों को मन के भीतर एक शांत नदी की तरह उतरने दें।

फिजिक्स और केमिस्ट्री के समीकरणों को अपनी रची हुई कहानी का हिस्सा मानें। 180 प्रश्नों के इस कुरुक्षेत्र में आपका धैर्य और सटीकता ही आपका सबसे बड़ा अस्त्र है।

नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग ) के जाल से बचना ही असल बुद्धिमानी है। परीक्षा से पूर्व की 7-8 घंटे की गहरी नींद को अपने थके हुए मस्तिष्क को नई धार देने की सबसे जरूरी प्रक्रिया मानें और पूरे होशोहवास में तनावमुक्त होकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

प्रकृति ने आपमें से हर एक को अद्वितीय बनाकर भेजा है, इसलिए अपनी इस खूबसूरत कहानी की तुलना किसी और से कभी न करें। पूरे आत्मविश्वास और चेहरे पर एक शांत मुस्कान के साथ परीक्षा भवन में उतरें।

यदि परिणाम उम्मीदों के सांचे में न भी बैठे, तो हमारे विद्यार्थियों, रत्ती भर भी हार मत मानना। एक अकेली परीक्षा या तीन घंटे का एक प्रश्नपत्र आपके समग्र वजूद और आपकी असीम काबिलियत की सीमाएं कतई तय नहीं कर सकता। कई बार नियति एक दरवाजा बंद करती है ताकि वह आपके लिए असंख्य अवसरों का पूरा आसमान खोल सके।

महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने कहा था—”सपने वो नहीं जो हम नींद में देखते हैं, सपने तो वो हैं जो हमें नींद नहीं आने देते।” उन जाग्रत और धड़कते सपनों को सीने में संजोए हुए 3 मई को परीक्षा भवन में इस तरह प्रवेश कीजिएगा जैसे आप अपनी सुनिश्चित जीत का जश्न मनाने जा रहे हों।

विजयश्री आपका ही वरण करेगी! निडर होकर आगे बढ़िए और इस आसमान को अपनी मुट्ठी में कर लीजिए।

आपके शुभचिंतक

डॉ. विदुषी शर्मा
एम्स, नई दिल्ली (AIIMS New Delhi, FRCSEdin)
नेत्र सर्जन एवं लेखिका, ‘मेरी किताब मेरी दोस्त’

डॉ. सुरेश पाण्डेय
अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया में कार्य कर चुके नेत्र सर्जन, लेखक, प्रेरक वक्ता, सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा

नोट – इस लेख को हमारी सम्पादकीय टीम ने बिना एडिट किए हूबहू प्रकाशित किया है। ताकि आपको लेखक की भावना से सीधे रूबरू कराया जा सके।

एमिटी यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया ऑनलाइन नेशनल स्कॉलरशिप टेस्ट

कोटा। Amity University Scholarship Test: एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन ने एमिटी ऑनलाइन नेशनल स्कॉलरशिप एप्टीटुड टेस्ट 2026 की शुरुआत करने की घोषणा की है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह अपनी तरह की एक अनूठी पहल है।

इस ऑनलाइन नेशनल स्कॉलरशिप एप्टीटुड टेस्ट को पूरे देश में शैक्षणिक क्षमता की पहचान करने और योग्यता-आधारित स्कॉलरशिप मॉडल के ज़रिए उच्च शिक्षा तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

रविवार, 10 मई को आयोजित किया जाने वाला पहला ऑनलाइन नेशनल स्कॉलरशिप एप्टीटुड टेस्ट स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों के लिए अधिक सुलभ, महत्वाकांक्षी और अवसर प्रदान करने वाला भविष्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आज के छात्र अपने शिक्षा के विकल्पों में अधिक लचीलापन, सामर्थ्य और मूल्य की तलाश कर रहे हैं। इसलिए ऑनलाइन नेशनल स्कॉलरशिप एप्टीटुड टेस्ट को एक बड़े स्तर की स्कॉलरशिप पहल के रूप में तैयार किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य एक पारदर्शी, ऑनलाइन-निगरानी वाला और योग्यता-आधारित प्रतिस्पर्धी मंच बनाकर, योग्यता को शुरू में ही पहचानना और योग्य छात्रों को उनके शैक्षणिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मज़बूत वित्तीय सहायता तक पहुंच प्रदान करना है।

लॉन्च के मौके पर एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन के चेयरमैन, अजीत चौहान ने कहा, “आज उच्च शिक्षा को सिर्फ़ शिक्षा के नए द्वार खोलने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। इसे ऐसे रास्ते बनाने होंगे जिनके ज़रिए प्रतिभा को पहचाना जा सके, उसे सहारा दिया जा सके और उसे निखारा जा सके।

एमिटी ऑनलाइन नेशनल स्कॉलरशिप एप्टीट्यूड टैस्ट के तहत स्कॉलरशिप का ढाँचा इस तरह से बनाया गया है कि अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट, दोनों ही श्रेणियों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार मिल सके। पहले रैंक पर आने वाले विजेताओं को पूरी फ़ीस पर 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिलेगी, जिसमें यूजी और पीजी, दोनों के लिए एक-एक विजेता होगा।

रैंक 2 पर आने वाले विजेताओं को पूरी फ़ीस पर 50 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिलेगी, जिसमें यूजी और पीजी, दोनों के लिए दो-दो विजेता होंगे; जबकि रैंक 3 पर आने वाले विजेताओं को पूरी फ़ीस पर 20 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिलेगी, जिसमें यूजी और पीजी, दोनों के लिए तीन-तीन विजेता होंगे।

इसके अलावा, जो उम्मीदवार इस परीक्षा में पास होंगे, वे पहले सत्र की फ़ीस पर 25 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप पाने के भी हकदार होंगे; इस तरह, इस पहल का फ़ायदा सिर्फ़ शीर्ष रैंक लाने वालों तक ही सीमित न रहकर, और भी ज़्यादा विद्यार्थियों तक पहुँचेगा। यह परीक्षा ऑनलाइन प्रोक्टर्ड मोड के माध्यम से ली जाएगी और इस परीक्षा में बैठने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फ़ीस नहीं लगेगी।

ईथॉस हॉस्पिटल में मई में विशेष स्वास्थ्य शिविर, रियायती दरों पर होगी जांच

कोटा। शहरवासियों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ईथॉस हॉस्पिटल द्वारा मई माह के दौरान विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

“आपकी सेहत, हमारी प्राथमिकता” संकल्प के तहत आयोजित इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श के साथ विभिन्न जांच सुविधाएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि मई माह के प्र​त्येक रविवार 3, 10, 17, 24 एवं 31 मई को प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निःशुल्क परामर्श शिविर आयोजित होंगे।

इन शिविरों में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. असलम खान, यूरोलॉजिस्ट डॉ. गजेन्द्र नागर एवं जनरल फिजिशियन डॉ. शरद सक्सेना द्वारा मरीजों को परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही लैब एवं रेडियोलॉजी जांचों पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जाएगी।

सीईओ हर्ष दाधीच ने बताया कि इसके अतिरिक्त 1 मई से 31 मई तक गैस्ट्रो केयर कैंप का आयोजन प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा, जिसमें गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल पेट एवं आंतों से संबंधित रोगों पर परामर्श देंगे। इस दौरान परामर्श शुल्क पर 50 प्रतिशत तथा विभिन्न प्रक्रियाओं पर 25 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी।

अमेरिका ने भारत को प्रायोरिटी वॉच लिस्ट में डाला, जानिए किस बात का है डर

वाशिंगटन। हाल ही में, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) कार्यालय ने अपनी ‘2026 स्पेशल 301 रिपोर्ट’ जारी की है। इस रिपोर्ट में अमेरिका ने भारत को एक बार फिर अपनी ‘प्रायोरिटी वॉच लिस्ट’ में बरकरार रखा है।

भारत के अलावा इस सूची में चीन, रूस, इंडोनेशिया, चिली और वेनेजुएला जैसे देश भी शामिल हैं। अमेरिका ने कहा है कि वह भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत सहित अन्य माध्यमों से इस मुद्दे पर चर्चा करेगा।

USTR की गुरुवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक बौद्धिक संपदा (IP) के संरक्षण और उसे लागू करने के मामले में भारत की प्रगति ‘अस्थिर’ रही है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “आईपी संरक्षण और प्रवर्तन के मामले में भारत अभी भी दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।”

हालांकि, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने भारत सरकार द्वारा अपनी आईपी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों पर गौर किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पुरानी रिपोर्ट्स में उठाई गई कई लंबी चिंताओं पर अभी भी ‘प्रगति का अभाव’ है।

भारत को लेकर अमेरिका की प्रमुख चिंताएं
रिपोर्ट में भारत से जुड़ी कई कमियों को उजागर किया गया है, जिन्हें नीचे दिए गए पॉइंटर्स में आसानी से समझा जा सकता है।

भारतीय पेटेंट अधिनियम: अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता इंडियन पेटेंट एक्ट को लेकर है। इसके तहत अक्सर अमेरिकी कंपनियों, विशेषकर बड़ी फार्मा (दवा) कंपनियों के आवेदनों पर सवाल खड़े किए जाते हैं। साथ ही यह सरकार को बहुत ज्यादा छूट देता है। मामलों का लंबे समय तक लंबित रहना भी अमेरिका के लिए पुरानी परेशानी का कारण रहा है।

भारतीय पेटेंट अधिनियम की ‘धारा 3(d)’ किसी भी पुरानी दवा में मामूली बदलाव करके उसका नया पेटेंट हासिल करने पर रोक लगाती है। अमेरिकी दवा कंपनियां चाहती हैं कि उन्हें मामूली बदलावों पर भी नया पेटेंट मिले ताकि उनका एकाधिकार बना रहे, लेकिन भारत इसे खारिज कर देता है। अमेरिका का मानना है कि इससे उनके इनोवेटर्स को नुकसान होता है।

  • डेटा की सुरक्षा: रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेकहोल्डर्स को इस बात की चिंता है कि क्या भारत के पास फार्मास्युटिकल और कृषि रसायनों की मार्केटिंग मंजूरी के लिए तैयार किए गए गुप्त डेटा के अनधिकृत खुलासे और अनुचित व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए कोई प्रभावी प्रणाली है या नहीं।
  • भारी कस्टम ड्यूटी: रिपोर्ट में भारत द्वारा आईपी-आधारित उत्पादों पर लगाई जाने वाली उच्च सीमा शुल्क की भी आलोचना की गई है। इनमें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उत्पाद, सौर ऊर्जा उपकरण, चिकित्सा उपकरण, दवाएं और कैपिटल गुड्स शामिल हैं। रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने भी टैरिफ को लेकर भारत पर बार-बार निशाना साधा है।

कॉपीराइट और ट्रेडमार्क नियमों को सख्ती से लागू ना करना और भारी मात्रा में होने वाली जालसाजी को लेकर भी चिंताएं पहले की तरह बरकरार हैं। भारत सरकार के पास यह अधिकार है कि वह जनहित में (मसलन, जीवन रक्षक दवाओं को सस्ता बनाने के लिए) किसी भी पेटेंटेड दवा को बनाने का लाइसेंस किसी तीसरी कंपनी को दे सकती है। अमेरिकी कंपनियों को डर है कि इससे उनका भारी मुनाफा कम हो जाता है।

लिस्ट में और कौन-कौन से देश हैं शामिल

  • प्रायोरिटी वॉच लिस्ट: इस लिस्ट में भारत और चीन के अलावा रूस, इंडोनेशिया, चिली और वेनेजुएला के नाम शामिल हैं।
  • वियतनाम पर एक्शन की तैयारी: वियतनाम को ‘प्रायोरिटी फॉरेन कंट्री’ की श्रेणी में रखा गया है। 13 साल में पहली बार कोई देश इस कैटेगरी में शामिल हुआ है। अगले 30 दिनों में USTR तय करेगा कि रिपोर्ट में बताए गए आधार पर वियतनाम के खिलाफ 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत जांच शुरू की जाए या नहीं।
  • अर्जेंटीना हुआ बाहर और EU शामिल: इस साल अर्जेंटीना को प्रायोरिटी वॉच लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। वहीं, भौगोलिक संकेतक और हालिया फार्मास्युटिकल नियमों से जुड़ी अमेरिकी चिंताओं के कारण यूरोपीय संघ (EU) को वॉच लिस्ट में जोड़ा गया है।

संक्षेप में कहें तो अमेरिका का ‘डर’ मुख्य रूप से उसकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आर्थिक मुनाफे और एकाधिकार से जुड़ा है। वे चाहते हैं कि भारत अपने कानून उनके पक्ष में बनाए। दूसरी ओर, भारत को विदेशी कंपनियों के मुनाफे के साथ-साथ अपने नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और सस्ते उत्पादों की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाकर चलना है। यही कारण है कि 1990 के दशक से ही भारत लगातार इस अमेरिकी सूची में बना हुआ है।

‘प्रायोरिटी वॉच लिस्ट’ क्या है?
हर साल अप्रैल के अंत में अमेरिका अपनी ‘स्पेशल 301 रिपोर्ट’ जारी करता है। इस रिपोर्ट में अमेरिका अपने व्यापारिक साझेदार देशों के बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के संरक्षण और लागू करने के तरीकों की समीक्षा करता है। जो देश अमेरिकी कंपनियों के पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट को पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते हैं, उन्हें ‘वॉच लिस्ट’ या अधिक गंभीर ‘प्रायोरिटी वॉच लिस्ट’ में डाल दिया जाता है। इस सूची में आने का मतलब तत्काल प्रतिबंध नहीं है, लेकिन यह व्यापारिक वार्ताओं में दबाव बनाने और कड़ी निगरानी रखने का एक तरीका है।